अपने 20 सप्ताह के शिशु की देखभाल के लिए आपको किन जानकारियों की आवश्यकता है?

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अपडेट डेट August 27, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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विकास और व्यवहार

मेरे 20 सप्ताह के शिशु का विकास कैसा होना चाहिए?

पीठ के बल सोते हुए आपका शिशु अपना कंधा और सिर ऊपर उठा सकता है। पांचवे महीने के आखरी सप्ताह में आप अपने शिशु में यह कुछ बदलाव दिखाई दे सकते हैं।

  • पैरों पर जोर डालकर खड़े होने की कोशिश कर सकते हैं
  • बिना किसी सहारे के बैठ सकते हैं
  • उनसे कोई वस्तु या खिलौना छीनने पर गुस्सा करते हैं
  • आवाज की ओर जाते हैं

20 सप्ताह के शिशु का शारीरिक विकास कैसे होना चाहिए?

20 सप्ताह के शिशु का विकास यानी आपके 5 महीने के बच्चे के शारीरिक विकास में कई तरह की गतिविधियां और बदलाव होते हैं, जिनमें उनका कद, वजन, सिर के बालों के विकास के साथ-साथ उनके हाव-भाव में भी कई तरह के बदलाव आप देख सकते हैं, जो निम्न हो सकते हैंः

20 सप्ताह के शिशु का वजन और कद

  • बेबी गर्ल का वजन और कद – 5.6 से 7.5 किलोग्राम और लंबाई करीब 63.7 सेंटीमीटर हो सकती है।
  • बेबी बॉय का वजन और कद – 6.2 से 8.2 किलोग्राम और लंबाई करीब 64.7 सेंटीमीटर हो सकती है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 3 माह तक के बच्चों का कद 3.5 सेमी प्रति माह की दर से बढ़ता है। इसके बाद 2 सेमी प्रति माह की दर से उनका कद बढ़ता है। अगर शिशु जन्म के बाद पूरी तरह से स्वस्थ्य है तो पांचवे माह में उसका वजन जन्म से दोगुना हो सकता है। उदाहरण के लिए, मान लिजिए अगर आपके शिशु का वजन जन्म के समय 2 किलो था, तो 20 सप्ताह के शिशु के विकास के दौरान उसका वजन 4 से 5 किलो हो सकता है। जो पूरी तरह से स्वस्थ्य माना जाता है।

एक बात का ध्यान रखें, 20 सप्ताह के शिशु के विकास के दौरान होने वाले शारीरिक विकास हर बच्चे में अलग-अलग हो सकते हैं। जो उनके स्वास्थ्य और देखभाल के तौर-तरीकों पर भी निर्भर कर सकता है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर या बाल रोग विशेषज्ञ की मदद लें सकते हैं।

20 सप्ताह के शिशु के विकास के दौरान आपके शिशु में इस तरह के भी विकास होते हैं, जिन्हें आपको ध्यान में रखना चाहिए, जो हैंः

20 सप्ताह के शिशु में ब्रेन का विकास

पसंद पहचाना

पांचवें महीने में आपका बच्चा तेजी से चीजों को समझना शुरू कर देता है क्योंकि उसका ब्रेन काफी विकसित होने लगता है। वह अपनी पसंद की खिलौनों के प्रति अपनी रूझान भी जाहिर कर सकता है।

व्यक्तियों की पहचान होना

20 सप्ताह का शिशु उन व्यक्तियों को पहचाना शुरू कर देता है, जो हमेशा उसके आस-पास रहते हैं या जो उससे अक्सर मिलने के लिए आते रहते हैं।

आवाजों पर रिएक्ट करना

आपके पांच महीने के शिशु को तेज आवाजें विचलित कर सकती हैं और मधुर आवाजे सुनने पर उनमें उत्साह का संचार भी हो सकता है।

भाषा का विकास

आपका 20 सप्ताह का शिशु खिलौने आदि को देखकर ‘प’ और ‘ड’ जैसे शब्दों के बोलने का प्रयास कर सकता है।

