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प्रेग्नेंसी में क्या करें क्या ना करें, ये मुश्किल होगी आसान

प्रेग्नेंसी में क्या करें क्या ना करें, ये मुश्किल होगी आसान

गर्भधारण के बाद लाइफ की एक नई स्टेज शुरू हो जाती है। प्रेग्नेंट होते ही महिलाओं को परिवार वालों, रिश्तेदारों से लेकर पड़ोसियों तक सभी से कई प्रकार की सलाह मिलने लगतीं हैं। यह पूरे नौ महीने तक चलता रहता है। ऐसे में महिलाओं को समझ नहीं आता कि वे प्रेग्नेंसी में क्या करें? बता दें कि इस पूरी अवधि में बॉडी में हार्मोन से लेकर कई बदलाव आते हैं। इस स्थिति में अपने और आने वाले शिशु की हेल्थ के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। प्रेग्नेंसी में क्या करें इसके बारे में हर कोई अपने अनुभव और अपने शरीर के हिसाब से आपको सलाह देगा लेकिन प्रेग्नेंसी में क्या करें और क्या ना करें इसके लिए आपको अधिक जागरूक होना पड़ेगा। हर किसी का शरीर अलग तरह से रिएक्ट करता है और हर किसी के ऊपर चीजों के असर करने का तरीका अलग होता है।

और पढ़ेंः प्रेग्नेंसी में कैल्शियम की कमी से क्या खतरा हो सकता है?

प्रेग्नेंसी में क्या करें, क्या ना करें?

मल्टी विटामिंस जरूर लें (Must take multi vitamins)

बॉडी और बढ़ते शिशु को संपूर्ण पोषण देने के लिए आपको मल्टी विटामिंस से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए। प्रेग्नेंसी के दौरान एक हेल्दी डायट ही पर्याप्त नहीं होती है। प्रीनेटल विटामिंस में कुछ पोषक तत्वों की मात्रा ज्यादा होती है, जिनकी मां और शिशु को काफी जरूरत होती है। इन्हें आपको लेना चाहिए। इसमें फोलिक एसिड, कैल्शियम, आयरन शामिल होता हैं। यह भ्रूण के संपूर्ण विकास और जन्मदोष को कम करने में मदद करते हैं। तो अगर आपके दिमाग में एक सवाल है कि प्रेग्नेंसी में क्या करें, तो आप बेझिझक अपने डॉक्टर से मल्टी विटामिन के बारे में जानकारी लें।

साफ-सफाई का ध्यान रखें (Take care of cleanliness)

प्रेग्नेंसी के दौरान साफ- सफाई का महत्व और भी बढ़ जाता है। दूसरे दिनों के मुकाबले प्रेग्नेंसी में संक्रमण होने की संभावनाएं ज्यादा होती हैं। जानकारी का अभाव, जागरूकता की कमी और स्वच्छता का ध्यान नहीं रखने के कारण प्रेग्नेंट महिलाओं को कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं। आपको आसपास के वातावरण और अपनी बॉडी और कपड़ों की सफाई का खास ध्यान रखना है। प्रेग्नेंसी में क्या करें ये जानना जरूरी है और इसके लिए आपको गर्भवती महिला के आसपास सफाई रखने की जरूरत है।

और पढ़ेंः पीएमएस और प्रेग्नेंसी के लक्षण में क्या अंतर है?

प्रेग्नेंसी में क्या करें – पहले पूरी नींद लें (Get more sleep in pregnancy)

प्रेग्नेंसी के दौरान बॉडी के हार्मोंस में बदलाव आता है। इस दौरान एंग्जायटी बढ़ने की संभावना रहती है, जिसके चलते नींद डिस्टर्ब हो सकती है। इस समय पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी होता है। विशेषकर तीसरे ट्राइमेस्टर में अच्छी नींद लेना बेहद आवश्यक है। इसलिए अच्छी नींद लें ताकि आप और आपका बेबी स्वस्थ्य रह सके। प्रेग्नेंसी में क्या करें अगर आप ये जानना चाहती है तो इसके लिए ठीक से सोए और अपनी नींद पूरी करें।

प्रेग्नेंसी में क्या करें – हर्बल चाय पिएं (Herbal tea)

प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादातर हर्बल चाय पीना सुरक्षित माना गया है लेकिन, इसका मतलब यह नहीं कि आप सिर्फ चाय पर निर्भर रहें। दिन में आप कितनी हर्बल चाय पी रही हैं, इसके लिए आपको सतर्क रहने की जरूरत है। इस बारे में डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें। किसी किसी को अधिक चाय पीने से एसिडिटी की समस्या होती है ऐसे में उतनी ही चाय पिएं जितने से आपको एसिडिटी ना हो।

फिश खाएं (Fish)

अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की प्रेग्नेंसी के दौरान मछली खाने को लेकर 2017 में जारी की गई रिवाइज्ड गाइडलाइंस के मुताबिक प्रेग्नेंट महिलाओं को कुछ किस्म की फिश का सेवन करना चाहिए, जिनमें मर्क्यूरि (mercury) की मात्रा न्यूनतम हो। साल्मन, टिलापिया, श्रिंप, टूना (कम मर्करी वाली वैरायटी) मछलियां इस श्रेणी में आती हैं। अगर आपको खाने को लेकर प्रेग्नेंसी में क्या करें सवाल परेशान करता है तो पहले आप फिश खाना छोड़ें।

और पढ़ेंः ऑव्युलेशन टेस्ट किट से जाने कंसीव करने का सही समय

नियमित हल्की एक्सरसाइज करें (Regular Exercise)

डॉक्टरों और फिटनेस एक्सपर्ट्स की मानें तो प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है। इसकी सबसे बड़ी शर्त यह है कि उन्हें हैवी वेट के साथ एक्सरसाइज नहीं करनी है। ऐसा करने पर उनकी कमर और पेट पर दबाव पड़ सकता है। नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज से बॉडी में ताकत और लचीलापन बना रहता है, जो डिलिवरी आसान कराने में मददगार होता है। प्रेग्नेंसी में क्या करें और कितनी एक्सरसाइज करें, इसके बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लें। एक्सरसाइज करने से डिलिवरी में काफी आसानी होगी। डॉक्टरों का भी मानना है कि जो प्रेग्नेंट वूमन उन नौ महीनों में रोजाना नियमित एक्सरसाइज डॉक्टर द्वारा बतायी गई करती हैं, उनकी नॉमर्ल डिलिवरी होने के चांसेज ज्यादा रहते हैं।

प्रेग्नेंसी में ये न करें

एल्कोहॉल का सेवन न करें (Do not consume alcohol)

एल्कोहॉल को लेकर अभी तक एक राय नहीं बन पाई है लेकिन, सबसे बेहतर तरीका यह है कि आप इससे दूरी बनाकर रखें। कई बार एल्कोहॉल बच्चे के विकास में बाधा डालती है। प्रेग्नेंसी में क्या करें इसके बारे में पूरी जानकारी रखें और एल्कोहॉल का सेवन ना करें। यह ना केवल गर्भवती महिला को नुकसान पहुंचाता है बल्कि इससे बच्चे को भी नुकसान पहुंचाता है।

बिना सलाह के दवा न लें (Do not take medicine without advice)

प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली मां को कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का समाना करना पड़ता है, जैसे कि उल्टी महसूस होना, चक्कर आना, शुगर लो हो जाना और कई बार थकान व शरीर का दर्द महसूस करना। ऐसे समस्याओं के होने पर प्रेग्नेंट वूमन को जब तक डॉक्टर आपको किसी दवा की सलाह नहीं देते तब तक आपको किसी भी प्रकार की दवा नहीं लेनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह पर ही दवा का सेवन करें। इससे उन्हें कई प्रकार के साइड इफैक्ट हो सकते हैं। ऐसा करना मां और शिशु दोनों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

और पढ़ेंः जानें प्रेग्नेंसी के ये शुरुआती 12 लक्षण

हॉट बाथ न लें (Do not take hot shower)

प्रेग्नेंसी के दौरान आपको गर्म पानी से नहीं नहाना है। सोना बाथ से भी दूर ही रहें तो बेहतर होगा। उच्च तापमान आपके और शिशु के लिए घातक हो सकता है। ये छोटी-छोटी बातें आपके और शिशु के लिए हानिकारक न बनें इसलिए इन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। इसके अलावा आप अपने डॉक्टर की सलाह भी इस बारे में एक बार जरूर लें। इससे आपको काफी आसानी होगी।

कच्चा मीट न खाएं (Do not eat raw meat)

प्रेग्नेंसी के दौरान कच्चा अंडा और मीट खाने से बचें। इससे आपको फूड पॉइजनिंग हो सकती है। कच्चा अंडा या मीट खाने से बच्चे में जन्मजात बीमारियां हो सकती है। इसके अलावा यह गर्भपात का कारण भी बन सकता है।

और पढ़ेंः ऑव्युलेशन टेस्‍ट किट के नतीजे कितने सही होते हैं?

बिना पाश्चरीकृत दूध वाले मिल्क प्रोड्क्ट न खाएं (Do not have without pasteurized milk products)

बच्चे के विकास के लिए कैल्शियम सबसे अहम होता है लेकिन, इस स्थिति में महिलाओं को सावधान रहने की जरूरत है। ध्यान रखना है कि आप गैर पाश्चरीकृत दूध के मिल्क प्रोडक्ट का सेवन न करें। यह प्रोडक्ट्स गर्म नहीं किए जाते हैं, जिसकी वजह से उनमें बैक्टीरिया रह जाते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। कच्चे दूध में लिस्टेरिया नामक एक बैक्टीरिया होता है, जो गर्भपात का कारण बन सकता है। इसलिए इस दौरान गर्भवती महिलाओं को अपना खास ध्यान रखना चाहिए। हो सके तो कुछ भी करने से पहले किसी अनुभवी महिला से सलाह लें, तो अच्छा होगा। इसी के साथ ही आपको हर उस कार्य से दूरी बनाकर रखनी है, जिससे बॉडी में किसी भी प्रकार का झटका या धक्का लगता हो। इसके अलावा उन कार्यों से भी दूरी बनाकर रखनी है, जिनमें आपको बहुत ज्यादा पसीना आए या दिल की धड़कनें तेज हो जाएं। इन बातों का ध्यान रखकर आप हेल्दी प्रेग्नेंसी को एंजॉय कर सकती हैं। किसी भी तरह की परेशानी या शंका होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

FDA Issues Revised “Advice about Eating Fish for Women Who Are or Might Become Pregnant, Breastfeeding Mothers, and Young Children”/https://www.fda.gov/food/cfsan-constituent-updates/fda-issues-revised-advice-about-eating-fish-women-who-are-or-might-become-pregnant-breastfeeding/Accessed on July 24, 2020

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Do’s and don’ts during the first trimester of pregnancy/https://news.sanfordhealth.org/womens/dos-and-donts-during-first-trimester-pregnancy/Accessed on July 24, 2020

लेखक की तस्वीर
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Sunil Kumar द्वारा लिखित
अपडेटेड 30/08/2019
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