जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार क्या है, जानें

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट July 3, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
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जोड़ हमारे शरीर का वो हिस्सा होता है, जहां दो हड्डियां मिलती हैं। इन जोड़ों की मदद से हमारा शरीर आसानी से कोई भी शारीरिक गतिविधि कर पाता है। लेकिन, इनमें मौजूद कार्टिलेज, हड्डी, लिगामेंट, टेंडन और मसल्स आदि में चोट, क्षति या फिर सूजन आने की वजह से दर्द का सामना करना पड़ता है। जब भी हम जोड़ों में दर्द की बात करते हैं, तो इसका मतलब घुटनों के दर्द से समझा जाता है। क्योंकि, यह जोड़ हमारे शरीर के  महत्वपूर्ण जोड़ों में से एक है। जोड़ों में दर्द की समस्या काफी परेशान करने वाली और असहनीय होती है। आइए अब हम जोड़ों के दर्द के लिए किये जाने वाले कुछ घरेलू उपचार पर नजर डालते हैं।

जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार

जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार है कोल्ड प्रेस

जोड़ों में दर्द से राहत पाने के लिए कोल्ड प्रेस काफी फायदेमंद तरीका है। यह जोड़ों की सूजन को कम करके उनके दर्द में राहत देता है। इसके लिए आप बर्फ को किसी कपड़े में लपेटें और फिर प्रभावित जोड़ पर सिकाई करें। आप तब तक सिकाई करें, जब तक कि आपकी त्वचा को कोई पीड़ा नहीं होती।

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 एप्पल साइडर विनेगर भी है जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार

जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार अपनाने के लिए एप्पल साइडर विनेगर भी लगा सकते हैं। इसमें जो मिनरल्स होते हैं वह जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं।  एप्पल साइडर विनेगर को नारियल तेल के साथ बराबर मात्रा में मिला लें और फिर प्रभावित जोड़ पर लगाएं।

जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार: हल्दी

यह सबसे प्रभावी प्राकृतिक आहार में से एक है, जो जोड़ों के दर्द के लिए जड़ी बूटी का काम करता है। हल्दी में कर्क्यूमिन नामक एक रसायन होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रदान करता है और दर्द को कम कर सकता है। अदरक और हल्दी को पानी में डालकर 12 से 15 मिनट उबाल लें। इसके बाद शहद और नींबू का रस भी मिला सकते हैं, ताकि इसका स्वाद अच्छा हो जाए। फिर इसका सेवन करें।

जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार: अदरक

अदरक जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार साबित हो सकता है। इसके अंदर शक्तिशाली एंटी इंफ्लैमटोरी कंपाउंड है, जो जोड़ों का दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है। एक कप पानी में अदरक का टुकड़ा डालकर उसे उबाल लें। इसका स्वाद बढ़ाने के लिए शहद और नींबू का रस भी मिला सकते हैं। रोजाना दो से तीन कप इसका सेवन करें।

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जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार: नींबू

गठिया से प्रेरित जोड़ों के दर्द के लिए नींबू एक और कारगर घरेलू उपाय है। नींबू का रस खून में मौजूद यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करता है, जिससे शरीर ज्यादा कैल्शियम कार्बोनेट उत्पादित करता है। यह कैल्शियम मिनरल यूरिक एसिड के साथ जुड़ जाता है और उसे पानी और अन्य कंपाउंड में तोड़ता है। नींबू के टुकड़े को एक सूती कपड़े में रखकर गर्म तिल के तेल में भिगोकर रख दें। फिर इस कपड़े को प्रभावित जगह पर 5 से 10 मिनट रखें।

जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार: विलो की छाल

साल 2001, में प्रकाशित एक अध्ययन में दावा किया गया है कि गठिया के मरीज में विलो छाल का उपयोग करने से उनके जोड़ों का दर्द कम हो सकता है। आमतौर पर विलो की अर्क का उपयोग बुखार का उपचार करने, दर्द और सूजन दूर करने के लिए एक औषधि के रूप में किया जाता है। हालांकि, अगर आपको एस्पिरिन से एलर्जी है या आप खून को पतला करने वाली दवा का सेवन करते हैं, तो इसका सेवन न करें। न ही छोटे बच्चों को इसकी खुराक दें।

