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ऑटिज्म के लक्षण को दूर करने में मददगार हैं ये थेरेपी

ऑटिज्म के लक्षण को दूर करने में मददगार हैं ये थेरेपी

ऑटिज्म विकास संबंधी एक ऐसा विकार है जो जिंदगीभर समस्या पैदा करता है। यूं तो इस बीमारी का कोई खास इलाज नहीं है हालांकि, ऑटिज्म के लक्षण को कम करके रोगी में कुछ हद तक सुधार लाए जा सकते हैं। सही ट्रीटमेंट मिलने से ऑटिज्म के लक्षण धीरे-धीरे कम होने लगते हैं और रोगी अपनी जिंदगी बेहतर तरीके से जी सकते हैं।

व्यवहार संबंधी थेरेपी (behavioral management)

व्यवहार प्रबंधन थेरेपी या (behavioral management therapy) थेरेपी मुख्य रूप से रोगी के व्यवहार को सकारात्मक दिशा देती है। इस ट्रेनिंग से ऑटिज्म के लक्षण को कम किया जा सकता है। इसमें रोगी को ट्रेनिंग देने के साथ-साथ अच्छे और बुरे व्यवहार में फर्क सिखाया जाता है, जिसके बाद वो खुद इसे समझ सके। इस ट्रीटमेंट में ऑटिज्म के लक्षण को कम करने के लिए अप्लाइड बिहेवियर एनालिसिस यानी (ABA) की मदद ली जाती है।

पीबीएस (Positive behavioral and support)

पीबीएस यानी पॉजिटिव बियेवियरल सपोर्ट एक ऐसी तकनीक है जिसमें ऑटिज्म प्रभावित व्यक्ति के व्यवहार को उसके आसपास के वातावरण में बदलाव कर उसे सकारात्मक बनाने के प्रयास किए जाते हैं। पहले देखा जाता है कि किस वजह से रोगी के व्यवहार में बदलाव आ रहा है। इसके बाद रोगी को नई चीजें सिखाई जाती हैं और अच्छा व्यवहार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

और पढ़ें : ऑटिज्म और इम्यूनिटी में क्या संबंध है?

संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा (Cognitive behavior therapy)

ऑटिज्म के लक्षण से निजात मिल सके इसके लिए कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपरी (cognitive behavior therapy) में सोच, भावनाओं और व्यवहार के बीच संबंध के आधार पर ऑटिज्म रोगी की मदद की जाती है। इसकी मदद से रोगी को चिंता, भावनात्मक समस्याएं और दूसरी सामाजिक परेशानियों से निपटने में मदद मिलते है। इस चिकित्सा में डॉक्टर, ऑटिज्म रोगी और उसके परिवार के लोग साथ मिलकर ऑटिज्म के लक्षण को कम करने की दिशा में काम करते हैं।

और पढ़ें : 5 न्यूट्रीशियन टिप्स, जो ऑटिज्म (Autism) में हैं मददगार

अन्य थेरेपी

(EIBI) Early intensive behavioral intervention

बच्चों में ऑटिज्म के लक्षण को कम करने के लिए अर्ली बियेवियरल इंटरवेंशन का उपयोग किया जाता है। जो 5 साल से कम के बच्चों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें बच्चों को छोटे-छोटे इंस्ट्रक्शन दिए जाते हैं।

(PRT) Pivotal response training

इसे पाइटल रिस्पॉन्स ट्रेनिंग कहते हैं। इस तकनीक में ऑटिज्म के लक्षण को कम करने के लिए रोगी को रोज एक तरह की ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें उसे अपने व्यवहार को कंट्रोल करने, नई चीजें सीखने के लिए और दूसरे लोगों से घुल-मिलने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जाता है।

(DTT) Discrete trial training

डिस्क्रीट ट्राइल ट्रेनिंग एक ऐसी ट्रेनिंग है जिसमें एक टीचर रोगी को एक के बाद एक लेसन देता है। इसके बाद रोगी से इसके जवाब और सही व्यवहार के बारे में पूछा जाता है। सही जवाब देने और उचित व्यवहार करने पर उसे गिफ्ट देकर प्रोत्साहित किया जाता है।

और पढ़ें : ऑटिज्म और डिस्लेक्सिया एक नहीं हैं, अंतर यहां जानें

शिक्षात्म, आहार, क्यूपेशन थेरेपी

ऑटिज्म के लक्षण को कम करने के लिए शिक्षात्मक चिकित्सा (Educational therapy)

इस चिकित्सा में ऑटिज्म रोगी के कौशल विकास और संचार कौशल को विकसित करने की दिशा में काम किया जाता है। इसमें एक्सपर्ट्स की टीम खासतौर पर रोगी के लिए केंद्रित प्रोग्राम तैयार करते हैं।

आहार चिकित्सा (Dietary approaches)

