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किसिंग से बढ़ सकता STD का खतरा, लेकिन इससे बचाव भी है आसान!

किसिंग से बढ़ सकता STD का खतरा, लेकिन इससे बचाव भी है आसान!

सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (Sexually transmitted diseases) या सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शंस (Sexually transmitted infections) वो इंफेक्शंस हैं, जो सेक्शुअल कांटेक्ट के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे तक पास होते हैं। यह कांटेक्ट आमतौर पर वजाइनल, ओरल और एनल सेक्स होता है। लेकिन, कई बार यह इंफेक्शन अन्य इंटिमेट फिजिकल कांटेक्ट के माध्यम से भी फैल सकता है जैसे किसिंग। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि क्या किसिंग से STD (STD from kissing) ट्रांसमिट हो सकता है या नहीं? इसके बारे में सही जानकारी होना आवश्यक है। क्योंकि यह इंफेक्शन गंभीर हो सकते हैं। तो आइए जानें किसिंग से STD (STD from kissing) के बारे में विस्तार से।

क्या किसिंग से STD की संभावना होती है? (STD from kissing)

सबसे पहले इसी सवाल का उत्तर जानते हैं कि क्या किसिंग से STD (STD from kissing) होने की संभावना होती है या नहीं? तो उत्तर यह है कि इंटरकोर्स और ओरल सेक्स की तुलना में किसिंग से STD (STD from kissing) की संभावना कम होती है। लेकिन, किसिंग से कई सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (Sexually transmitted diseases) हो सकती हैं जैसे साइटोमेगालोवायरस (Cytomegalovirus) यानी CMV, हर्पीस (Herpes) और सिफलिस (Syphilis)। जिसमें साइटोमेगालोवायरस (Cytomegalovirus) स्लाइवा में उपस्थित होता है और अन्य दोनों समस्याएं स्किन टू स्किन कांटेक्ट के माध्यम से फैल सकती हैं। खासतौर पर अगर संक्रमित व्यक्ति को कोई घाव हो, तो वो इन रोगों को अपने पार्टनर तक ट्रांसमिट कर सकता है। किसिंग, रिलेशनशिप का सबसे एक्साइटिंग पार्ट है। ऐसे में किसिंग से STD (STD from kissing) से बचने के लिए सबसे पहले अपने पार्टनर से इस बारे में सीधे तौर पर बात करना बेहद जरूरी है। अब जानते हैं किसिंग के माध्यम से फैलने वाले सामान्य STD के बारे में।

और पढ़ें: एसटीडी के बारे में सही जानकारी ही बचा सकती है आपको यौन रोगों से

किसिंग से कौन सी STD हो सकती हैं? (Types of STD from kissing)

मेडलाइनप्लस (MedlinePlus) के अनुसार पुरुष और महिलाएं दोनों ही सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (Sexually transmitted diseases) से प्रभावित हो सकते हैं। लेकिन, महिलाओं में यह समस्या गंभीर हो सकती हैं। अधिकतर हेल्दी लोगों के लिए किसिंग एक बहुत लो रिस्क सेक्शुअल एक्टिविटी है। लेकिन, कुछ STD या STI किसिंग के माध्यम से फैल सकती हैं। खासतौर पर अगर किसी को एक्टिव इंफेक्शन या अन्य लक्षण हों जैसे ओरल सोर्ज (Oral Sores)। जानिए इन इंफेक्शंस के बारे में:

हर्पीस (Herpes)

हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस के दो विभिन्न प्रकार हैं:

एचएसवी-1 (HSV-1)

एचएसवी-1 को ओरल हर्पिस (Oral Herpes) भी कहा जाता है। यह रोग आसानी से किसिंग से पास हो सकता है। पचास साल से कम उम्र के 67 परसेंट लोगों के शरीर में यह वायरस होना बेहद सामान्य है। इसका सबसे सामान्य लक्षण है मुंह या जेनिटल्स पर छोटे सफेद और लाल ब्लिस्टर होना। इनमें पस पड़ सकती है और खून आ सकता है। किसी एक्टिव सोर को टच या किस करने से यह वायरस ट्रांसमिट हो सकता है। कोई लक्षण न होने पर भी यह वायरस फैल सकता है। इसके साथ ही एचएसवी-1 स्लाइवा या अन्य चीजों जैसे संक्रमित बर्तन आदि से भी फैल सकता है। हालांकि ऐसा होना दुर्लभ है। एचएसवी-1 जेनिटल्स को भी प्रभावित कर सकता है व किसिंग से STD (STD from kissing) में यह रोग ओरल जेनिटल और एनल सेक्स (Anal Sex) के माध्यम से फैल सकता है

एचएसवी -2 (HSV-2)

एचएसवी-2 को जेनिटल हर्पीस (Genital herpes) भी कहा जाता है। यह वायरस किसिंग की तुलना में सामान्य रूप से सेक्शुअल कांटेक्ट के माध्यम से फैलता है जैसे ओरल, जेनिटल या एनल सेक्स। लेकिन, माउथ टू माउथ ट्रांसमिशन भी संभव है। इसके लक्षण भी एचएसवी-1 के समान ही होते हैं। एचएसवी-1 और एचएसवी-2 दोनों का पूरी तरह से इलाज संभव नहीं है। लेकिन, इनके अधिकतर मामलों में आप लक्षणों या जटिलताओं का अनुभव नहीं करते हैं। एक्टिव इंफेक्शंस के लिए आपके डॉक्टर एंटीवायरल मेडिकशंस जैसे एसाइक्लोविर (Acyclovir) की सलाह दे सकते हैं।

और पढ़ें: क्या है सेक्शुअल ट्रांसमिटेड डिजीज, कैसे करें एसटीडी से बचाव?

