जॉइंट ट्विन्स कैसे होते हैं? जानिए इनके जीवन के बारे में महत्वपूर्ण बातें

    जॉइंट ट्विन्स कैसे होते हैं? जानिए इनके जीवन के बारे में महत्वपूर्ण बातें

    जॉइंट ट्विन्स आपस में जुड़े हुए दो बच्चे होते हैं जो शारीरिक रूप से एक- दूसरे से जुड़े हुए ही जन्म लेते हैं। जॉइंट ट्विन्स गर्भवती महिला के गर्भ में तब विकसित होते हैं जब प्रारंभिक भ्रूण दो शिशु को बनाने के लिए आंशिक रूप से अलग हो जाता है। इस एक भ्रूण से दो भ्रूण विकसित होते हैं, इसलिए जन्म लेने वाले शिशु शारीरिक रूप से जुड़े होते हैं। इनकी सबसे अधिक छाती, पेट या पेल्विस से जुड़े होने की संभावना होती है। हालांकि, अधिकतर मामलों में जन्म के बाद जुड़े हुए जुड़वां बच्चे जीवित नहीं रह पाते हैं। सर्जरी और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकास के साथ इनके जीवित रहने की दर में सुधार हुआ है। इन जॉइंट ट्विन्स को सर्जरी द्वारा अलग किया जा सकता है। सर्जरी की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि जुड़वां बच्चे कहां और किन अंगों से जुड़े हैं। साथ ही साथ सर्जिकल टीम के अनुभव और कौशल भी इनकी सफलता में भूमिका निभाती है।

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    जॉइंट ट्विन्स एक्सपर्ट व्यू (Joint Twins Expert View)

    जॉइंट ट्विन्स शारीरिक रूप से जुड़े हुए होते हैं, आमतौर पर जब एक भ्रूण निषेचन के तुरंत बाद दो भ्रूण के रूप में विभाजित होता है। मैरीलैंड मेडिकल सेंटर विश्वविद्यालय के अनुसार, जुड़वां बच्चों के साथ यह सेपेरशन प्रॉसेस पूरी होने से पहले ही रुक जाती है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड का कहना है कि हर 200,000 जन्मों में से एक में जुड़वां बच्चे पैदा होते हैं और कई जिंदा नहीं रह पाते हैं। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि 40 से 60 प्रतिशत जॉइंट ट्विन्स बच्चे अभी भी जिंदा हैं।

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    कैसे जानें कि गर्भ में पल रहा शिशु जॉइंट ट्विन्स है (How to know if the baby in the womb is joint twins)?

    जॉइंट ट्विन्स होने के कोई विशेष संकेत या लक्षण नहीं हैं। जो एक संयुक्त जुड़वां गर्भावस्था (Joint Twins Pregnancy) का संकेत देते हैं। इसमें अन्य जुड़वां गर्भधारण की तरह गर्भाशय एकल भ्रूण की तुलना में तेजी से बढ़ता है और गर्भावस्था में अधिक थकान, मतली और उल्टी हो सकती है।

    जॉइंट ट्विन्स कैसे होते हैं (How are joint twins)?

    आमतौर पर जुड़वां बच्चों को कई प्रकार से क्लासिफाइड किया जाता है। जिसमें उनके कनेक्टिंग पॉइंट पर केंद्रित किया जाता है। जहां बच्चे अपने अंगों को शेयर करते हैं। संयुक्त बच्चे की विशिष्ट शारीरिक रचना होती है।

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    जॉइंट ट्विन्स शरीर के इनमें से किसी भी हिस्से से जुड़े हो सकते हैं:

    लेंथ ऑफ स्पाइन (Length of spine)

    रीढ़ की लंबाई से जुड़े हुए ट्विन्स को रायकीओप्यूगस कहा जाता है। रीढ़ से जुड़े जॉइंट ट्विन्स आपस में रीढ़ की हड्डी से जुड़े होते हैं और एक दूसरे को फेस नहीं कर सकते। यह एक प्रकार की बहुत दुर्लभ स्थिति मानी जाती है।

    पेट से जुड़े हुए ट्विन्स बच्चे (Tummy fused twins baby)

    जो जुड़वां बच्चे पेट से जुड़े होते हैं उन्हें ओम्फालोपागस टर्म से डिटेक्ट किया जाता है। ये ट्विन्स बेलीबटन के पास जुड़ जाते हैं। कई ऑम्फालोपागस ट्विन्स लिवर को आपस में साझा करते हैं और कुछ छोटी आंत (इलियम) और कोलन के निचले हिस्से को भी साझा करते हैं। पेट से जुड़े जॉइंट ट्विन्स आम तौर पर हार्ट को साझा नहीं करते हैं।

    बेस ऑफ स्पाइन (Base of spine)

    कुछ जॉइंट ट्विन्स बच्चे रीढ़ के बेस से भी जुड़े होते हैं जिन्हें पाइगोप्यूगस कहा जाता है। ऐसे ट्विन्स आमतौर पर रीढ़ और नितंबों के आधार पर आपस में जुड़ जाते हैं। कुछ पाइगोप्यूगस ट्विन्स लोअर गैस्ट्रोइंटेस्टिनल मार्ग को एक-दूसरे से साझा करते हैं। वहीं कुछ जुड़े हुए जुड़वां बच्चे अपने जननांग और यूरिनरी ऑर्गन्स को साझा करते हैं।

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    पेल्विस (Pelvis)

    जुड़वां बच्चे जो पेल्विस से जुड़े हुए होते हैं उन्हें इस्किओप्यूगस कहते हैं। कई इस्किओप्यूगस जुड़वां बच्चे लोअर गैस्ट्रोइंटेस्टिनल मार्ग, साथ ही लिवर और रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स और यूरिनरी ऑर्गन्स को साझा करते हैं। प्रत्येक ट्विन्स को दो या कम पैर हो सकते हैं। जॉइंट ट्विन्स बच्चे दो या तीन पैर साझा करते हैं।

    सिर से जुड़े जॉइंट ट्विन्स (Head joint twins)

    सर या माथे से जुड़े हुए जॉइंट ट्विन्स क्रैनियोप्यूगस कहलाते हैं। ऐसे जुड़वां बच्चे सिर के पीछे, ऊपर या बगल में एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। क्रैनियोप्यूगस जॉइंट ट्विन्स स्कल (खोपड़ी) के एक हिस्से को शेयर करते हैं। लेकिन उनके मस्तिष्क आमतौर पर अलग होते हैं, हालांकि वे कुछ ब्रेन टिश्यू को भी साझा कर सकते हैं।

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    सिर और सीने से जुड़े जॉइंट ट्विन्स (Head and chest joint twins)

    जब जुड़वां बच्चे आपस में सिर व छाती से एक साथ जुड़े होते हैं तो उन्हें मेडिकल टर्म में सेफेलोप्यूगस कहा जाता है। ये जॉइंट ट्विन्स चेहरे और शरीर के ऊपरी हिस्सों में जुड़ जाते हैं। ये मस्तिष्क को भी शेयर करते हैं। और इस तरह के जॉइंट ट्विन्स के बचने की संभावना बहुत कम होती है। छाती से जुड़े हुए जुड़वां बच्चे को थोरैकोपैगस कहते हैं और ये बच्चे सीने से आमने-सामने जुड़े होते हैं। जॉइंट ट्विन्स के शरीर में अक्सर एक ही दिल होता है और एक लिवर और अपर इंटेस्टाइन को भी साझा कर सकता है। यह संयुक्त जुड़वा बच्चों की जुड़े होने की सबसे आम जगहों में से एक है।

    जॉइंट ट्विन्स जीवित रह पाते हैं ()?

