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Child Abuse : बाल शोषण क्या है?

परिचय|लक्षण|कारण|जोखिम|निदान और उपचार|घरेलू उपाय
Child Abuse : बाल शोषण क्या है?

परिचय

बाल शोषण (Child Abuse) क्या है?

18 साल से कम उम्र के किसी भी बच्चे के साथ जानबूझकर मानसिक या शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचाना या दुर्व्यवहार करना आदि बाल शोषण माना जाता है। जो कानूनी तौर पर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। बाल दुर्व्यवहार के कई रूप होते हैं, जैसे कि-

  • शारीरिक शोषणः शारीरिक बाल शोषण की स्थिति तब होती है जब किसी बच्चे को शारीरिक तौर पर जानबूझकर नुकसान पहुंचाया जाता है।
  • यौन शोषणः यौन शोषण की स्थिति तब होती है जब किसी बच्चे के साथ शारीरिक तौर पर दुर्व्यवहार, यौन रिश्ता, सेक्स, ओरल सेक्स, गुप्तांओं का गलत तरीके से छूना या चाइल्ड पोर्नोग्राफी की जाती है।
  • भावनात्मक शोषणः भावनात्मक बाल दुर्व्यवहार का अर्थ है बच्चे के आत्मसम्मान या भावनात्मक स्थिति को नुकसान पहुंचाना। इसमें मौखिक और भावनात्मक हमले शामिल हो सकते हैं- जैसे बच्चे को जबरन शांत करना, उसे दूसरे बच्चों से एकदम अलग रखना, उसे अनदेखा करना या अस्वीकार करना।
  • चिकित्सक शोषणः जब कोई जानबूझकर किसी बच्चे को बीमार करता है, तो उसे चिकित्सा की आवश्यकता होती है। जिसकी वजह से बच्चे को अनावश्यक चिकित्सा देखभाल की जरूरत पड़ती है। यह मानसिक विकार के कारण हो सकता है, जैसे- माता-पिता किसी बच्चे को नुकसान पहुंचाते हैं।
  • बाल उपेक्षाः पर्याप्त भोजन, आश्रय, स्नेह, माहौल, शिक्षा या चिकित्सा देखभाल न मिलना।

कई मामलों में, बाल दुर्व्यवहार किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाता है जिसे बच्चा जानता है और जिस पर भरोसा करता है। ऐसे मामलों में दोषी अक्सर एक माता-पिता या अन्य रिश्तेदार हो सकते हैं। अगर आपको बाल शोषण पर संदेह है, तो उसे रोकने और बच्चे की मदद करन के लिए उचित अधिकारियों को इसकी सूचना दें।

कितना सामान्य है बाल शोषण?

रिपोर्ट के मुताबिक हर दिन लगभग पांच बच्चे बाल शोषण की वजह से मौत का शिकार होते हैं। इसके अलावा प्रत्येक 3 लड़कियों में से 1 लड़की और प्रत्येक 4 लड़कों में से 1 लड़का 18 साल से कम उम्र में बाल शोषण का शिकार होता है। लड़के (48.5%) और लड़कियां (51.2%) लगभग एक ही दर से शिकार बनते हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने डॉक्टर से बात करें।

यह भी पढ़ेंः ऐसे समझाएं बच्चे को गुड टच और बैड टच

लक्षण

बाल शोषण के लक्षण क्या हैं?

बाल शोषण के सामान्य लक्षणों में शामिल है:

  • दोस्त बनाने या सामान्य गतिविधियों में बच्चे का हिस्सा न लेना
  • व्यवहार में बदलाव होना, जैसे- गुस्सैल मिजाज, अचानक से बात करना बंद करना, स्कूल जाने से डरना या पढ़ाई की स्थिति में बदलाव होना
  • डिप्रेशन, एंग्जाइटी, किसी बात से डरना या अचानक से आत्म विश्वास में कमी महसूस करना
  • बच्चे की उचित देखरेख में लापरवाही
  • लगातार स्कूल न जाना या स्कूल बस में चढ़ने से डरना
  • स्कूल में ही जबरन रहना, जैसे बच्चा घर जाना ही न चाहता हो
  • घर से दूर भागने की कोशिश करना
  • विद्रोह या निडर व्यवहार करना
  • सुसाइड (आत्महत्या) का प्रयास करना

