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कहीं आप तो नहीं सेल्फ डिस्ट्रक्शन के शिकार? जानें इसके लक्षण

कहीं आप तो नहीं सेल्फ डिस्ट्रक्शन के शिकार? जानें इसके लक्षण

सेल्फ डिस्ट्रक्शन (Self-Destruction) क्या है ?

किसी भी व्यक्ति में नकारात्मक भावनाओं का स्तर बढ़ जाना सेल्फ डिस्ट्रक्शन (Self-Destruction) कहलाता है। यह धीरे-धीरे व्यक्ति के नकारात्मक सोच को इतना बढ़ा देता है कि व्यक्ति डिप्रेशन (अवसाद) का भी शिकार हो सकता है। यह नशीली दवाओं का दुरुपयोग, विस्फोटक क्रोध, खाने का विकार या अन्य आत्म-विनाशकारी व्यवहार हो सकता है। सेल्फ डिस्ट्रक्शन (Self-Destruction) आपके व्यवहार को पूरी तरह से बदल देता है। इसमें आप किसी प्रकार के नुकसान या फायदे को पहचानने की क्षमता खो देते हैं इसलिए सेल्फ डिस्ट्रक्शन का इलाज बेहद आवश्यक होता है।

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निम्नलिखित तरीके से समझें सेल्फ डिस्ट्रक्शन को-

1. आत्म-पराजित मानसिकता रखना (self-defeating mindset)

ऐसे व्यक्ति जो डिप्रेशन या चिंता से पीड़ित होते हैं। ऐसे व्यक्तियों का मानना होता है कि वे जो कुछ भी करने की कोशिश करते हैं, उससे कुछ भी अच्छा नहीं होता है। उनमें ऐसी धारणा होती है कि यदि वे नौकरी के लिए इंटरव्यू देते हैं, तो उनका सिलेक्शन होगा या नहीं।

2. निर्णय नहीं ले पाना

सेल्फ डिस्ट्रक्शन (Self-Destruction) से पीड़ित व्यक्ति खुद से निर्णय लेने में असमर्थ होते हैं। जैसे उन्हें यह काम (कोई भी काम) करना चाहिए या नहीं।

3. जरूरत के वक्त भी मदद नहीं मांगना

ऐसी परिस्थिति जब किसी से मदद की सख्त जरूरत हो जैसे बीमार होने पर भी किसी से मदद नहीं लेना।

4. बदले की भावना

ऐसे व्यक्ति जो सेल्फ डिस्ट्रक्शन (Self-Destruction) से पीड़ित होते हैं उनमें बदले की भावना अत्यधिक होती है। जैसे अगर किसी ने आपके साथ बुरा किया तो वे उसके साथ भी वैसा ही करेंगे।

5. सामने वाले व्यक्ति आपके बारे में क्या सोचते हैं

ऐसा विचार मन में बार-बार आना की आपके दोस्त या आपके परिवार के सदस्य आपके बारे में क्या सोचते हैं (ज्यादातर गलत भावनाएं)। जबकि ऐसा नहीं होता है।

6. एल्कोहॉल और सिगरेट का सेवन ज्यादा करना

एल्कोहॉल का सेवन कम करना ठीक है, लेकिन जरूरत से ज्यादा एल्कोहॉल का सेवन किसी की भी सोच को बदल सकता है।

7. सेल्फ पीयर प्रेशर

खुद से दबाव महसूस करना जैसे अगर आपके दोस्त को नौकरी मिल गई और इस वजह से आप खुद दबाव में आ जाते हैं कि आपको भी नौकरी तुरंत मिलना चाहिए।

8. एक्शन नहीं लेना

सेल्फ डिस्ट्रक्शन से पीड़ित लोग खुद को बेहतर बनाने के लिए शायद ही कभी एक्शन लेते हों। वे कभी पीछे पलटकर नहीं देखते हैं कि उन्होंने क्या अच्छा किया है या क्या बुरा। वे इसे यूं ही छोड़ देते हैं और कहते हैं “यह मेरे काम का नहीं है।”

सेल्फ डिस्ट्रक्शन के कारण

सेल्फ डिस्ट्रक्शन का कोई एक कारण साफतौर पर तय नहीं है, इसके कई कारण हो सकते हैं। जो इस प्रकार हैं।

जैविक अंतर (Biological differences) सेल्फ डिस्ट्रक्शन से पीड़ित लोगों के दिमाग के कारण उनमें शारीरिक परिवर्तन होते हैं। इन परिवर्तनों का कारण अभी भी अनिश्चित है, लेकिन यह पिनप्वाइंट कारणों में मदद कर सकता है।

मस्तिष्क रसायन शास्त्र (Brain chemistry) न्यूरोट्रांसमीटर स्वाभाविक रूप से मस्तिष्क रसायन होते हैं जो संभवतः सेल्फ डिस्ट्रक्शन में भूमिका निभाते हैं।

हाॅर्मोन (Hormones) हाॅर्मोन के संतुलन में शरीर के परिवर्तन सेल्फ डिस्ट्रक्शन पैदा करने या ट्रिगर करने में शामिल हो सकते हैं। हार्मोन परिवर्तन का परिणाम गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद के हफ्तों या महीनों के दौरान हो सकता है ।

विरासत के लक्षण (Inherited traits) जिन लोगों के रक्त संबंधियों में भी सेल्फ डिस्ट्रक्शन स्थिति होती है उनमें ये स्थिति अधिक पाई जाती है। शोधकर्ता उन जीनों को खोजने की कोशिश कर रहे हैं जो सेल्फ डिस्ट्रक्शन (Self-Destruction) पैदा करने में शामिल हो सकते हैं।

ऊपर बताई गई परिस्थितयों से कैसे खुद को बचाएं?

