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बेली डांस (Belly Dance) से होगी नार्मल डिलीवरी, जानें इससे जुड़े और फैक्ट्स

बेली डांस (Belly Dance) से होगी नार्मल डिलीवरी, जानें इससे जुड़े और फैक्ट्स

क्या आप जानते हैं प्रेगनेंसी के दौरान बेली डांसिंग प्रेगनेंसी और लेबर पेन दोनों में काफी फायदेमंद होता है। इससे बच्चे की डिलीवरी में तकलीफ कम होती है साथ ही यह लेबर पेन को नेचुरल तरीके से शुरू करने में भी मददगार है। बेली डांस में ऐसे कई स्टेप होते है जो की आपके बच्चे की डिलीवरी के लिए अच्छी स्थिति बनाने का एक प्राकृतिक तरीका है। बेली डांस में हिप सर्कल, फिगर-ऑफ-आठ मूवमेंट और कैमल वॉक के साथ -साथ अन्य कई स्टेप शामिल हैं जो की बच्चे के जन्म में मदद करते हैं।

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प्रेगनेंसी में बेली डांस (Belly Dance) से होने वाले फायदे

  • पैल्विक और पेट की मांसपेशियों के साथ -साथ उन सभी मांसपेशियों को मजबूत बनता है जिनका उपयोग डिलीवरी के समय होता है। इससे जन्म की प्रक्रिया भी आसान हो जाती है साथ ही रिकवरी भी जल्दी होती है।
  • तनाव से राहत के साथ -साथ रेलक्सेशन में भी मदद मिलती है।
  • बच्चे को आगे की ओर लाना और डिलीवरी और लेबर पेन के लिए सही स्थिति बनाना।
  • बच्चे को पीठ की ओर से आगे लाना।
  • आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का शरीर पर बेहतर प्रभाव
  • सही और अच्छी मुद्रा को प्रोत्साहित करता है।
  • नॉर्मल फिटनेस बनाए रखने में मदद करें।
  • अच्छे बैलेंस और कोर्डिनेशन को बढ़ावा देना।
  • प्रेगनेंसी के दौरान पीठ के दर्द में भी राहत दिलाता है।
  • पेट पर कंट्रोल और अवेर्नेस को बढ़ावा देता है।
  • पेल्विक फ्लोर टोन को बनाए रखने में मदद करता है और इससे भविष्य में गर्भाशय के आगे बढ़ने की संभावना को कम होती है।
  • यदि आप बेली डांस के लिए कोई क्लॉस जॉइन करती हैं तो अन्य महिलाओं से भी मिलती रहती है जिससे की मूड अच्छा रहता है और नॉलेज भी बढ़ती है।

बेली डांस को डिज़ाइन ही इस तरह से किया गया है की इससे महिलाओं का शरीर संतुलन में रहता है साथ ही अगर प्रेगनेंसी के दौरान किया जाये तो बच्चे को जन्म की स्थिति में लाने में नेचुरल तरीके से मददगार है। पैरो का मूवमेंट काफी मुश्किल होता है लेकिन डिलीवरी के लिए पैरों का मजबूत होना बहुत जरूरी है और बेली डांस आपके पैरों को मजबूत बनता है।

बेली डांस में इन बातों का भी रखें ध्यान

  • अगर आपकी प्रेगनेंसी में कोई कम्प्लीकेशन है तो इस न करें।
  • बहुत तेज -तेज न करें धीमे म्यूजिक पर आराम से करें।
  • प्रेगनेंसी के लिए बेली डांसिंग के दौरान बैक बेंड्स, तेज हिप ट्विस्ट, जंप और अपने हिप ड्रॉप्स, हिप लिफ्ट्स और फ्लिक्स से बचें।
  • अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखें, खूब सारा पानी पियें क्यूंकि यह एक स्ट्रांग एक्सरसाइज है।
  • डांस से एक या दो घंटे पहले हेल्थी ब्रेकफास्ट करें।
  • अगर आपको चक्कर और बेहोशी सी लगे तो फौरन रुक जाएं।

बेली डांस के अन्य फायदे क्या हैं?

बेली डांस के निम्नलिखित फायदें हैं, जिनमें शामिल हैंः

  • नियमित तौर पर इसे करने से हार्ट डिजीज, ओबेसिटी (मोटापा), थायरॉइड जैसी बीमारियों को बहुत ही जल्दी ठीक किया जा सकता है। यह डांस हमेशा म्यूजिक के साथ किया जाता है। जिसकी वजह से यह डिप्रेशन संबंधी बीमारियों से भी छुटकारा दिलाने में काफी मददगार हो सकता है।
  • यह डांस रेग्युलर करने से बॉडी की मसल्स फ्लेग्जिबल बनती हैं। साथ ही इससे डाइजेस्टिव सिस्टम भी हेल्दी रहता है और गैस या अपच जैसी समस्याएं भी नहीं होती हैं।
  • इसके स्टेप में हमारे लंग्स भी तेजी से वर्क करते हैं। ओवर ऑल बिगिनर्स के लिए यह डांस काफी बढ़िया है।
  • बिगिनर्स फिलिंग के साथ बेली डांस स्टेप करते हैं तो, एंडोरफिन हैप्पी हार्मोन रिलीज होता है, आप जितना उसे फील करेंगे, उतना ही माइंड और बॉडी के बीच कनेक्शन मजबूत होता है। एंडोरफिन एक हार्मोन होता है जो हमें खुशी और जीत का अनुभव कराता है। इसकी मदद से डिप्रेशन, चिंता या अन्य मानसिक समस्याओं से बहुत आसानी से डील किया जा सकता है

और पढ़ें : Calcium carbonate : कैल्शियम कार्बोनेट क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

नॉर्मल डिलिवरी के फायदे क्या हैं?

  • रिचर्स के बाद यह बात सामने आई है कि नैचुरल बर्थ के कारण न्यू बोर्न बेबी (new born baby) के माइंड में एक प्रोटीन रिलीज होता है जो ब्रेन डेवलपमेंट में सहायक होता है। ये प्रोटीन (UCP2) बच्चे की मेमोरी, सीखने की क्षमता और व्यवहार से संबंधित है। वहीं सी-सेक्शन (c-section) से पैदा हुए बच्चे में इस प्रोटीन का पाया जाना संभव नहीं हो पाता है। ये प्रोटीन ब्रेस्टमिल्क के प्रोडक्शन को बढ़ाने का भी काम करता है। मां में इस प्रोटीन की कमी से सिजेरियन बेबी को स्तनपान के दौरान समस्या हो सकती है।
  • नॉर्मल डिलिवरी से पैदा हुए बच्चे का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। शिशु प्रेग्नेंसी के समय ही मां के पेट से मेटरनल एंटीबॉडी (antibody) लेता है। साथ ही लेबर के दौरान बच्चे को एंटीबॉडी ट्रांसफर होती हैं। कैटेकॉलमिंस (catecholamines) के कारण वाइट ब्लड सेल्स में वृद्दि होती है। ये बेबी के इम्यून सिस्टम (immune system) को मजबूत करता है। नॉर्मल डिलिवरी के बाद मां का दूध पीने से बच्चे को वाइट ब्लड सेल्स (white blood cells) मिलती हैं जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करती हैं। स्टडी में ये बात सामने आई है कि सी-सेक्शन से पैदा हुए बच्चों में वाइट ब्लड सेल्स के डीएनए में अल्टरेशन हो जाता है। इस कारण उन्हें भविष्य में अस्थमा या डायबिटीज (मधुमेह) जैसी बीमारियों का शिकार होना पड़ सकता हैं।
  • नॉर्मल डिलिवरी के फायदे में ब्रेस्ट फीडिंग यानी स्तनपान को सबसे पहले शामिल किया जाता है क्योंकि गर्भ से बाहर आने के बाद बच्चे को मां का पहला दूध (कोलोस्ट्रम) फीड करवाना जरूरी होता है। सी-सेक्शन में ब्रेस्ट फीडिंग तुरंत पॉसिबल नहीं हो पाती है, लेकिन नॉर्मल डिलिवरी के बाद ऐसा संभव है। हो सकता है कि नेचुरल बर्थ के बाद मां और बच्चे को नींद का एहसास हो रहा हो, लेकिन उस दौरान फीड कराना जरूरी होता है।

बेली डांस डिलीवरी में कितना फायदेमंद है यह तो अब तक आप समझ ही गए होंगे इसलिए अगर आप चाहे तो इसके लिए क्लॉस जॉइन कर सकती हैं या फिर घर पर ही कोई अच्छी डी वी डी मंगाकर उससे प्रैक्टिस कर सकती हैं। आप चाहें तो इस बारे में अपनी डॉक्टर से भी सलाह ले लें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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सूत्र

belly-dancing-for-pregnancy http://www.natural-pregnancy-midwife.com/belly-dancing-for-pregnancy.html Accessed on 12/12/2019

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Benefits of Normal Delivery for Mom and Baby/https://parenting.firstcry.com/articles/benefits-of-normal-delivery-for-mom-and-baby/Accessed on 12/12/2019

लेखक की तस्वीर
Priyanka Srivastava द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 2 weeks ago को
Dr. Pooja Bhardwaj के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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