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डिप्रेशन रोगी को डेट कर रहे हैं? इन बातों का रखें खास ख्याल

डिप्रेशन रोगी को डेट कर रहे हैं? इन बातों का रखें खास ख्याल

डिप्रेशन रोगी को संभालना किसी भी परिवार या दोस्त के लिए एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। लेकिन, जरा सोचिए अगर आप किसी ऐसे शख्स से प्यार करते हैं, जो डिप्रेशन रोगी है, तो उसके साथ आपके रिश्ते का अनुभव कैसा रहेगा। यकीनन, आपको काफी समझदारी से काम लेना होगा। अगर आप डिप्रेशन रोगी को अगर डेट कर रहें है, तो कई बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी हो जाता है। यहां हम इसी बारे में जानेंगे कि डिप्रेशन के मरीज को डेट करने में क्या बातें ध्यान रखनी चाहिए।

क्या है डिप्रेशन?

डिप्रेशन का प्रभाव डिप्रेशन रोगी के साथ-साथ उससे संबंधित सभी लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकता है। डिप्रेशन मेंटल हेल्थ से जुड़ी एक समस्या होती है, जिसके होने पर रोगी छोटी-छोटी बातों में घबरा जाता है, अकेले और गुमसुम रहने लगता है, धीरे-धीरे किसी भी खुशी में भागीदार बनने से वो दूर रहने लगता है। डिप्रेशन रोगी में डिप्रेशन का स्तर अलग-अलग हो सकता है। हालांकि, डिप्रेशन रोगी हमारे और आप ही के जैसे व्यवहार करते हैं, जिसकी वजह से कई बार उनकी पहचान नहीं की जा सकती है।

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कब तक रहता है डिप्रेशन का प्रभाव?

डिप्रेशन दो सप्ताह से लेकर कई सालों तक रह सकता है। इसका प्रभाव व्यक्ति पर कब तक रहता है, यह उसकी मानसिक स्थिति और ट्रीटमेंट पर निर्भर करता है।

डिप्रेशन के कारण क्या हैं?

किसी व्यक्ति को डिप्रेशन होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर में परिवर्तन हो सकता है। नॉरपेनेफ्रिन और सेरोटोनिन शरीर में एक रासायनिक असंतुलन पैदा कर सकते हैं, जो डिप्रेशन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

इसके अलावा, शरीर में हॉर्मोनल परिवर्तन, जैसे गर्भावस्था या रजोवृत्ति से जुड़ी महिलाएं। इसके अलावा, अगर माता-पिता डिप्रेशन रोगी थे, तो इसका प्रभाव उनके बच्चे में भी देखा जा सकता है। हालांकि, अगर आप किसी डिप्रेशन रोगी को डेट कर रहें हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रख कर उनके डिप्रेशन को दूर किया जा सकता है।

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डिप्रेशन रोगी को कैसे करें प्यार?

1.डिप्रेशन होने के कारणों का पता लगाएं

अगर आपको लगे कि आपके साथी डिप्रेशन रोगी है, तो सबसे पहले उसके लक्षणों का ध्यान रखें। यह पता लगाएं कि उन्हें डिप्रेशन होने का कारण क्या है? क्या उनके परिवार का कोई सदस्य डिप्रेशन का शिकार रह चुका था? कभी-कभी डिप्रेशन का कारण आपका दोनों का खराब रिलेशन भी हो सकता है, जिसके बारे में आपको समझना होगा।

2.संतुलन बनाना सीखें

हर रिश्ते में संतुलन होना बहुत जरूरी होता है। उन्हें कब आपकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है और कब उन्हें प्राइवेसी देनी चाहिए, इसका ख्याल रखें। हालांकि, डिप्रेशन रोगी के साथ संतुलन बनाना मुशकिल हो सकता है। ऐसे में जब तक उनमें कुछ बदलाव नहीं होते, आपको सिर्फ उनकी जरूरतों को ख्याल पहले रखना है। जब भी उन्हें अकेले में बैठा देखें, उनसे बात करें। उन्हें नई-नई चीजों के बारे में बताएं या उनके साथ घूमने जाएं।