आपकी बदलती लाइफस्टाइल की वजह से सेल्फ डिस्ट्रक्शन की संभावना हो सकती है। ऐसे में निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देकर सेल्फ डिस्ट्रक्शन से बचा जा सकता है।

  • बातचीत करें

यह सबसे जरूरी है कि आप अच्छा बनाने और उन्नति करने के लिए ऐसे लोगों से संपर्क करें जो चुनौतियों के बाद भी सफलता पा चुके हैं। इसके साथ ही उन तरीकों के बारे में जानने की कोशिश करें जिनसे किसी भी परेशानी को कम किया जा सकता है।

  • अपनी कमजोरी को समझें

कोई भी व्यक्ति 100% परफेक्ट नहीं होता है। कुछ न कुछ कमी हर किसी में होती है। इसलिए अपनी कमजोरी को समझें और उसे दूर करें।

  • सकारात्मक सोच रखें

अपनी सोच को सकारात्मक बनाएं रखें। कोई भी काम शुरू करने के साथ नकारात्मक सोच न रखें। आत्मविश्वास के साथ काम की शुरुआत करें। अपने ऊपर भरोसा रखें और शुरू किए गए काम को पूरा करें।

  • लक्ष्य का निर्धारण करें

अपने जीवन का एक लक्ष्य बनाएं और उसे पूरा करने के लिए पूरी कोशिश करें। यदि आप अपने लक्ष्य को पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो परेशान न हो। हो सकता है आप जो करना चाह रहे हों उसे करने में वक्त लगे।

  • करीबी से बात करें

सेल्फ डिस्ट्रक्शन की परेशानी होने पर अपने करीबी से बात करें। आप किन परिस्थितियों में कैसा महसूस कर रहें हैं ये भी साझा करें। अगर बच्चे में ऐसी भावना दिखे तो घर के बड़े सदस्य और माता-पिता बच्चे को प्यार से समझाएं। अगर फिर भी परेशानी दूर न हो तो हेल्थ एक्सपर्ट से मिलें। क्योंकि इस विकार की वजह से लोग तनाव और डिप्रेशन में आकर सुसाइड तक कर सकते हैं।

सेल्फ डिस्ट्रक्शन के जोखिम

लगभग 20 से 30 आयु के लोगों में सेल्फ डिस्ट्रक्शन की शुरुआत सबसे अधिक होती है, लेकिन यह किसी भी उम्र में हो सकता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक सेल्फ डिस्ट्रक्शन का निदान किया जाता है। यह आंशिक रूप से हो सकता है क्योंकि महिलाओं में उपचार लेने की संभावना अधिक होती है। सेल्फ डिस्ट्रक्शन के विकास या ट्रिगर होने के जोखिम को बढ़ाने कारण इस प्रकार से हैं।

  • आत्म-सम्मान की कमी और किसी पर निर्भर रहना, आत्म-आलोचनात्मक या निराशावादी होना।
  • दर्दनाक या तनावपूर्ण घटनाओं, जैसे कि शारीरिक या यौन शोषण, किसी प्रियजन की मृत्यु या हानि या वित्तीय समस्याएं।
  • कुछ दवाएं, जैसे कि कुछ उच्च रक्तचाप वाली दवाएं या नींद की गोलियां (किसी भी दवा को रोकने से पहले अपने चिकित्सक से बात करें)।

सेल्फ डिस्ट्रक्शन (Self-Destruction) एक गंभीर विकार है जो आपके और आपके परिवार पर एक भयानक प्रभाव डाल सकता है। यदि इसका इलाज नहीं किया जाता है, तो सेल्फ डिस्ट्रक्शन बदतर हो सकता है। जिसके परिणामस्वरूप भावनात्मक, व्यवहारिक और स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं जो आपके जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित करती हैं। सेल्फ डिस्ट्रक्शन से जुड़ी जटिलताओं के उदाहरणों में शामिल हैं।

  • अधिक वजन या मोटापा, जिससे हृदय रोग और मधुमेह हो सकता है।
  • चिंता, आतंक विकार या सामाजिक भय
  • पारिवारिक संघर्ष, रिश्ते की कठिनाइयां और काम या स्कूल की समस्याएं
  • सामाजिक एकांत
  • दर्द या शारीरिक बीमारी
  • आत्महत्या की भावना, आत्महत्या का प्रयास
  • चिकित्सा स्थितियों से समय से पहले मौत

अब तो आप समझ ही गए होंगे कि सेल्फ डिस्ट्रक्शन जैसा मनोविकार कितना खतरनाक है। ऊपर बताए गए उपाय अपनाएं और इससे बचने की कोशिश करें। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी प्रकार की चिकित्सा, उपचार और निदान प्रदान नहीं करता।

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सूत्र

Putting a HALT to our Self-Destructive Behaviors

https://www.pinerest.org/halt-self-destructive-behaviors/

Accessed on 20-04-2020

12 Signs Of Self-Destructive People

https://www.lifehack.org/289458/12-signs-self-destructive-people

Accessed on 20-04-2020

What is borderline personality disorder (BPD)?

https://www.helpguide.org/articles/mental-disorders/

Accessed on 20-04-2020

Early indicators of self-destruction in childhood and adolescence: a survey of pediatricians and psychiatrists

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/3960624

Accessed on 20-04-2020

Human Survival and the Self-Destruction Paradox: An Integrated Theoretical Model

https://www.jstor.org/stable/43853877?seq=1

 

 

लेखक की तस्वीर
shalu द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 13/07/2020 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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