20 सप्ताह के शिशु का शारीरिक विकास

आपका पांच माह का बच्चा शारीरिक रूप से पहले के मुकाबले काफी मजबूत हो सकता है और उसमें शारीरिक तौर पर निम्न बदलाव आप नोटिस कर सकते हैं, जो हैंः

हाथों का नियंत्रण

आपका शिशु अपने हाथों से पैर की उंगलियों को पकड़ने की कोशिश करते हैं। साथ ही, किसी भी वस्तु जैसे खिलौनों या दूध की बोतल पर भी इनकी पकड़ मजबूत हो सकती है।

खिसकने का प्रयास करना

आपका 20 सप्ताह का शिशु पेट के बल लेट कर चीजों को पकड़ने का प्रयास कर सकता है या बेट के बल से आगे की तरफ खिसकना भी शुरू कर सकता है।

बैठने का प्रयास करना

अब आपका शिशु बैठने का भी प्रयास करना शुरू कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए उनके किसी सहारे की जरूरत हो सकती है।

एक बात का ध्यान रखें, कि आपका पांच माह का शिशु खुद पर निर्भर होने के लिए आपने पेट का अधिक इस्तेमाल कर सकता है, इसलिए उसे हमेशा ऐसा करने से रोकें। अपने बच्चे को हमेशा पीठ के बल पर ही सुलाएं।

मुझे 20 सप्ताह के शिशु के विकास के लिए क्या करना चाहिए?

जब आप अपने शिशु को लिटाते है तो वह अपनी बाहें और पैर फैला लेते हैं। यह उनके लिए अच्छा भी है,इससे शिशु की मांसपेशियों का व्यायाम हो जाता है।शिशु की अच्छी नींद के लिए आप उसे सुलाने से पहले नहला सकती हैं। उन्हें खाना खिलाते, नहलाते या कपडे पहनाते हुए उसे कहांनिया सुना सकती हैं और फिर उसके बाद शिशु को सोने के लिए डालें। इन कुछ आदतों की वजह से आपके शिशु को बेहतरीन नींद मिल सकती है और आपको खुद के लिए कुछ ज्यादा समय।

और पढ़ें : मेरे बच्चे ने खाना क्यों बंद कर दिया है?

स्वास्थ्य और सुरक्षा

मुझे अपने डॉक्टर से क्या चर्चा करनी चाहिए?

हर डॉक्टर का परिस्थितिनुसार शिशु का इलाज करने का अपना एक तरीका होता है। शिशु के टेस्ट और उसका इलाज यह शिशु की जरूरत के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। आपका डॉक्टर इनमें से कुछ चीजे कर सकते हैं।

  • आपके शिशु के विकास का मूल्यमापन कर सकता है। साथ ही साथ शिशु से जुडी कुछ बातें जैसे कि खाना, सोना इत्यादि की जानकारी आपसे पूछ सकते हैं
  • दूसरे टीकाकरण के बाद शिशु पर हुए उसके असर के बारे में आपसे सवाल कर सकते हैं
  • वह पूछ सकते हैं कि आप अपने शिशु का ख्याल कैसे रखती हैं
  • आपको अपने शिशु को पहला आहार कब खिलाना चाहिए इसपर भी वह आपको परामर्श दे सकते हैं

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डॉक्टर के पास कब जाएं?

मुझे किन बातों की जानकारी होनी चाहिए?

यहां कुछ चीजें हैं जिनकी जानकारी आपको होनी चाहिए।

शेकन बेबी सिंड्रोम (sds):

शेकन बेबी सिंड्रोम शिशुओं में होने वाली एक भयावह स्वास्थ्य स्थिती है। यह शिशु को ज्यादा हिलाने से या उछालने से होता है। इसके दौरान शिशु का मस्तिष्क खोपड़ी के अंदर चला जाता है। इसके परिणाम स्वरुप शिशु में अंधापन, पागलपन, लकवा या कई बार शिशु की मृत्यू भी हो सकती है।