हालांकि, हर बच्चे में इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। इसके लक्षण बच्चे के साथ होने वाले बाल शोषण औऱ उसकी मानसिक स्थिति पर निर्भर कर सकते हैं। ध्यान रखें कि यहां बताई गई बातें सिर्फ एक चेतावनी के संकेत हैं। कई बार इस तरह के लक्षण बच्चे में किसी अन्य समस्या के कारण भी देखें जा सकते हैं।

शारीरिक शोषण के संकेत और लक्षण

  • अनचाहे चोट लगना, जैसे- जलना, खरोंच लगना या फ्रैक्चर होना
  • चोट जिसके कारण बच्चे को न पता हो या जिसकी वजह सामान्य न हो
  • अनुपचारित चिकित्सक या दांत की समस्याएं

यौन शोषण के संकेत और लक्षण

  • यौन व्यवहार या ज्ञान जो बच्चे की उम्र के लिए उचित न हो
  • गर्भावस्था या यौन संचारित संक्रमण
  • बच्चे के अंडरवियर में खून
  • बच्चे का कहना कि उसका यौन शोषण किया गया था
  • चलने या बैठने या जननांग दर्द की शिकायत

भावनात्मक शोषण के संकेत और लक्षण

  • अनुचित या भावनात्मक विकास में देरी
  • आत्मविश्वास या आत्मसम्मान की कमी महसूस करना
  • डिप्रेशन
  • बिना किसी चिकित्सकीय कारण के सिरदर्द या पेट में दर्द
  • स्कूल जाने से मना करना या बस में चढ़ने से मना करना
  • मायूस रहना
  • स्कूल के प्रदर्शन में कमी या स्कूल में रुचि की कमी

बाल उपेक्षा के संकेत और लक्षण

  • वजन या शारीरिक विकास में कमी
  • खराब स्वच्छता
  • शारीरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए कपड़ों की कमी या आपूर्ति
  • बिना अनुमति के भोजन या पैसा लेना
  • स्कूल में उपस्थिति का खराब रिकॉर्ड
  • मनोवैज्ञानिक समस्याएं
  • उदास रहना

माता-पिता का व्यवहार

कभी-कभी अभिभावक का व्यवहार भी बाल शोषण का कारण बन सकता है।

  • बच्चे के लिए चिंतित होने का दिखावा करना
  • बच्चे में शारीरिक या भावनात्मक संकट को पहचानने में असमर्थ
  • घर या स्कूल में होने वाली समस्याओं को नजरअंदाज करना
  • हर छोटी-मोटी बात पर बच्चे को डाटना-मारना
  • बच्चे के लिए नकारात्मक शब्दों का इस्तेमाल करना या उसे बेकार बताना
  • बच्चे से अपेक्षा करना
  • दूसरों के बच्चों से तुलना करना
  • कठोर शारीरिक अनुशासन

हालांकि, अधिकांश बाल स्वास्थ्य विशेषज्ञ किसी भी रूप में हिंसा के उपयोग की निंदा करते हैं, लेकिन कुछ लोग अभी भी बच्चे की गलती पर उसके साथ मारपीट करते हैं। कोई भी शारीरिक दंड बच्चे पर भावनात्मक प्रभाव डाल सकता है।

इसके सभी लक्षण ऊपर नहीं बताएं गए हैं। अगर इससे जुड़े किसी भी संभावित लक्षणों के बारे में आपका कोई सवाल है, तो कृपया अपने डॉक्टर से बात करें।

यह भी पढ़ेंः बच्चे के सुसाइड थॉट को अनदेखा न करें, इन बातों का रखें ध्यान

मुझे डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अगर ऊपर बताए गए किसी भी तरह के लक्षण आपमें या आपके किसी करीबी में दिखाई देते हैं या इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अपने डॉक्टर से परामर्श करें। हर किसी का शरीर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया करता है।

कारण

बाल शोषण के क्या कारण हैं?

बाल शोषण के कई कारण हो सकते हैं। जिसमें पारिवारिक और सामाजिक दोनों कारण शामिल हो सकते हैं। बच्चे के साथ यौन दुर्व्यवहार और उपेक्षा उन परिवारों में सबसे अधिक होती है जो आर्थिक या सामाजिक तौर पर दबाव में होते हैं। इनके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:

  • गरीबी
  • शिक्षा का अभाव
  • गंभीर वैवाहिक समस्याएं
  • बार-बार रहने की जगह में परिवर्तन
  • परिवार के सदस्यों के बीच हिंसा
  • बहुत बड़ा परिवार होने के कारण विशेष देखभाल का अभाव
  • अकेलापन और सामाजिक अलगाव
  • बेरोजगारी
  • रहने के लिए घर न होना

कुछ मामलों में निम्नलिखित स्थितियां भी शोषण का कारण बन सकती है:

  • बच्चे से पिता की बहुत ज्यादा उम्मीदें, जो बच्चा पूरी नहीं कर सकता है
  • बच्चे के साथ माता-पिता का दुर्व्यवहार
  • बच्चों को पालने में उचित ज्ञान और कौशल की कमी
  • कम आत्मसम्मान और आत्मविश्वास
  • डिप्रेशन
  • शराब या नशीली दवाओं का दुरुपयोग
  • मानसिक या शारीरिक बीमारी
  • काम का दबाव

कुछ सामुदायिक दृष्टिकोण भी बाल शोषण को प्रोत्साहित कर सकते हैंः

  • बच्चों की शारीरिक तौर पर सजा देना
  • बच्चे को उसके शारीरिक रूप पर आकना
  • जातिवाद
  • लड़का और लड़की के बीच मतभेद करना

यह भी पढ़ेंः जब बच्चा स्कूल से घर अकले जाए तो अपनाएं ये सेफ्टी टिप्स

जोखिम

कैसी स्थितियां बाल शोषण के जोखिम को बढ़ा सकती हैं?

बाल शोषण के जोखिमों के बढ़ाने के लिए कई कारण हो सकते हैं:

  • बच्चे के साथ पारिवारिक तौर पर शोषण या किसी तरह का मतभेद
  • शारीरिक या मानसिक बीमारी, जैसे- डिप्रेशन या पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD)
  • पारिवारिक संकट या तनाव, जिसमें घरेलू हिंसा और अन्य वैवाहिक समस्याएं शामिल हो, एकल माता-पिता
  • परिवार में एक बच्चा जो शारीरिक रूप से अक्षम हो
  • वित्तीय तनाव या बेरोजगारी
  • सामाजिक या विस्तारित पारिवारिक अलगाव
  • बाल विकास और पेरेंटिंग कौशल की खराब समझ
  • शराब का सेवन

निदान और उपचार

यहां प्रदान की गई जानकारी को किसी भी मेडिकल सलाह के रूप ना समझें। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

बाल शोषण का निदान कैसे किया जाता है?

ऐसे बच्चों के उपचार के लिए डॉक्टर सबसे पहले उनका सामान्य शारीरिक परीक्षण करते हैं। डॉक्टर बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारी इक्ठ्ठा करते हैं और उसके माता-पिता या देखभाल करने वाले से बच्चे की स्थिति के बारे में सवाल पूछते हैं।

अगर बच्चा बात कर सकता है, तो डॉक्टर बच्चे से अकेले में बात करेंगे।

साथ ही, कुछ मामलों में डॉक्टर कानूनी तौर पर जांच कर सकते हैंः

  • बच्चे की उम्र के हिसाब से बच्चे को लगी चोट सामान्य या प्राकृतिक नहीं है
  • बच्चे की स्थिति के बारे में माता-पिता या उसकी देखभाल करने वाले के पास सही जानकारी न हो
  • माता-पिता या देखभाल करने वाले का किसी भी चोट के लगने से इंकार करना
  • मेडिकल रिकॉर्ड के तौर पर बच्चे को बार-बार एक ही तरह के चोट लगना
  • डॉक्टर को यौन शोषण के संकेत मिलने पर

