कहीं आपका बच्चा तो नहीं हो रहा चाइल्ड एब्यूज का शिकार? ऐसे करें पेरेंटिंग

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट फ़रवरी 17, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

मौजूदा दौर में बच्चों के शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण के मामले आम हो चुके हैं। न जाने कितने निर्दोष एवं लाचार बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित होते हैं और किसी को ये बात बता भी नहीं पाते। इसके चलते कई बच्चे डिप्रेशन को शिकार हो जाते हैं। तो वहीं कुछ परेशान होकर सुसाइड अटेम्पट कर लेते हैं। चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट मनोज शर्मा के अनुसार अगर किसी बच्चे के साथ कोई मारपीट या मानसिक रूप से परेशान करता है या फिर यौन उत्पीड़न करता है तो उसे चाइल्ड एब्यूज की क्षेणी में रखा जाता है।

स्टार प्लस पर प्रसारित होने वाला प्रोग्राम ‘सत्यमेव जयते’ में आमिर खान ने चाइल्ड एब्यूज पर एक एपिसोड किया था। इसमें उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की 2007 की एक रिसर्च का हवाला देते हुए बताया था कि देशभर में 53 पर्सेंट बच्चे चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज का शिकार हो चुके हैं। इसका सीधा मतलब है कि हर दो में से एक बच्चा बाल यौन शोषण का शिकार हुआ। ये हाल सिर्फ बड़े शहरों का ही नहीं बल्कि छोटे शहर और गांव भी इसमें सभी शामिल हैं।

यह भी पढ़ें : क्या होती है टीथ स्केलिंग (Teeth Scaling)? दांतों के लिए क्यों है जरूरी

चाइल्ड एब्यूज (Child Abuse) क्या है?

18 साल से कम उम्र के किसी भी बच्चे के साथ जानबूझकर मानसिक या शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचाना या दुर्व्यवहार करना आदि चाइल्ड एब्यूज माना जाता है। जो कानूनी तौर पर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। बाल दुर्व्यवहार के कई रूप होते हैं, जैसे कि-

  • फिजिकल चाइल्ड एब्यूज : फिजिकल चाइल्ड एब्यूज की स्थिति तब होती है जब किसी बच्चे को शारीरिक तौर पर जानबूझकर नुकसान पहुंचाया जाता है।
  • सेक्शुअल चाइल्ड एब्यूज : सेक्शुअल चाइल्ड एब्यूज की स्थिति तब होती है जब किसी बच्चे के साथ शारीरिक तौर पर दुर्व्यवहार, यौन रिश्ता, सेक्स, ओरल सेक्स, गुप्तांओं का गलत तरीके से छूना या चाइल्ड पोर्नोग्राफी की जाती है।
  • इमोशनल चाइल्ड एब्यूज :  इमोशनल चाइल्ड एब्यूज का अर्थ है बच्चे के आत्मसम्मान  या भावनात्मक स्थिति को नुकसान पहुंचाना। इसमें मौखिक और भावनात्मक हमले शामिल हो सकते हैं- जैसे बच्चे को जबरन शांत करना, उसे दूसरे बच्चों से एकदम अलग रखना, उसे अनदेखा करना या अस्वीकार करना।
  • चिकित्सक शोषणः जब कोई जानबूझकर किसी बच्चे को बीमार करता है, तो उसे चिकित्सा की आवश्यकता होती है। जिसकी वजह से बच्चे को अनावश्यक चिकित्सा देखभाल की जरूरत पड़ती है। यह मानसिक विकार के कारण हो सकता है, जैसे- माता-पिता किसी बच्चे को नुकसान पहुंचाते हैं।
  • बाल उपेक्षाः पर्याप्त भोजन, आश्रय, स्नेह, माहौल, शिक्षा या चिकित्सा देखभाल न मिलना।

कई मामलों में, बाल दुर्व्यवहार किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाता है जिसे बच्चा जानता है और जिस पर भरोसा करता है। ऐसे मामलों में दोषी अक्सर एक माता-पिता या अन्य रिश्तेदार हो सकते हैं। अगर आपको चाइल्ड एब्यूज पर संदेह है, तो उसे रोकने और बच्चे की मदद करन के लिए उचित अधिकारियों को इसकी सूचना दें।

यह भी पढ़ें : डायबिटीज की दवा दिला सकती है स्मोकिंग से छुटकारा

चाइल्ड एब्यूज से बच्चे को बचाने के लिए टिप्स

अपने बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए माता-पिता को बेहद सतर्क रहने की जरुरत है। इसके लिए उन्हें खुद ही अपने बच्चों को तैयार करना होगा। आइए जानते है चाइल्ड एब्यूज से बच्चों को बचाने हेतु माता-पिता के लिए टिप्स:

रिश्ते को मजबूत बनाना

बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार रखें। उनसे हर विषय पर बात करें। उन्हें अपने साथ ऐसा महौल दें कि वो हर बात आपसे बेझिझक शेयर करे।  उसे ये भरोसा दिलाए कि आप हर हाल में उसके साथ रहेंगे। बच्चों को गुड और बैड टच में अंतर समझाएं। बच्चे को मालूम होना चाहिए कि उसके शरीर के साथ होने वाली गलत गतिविधि‍यों पर क्या प्रतिक्रिया दी जाए। उसे इतना मालूम हो कि उसे बिना डरे इसका विरोध करना है। बच्चों को बताएं अगर उसे कहीं भी सहज महसूस नहीं होता तो वो शोर मचाएं।

यह भी पढ़ें यह 5 स्टेप्स अपनाकर पाएं स्मोकिंग की लत से छुटकारा

बच्चों को दें सेक्स एज्युकेशन 

बच्चों से किसी तरह की झिझक न रखें। उनकी सेक्स एज्युकेशन अनिवार्य तौर पर हो। उन्हें इस बारे में पूरी समझ होनी चाहिए कि उनके साथ होने वाली गतिविधी सही है या नहीं। इसके साथ ही बच्चों को टीचर, बस ड्राइवर, ट्यूशन टीचर व बाहर मिलने वाले सभी लोगों से सतर्क रहने की कहें। इसके लिए आप अपने बच्चे को कुछ डॉक्यूमेंट्री मूवीज भी दिखा सकते हैं जिसके जरिए बच्चों को एजुकेट किया जा सकता है। उन्हें इसे लेकर अवेयर करना बहुत जरूरी है। घर के दूसरे सदस्यों को भी बच्चों से समय-समय पर इस पर बात करते रहना चाहिए।

पेरेंट्स को बच्चों के बिहेवियर पर नजर रखनी चाहिए 

अगर बच्चे के बिहेवियर में अचानक बदलाव आ रहा है जैसे अगर बच्‍चा एक्टिव था और अचानक गुमसुम रहने लग जाए या फिर बच्चे के स्कूल में नंबर कम आने लग जाए तो इसका कारण जानने की कोशिश करें। क्योंकि ज्यादातर बच्चे जो चाइल्ड एब्यूज का शिकार होते हैं वह कभी खुद से कुछ नहीं बताते। आपको खुद उन पर ध्यान देना होगा। हमेशा बच्चों में इतना विश्वास जगाएं कि वह बिना डरे हर बात आपसे आकर शेयर करें। अगर स्कूल में उसकी बहुत ज्यादा पिटाई हो रही है तो इसके खिलाफ एक्शन लें। बच्चे के बदलते बिहेवियर को वक्त रहते काउंसलिंग कराके ठीक किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : विटामिन सप्लीमेंट्स लेना कितना सुरक्षित है? जानें इसके संभावित खतरे

इसके अलावा चाइल्ड एब्यूज से बच्चे को निम्न तरीकों से उबार सकते हैं : 

  • बच्चे के साथ क्या हुआ था, उससे उबरने में उसकी मदद करें। उसके साथ हुए शोषण के बारे में उससे बात की जाए और उसे प्रोत्साहित किए जाए।
  • बच्चे की हर बात को ध्यान से सुने और उसे गंभीरता से परखें।
  • समय-समय पर बच्चे से उसके जीवन में होने वाली घटनाओं के बारे में बात करें। संभव हो तो हर दिन बच्चे के साथ थोड़ा समय बिताएं और उससे उसके निजी जीवन में हो रही घटनाओं के बारे में बात करें।
  • बच्चे को याद दिलाएं कि वह दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार नहीं है। जिसने भी उसके साथ शोषण किया है, वही व्यक्ति बाल दुर्व्यवहार के लिए पूर्ण तौर पर जिम्मेदार होता है।
  • घर में बच्चे को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करें।
  • बच्चे के साथ हुए शोषण की जानकारी पुलिस को दें। किसी स्थानीय बाल सुरक्षा एजेंसी या पुलिस विभाग से संपर्क करें। अधिकारी रिपोर्ट की जांच करेंगे और अगर जरूरी हो, तो बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं।

बच्चे के यौन शोषण होने के बारे में मालूम होने पर कैसे करें पेरेंट्स रिएक्ट?