माता-पिता के शिशु के साथ खेलने से, उसे थप्पड़ मारने से धक्का देने से शेकन बेबी सिंड्रोम नहीं होता। लेकिन अगर आप शिशु के साथ कुछ असाधारण हरकतें करते हैं जैसे कि शिशु को जोर से हवा में उछालना, शिशु को गोल गोल घुमाना इत्यादि तो यह सभी कहीं न कहीं शेकन बेबी सिंड्रोम का कारण बन सकती हैं। यह सभी हरकतें शायद आपके लिए एक आसान खेल हों लेकिन शिशु के नाजुक और अविकसित शरीर के को क्षति पहुंचाने के लिए बस इतना ही काफी होता है।

शेकन बेबी सिंड्रोम के लक्षणों में नींद न आना, उल्टी करना, खाना न खाना, सांस लेने में तकलीफ होना इत्यादि हैं। अगर आपके शिशु में इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

शिशु को काले रंग की शौच होना:

अगर आपका शिशु काले रंग की शौच करता है तो इसका कारण उसके रक्त में लोह की मात्रा का ज्यादा होना है। कुछ शिशुओं के शरीर में जब बाहरी सूक्ष्मजीव प्रवेश करते हैं तो उनका इम्यून सिस्टम सूक्ष्मजीवों का खत्मा कर उन्हें शौच के माध्यम से शरीर के बाहर फेंक देता है और साथ में थोड़ा लोह भी शरीर के बाहर फेंका जाता है जिससे शौच का रंग काला हो जाता है। अब कुछ लोग अपने शिशु लोह की कमी पूरी करने के लिए आयरन सप्लीमेंट पिलाने लगते हैं जो की पूरी तरह गलत है। दूध से मिलने वाला आयरन शिशु के लिए पर्याप्त है। अगर ज्यादा दिनों तक शिशु को काली शौच होती हैं तो उसे अपने डॉक्टर को दिखाएं।

और पढ़ेंः पेरेंटिंग स्टाइल पर भी निर्भर है आपके बच्चे का विकास

महत्वपूर्ण बातें

मुझे किन बातों का ख्याल रखना चाहिए?

अपने शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास को कैसे बढ़ावा दें:

देखा गया है कि ज्यादातर माता-पिता शिशु के शारीरिक विकास की तुलना में मानसिक विकास पर ज्यादा ध्यान देते हैं। इस में कोई शंका नहीं है कि एक बेहतरीन विकास के लिए शिशु का मानसिक विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन शारीरिक विकास का भी उतना ही महत्त्व रखता है। आप अपने शिशु को हाथ पकड़कर अपने साथ चलाएं। उसे खेलने के लिए प्रोत्साहित करें। सही समय पर उसे खाना खिलाएं उससे बात करें। यह चीजें शिशु को मानसिक और शारीरिक रूप से बढ़ने में मदत करेंगी।

और पढ़ें : कई महीनों और हफ्तों तक सही से दूध पीने वाला बच्चा आखिर क्यों अचानक से करता है स्तनपान से इंकार

शिशु पर इस उम्र में पाबंदियां न लगाएं:

कार की सीट हो या पालना आपका शिशु बैठे-बैठे आलसी बन सकता है। इस उम्र में शिशु को सक्रीय होना चाहिए। लगभग पांचवे महीने तक आपका शिशु पलट सकता है, वस्तुओं को पकड़ने के लिए घुटनों के बल दौड़ सकता है, अपने हाथ पैरों को चलकर खुद के साथ खेल सकता है। आप उसे यह करने दें। उसकी सुरक्षा का ध्यान रखें लेकिन उसे रोकें नहीं।

अपने शिशु के लिए आदर्श बनें:

आप आपके शिशु के लिए एक आईने की तरह होती हैं। आपका शिशु क्योंकि आप ही को देखकर बड़ा होता है इसलिए वह आपको कॉपी करने की कोशिश करता है। इसलिए अपने शिशु के सामने ऐसे कोई कार्य न करें जो उस पर एक बुरा प्रभाव डालें। अपने शिशु के लिए आदर्श बनने की कोशिश करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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