साइटोमेगालोवायरस (Cytomegalovirus)

साइटोमेगालोवायरस एक वायरल इंफेक्शन है। जो ऐसे स्लाइवा के माध्यम से या कांटेक्ट में आने से फैल सकता है, जिसमें वायरस होता है। यह निम्नलिखित फ्लुइड्स के माध्यम से भी ट्रांसमिट हो सकता है, अगर इनमें साइटोमेगालोवायरस हो:

  • यूरिन (Urine)
  • खून (Blood)
  • सीमेन (Semen)
  • ब्रेस्ट मिल्क (Breast milk)

इसे सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शंस (Sexually transmitted infections) कहा जाता है, क्योंकि यह आमतौर पर ओरल, एनल और जेनिटल सेक्शुअल कॉन्टेक्ट्स से ट्रांसमिट होते है। साइटोमेगालोवायरस के लक्षण इस प्रकार हैं:

  • थकावट (Fatigue)
  • गले में खराश (Sore throat)
  • बुखार (Fever)
  • शरीर में दर्द (Body aches)

साइटोमेगालोवायरस का इलाज संभव नहीं है। लेकिन, अधिकतर मामलों में इससे पीड़ित व्यक्ति में इस समस्या का कोई भी लक्षण नजर नहीं आता है। हर्पिस की तरह इसके लक्षण भी तभी नजर आते हैं, जब आपका इम्यून सिस्टम कमजोर हो। यही नहीं, इसका इलाज भी हर्पिस की तरह ही होता है।

किसिंग से STD

और पढ़ें: एड्स के कारण दूसरी STDs होने के जोखिम को कम करने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स

सिफलिस (Syphilis)

सिफलिस एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जो आमतौर पर किसिंग से ट्रांसमिट नहीं होता है। यह सामान्यतया ओरल, एनल या जेनिटल सेक्स के माध्यम से फैलता है। लेकिन, सिफलिस के कारण मुंह में सोर्ज यानी घाव हो सकते हैं, जिससे किसिंग द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे व्यत्कि तक बैक्टीरिया ट्रांसमिट हो सकते हैं। डीप और फ्रेंच किसिंग जिसमें एक-दूसरे की जीभ टच करती है, से इस इंफेक्शन की संभावना बढ़ती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस तरह से वायरस के संपर्क में आने की संभावना अधिक होती है। सिफलिस का अगर उपचार न किया जाए, तो यह गंभीर या जानलेवा हो सकती है। किसिंग से STD (STD from kissing) में इस रोग के गंभीर लक्षण इस प्रकार हैं:

  • बुखार (Fever)
  • सिरदर्द (Headache)
  • गले में खराश (Sore throat)
  • लिम्फ नोड में सूजन (Lymph node swelling)
  • बालों का झड़ना (Losing hair)
  • शरीर में खुजली (Body aches)
  • असामान्य धब्बे, फुंसी या मस्से (Abnormal spots, pimples, or warts)
  • नजर का खराब होना (Vision loss)
  • हार्ट कंडिशंस (Heart conditions)
  • मेंटल हेल्थ कंडिशंस जैसे न्यूरोसिफलिस (Neurosyphilis)
  • ब्रेन डैमेज (Brain damage)
  • मेमोरी लॉस (Memory loss)

सिफलिस के शुरुआती उपचार में एंटीबायोटिक्स जैसे पेनिसिलिन (Penicillin) का प्रयोग किया जाता है। जो बैक्टीरिया के उपचार में बेहद फायदेमंद हैं। अगर आपको यह समस्या है, तो आप अपने डॉक्टर से बात करें। ताकि, जल्दी उपचार हो सके और आप लॉन्ग टर्म कॉम्प्लीकेशन्स से बच सकें। यह तो थी किसिंग से STD (STD from kissing) के बारे में जानकारी। अब जानिए कि किसिंग से अन्य कौन सी बीमारियां फैल सकती हैं?

और पढ़ें: STD: सुरक्षित संभोग करने की डाले आदत, नहीं तो हो सकता है इस बीमारी का खतरा

किसिंग से STD के अलावा फैलने वाली अन्य बीमारियां कौन सी हैं?

स्लाइवा या ओरल सोर्ज के संपर्क से व्यक्ति जिन समस्याओं का सामना कर सकता है, वो इस प्रकार हैं:

  • इंफेक्शियस मोनोन्यूक्लियोसिस (Infectious mononucleosis)
  • इंफ्लुएजा (Influenza)
  • कोरोना वायरस (Coronaviruses)
  • मेनिंजाइटिस (Meningitis)
  • मम्प्स (Mumps)
  • पोलियो (Polio)
  • रूबेला (Rubella)
  • ज़ीका (Zika)
  • डेंगू फीवर (Dengue fever)
  • येलो फीवर (Yellow fever)
  • रेबीज (Rabies)

और पढ़ें: प्रेग्नेंसी में STD से बचाव: प्रेग्नेंसी में यौन संचारित रोगों से बचने के टिप्स

यह तो थी बीमारियों की वो लिस्ट जो किसिंग के कारण फैल सकती हैं। लेकिन, कुछ ऐसी सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (Sexually transmitted diseases) भी हैं जो किसिंग से ट्रांसमिट नहीं होती हैं।

ऐसी STD’s जो किसिंग से नहीं फैलती हैं

कुछ ऐसी STD भी हैं, जो सेक्शुअल कांटेक्ट या एक्सपोज़र से तो फैल सकती हैं, लेकिन किसिंग से नहीं फैलती हैं। यह रोग इस प्रकार हैं:

  • हेपेटाइटिस (Hepatitis)
  • ट्राइकोमोनिएसिस (Trichomoniasis)
  • एचआईवी (HIV)

यह बात तो आप जान ही चुके होंगे कि किसिंग से STD (STD from kissing) ट्रांसमिट हो सकती हैं और यह गंभीर भी हो सकती हैं। लेकिन कुछ तरीकों से इन रोगों के फैलने से बचा जा सकता है। जानिए इनके बारे में विस्तार से।

और पढ़ें: क्या टाइप 1 डायबिटीज और सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिसीज (STD) में संबंध है?

किसिंग से STD को फैलने से कैसे रोका जा सकता है? (Prevention of STD from kissing)

किसिंग से STD (STD from kissing) को फैलने से रोकने के लिए ऐसे किसी भी व्यक्ति को किस करने से बचें, जिन्हें ओपन सोर्ज (Open Sores) की समस्या हो। हालांकि, ज्यादातर अगर किसी को सेक्शुअल ट्रांसमिटेड डिजीज हों, तो उन्हें इस बारे में पता भी नहीं होता कि उन्हें यह समस्या है। ऐसे में, बिना किसी लक्षणों के कारण वो इन्हें दूसरे व्यक्ति तक ट्रांसमिट कर सकते हैं। अगर आपको लगता है कि आपके पार्टनर को ओपन सोर्ज की समस्या है या STD के लक्षण हैं, तो उन ओपन सोर्ज को छुनें या किसिंग से तब तक बचें, जब तक वो पूरी तरह से ठीक न हो जाएं। अगर आपको ऐसा लगता है कि आपको STD है, तो आप सबसे पहले इसकी जांच और इसका उपचार कराएं। ताकि यह रोग आपके पार्टनर तक न ट्रांसमिट न हो। STD ट्रांसमिशन से बचने के लिए आप इन उपायों को भी अपना सकते हैं:

  • जेनिटल, एनल या ओरल सेक्स से पहले कंडोम का प्रयोग करें।
  • HPV और हेपेटाइटिस B (Hepatitis B) से वैक्सीनेशन कराएं।
  • समय-समय पर अपना और अपने पार्टनर का टेस्ट कराएं ताकि आपको अपने STD स्टेटस का पता चल सके और जरूरत पड़ने आप सही उपचार करा पाएं।
  • एसटीडी और ऐसी समस्याओं के बारे में अपने पार्टनर से खुल पर बात करें।
  • अगर आप इस समस्या से बचना चाहते हैं तो ध्यान रखें कि आपका एक ही सेक्शुअल पार्टनर हो

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यह तो थी किसिंग से STD (STD from kissing) के बारे में जानकारी। हालांकि, अधिकतर सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (Sexually transmitted diseases) या सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शंस (Sexually transmitted infections) किसिंग से ट्रांसमिट नहीं होते हैं। लेकिन कुछ सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज या इंफेक्शन इससे फैल सकते हैं। इसलिए सबसे पहले तो आपको इसके बारे में पूरी तरह से जानकारी होनी चाहिए। ताकि आप इनसे बचने के लिए जरूरी सावधानियों को बरत सकें। इसके साथ ही अपने पार्टनर से इस बारे में बात करना और किसी भी तरह की सेक्शुअल एक्टिविटी से पहले अपना और अपने पार्टनर की जांच कराना भी एक अच्छा उपाय है। इससे न केवल आपकी चिंता दूर होगी बल्कि आप इस समय का पूरी तरह से आनंद भी ले पाएंगे। अगर आप इस समस्या को लेकर चिंतित हैं या आपके मन में कोई भी सवाल है, तो अपने डॉक्टर से अवश्य इस बारे में पूछें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट एक हफ्ते पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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