कई वजहों से ऑटिज्म के रोगियों में जरूरी पोषक तत्वों की कमी होती है और कई कुपोषित होते हैं। इसकी वजह से भी उनके विकास में परेशानी आती है। कुछ रोगी किसी एक ही प्रकार का खाना खाते हैं, तो कुछ खाना खाने से डर लगता है। डर की वजह डाइनिंग टेबल, तेज लाइट या वातावरण हो सकता है। कुछ इसलिए भी नहीं खाते क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी बीमारी की वजह उनका खाना है। ऐसी स्थिति में बच्चे के माता-पिता या केयरटेकर किसी डाइटीशियन की मदद लेकर उसके खाने का प्लान बना सकते हैं। डाइटीशियन बच्चे का चेकअप कर उसके लिए पौष्टिक खाने का चार्ट बनाते हैं, जिससे बच्चा कुपोषण और उससे संबंधित बीमारियों से बच सकता है। इस तरह से निश्चित रूप से ऑटिज्म के लक्षण को कम करने में मदद मिलेगी।

क्यूपेशनल थेरेपी (Occupational therapy)

इस थेरेपी में ऑटिज्म रोगी को दैनिक जीवन से जुड़े काम पूरे करने के लिए दिए जाते हैं। इसकी मदद से वे भविष्य में इन चीजों को करने में सक्षम हो जाते हैं। उदाहरण के तौर पर शुरुआती अवस्था में बच्चों को कपड़े पहनना या चमच्च का इस्तेमाल जैसी चीजें सिखाई जाती हैं।

फैमिली थेरेपी (Family therapy) से दूर होंगे ऑटिज्म के लक्षण

फैमिली थेरेपी में ऑटिज्म रोगी के परिवार, उसके दोस्त और देखभाल करने वाले लोगों को सिखाया जाता है कि कैसे रोगी के साथ व्यवहार, बातचीत और खेलकूद करें। इसकी मदद से वो तेजी से चीजें सीखता है और रोगी में ऑटिज्म के लक्षण के तौर पर दिखने वाला नकारात्मक व्यवहार खत्म होता है।

और पढ़ें : जानिए ऑटिज्म से जुड़े कुछ रोचक तथ्य और लक्षण

दवाइयां और अन्य तरीके

ऑटिज्म के लक्षण को कम करने में मददगार दवाईयां (Medications)

यूं तो ऑटिज्म के मरीजों पर दवाईयों का कम ही असर होता है पर ये इसके लक्षणों जैसे डिप्रेशन की समस्या, सोने के परेशानी, चिंता, मिरगी और व्यवहार संबंधी परेशानियों से निपटने में मदद करती हैं।

फिजिकल थेरेपी (Physical therapy)

कुछ ऑटिज्म रोगियों को चलने फिरने में भी परेशानी आती है। ऐसी स्थिति में फिजिकल थेरेीप का सहारा लिया जाता है। इसमें रोगी को कुछ एक्सरसाइज सिखाई जाती हैं, जिससे उसके स्वास्थ, ताकत, बॉडी बैलेंस आदि में सुधार आए।

सामाजिक कौशल चिकित्सा (Social skills training)

इस तरह की ट्रेनिंग में ऑटिज्म रोगी को समाज में लोगों से बातचीत का तरीका और दैनिक जीवन की समस्याओं से निपटना सिखाया जाता है।

और पढ़ें : जानें ऑटिज्म और आनुवंशिकी में क्या संबंध है?

स्पीच थेरेपी (Speech therapy)

कई ऑटिज्म रोगी बोलचाल में बेहद कमजोरी होते हैं और उन्हें भाषा संबंधी परेशानी आती हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें छोटे बच्चों की तरह शुरुआत से बोलचाल का तरीका सिखाया जाता है।

अगर शुरुआत में ही मिल जाए इलाज…

ऑटिज्म का इलाज जितनी शुरुआत में होगा ऑटिज्म के लक्षण उतनी जल्दी ठीक होंगे। शुरुआत में बच्चे को उपरोक्त में से कई ट्रेनिंग दी जा सकती हैं जो कि बाद में कठिन हो जाती हैं। ये सभी थेरेपी ऑटिज्म रोगी के विकास में बेहद लाभकारी हैं। ऐसे में कोई भी ऑटिज्म रोगी है तो डॉक्टरी सलाह लेकर इन थेरेपी को आजमाया जा सकता है।

अगर आपको अपनी समस्या को लेकर कोई सवाल हैं, तो कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लेना ना भूलें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Autism Spectrum Disorder (ASD. https://www.cdc.gov/ncbddd/autism/facts.html.Accessed/07/July/2019

Autism spectrum disorder. https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/autism-spectrum-disorder/symptoms-causes/syc-20352928. Accessed/07/July/2019

What Is Autism?.https://www.autismspeaks.org/what-autism.Accessed/07/July/2019

Autism Spectrum Disorder. https://www.nimh.nih.gov/health/topics/autism-spectrum-disorders-asd/index.shtml.Accessed/07/July/2019

DSM-5 and Autism: Frequently Asked Questions – https://www.autismspeaks.org/dsm-5-and-autism-frequently-asked-questions Accessed/07/July/2019

लेखक की तस्वीर
Dr. Pooja Bhardwaj के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Piyush Singh Rajput द्वारा लिखित
अपडेटेड 09/07/2019
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