अगर एक ही व्यक्ति एक साथ कई अन्य ब्चचों की भी देखभाल करता है, तो डॉक्टर उसका भी शारीरिक परिक्षण कर सकते हैं। अगर पुलिस या डॉक्टरों को लगता है कि बच्चे के साथ यौन शोषण हुआ है, तो एक्स-रे भी किया जा सकता है।

सामान्य टेस्ट

दुर्व्यवहार या उपेक्षा की पुष्टि करने के लिए निम्न टेस्ट किए जा सकते हैंः

  • इमेजिंग परीक्षणः एक्स-रे, सीटी स्कैन या एमआरआई जैसे इमेजिंग परीक्षण। इस प्रकार के परीक्षण से यह पता लगाया जा सकता है कि क्या चोट के कारण बच्चे की कोई हड्डी टूटी है या नहीं। साथ ही, इससे बच्चे को लगी पुरानी चोटों की भी जानकारी मिल जाएगी।
  • ब्लड टेस्टः प्रोथ्रोम्बिन टाइम, पार्टिअल प्रोथ्रोम्बिन टाइम और प्लेटलेट काउंट जैसे ब्लड टेस्ट किए जा सकते हैं। जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि बच्चे को रक्तस्राव विकार है या नहीं।
  • यूरिन टेस्टः मूत्र में रक्त की जांच के लिए यूरिन टेस्ट भी किया जा सकता है। जिससे बच्चे को लगी आंतरिक चोटों का संकेत मिल सकता है।
  • स्पेशल लैब टेस्टः उदाहरण के लिए, डॉक्टर त्वचा या बालों के नमूने या पेशाब के नमूने जांच सकते हैं।
  • लंबर पंक्चरः इसे स्पाइनल टैप भी कहा जाता है, जो मस्तिष्क की चोट से बहने वाले खून की जांच करता है।
  • आई टेस्टः बच्चे में सिंड्रोम की स्थिति पता लगाने के लिए।

अन्य टेस्टः

अन्य टेस्ट किसी संदिग्ध स्थिति या दूसरे परीक्षणों ले पाए गए विशिष्ट चिकित्सा समस्याओं की स्थिति पर निर्भर करते हैं। उदाहरण के लिए:

  • कुछ बच्चों का मनोवैज्ञानिक परीक्षण किया जा सकता है।
  • यौन दुर्व्यवहार के शिकार लोगों को यौन संचारित संक्रमणों का पता लगाने के लिए जरूरी टेस्ट किए जा सकते हैं।

बच्चे को लगी चोटों की निगरानी करना

बच्चे को लगी हुई चोटों के बारे में सारी जानकारी इक्ट्ठा करना। जिसका रिकार्ड रखा जाएगा।

इन चोटों के चित्र रखें जा सकते हैं।

बच्चे का वजन, कद और सिर की परिधि का भी माप लिया जाएगा। इसके अलावा बच्चे का विकास दर क्या है इसकी भी रिकार्ड रखा जाएगा। बच्चे के ग्रोथ को एक चार्ट के अनुसार मापा जाएगा।

बाल शोषण का इलाज कैसे होता है?

बाल शोषण होने पर बच्चे का उपचार जल्द से जल्द करवाना चाहिए।

बच्चे का इलाज

सबसे पहले बच्चे को एक सुरक्षित माहौल में रखा जाएगा। उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति को समझा जाएगा और उसे बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। अगर बच्चे का शोषण घर के किसी सद्स्य के जरिए हुआ है, तो बच्चे को घर से दूर भी रखा जा सकता है।

अगर बच्चे को किसी भी तरह की शारीरिक चोट लगी है, तो डॉक्टर जरूरत के अनुसार उसका उपचार करेंगे।

साथ ही, बच्चे की स्थिति के अनुसार उससे कुछ बातचीत भी की जा सकती है। जैसेः

  • वे अपने बारे में कैसा महसूस करते हैं।
  • उनके अतीत के अनुभव।
  • वर्तमान और भविष्य के बारे में उनके मन में किस तरह की भय और चिंताएं हो सकती हैं।
  • काउंसलिंग में प्ले थेरेपी भी दी जा सकती है।