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जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार: सरसों का तेल

गर्म सरसों के तेल से अपने घुटने की मालिश करने से सूजन कम हो सकती है, रक्त प्रवाह बढ़ सकता है और अंततः दर्द कम हो सकता है।

जोड़ों के दर्द के लिए योगासन

जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार करने के लिए आप योगासन की मदद भी ले सकते हैं। यह आपके जोड़ों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

जोड़ों के दर्द के लिए योगासन – मकरासन (Makarasana)

मकरासन करने से कमर का दर्द, अस्थमा की समस्या और सांस संबंधी समस्याओं में आराम मिलता है। इसके अलावा, जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए भी मकरासन के इस रूप का अभ्यास किया जाता है। इस योगासन में हमें शरीर को मगरमच्छ की तरह बनाना पड़ता है।

जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार - Home remedy for joint pain - मकरासन (makarasana)

कैसे करें मकरासन

  • आप सबसे पहले मैट बिछाएं और उसके ऊपर पेट के बल लेट जाएं।
  • अब अपने सिर और कंधों को ऊपर की तरफ उठाएं और अपनी हथेलियों को मिलाकर बने स्टैंड पर ठुड्डी को रखते हुए अपनी कोहनियां ठीक सिर के नीचे जमीन पर टिका लें।
  • अब इसी स्थिति में श्वास लेते हुए एक पैर को हिप्स की तरफ लाएं और फिर पैर को सीधा करते हुए सांस छोड़ें और फिर दूसरे पैर के साथ भी ऐसा करें।
  • इस आसन को तब तक ही करें, जब तक कि आपको इसे करने में कोई दर्द या तकलीफ न हो।

जोड़ों के दर्द के लिए योगासन – सेतु बंध सर्वांगासन (Setu Bandha Sarvangasana)

सेतुबंध आसन घुटनों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है, जिससे इसमें सूजन आदि की समस्या नहीं होती। यह योगासन ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या में भी राहत देता है। इस आसन में आपको अपने शरीर को सेतु यानी पुल की तरह बनाना होता है।

जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार - Home remedy for joint pain - सेतुबंध आसन (Setu Bandhasana)

कैसे करें सेतु बंध सर्वांगासन

  • जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक मैट बिछाएं और उसपर लेट जाएं।
  • इसके बाद पैरों को घुटनों तक मोड़कर हिप्स को ऊपर की तरफ धीरे-धीरे उठाएं।
  • दोनों हाथों को पीठ के नीचे समान रूप से जोड़ लें और दोनों हाथों से एड़ी को पकड़ें।
  • अपने कंधों और सिर को जमीन पर ही टिकाए रखें।
  • इस प्रक्रिया को करते समय सांस को अंदर लें और आराम से करें।

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जोड़ों में दर्द के लिए योगासन – त्रिकोणासन (Trikonasana)

त्रिकोणासन का अभ्यास करने से पैरों, टखनों और घुटनों को मजबूती मिलने में मदद मिलती है। इससे कमर के दर्द में भी फायदा मिलता है। आइए, इसे करने का सही तरीका जानते हैं।

जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार - Home remedy for joint pain - त्रिकोणासन (Trikonasana)

कैसे करें त्रिकोणासन

  • सबसे पहले अपने पैरों को 3 से 4 फीट खोलकर खड़े हो जाएं और अपने शरीर का भार दोनों पैरों पर बराबर रखें।
  • अब अपने दोनों हाथों को दोनों तरफ फैला लें।
  • इसके बाद अपने दाहिनी हथेली को दाहिने पैर की एड़ी के पास जमीन पर टिकाएं।
  • ध्यान रहे की आपकी कमर और पैर सीधे रहें।
  • जब आप अपनी दाहिनी हथेली को जमीन पर टिकाएंगे तो आपका बायां हाथ सीधा आसमान की तरफ होगा और आप अपनी आंखें उसी तरफ रखें।
  • इसके बाद सामान्य स्थिति में आकर दूसरी तरफ से भी यह प्रक्रिया दोहराएं।

सीधे पैर लिफ्ट

अपनी पीठ के बल लेटें और एक पैर को मोड़ते हुए आगे बढ़ें जबकि दूसरा पैर सीधा हो। अगला, जमीन से कई इंच दूर मुड़े हुए पैर को उठाएं और फिर अपनी जांघ की मांसपेशियों को रिलैक्स करें। यह स्थिति 5 सेकंड से अधिक न हो और फिर पैरों के बीच का जगह कम करें और फिर से दूसरे पैर के साथ यह प्रक्रिया दोहरायें। प्रत्येक पैर के लिए कम से कम 10 पुनरावृत्ति करें।

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दीवार से पीठ लगाकर खड़े होना

एक दीवार से अपनी पीठ लगाकर सीधे खड़े हों। आपके पैर दीवार और कूल्हे की चौड़ाई से 2 फीट दूर एक दूसरे के समानांतर होने चाहिए। अब दीवार को धीरे से नीचे खिसकाना शुरू करें जब तक कि आप लगभग बैठने की स्थिति में न हों। जब तक आप फिर से सीधे खड़े न हों, धीरे-धीरे उठने से पहले इसको 10 सेकंड से ज्यादा न रखें। इसको 10 बार दोहराएं।

ताई ची

ताई ची मन और शरीर के लिए किया जाने वाला एक चीनी प्राचीन व्यायाम है। यह जहां मन को शांत करता है, वहीं शरीर में लचीलापन लाने में मदद करता है। ताई ची की मदद से अर्थराइटिस की समस्या से राहत पाई जा सकती है। एक अध्ययन के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि ताई ची करने वाले ऑस्टियोअर्थराइटिस पेशेंट को इसका सबसे ज्यादा लाभ मिल सकता है। यह दर्द को कम करता है।

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वजन नियंत्रित करना

ओवरवेट की समस्या घुटनों के दर्द को बढ़ा सकता है। इसलिए अपना वजन नियंत्रित  रखें। अगर आपका वजन बहुत अधिक है, तो उसे कम करने के विकल्पों पर विचार करें।

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जलवायु का प्रभाव

ठंडा जलवायु जोड़ों का दर्द बढ़ा सकता है। साल 2014 में, शोधकर्ताओं ने पाया कि ठंडे मौसम में पुराने ऑस्टियोअर्थराइटिस वाले लोगों की समस्या और अधिक बढ़ जाती है। पहले के मुकाबले सर्दियों के मौसम में उनके जोड़ों का दर्द अधिक बढ़ जाता है। हालांकि, यह अध्ययन दक्षिणी यूरोप के लोगों में किया गया था। जिसमें महिलाएं और पुरुष दोनों ही शामिल थे। शोध में शामिल लगभग सभी प्रतिभागियों को एक जैसी ही समस्या का अनुभव हुआ था।

इसके अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका में किए गए साल 2017, के एक अध्ययन ने भी इस बात की पुष्टि की थी। अध्ययन के मुताबिक, ठंड बढ़ने के कारण मांसपेशियों के कार्य के साथ-साथ शरीर में खून प्रवाहित होने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। ठंडे जलवायु में जाने के कारण खून का प्रवाह धीमा हो सकता है, जिससे घुटनों में दर्द की समस्या भी बढ़ सकती है।

अगर किसी भी बुजुर्ग व्यक्ति के घुटने का दर्द हद से ज्यादा है तो उन्हें डॉक्टर कि सहायता लेनी चाहिए या अपने चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर जोड़ों के दर्द से राहत के लिए दवा लेने की सलाह भी दे सकता है।

अगर जोड़ों के दर्द का घरेलू उपचार या इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो कृपया इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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