    पहले जॉइंट ट्विन्स जिन्होंने जीवन की संभावना को बरकरार रखा, वे थीं इंग्लैंड के मैरी एंड एलीजा। सन 1100 में मैरी एंड एलीजा ने हिप और लिवर से जुड़े होने के बावजूद जीवन के 34 साल पूरे किए।

    जॉइंट ट्विन्स का जीवन रेयर होता है। दो लाख पैदा हुए बच्चों में एक कोज्वाॅइंट ट्विन्स (Conjoined twins) होने की संभावना रहती है। जब महिला का एग फर्टिलाइजेशन के बाद किन्हीं कारणों से अलग नहीं हो पाता है तो कोज्वाॅइंट ट्विन्स का जन्म होता है। डॉक्टर्स ने कोज्वाॅइंट ट्विन्स को अलग करने के मामलों में सफलता भी पाई है। 16 से 20 घंटे चलने वाले ऑपरेशन के दौरान यूटा के जुड़वां बच्चों की किडनी और पेल्विक को अलग किया गया था। ये बच्चे चार साल के थे।

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    कोज्वाॅइंट ट्विन्स के मामले काफी रेयर होते हैं। ये बात माता-पिता पर निर्भर करती है कि वो बच्चों को सर्जरी के माध्यम से अलग कराना चाहते हैं या फिर नहीं। कई मामलों में सर्जरी सफल हो जाती है वहीं कुछ सर्जरी में कोज्वाॅइंट ट्विन्स का जीवन खतरे से भरा भी रहता है। अगर आपको भी इस विषय के बारे में अधिक जानकारी चाहिए तो बेहतर होगा कि आप एक बार डॉक्टर से संपर्क करें।

    लोगों के मन में ये सवाल सबसे पहले आता है कि कोज्वाॅइंट ट्विन्स हैं तो क्या ये पैदा होने के बाद जीवित रह पाएंगे? कोज्वाॅइंट ट्विन्स के जीवन की संभावना उनकी जटिलताओं पर निर्भर करती है। जीवन की निर्भरता इस बात पर तय होती है कि बच्चा आखिर किस जगह से जुड़ा हुआ है। कोज्वाॅइंट ट्विन्स के गर्भ में मरने के अधिक चांस रहते हैं। ऐसे बच्चों के जन्म के लिए सी-सेक्शन आवश्यक हो जाता है।

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    बीमारी के चलते हो सकती है मृत्यु

    कोज्वाॅइंट ट्विन्स, जुड़वां बच्चों की तरह ही जन्म लेते हैं। ज्यादातर मामलों में कोज्वाॅइंट ट्विन्स प्रीमैच्योर होते हैं। जन्म के कुछ समय बाद एक या फिर दोनों की मृत्यु हो सकती है। कोज्वाॅइंट ट्विन्स को सांस लेने में समस्या, दिल की परेशानी या फिर एक समय बाद स्कोलियोसिस (scoliosis), सेरेब्रल पाल्सी या लर्निंग डिसेबिलिटी हो सकती है।

    प्रेग्नेंसी के दौरान यदि आपको पता चलता है कि गर्भ में कोज्वाॅइंट ट्विन्स हैं तो घबराएं नहीं। जुड़े हुए जुड़वां बच्चों के ज्यादातर मामलों में मृत्यु का खतरा रहता है, लेकिन ऐसे भी केस सामने आएं हैं जहां जुड़े हुए बच्चों को सर्जरी के माध्यम से अलग किया गया है। एडवांस सर्जरी के माध्यम से ये सब संभव हो पाया है। आपको इसके बारे में अगर ज्यादा जानकारी चाहिए तो एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क करें। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी प्रकार की चिकित्सा सलाह, उपचार और निदान प्रदान नहीं करता।

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    के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

    डॉ. प्रणाली पाटील

    फार्मेसी · Hello Swasthya


    Nikhil Kumar द्वारा लिखित · अपडेटेड 15/12/2021

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