सबसे पहले आप अपने आप को इतना स्ट्रांग बनाएं कि आप आराम से बच्चे की पूरी बात सुन सकें। अपने बच्चे पर पूरा भरोसा रखें कि वह आपसे झूठ नहीं बोलेगा। उसे यकीन दिलाएं कि उसने आपसे ये बात शेयर करके बहुत अच्छा किया। बच्चे से पूरी बात जानें और इसके बाद अपने बच्चे से इसे लेकर माफी मांगे कि उसके साथ ऐसा हुआ। इसके बाद कोई ठोस कदम उठाएं।

यह भी पढ़ें: ड्रग एब्यूज डिसऑर्डर जानें इसके कारण, लक्षण और उपचार

बच्चों को इस बात से वाकिफ करें कि जरूरी नहीं कि कोई आपसे बड़ा है तो उसको रिसपेक्ट करो। अगर किसी का व्यवहार आपके साथ ठीक नहीं है तो उसका आदर ना करें। फिर चाहे उनकी उम्र कितनी भी क्यों न हो। ऐसे लोगों की रिसपेक्ट की बजाय शिकायत करनी चाहिए।

और पढ़ेंः-

ये 5 स्मार्टफोन नियम हर माता-पिता को बच्चों के लिए निर्धारित करना चाहिए

जानें मेडिटेशन से जुड़े रोचक तथ्य : एक ऐसा मेडिटेशन जो बेहतर बना सकता है सेक्स लाइफ

कभी आपने अपने बच्चे की जीभ के नीचे देखा? कहीं वो ऐसी तो नहीं?

दांत टेढ़ें हैं, पीले हैं या फिर है उनमें सड़न हर समस्या का इलाज है यहां

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

    क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
    happy unhappy"
    सूत्र

    शायद आपको यह भी अच्छा लगे

    लेस्बियन सेक्स कैसे होता है? जानें शुरू से लेकर अंत तक

    लेस्बियन सेक्स के बारे में हमारे बीच काफी अज्ञानता और भ्रम स्थापित है। लेस्बियन पार्टनर कैसे सेक्स करते हैं और क्या इसमें प्रेग्नेंट हो सकते हैं?

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Surender Aggarwal

    सेक्स के दौरान वीर्य स्खलन की मर्यादा (इजैक्युलेशन) को कैसे बढ़ाएं? 

    सह सेक्स क्या है, वीर्य स्खलन की मर्यादा को कैसे बढ़ाएं, सीमन इजैकुलेशन कितनी बार होता है, सह सेक्स में सीमन कितने बार निकलता है, Cum Sex semen Ejaculation.

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha

    क्या आपको भी सेक्स करते समय महसूस होता है योनि का कसाव?

    योनि का कसाव क्या है, योनि का कसाव इन हिंदी, योनि कस महसूस होने से कैसे राहत पाएं, वजायनिजम्स, टाइट वजायना से कैसे आराम पाएं, tight vagina vaginismus

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha

    Nurokind Od: न्यूरोकाइंड ओडी क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

    न्यूरोकाइंड ओडी टैबलेट की जानकारी in hindi. इस दवा का किस बीमारी में होता है इस्तेमाल, इसके साइड इफेक्ट्स, डोज, सावधानियां-चेतावनी को जानने के लिए पढ़ें ये लेख।

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Satish singh
    दवाइयां A-Z, ड्रग्स और हर्बल जून 22, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

    Recommended for you

    कॉन्डोमलेस सेक्स

    कॉन्डोमलेस सेक्स के क्या होते हैं रिस्क, बीमारियों से बचाव के लिए यह जानना है जरूरी

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Satish singh
    प्रकाशित हुआ अगस्त 17, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
    क्यों मुझे सेक्स करने का मन करता है

    क्यों सेक्स करने का मन करता है, जानें पुरुषों-महिलाओं में आखिर क्यों जगती है यह फीलिंग्स

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Satish singh
    प्रकाशित हुआ अगस्त 10, 2020 . 8 मिनट में पढ़ें
    Horny - हॉर्नी

    हॉर्नी होना क्या है? क्या यह कोई समस्या है?

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Surender Aggarwal
    प्रकाशित हुआ जून 30, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
    What is Oral sex - ओरल सेक्स क्या है

    ओरल सेक्स क्या है? युवाओं को क्यों है पसंद?

    चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
    के द्वारा लिखा गया Surender Aggarwal
    प्रकाशित हुआ जून 30, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें