भावुक बच्चे को हैंडल करना हो सकता है मुश्किल, जान लें ये टिप्स

By Medically reviewed by Dr. Pranali Patil

हर किसी का भावनाओं को महसूस करने का स्तर अलग-अलग होता है। कोई अपनी भावनाओं पर काबू रखता है और कोई ज्यादा भावुक हो सकता है। चाहें वह एक बच्चा हो या कोई बड़ा हर किसी का परिस्थिति को संभालने का तरीका अलग होता है। किसी भी उम्र में रोना एक ऐसा भाव है जो गुस्सा, डर, तनाव या यहां तक कि खुशी जैसी भावनाओं से अभिभूत होने के लिए एक सामान्य प्रतिक्रिया है। हालांकि, कुछ बच्चे दूसरों की तुलना में अधिक रोते हैं।

आप कैसे अपने बच्चे की भावनाओं को समझकर हेल्दी रिलेशन बनाएं।

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भावनाओं को कमजोरी ना समझें

कभी-कभी माता-पिता अत्यधिक भावुक बच्चों से शर्मिंदा होते हैं। हो सकता है माता-पिता अपने बच्चों की इस आदत से भीड़ में झेंपते हो लेकिन इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। एक पिता क्रिकेट में हारने के बाद अपने बेटे को रोता हुआ देख कर चिढ़ सकता  है या एक मां अपनी बेटी को डांस क्लास से बाहर आते हुए रोते हुए देखकर उसको चुप होने का इशारा कर सकती है। 

लेकिन रोना बुरी बात नहीं है और किसी बच्चें में अधिक भावनाएं होना भी ठीक है।

भावुक होने का मतलब ये नहीं होता कि बच्चा कमजोर है हालांकि यह जरुरी है कि बच्चे अपनी भावनाओं को पहचानना और समझना सीखें। भावनात्मक जागरूकता बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने में मदद कर सकती है, तब भी जब वे उन भावनाओं को गहराई से महसूस करते हैं।

अपने बच्चे को इन कारणों के लिए कुछ भी कहने से बचें या ऐसा सोचना बंद कर दें उसको भावनात्मक स्तर पर मदद की जरुरत है। आपका इस बात को मानना आपके बच्चे के लिए मायने रखता है कि हर किसी का स्वभाव अलग होता है और आपका बच्चा आपकी तुलना में अधिक भावनात्मक संवेदनशीलता महसूस कर सकता है।

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अपने बच्चे को भावनाओं के बारे में सिखाएं

आपके बच्चे के लिए उसकी भावनाओं को पहचानना जरुरी है। उसको उसकी भावनाओं के बारे में बताएं उसे सिखाना शुरू करें। आप अपने बच्चे को बता सकते हैं कि आप कब भावुक होते हैं और भावुक होने पर क्या करते हैं। उनसे अपनी भावनाओं के बारे में बात करने से वे भी आपसे बात करने में संकोच नहीं करेंगे। आप किताबों में या टीवी शो में कैरेक्टर के बारे में बात करके भावनाओं के बारे में बातचीत भी कर सकते हैं। कभी-कभी अपने बच्चे से इस तरह के सवाल पूछें जैसे आपको क्या लगता है कि यह कैरेक्टर कैसा महसूस कर रहा है? असल जिंदगी में इस तरह के प्रैक्टिकल करने से आपके बच्चे की भावनाओं को काबू करने की क्षमता में सुधार होगा।

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भावनाओं और व्यवहार के बीच का अंतर साफ करें

बच्चों के लिए सामाजिक तौर पर ठीक से अपनी भावनाओं को व्यक्त करना सीखना जरुरी है। किसी दुकान के बीच में जोर से चिल्लाते हुए सामान मांगना या स्कूल में गुस्से में अपना सामान फेंकना ठीक नहीं है। अपने बच्चे को बताएं कि वह किसी भी भावना को महसूस कर सकता है, जो वह चाहता है और गुस्सा या डर महसूस करना गलत नहीं है।

लेकिन उसे यह बताएं कि उसके पास विकल्प हैं कि वह उन असहज भावनाओं पर कैसे प्रतिक्रिया करे। इसलिए भले ही उसे गुस्सा आ रहा है उसकी वजह से किसी को मारना ठीक नहीं है। या सिर्फ इसलिए कि वह दुखी महसूस करता है, इसका मतलब यह नही है कि उसका फर्श पर लेट कर रोना सही है। 

उसके व्यवहार को अनुशासित करें लेकिन उसकी भावनाओं को नहीं। बच्चे की भावनाओं को कंट्रोल करने के लिए आप अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर सकते है। आप उसकी आदतें बदलने के लिए उसे सजा दे सकते है, जैसे क्योंकि बच्चा चिल्ला रहा था तो पूरे दिन के लिए उसे खिलौने नहीं देना या अपने भाई-बहन से लड़ने की वजह से पूरे दिन उसको खेलने का समय नहीं देना। 

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अपने बच्चे की भावनाओं पर ध्यान दें

कभी-कभी माता-पिता अनजाने में अपने बच्चे की भावनाओं पर ध्यान नहीं देते हैं। लेकिन यह बच्चे को गलत संदेश देता है। अपने बच्चे को ये कहना कि, “परेशान होना बंद करो। यह कोई बड़ी बात नहीं है “आपके बच्चे को यह मैसेज देगा कि उसकी भावनाएं गलत हैं। लेकिन ऐसी भावनाएं होना ठीक हैं भले ही वह दूसरे बच्चों के मुकाबले आपको लगता है थोड़ी ज्यादा हैं।

चाहे आपको लगता है कि वह गुस्सा है, उदास है, निराश है या शर्मिंदा अपने बच्चे से बात करें उससे पूछें कि वह क्या महसूस कर रहा है और उसकी भावनाओं के लिए सहानुभूति दें।

बच्चों को यह समझने में मदद करें कि भावनाएं समय के साथ बदलती रहती हैं और जिस तरह से बच्चा अभी महसूस कर रहा है वह थोड़ी देर में बदल जाएगा। यह महसूस करते हुए कि उनकी भावनाओं और आंसू कुछ समय के लिए है और यह आते-जाते रहेंगे यह जानकर बच्चे को भावनात्मक पलों के बीच में थोड़ा शांत रहने में मदद मिलती है।

ज्यादा भावनात्मक बच्चे का व्यवहार कभी-कभी निराशाजनक हो सकता है। अपने बच्चे को अपनी भावनाओं से निपटने और जरूरी बातें सिखाने के लिए बच्चे को आपके अधिक सर्पोट की जरुरत हो सकती है।

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रिव्यू की तारीख नवम्बर 8, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया नवम्बर 10, 2019

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