home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

पीलिया के लक्षण वयस्कों में हो सकते हैं बच्चों से अलग, जानें

पीलिया के लक्षण वयस्कों में हो सकते हैं बच्चों से अलग, जानें

जॉन्डिस यानी पीलिया एक ऐसी बीमारी है, जिसमें स्किन, आंखों का सफेद भाग और शरीर के म्यूकस मेंब्रेन पीले पड़ जाते हैं। यह पीला रंग शरीर में बढ़े हुए बिलिरुबिन के स्तर की वजह से होता है। बिलरुबिन शरीर में मृत लाल रक्त कोशिकाओं की वजह से बनता है। यूं तो नवजात बच्चों में शुरुआती अवस्था में पीलिया होना आम बात है, हालांकि, वयस्कों में पीलिया होना किसी गंभीर स्थिति की ओर इशारा करता है। ऐसे में पीलिया के लक्षण (Symptoms of Jaundice) सही समय पर पहचानना जरूरी हो जाता है।

और पढ़ें : घर पर ब्लड प्रेशर चेक करने के तरीके

कितना सामान्य है पीलिया (Jaundice)?

लिवर के ठीक से काम न करने या किसी भी कारण से लिवर (Liver) में कोई समस्या होने के कारण पीलिया होता है। आमतौर पर नवजात शिशुओं के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। इसका प्रमुख कारण है कि नवजात बच्चों में लिवर पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता है। लेकिन, पीलिया किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है व्यस्कों में भी पीलिया होना कोई चौकाने वाली बात नहीं है। व्यस्कों में पीलिया (Jaundice) हो या बच्चों में सही समय पर इसके लक्षण पहचान कर मेडिकल हेल्प लेने से इस बीमारी से आराम से निपटा जा सकता है। लेकिन अनदेखा करने से स्थिति गंभीर भी हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि समय पर इसे पहचान कर इलाज कराया जाए।

किस वजह से होता है पीलिया? (Cause of Jaundice)

  • किसी वायरस, हेपेटाइटिस-ए (Hepatitis A), बी और सी आदि इंफेक्शन की वजह से।
  • अत्यधिक एल्कोहल (Alcohol) लेने की वजह से
  • किसी ऑटोइम्यून यानी रोगप्रतिरोधक प्रणाली (Immune power) की बीमारी की वजह से
  • किसी असामान्य मेटाबॉलिक डिफेक्ट की वजह से
  • कुछ दवाईयों और उनके गलत इस्तेमाल की वजह से जैसे एसेटामाइनोफिन (Acetaminophen), पेनेसिलिन (Penicillins) और कुछ गर्भनिरोधक दवाओं की वजह से।

और पढ़ें : Bipolar Disorder :बाईपोलर डिसऑर्डर क्या है?जाने इसके कारण लक्षण और उपाय

बिलिरुबिन के बनने बाद पीलिया बाइल डक्ट में अवरोध की वजह से भी हो सकता है। ये अवरोध निम्न कारणों से भी हो सकता है-

  • पित्त की पत्थरी (Gallstones)
  • गालब्लैडर में सूजन
  • गालब्लैडर का कैंसर
  • आंत में ट्यूमर

पीलिया के लक्षण (Symptoms of Jaundice)

पीलिया (Jaundice) के कारण अक्सर पीड़ित इंसान की स्किन और आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ जाता है। इसके अलावा पीलिया के और लक्षण हैं:

  • पीलिया से पीड़ित शख्स के मुंह के अंदर का हिस्सा पीला पड़ जाता है।
  • पीड़ित के पेशाब का रंग सुर्ख पीला हो जाता है।
  • मल का कलर भी आसामान्य होना
  • बिलिरुबिन का लेवल बढ़ (Bilirubin level) जाना
  • भूख में कमी आना
  • पूरा दिन कमजोरी और थकान महसूस होना

वयस्कों में पीलिया के लक्षण (Symptoms of Jaundice in adult)

कई बार व्यक्ति में पीलिया के लक्षण बिल्कुल भी नजर नहीं आते हैं और अचानक ही इस बीमारी का पता चलता है। इसके लक्षण मूल रूप से इस बात पर निर्भर करते हैं कि पीलिया किस वजह से हुआ है और कितनी तेजी से बढ़ रहा है। अगर व्यस्कों में पीलिया किसी इंफेक्शन की वजह से हुआ है, तो आपको निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं जैसे-

  • बुखार (Fever)
  • ठंड लगना
  • पेट में दर्द (Stomach pain)
  • सामान्य बुखार की तरह लक्षण
  • चमड़ी का रंग बदलना
  • पेशाब का गाढ़ा रंग और मल का हल्का रंग होना

और पढ़ें : Albumin Test : एल्बुमिन टेस्ट क्या है?

अगर पीलिया किसी संक्रमण की वजह से नहीं हुआ है तो आपमें कुछ अलग लक्षण दिखाई दे सकते हैं-

जैसे वजन कम होना, शरीर में तेज खुजली होना जिसे अत्यधिक खुजली भी कहते हैं। अगर पीलिया आंत या बाइल डक्ट के कैंसर की वजह से हुआ है तो इसका सबसे प्रमुख लक्षण है पेट का दर्द। इसके अलावा लिवर की बीमारियों की वजह से भी पीलिया हो सकता है, जिन्हें वयस्कों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए जैसे-

  • हैपेटाइटिस की गंभीर अवस्था या लिवर में घाव होना
  • Pyoderma gangrenosum नामक स्किन की बीमारी
  • Polyarthralgias जोड़ों की बीमारी

पीलिया के लक्षण दिखने पर डॉक्टर को कब दिखाएं

बच्चों की बात की जाए, तो उनमें पीलिया की ग्रसित होना आम बात है। लेकिन चिंता की बात है बच्चा अपनी परेशानी कहकर हीं बता सकता, तो ऐसे में आपको पीलिया के लक्षण (Symptoms of Jaundice) पहचान उसे सही मेडिकल हेल्प दिलाने की कोशिश करनी होगी। ऐसे में बच्चों में अगर पीलिया ये लक्षण देखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं:

  • अगर बच्चे की स्किन (Skin) ज्यादा पीली दिखाई दें, तो समझ लें कि यह पीलिया का लक्षण हो सकता है।
  • बच्चे की स्किन के साथ-साथ हाथ और पैर के नाखून भी पीले दिखने लगे, तो यह भी पीलिया के लक्षण (Symptoms of Jaundice) ही हो सकता है।
  • पीलिया का एक लक्षण यह भी होता है कि बच्चा अचानक से कमजोर दिखने लगता है।
  • बच्चे की भूख में कमी आना और साथ ही वह खाना या दूध (Milk) पीना बंद कर दे, जिसके कारण उसका वजन तेजी से कम हो।

वहीं, वयस्कों में त्वचा का पीला पड़ना लिवर की बीमारी का सीधा संकेत होता है। हालांकि, हर व्यक्ति का शरीर ऐसे मामलों में अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है, अगर आपको ऐसी कोई भी परेशानी है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

और पढ़ें : डेंगू के मरीज क्या खाएं और क्या नहीं

इन कारणों से बढ़ता है पीलिया का खतरा (Risk factor of Jaundice)

  • प्रीमैच्योर बच्चों में पीलिया होने की आशंका बनी रहती है। 37 हफ्तों से पहले पैदा हुए बच्चे बिलिरुबिन प्रोसेस करने में सक्षम नहीं होते हैं। इस कारण समय से पहले पैदा बच्चों में पीलिया के लक्षण आमतौर पर देखे जाते हैं।
  • नवजात बच्चे की स्किन पर छिली हुई दिखें या फिर स्किन पर कुछ रैशेज दिखें तो इसका कारण भी बिलिरुबिन हो सकता है।
  • मां और बच्चे का ब्लड ग्रुप अलग हो, तो पीलिया के लक्षण देखने को मिलते हैं।
  • नवजात बच्चे को मां का दूध न मिलने या अन्य जरूरी पोषण न मिलने की स्थिति में पीलिया के लक्षण देखने को मिलते हैं।

लाइफस्टाइल में बदलाव और घरेलू उपचार

  • अपने बच्चे को पीलिया के दौरान संतुलित आहार (Balanced diet) दें। इससे बच्चा ज्यादा बार स्टूल पास करेगा और आंतें बिलिरुबिन को सोखने से बच जाएंगी।
  • अगर बच्चे को दोबारा पीलिया हो जाए, तो बिना देर किए डॉक्टर के पास जाएं।

निष्कर्ष– वयस्कों में पीलिया बहुत से कारणों की वजह से होता है। कई बार पीलिया किसी गंभीर बीमारी यानी कैंसर की वजह से भी हो सकता है। ऐसे में इसके संकतों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

अगर आपको अपनी समस्या को लेकर कोई सवाल हैं, तो कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लेना न भूलें।

अगर आप पीलिया या पीलिया के लक्षण से जुड़े किसी तरह की कोई जानकारी पाना चाहते हैं, तो हमें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं हमारे हेल्थ एक्सपर्ट आपके सवालों का जवाब देंगे। हालांकि अगर आप पीलिया की समस्या से परेशान हैं, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से कंसल्ट करें। क्योंकि डॉक्टर पीलिया या पीलिया के लक्षण एवं पेशेंट के हेल्थ कंडिशन को ध्यान में रखकर इलाज शुरू करते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Infant jaundice – https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/infant-jaundice/diagnosis-treatment/drc-20373870 – Accessed on 07 February, 2020.

Adult Jaundice. https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/15367-adult-jaundice. Accessed on 07 February, 2020.

Jaundice. https://medlineplus.gov/ency/article/000210.htm. Accessed on 28 August, 2020.

Jaundice. https://www.nhp.gov.in/disease/digestive/liver/jaundice. Accessed on 28 August, 2020.

Jaundice in adults. https://www.healthdirect.gov.au/jaundice. Accessed on 28 August, 2020.

लेखक की तस्वीर badge
Piyush Singh Rajput द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 23/08/2021 को
और Admin Writer द्वारा फैक्ट चेक्ड
x