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3.उनसे बातें करें

बातचीत करना किसी को भी बेहतर महसूस कराने में मदद कर सकता है। इसलिए आप डिप्रेशन रोगी को कभी भी अकेले में न रहने दें। मौका मिलते ही आप उनसे बातें कर सकते हैं। आप उनके जीवन के अच्छे पलों को याद दिला सकते हैं। इस दौरान उनके दिमाग में क्या चल रहा है, इसका पता भी आसानी से लगाया जा सकता है। उन्हें एहसास दिलाते रहें कि आप वहां उनके लिए हैं और उनकी बातें सुनना आपको बहुत अच्छा लगता है।

4.सेक्स लाइफ पर भी ध्यान दें

डिप्रेशन रोगी होने के कारण आपका साथी शारीरिक संबंधों से दूरी बनाना शुरू कर सकता है। इसके लिए उन्हें कभी फोर्स नहीं करना चाहिए। ऐसे हालातों में आप उनके साथ रोमांटिक बातें कर सकते हैं। दोनों के साथ बिताए गए अच्छे पलों को याद दिला सकते हैं। लेकिन, डिप्रेशन रोगी को सेक्स ड्राइव बढ़ाने वाली दवाओं के प्रभाव से दूर रखें।

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5.अपना भी ख्याल रखें

डिप्रेशन के शिकार किसी भी व्यक्ति के साथ रहना हर किसी के लिए बहुत आसान नहीं हो सकता है। साथी का ख्याल रखने के साथ-साथ आपको अपना भी ख्याल रखना है। आपको अपने हेल्दी रिलेशनशिप के साथ अपनी हेल्थ का भी ध्यान रखना होगा। आपके मन में उन्हें छोड़ कर जाने का भी ख्याल आ सकता है लेकिन, आपको अपनी भावनाओं को कंट्रोल करना होगा। जब भी उनका ध्यान रखते हुए आपको इरिटेशन महसूस हो तो, आप अपने या उनके दोस्तों के साथ कहीं बाहर घूमने की योजना भी बना सकते हैं। इससे आप दोनों का ही मन बहल सकता है।

इसके अलावा, आप मनोचिकित्सक की भी सहायता लें सकते हैं। डिप्रेशन का ट्रीटमेंट लंबे समय तक चलने वाली क्रिया है। अगर आप दवाइयों का सहारा लें रहे हैं, तो तब तक ट्रीटमेंट जारी रखें जब तक डॉक्टर रोगी को पूरी तरह से स्वस्थ्य होने का इशारा न दें।

ध्यान रहे कि डिप्रेशन एक ऐसी समस्या है, जिससे समय रहते बाहर नहीं निकला गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि डिप्रेशन रोगी को पूरी केयर मिले और मानसिक रूप से उसका साथ दिया जाए। डिप्रेशन रोगी के साथ प्यार करना, उन्हें इमोश्नली सपोर्ट करना उनके डिप्रेशन से बाहर आने का अच्छा रास्ता हो सकता है। लेकिन ध्यान रहे कि कभी-कभी डिप्रेशन इतना बढ़ जाता है कि लोग इसके चलते आत्मघाती भी हो सकते हैं। अगर आप किसी डिप्रेशन रोगी को डेट कर रहे हैं, तो ऊपर बताई गई बातों का खास ध्यान रखें।

इसके अलावा, अगर आपको लगे कि व्यक्ति की समस्या ज्यादा बढ़ रही है, तो आप उन्हें मनोचिकित्सक के पास ले जाकर उचित इलाज भी करा सकते हैं। हो सकता है कि डॉक्टर रोगी की काउंसलिंग कर उसका इलाज करें।

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लेखक की तस्वीर
Dr. Hemakshi J के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Ankita mishra द्वारा लिखित
अपडेटेड 20/08/2019
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