एग फ्रीजिंग क्या है, इसकी कीमत कितनी है?

    एग फ्रीजिंग क्या है, इसकी कीमत कितनी है?

    जो महिलाएं किन्हीं कारणों से अभी मां नहीं बनना चाहती वे अपना एग यानी अंडाणु फ्रीज करवाकर रख सकती हैं और कुछ सालों बाद जब वह गर्भधारण करना चाहें तो इन अंडाणु को स्पर्म के साथ फर्टिलाइज करके महिला के गर्भाशय में इंप्लांट किया जाता है। यदि आप भी एग फ्रीजिंग (Egg freezing) करवाने जा रही हैं तो एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया और इसके फायदों के बारे में जान लीजिए।

    एग फ्रीजिंग (Egg freezing) क्या है?

    एग फ्रीजिंग (Egg freezing) एक आधुनिक तकनीक है जिसकी मदद से महिला अपने अंडाणुओं को फ्रीज करके स्टोर करवा सकती हैं और आने वाले समय में जब भी वह मां बनना चाहे तो इन अंडाणुओं की मदद से वह अपनी ख्वाहिश पूरी कर सकती है। गर्भधारण के लिए एग (अंडाणुओं) को पिघलाकर स्पर्म के साथ फर्टिलाइज किया जाता है और फिर महिला के गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है। इस विकल्प से खासतौर पर कामकाजी महिलाओं को बहुत फायदा हुआ है, जो करियर की वजह से शादी के कुछ सालों बाद तक मां नहीं बनना चाहती।

    और पढ़ें : अनचाही प्रेग्नेंसी (Pregnancy) से कैसे डील करें?

    एग फ्रीजिंग (Egg freezing) की जरूरत किसे पड़ती है?

    जो महिलाएं कुदरती रूप से गर्भधारण कर सकती हैं और उन्हें फिलहाल मां बनने में कोई दिक्कत नहीं है। उन्हें एग फ्रीजिंग (Egg freezing) की आवश्यकता नहीं होती। यह प्रक्रिया उन महिलाओं के लिए है जो करियर या किसी और कारण से फिलहाल मां नहीं बनना चाहतीं, लेकिन भविष्य में उन्हें बच्चा चाहिए। इसके अलावा कैंसर या अन्य किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित महिला भी एग फ्रीजिंग करवाकर बाद में मां बन सकती हैं। इसके अलावा स्किल सेल एनीमिया, ऑटोइम्यून डिजीज या ट्रांसजेंडर होने पर भी इस तकनीक का उपयोग कर मां बना जा सकता है।

    एग फ्रीजिंग के फायदे (Benefits of Egg freezing)

    • आईवीएफ (IVF) तकनीक से गर्भधारण की स्थिति में एग फ्रीजिंग (Egg freezing) से आईवीएफ से कम प्रयास करने होते हैं, क्योंकि इसमें कम उम्र में ही अच्छी क्वालिटी के एग फ्रीज कर दिए जाते हैं यानी आईवीएफ के असफल होने की संभावना कम रहती है
    • इसकी बदौलत महिला अपनी मर्जी से गर्भधारण का समय चुन सकती है यानी उसे एक, दो या चार साल बाद मां बनना है यह निर्णय ले सकती है।
    • बच्चे की प्लानिंग से जुड़ा स्ट्रेस कम हो जाता है।
    • यदि किसी महिला को कैंसर या अन्य गंभीर बीमारी है तो वह इलाज शुरू करवाने से पहले एग फ्रीज करवा सकती हैं और उपचार के बाद इन एग की मदद से प्रेग्नेंट हो सकती हैं।

    और पढ़ें : एमनियॉटिक फ्लूइड क्या है? गर्भ में पल रहे शिशु के लिए के लिए ये कितना जरूरी है?

    एग फ्रीजिंग (Egg freezing) की प्रक्रिया के लिए तैयारी

    यदि आप एग फ्रीजिंग की तैयारी कर रही हैं, तो सबसे पहले कोई अच्छा फर्टिलिटी क्लिनिक तलाशें और अनुभवी डॉक्टर से सलाह लें। वह इस संबंध में आपको सही तरीके से गाइड करेगा। एग फ्रीजिंग (Egg freezing) की प्रक्रिया थोड़ी लंबी है और इसे शुरू करने से पहले आपका कई तरह का टेस्ट किया जाता है जिसमें शामिल हैः

    ओवेरियन रिजर्व टेस्टिंग- अंडाणुओं की मात्रा और गुणवता जांचने के लिए डॉक्टर पीरियड्स के तीसरे दिन ब्लड में फॉलिकल स्टिम्यूलेटिंग हाॅर्मोन (FSH) और एस्ट्रोजन के कॉन्संट्रेशन की जांच करता है। इसके परिणाम के आधार पर पता चलता है कि आपकी ओवरी फर्टिलिटी दवाओं के इस्तेमाल के बाद कैसे प्रतिक्रिया करेगी।

    [mc4wp_form id=”183492″]

    ओवरी की कार्यप्रणाली की और साफ तस्वीर के लिए डॉक्टर एक और ब्लड टेस्ट (Blood test) व अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) कर सकता है।

    इंफेक्शन डिसीज स्क्रिनिंग- कुछ संक्रामक रोग जैसे एचआईवी और हेपेटाइटिस बी व सी (Hepatitis B & C) के लिए आपकी जांच की सकती है।

    एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया (Process of Egg freezing)

    ओवरी को उत्तेजित करना

    दवा देकर ओवरी को उत्तेजित करके अधिक अंडाणु बनाने के लिए तैयार किया जाता है। एग फ्रीजिंग (Egg freezing) के लिए पीरियड्स के 21वें दिन से जीएनआरएच एनालॉग के साथ यह प्रक्रिया शुरू होती है और माहवारी आने तक जारी रहती है। इसके बाद गोनेडोट्रॉफीन हॉर्मोन का डोज देकर ओवरी को उत्तेजित किया जाता है। फिर पीरियड्स के दूसरे दिन से लेकर आने वाले 10-12 दिन तक रोजाना हाॅर्मोन्स के इंजेक्शन दिए जाते हैं। इस दौरान दवा का आपकी ओवरी पर क्या असर हो रहा है जांचने के लिए डॉक्टर ब्लड टेस्ट कर सकता है। 10 से 14 दिन के बाद अंडाणु पूरी तरह परिपक्व हो जाते हैं।

    अंडाणु निकालना

    अंडाणुओं के परिपक्व होने के बाद महिला को बेहोश करके अंडाणुओं को वजायना के जरिए इंजेक्शन के माध्यम से निकाला जाता है। निडल में एक सक्शन डिवाइस लगी होती है जिसकी मदद से अंडाणुओं को निकाला जाता है। एक साथ कई अंडाणु निकाले जाते हैं। अंडाणु निकालने के बाद आपको थोड़ा दर्द और दवाब महसूस होगा, क्योंकि ओवरी कुछ हफ्तों तक बड़ी रहती है।

    फ्रीजिंग

    अंडाणुओं को निकालने के बाद परिपक्वता के आधार पर उन्हें अलग किया जाता है और फिर अच्छी क्वालिटी वाले अंडाणुओं को लिक्विड नाइट्रोजन में रख दिया जाता है, जो कि माइनस- 196 डिग्री सेल्शियस से -320 डिग्री फारेनहाइट पर जमता है। अंडाणुओं को निकालने की प्रक्रिया करवाने के बाद आप एक हफ्ते में अपनी सामान्य दिनचर्या शुरू कर सकते हैं।

    और पढ़ें : प्रेग्नेंसी के सातवें महीने में एक्सरसाइज करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

    यदि आप भी एग फ्रीजिंग (Egg freezing) कराने की सोच रही हैं तो उससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें आपको पता होनी चाहिए।

    एग फ्रीजिंग (Egg freezing) की सही उम्र क्या है?

    एग फ्रीजिंग की वैसे तो कोई सही उम्र तय नहीं है, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि यह जितनी जल्दी कर दें परिणाम उतना ही अच्छा आएगा। आमतौर पर 20 और 30 की उम्र में एग फ्रीजिंग करवाना अच्छा होता है, क्योंकि 35 साल की उम्र के बाद महिलाओं की फर्टिलिटी (Female fertility) कम होने लगती है।

    एग फ्रीजिंग (Egg freezing) कितने समय के लिए की जा सकती है?

    एग फ्रीजिंग कितने सालों तक के लिए की जा सकती है, इस संबंध में किसी तरह की रिसर्च या अध्ययन नहीं हुआ है, लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 20 साल के बाद भी फ्रीज किए गए एग को भ्रूण के रूप में विकसित करके महिला के गर्भाशय में स्थानांतरित किया जा सकता है।

    और पढ़ें : हेल्थ इंश्योरेंस से पर्याप्त स्पेस तक प्रेग्नेंसी के लिए जरूरी है इस तरह की फाइनेंशियल प्लानिंग

    क्या एग फ्रीजिंग से किसी तरह का जोखिम जुड़ा है? (Risk factor of Egg freezing)

    चूंकि यह प्रक्रिया नई है, इसलिए इससे जुड़े जोखिमों पर बहुत रिसर्च नहीं हुई है, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो एग फ्रीजिंग से प्रेग्नेंसी में उतनी ही कॉम्पिलेकशन आ सकती है जितना की आईवीएफ की किसी भी अन्य तकनीक में। हालांकि यह साफ नहीं है कि यह कॉम्पिलेक्शन प्रक्रिया की वजह से आती है या फिर आईवीएफ करवाने वाले कपल में खुद ही किसी तरह की कॉम्पिलेक्शन्स होती है। एग फ्रीजिंग (Egg freezing) के लिए एसपिरेटिंग नीडल का उपयोग करें। यह ब्लड वेसल्स, ब्लैडर आदि को डैमेज होने से बचाने के साथ ही ब्लीडिंग से बचाएगी।

    और पढ़ें- क्या स्मोकिंग स्टिलबर्थ का कारण बन सकती है?

    एग फ्रीजिंग (Egg freezing) में क्या शामिल है?

    फ्रीज करने के लिए अंडाणु निकालने से पहले महिला को उसी तरह हाॅर्मोनल इंजेक्शन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है जैसा कि आईवीएफ में होता है। इन दोनों में बस इतना अंतर है कि अंडाणुओं को निकालकर स्पर्म के साथ तुरंत फर्टिलाइज नहीं किया जाता, बल्कि फ्रीज कर दिया जाता है। जब महिला गर्भधारण करना चाहती है तो अंडाणु को स्पर्म के साथ फर्टिलाइज करके गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है। एग फ्रीजिंग (Egg freezing) का चक्र पूरा होने में 3 हफ्ते लगते हैं और इसकी शुरुआती प्रक्रिया आईवीएफ तकनीक जैसी ही है। जिसमें शामिल हैः

    • कुदरती हाॅर्मोन को अस्थायी रूप से बंद करने के लिए 1-2 हफ्ते तक बर्थ कंट्रोल पिल्स दी जाती है (यदि किसी को जल्दी है या महिला की कैंसर थरिपी होनी है तो यह चरण छोड़ा जा सकता है)।
    • अंडाशय को अधिक अंडाणु बनाने के लिए उत्तेजित करने के लिए 9-10 दिन हार्मोन का इंजेक्शन दिया जाता है।
    • जब अंडाणु परिपक्व हो जाते हैं तो उन्हें वजायना के माध्यम से सुई डालकर निकाला जाता है। इस प्रक्रिया में दर्द नहीं होता, क्योंकि यह बेहोश करके किया जाता है।

    भारत में एग फ्रीजिंग (Egg freezing) की कीमत

    यह फर्टिलिटी मेडिसिन (Fertility medicine) में एक नई टेक्नोलॉजी है। इसमें दो प्रकार की कीमत है। एग्स को महिला से निकालने और उन्हें फ्रीज करने की पूरी प्रक्रिया की कीमत 50 हजार से 1 लाख रुपए के बीच पूरी हो सकती है। यह प्रॉसेस आईवीएफ (IVF Process) की तरह ही है। एक बार जब एग फ्रीज हो जाते हैं तो उन्हें फ्रोजन स्टेट में रखने की कीमत 15 हजार से 30 हजार रुपए सलाना हो सकती है।

    आजकल करियर और अन्य जिम्मेदारियों की वजह से जो महिलाएं जल्दी मां नहीं बनना उनके लिए एक फ्रीजिंग अच्छा विकल्प है। इस सबंध में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें।

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

    के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

    डॉ. प्रणाली पाटील

    फार्मेसी · Hello Swasthya


    Kanchan Singh द्वारा लिखित · अपडेटेड 31/08/2021

    advertisement
    advertisement
    advertisement
    advertisement