माता-पिता या देखभाल करने वालों के लिए उपचार

माता-पिता या देखभाल करने वाले को भी उचित उपचार की आवश्यकता हो सकती है। उपचार का प्रकार उनकी विशिष्ट स्थितियों पर निर्भर कर सकता है।

कुछ लोगों को बच्चों की परवरिश और देखभाल के बारे में अधिक जानते हैं। जिसकी उन्हें जानकारी दी जाएगी। जैसेः

  • नशीली दवाओं या शराब का दुरुपयोग।
  • डिप्रेशन या अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं।
  • कम आत्म सम्मान।
  • हिंसक व्यवहार।

माता-पिता जो अपने बच्चों की कस्टडी खो चुके हैं, कुछ स्थितियों में उन्हें भी इसकी ट्रेनिंग दी जा सकती है। जो इस बात पर निर्भर करता है कि बच्चे के साथ उन्होंने किस तरह का दुर्व्यवहार या उपेक्षा की थी। इस दौरान इस बात का पता लगाया जाएगा कि उन्हेंनों बच्चे के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार क्यों किया और उसे कैसे रोका जा सकता है।

कुछ गंभीर मामलों में, माता-पिता बच्चे को केवल तभी देख सकते हैं जब बच्चे के साथ कोई और मौजूद हो। कुछ मामलों में जज स्थायी रूप से माता-पिता के साथ बच्चे के रिश्ते को भी समाप्त कर सकते हैं।

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घरेलू उपाय

जीवनशैली में होने वाले बदलाव, जो मुझे बाल शोषण की स्थिति को रोकने में मदद कर सकते हैं?

लाइफ स्टाइल में बदलाव और घरेलू उपाय अपना कर बाल शोषण के कुछ मामले रोके जा सकते हैं। उदाहरण के लिए:

  • बच्चे के साथ क्या हुआ था, उससे उबरने में उसकी मदद करें। उसके साथ हुए शोषण के बारे में उससे बात की जाए और उसे प्रोत्साहित किए जाए।
  • बच्चे की हर बात को ध्यान से सुने और उसे गंभीरता से परखें।
  • समय-समय पर बच्चे से उसके जीवन में होने वाली घटनाओं के बारे में बात करें। संभव हो तो हर दिन बच्चे के साथ थोड़ा समय बिताएं और उससे उसके निजि जीवन में हो रही घटनाओं के बारे में बात करें।
  • बच्चे को याद दिलाएं कि वह दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार नहीं है। जिसने भी उसके साथ शोषण किया है, वही व्यक्ति बाल दुर्व्यवहार के लिए पूर्ण तौर पर जिम्मेदार होता है।
  • घर में बच्चे को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करें।
  • बच्चे के साथ हुए शोषण की जानकारी पुलिस को दें। किसी स्थानीय बाल सुरक्षा एजेंसी या पुलिस विभाग से संपर्क करें। अधिकारी रिपोर्ट की जांच करेंगे और अगर जरूरी हो, तो बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं।
  • चिकित्सीय सावधानी बरतें। अगर आवश्यक हो, तो बच्चे को उचित जांच करवाएं और इलाज करवाएं।
  • अगर स्कूल में दुर्व्यवहार हुआ है, तो इसकी जानकारी स्कूल के प्रिंसिपल और स्थानीय या राज्य बाल संरक्षण एजेंसी को दें।

अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो उसकी बेहतर समझ के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

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महिला

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सूत्र

Child abuse. http://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/child-abuse/basics/definition/con-20033789. Accessed November 08, 2019.

Child Abuse and Neglect – Treatment Overview. http://www.webmd.com/parenting/tc/child-maltreatment-topic-overview. Accessed November 08, 2019.

Child Abuse and Neglect Prevention. https://www.cdc.gov/violenceprevention/childabuseandneglect/index.html. Accessed November 08, 2019.

Consequences of Child Abuse and Neglect. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK195987/. Accessed November 08, 2019.

Child Abuse. https://medlineplus.gov/childabuse.html. Accessed November 08, 2019.

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Ankita mishra द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 02/06/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड