ज्यादा कपड़े पहनाने से भी हो सकती है बच्चों में घमौरियों की समस्या

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अक्टूबर 19, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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‘चुभती-जलती गर्मी का मौसम आया और चुभती-जलती घमौरियां लाया।’ भारत में गर्मियों की दस्तक से पहले ही यह प्रचलित ऐड टेलीविजन पर गर्मियों के मौसम का एहसास दिलाने लगता था। वहीं घमौरियां या हीट रैश गर्मियों में एक आम समस्या है, जो हर उम्र के लोगों को अपना शिकार बनाती है। ऐसे में बच्चे तो नादान होते ही है, जो खुद से साफ-सफाई का ख्याल नहीं रख सकते और आसानी से इसके शिकार हो जाते हैं। बच्चों में घमौरियां होने की आशंका और अधिक तब बढ़ जाती है, जब आप किसी ऐसे शहर में रहते हैं, जहां गर्मी या उमस अधिक रहती है। बच्चों में घमौरी होना उन्हें परेशान कर सकता है और साथ ही उनके व्यवहार को और अधिक चिढ़चिढ़ा बना सकता है। लेकिन, कुछ टिप्स की मदद से आप इनसे आसानी से छुटकारा भी पा सकते हैं। बच्चों में इन हीट रैश को पहचानें और उनका शुरुआत में इसका सही इलाज दें। वहीं अगर इसका इलाज समय से नहीं किया जाए, तो ये तेजी से बढ़ भी सकती हैं।

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बच्चों में घमौरी (Heat Rash) क्या है?

जैसा कि नाम से ही पता चलता है हीट रैश या घमौरी बहुत अधिक गर्मी से होती हैं। बच्चों में घमौरी होने पर सामान्य लाल दाने या उभरे लाल सफेद दाने दिखाई देते हैं। इसका कारण अधिक गर्मी होता है। जिन बच्चों को ज्यादा गर्मी लगती है, उनके अंदर ये परेशानी आम होती है। इसके अलावा आप जहां रह रहे हैं, वहां ज्यादा गर्मी हो तब भी बच्चे को घमौरियां हो सकती हैं। हीट रैश के और भी नाम है जैसे मिलआरिया (Miliaria), मिलआरिया रूबरा (Miliaria Rubra),  रूबरा क्रिस्टेलिना ( Miliaria Crystallina,), समर रैश (summer rash ) या प्रिक्ली हीट (prickly heat) भी कहा जाता है।

पेट, छाती, गर्दन, हिप्स और क्रॉच के आस-पास घमौरियां ज्यादा दिखाई देती हैं। अगर आप अपने बच्चे को ज्यादा देर तक टोपी पहनाते हैं और उसे गर्मी रहती है, तो माथे और स्कल पर भी घमौरियां दिखाई दे सकती हैं। बच्चे के गले पर भी हीट रैश होना आम हैं। अगर आपको अपने बच्चे में घमौरियां दिखाई देती हैं, तो सबसे पहले इसकी वजह से होने वाली खुजली से राहत पाना जरूरी है।

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बच्चों में हीट रैश कैसे पहचाने

हीट रैशेज उभरे दाने होते हैं, जो लाल रंग के होते हैं। बच्चों में घमौरी आमतौर पर शरीर के अलग-अलग हिस्सों में एक ग्रुप में दिखाई देती हैं। हीट रैश की वजह से बच्चों की स्किन लाल हो जाती है। जिन बच्चों का रंग गोरा होता है, उनमें घमौरियों को आसानी से देखा जा सकता है। बच्चों का कॉम्प्लेक्शन कैसा भी हो उनमें घमौरी की वजह से लाल दाने दिखने ही लगते हैं। बच्चों में घमौरी का कारण टाइट कपड़े और कंबल भी हो सकते हैं। ज्यादातर मामलों में इनको किसी खास इलाज की जरूरत नही होती।

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हीट रैश के कारण?

अगर आपके बच्चे को ज्यादा पसीना आता है, तो उसे हीट रैश हो सकते हैं। अधिक पसीना होने की वजह से बच्चे की त्वचा के रोम छिद्र (Pores) बंद हो जाते हैं और पसीना नहीं निकल पाता है। अडल्ट की तुलना में बच्चों और शिशुओं में घमौरियां होने की आशंका अधिक होती है क्योंकि उनके पोर्स छोटे होते हैं।

अगर आप गर्म और उमस वाली जगह पर रहते है, तो बच्चे को हीट रैश होने की संभावना ज्यादा है। अगर आपके बच्चे को बुखार है या उसने बहुत सारे कपड़े पहने हैं, तो बच्चों में हीट रैश सर्दियों में भी दिखाई दे सकते हैं।

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क्या घमौरियां शिशुओं के लिए दर्दनाक हो सकती हैं

हीट रैश आमतौर पर बच्चों के लिए दर्दनाक नहीं होतीं। बच्चों में घमौरी उनके लिए असुविधा का कारण बन सकती हैं। हालांकि, यह हीट रैश की गंभीरता पर निर्भर करता है। अगर बच्चों में घमौरियां ज्यादा है और वह इसे खरोचते हैं या खुजलाते हैं तो यह दर्दनाक हो सकता है।

यह समझना जरूरी है कि बच्चे रोने के अलावा किसी भी तरह से आपको नहीं बता पाते कि उन्हे कोई परेशानी है। यही कारण है कि आपको बच्चे की त्वचा पर लगातार ध्यान देने की जरूरत होगी। बहुत अधिक गर्मी से होने वाली घमौरियों की वजह ओवरहिटिंग भी हो सकती है, जिससे कभी-कभार बच्चों को हीट स्ट्रोक भी हो सकता है।

बच्चों में घमौरी के लिए घरेलू उपचार

ज्यादातर बच्चों में घमौरी अपने आप ही ठीक हो जाती हैं । वहीं, कई घरेलू उपचारों से आप बच्चों में घमौरी को ठीक कर सकते हैंः

त्वचा को ठंडा करेंः

आप कपड़ों की एक्सट्रा लेयर को हटाकर या कहीं ठंडी जगह पर ले जाकर बच्चों की त्वचा को ठंडा कर सकते हैं। अगर आपका बच्चा गर्मी और नमी वाले क्षेत्र में है, तो बच्चे की स्किन को गीला रखने वाले कपड़ों को हटा दें और अपने बच्चे की त्वचा को सुखाने के लिए पंखे चालू करें।

स्किन पर पानी लगाएं

  • छोटे हीट रैश के लिएः अगर हीट रैश से प्रभावित एरिया छोटा है। जैसे सिर्फ गर्दन के पीछे या कोहनी के आसपास एक पैच है, तो इसे ठंड से राहत मिलेगी। ऐसे एरिया को राहत देने और त्वचा के तापमान को कम करने के लिए दानों पर गीला कपड़ा डालें।
  • बड़े हीट रैश के लिएः आप कम से कम 10 मिनट के लिए अपने बच्चे को नहला सकते हैं। लेकिन, साबुन का उपयोग न करें क्योंकि इससे त्वचा में जलन हो सकती है। बाद में अपने बच्चे की त्वचा को हवा में सूखने दें।

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खीरे का इस्तेमाल करें

खीरा भी घमौरियों की समस्या के उपचार में मदद कर सकता है। इसके लिए खीरे के कई पतले-पतले टुकड़े करें और सीधे तौर पर बच्चे की त्वचा पर हल्के हाथों से रब कर सकती हैं। खीरे में शीतलन गुण होता है। इसके इस्तेमाल से घमौरियों के कारण हो रही त्वचा में खुजली और जलन से राहत मिल सकती है।

टी ट्री ऑयल

टी ट्री ऑयल में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो शिशु की त्वचा पर चकत्तों को दूर करने में लाभकारी साबित हो सकते हैं। इसके लिए आप बच्चे की मालिश करते समय टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल कर सकती हैं। या फिर आप अपनी सुविधानुसार सिर्फ प्रभावित त्वचा पर भी इस तेल को लगा सकते हैं।

कैमोमाइल ऑयल

कैमोमाइल ऑयल प्राकृतिक तौर पर त्वचा की जलन और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, यह बहुत ही गर्म हो सकता है। इसके इस्तेमाल से शरीर में गर्मी लग सकती है। इसके लिए आपको कैमोमाइल ऑयल की एक या दो बूंद को बच्चे के मालिश करने वाले तेल में मिला कर लगाना चाहिए। लेकिन, एक बात का ध्यान रखें कि अगर आपके बच्चे को सांस से जुड़ी कोई समस्या है तो इसका इस्तेमाल न करें। क्योंकि इसकी तेज खुशबू बच्चे की जटिलताओं को बढ़ा सकता है।

एलोवेरा

एलोवेरा त्वचा को राहत और ठंडक प्रदान करने वाले गुणों से भरा होता है। शिशु को नहलाने से पहले आप एलोवेरा जेल का लेप शिशु के शरीर पर लगा सकती हैं और 10 से 15 मिनट बाद बच्चे को नहला सकती हैं।

हीट रैश को कैसे रोकें?

यहां कुछ तरीके बताएं गए हैं, जिनके इस्तेमाल से आप अपने बच्चें को घमौरियों से बचा सकते हैंः

  • अपने बच्चे को सूरज की चिलचिलाती किरणों से दूर रखें। बहुत अधिक गर्मी में उसे घर के ठंडे हिस्से में अंदर ही रखें।
  • हमेशा उसे आरामदायक और ढीले-ढाले कपड़े पहनाएं खासकर गर्मियों के दौरान। बच्चों के लिए कॉटन के कपड़े सबसे अच्छे माने जाते हैं। पूरी तरह से प्लास्टिक डायपर कवर का उपयोग करने से बचें।
  • गर्दन, आर्मपिट और क्रॉच जैसे एरिया में ज्याादा पसीना आता है, जिससे वो भींग जाते हैं। इन क्षेत्रों को ठंडे पानी से धोएं और हवा में सुखने दें।
  • बच्चे को कमरे में टेम्परेचर का ध्यान रखें। पंखा या एयर कंडीशनर सीधे बच्चे के मुंह की तरफ भी ना लगाएं।

नमी, उमस और गर्मी वाले क्षेत्रों में हीट रैश की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए बच्चों का इस तरह के मौसम में खास ख्याल रखना पड़ता है। बच्चे अपनी परेशानी बोलकर नहीं बता सकते इसलिए उनके शरीर को समय-समय पर चेक करते रहें।

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