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फीमेल ऑर्गेज्म से जुड़े सवाल और उनके जवाब जानने के लिए पढ़ें ये आर्टिकल

फीमेल ऑर्गेज्म से जुड़े सवाल और उनके जवाब जानने के लिए पढ़ें ये आर्टिकल

सेक्स में ऑर्गज्म की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सेक्स का पूरा आनंद उठाने लिए पहले आपको ऑर्गेज्म के बारे में भी जानना होगा। ऑर्गेज्म की अच्छी सेक्शुअल लाइफ में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऑर्गेज्म में कमी कई बार आपकी सेक्शुअल लाइफ को खराब कर सकती है। कई पीछे होने के कई कारण हो सकते हैं। तो ऐसे में जरूरी सवाल यह है कि इस दिक्कत को ठीक कैसे किया जाए। फीमेल ऑर्गेजम से जुड़े सवाल (Questions related to female orgasm) को लेकर कई बाते होती हैं महिलाओं के मन में। तो आइए जानें फीमेल ऑर्गेजम से जुड़े सवाल (Questions related to female orgasm) और उनके जवाब।

और पढ़ें:आखिर जी स्पॉट है क्या? इससे कैसे मिल सकता है ऑर्गेज्म का प्लेजर

फीमेल ऑर्गेज्म (Female orgasm) क्या है?

फीमेल ऑर्गेजम से जुड़े सवाल के जवाब जानने के लिए पहले आपका यह जानना जरूरी है कि फीमेल ऑर्गेज्म है क्या? फीमेल ऑर्गेज्म के कई प्रकार के होते हैं और सेक्स के दौरान इन सभी की अलग-अलग भूमिका। महिलाओं में ऑर्गेज्म को लेकर कई रिसर्च में भी पता चला हे कि अगर समय कि बात करें, तो महिलाओं को ऑर्गेज्म तक पहुंचने में औसतन 14 मिनट 25 सेकेंड लगता है। कई महिलाओं में इसका समय कम या अधिक भी हो सकता है। लेकिन हुए रिसर्च में अधिकतर महिलाओं में यह समय औसतन देखा गया है। कई अध्ययनों में भी पाया गया है कि फीमेल ऑर्गेज्म में महिलाओं को अपर सेक्स पोजिशन ज्यादा अच्छी लगती हैं। लगभग 90 फीसदी महिलाएं सेक्स के दौरान पुरुष पार्टनर के ऊपर रहना ज्यादा पसंद करती हैं। इस तरह की पोजिशन को विमन ऑन टॉप पोजिशन कहा जाता है, यानि कि टॉप उनका फेवरेट सेक्स पोजिशन (Sex Position) है। फीमेल ऑर्गेज्म महिलाओं के हेल्थ के लिए काफी अच्छा माना जाता है।

और पढ़ें:क्या होता है निप्पल ऑर्गेज्म? पार्टनर को स्पेशल फील कराने के लिए अपनाएं ये टिप्स

फीमेल ऑर्गेज्म के फायदे (Benefits of female orgasm)

महिलाओं में फीमेल ऑर्गेज्म के कई फायदे होते हैं। यह उनके शरीर में रक्त संचार को बढ़ाने के साथ तनाव को भी कम करने में सहायक है। सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म पान में महिलाओं के जननांगों में रक्त का संचार बढता जाता है। सेक्स के दौरान जैसे-जैसे योनि की उत्तेजना बढ़ती है, वैसे ही दिल की धड़क्कन, रक्तचाप और श्वास दर भी बढ़ सकता है, जो शरीर में खून के प्रवाह और ऑक्सिजन लेवल को बढ़ाने में मदद करता है। जिन महिलाओं में स्ट्रेस अधिक होता है, उनमें भी ऑर्गेज्म तनाव को दूर करने में मदद करता है। तनाव कई बार रिश्ते और खराब सेक्शुअल लाइफ का कारण हो सकता है। तो ऐसे में महिलाओं में ऑर्गेज्म की प्राप्ति काफी हद तक उनमें मानसिक तनाव को कम करने में मददगार हो सकती है। तनाव कम होने से उनकी सेक्शुअल लाइफ भी काफी अच्छी होगी।

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महिलाओं को ऑर्गेज्म न होने के मुख्य कारण क्या है?

महिलाओं को ऑर्गेज्म न होने के कई मुख्य कारण हो सकते हैं, जो उनके तनाव को बढ़ाने के साथ उनकी सेक्शुअल लाइफ को भी खराब कर सकते हैं। इन कारणों में शामिल हैं:

ऑक्सिटोसिन की कमी (Oxytocin)

ऑक्सिटोसिन को “लव” हाॅर्मोन के नाम से भी जाना जाता है। यह हाॅर्मोन ऑर्गेज्म यानिक कि चरम सीमा में रिलीज होना बहुत जरूरी है। जब ऐसा नहीं हो पाता हैं, तो इसे ऑर्गेम में कमी माना जाता है, यानि कि महिला में ऑर्गेज्म कम होना। जिस कारण भी महिलाओं में सेक्स के प्रति रूचि कम होने लगती है। कई यौन रोग विशेषज्ञों के अनुसार यदि आपका शरीर इसका पर्याप्त उत्पादन नहीं कर रहा है, तो आपको ऑर्गेज्म तक पहुंचने में मुश्किल हो सकती है। अधिक स्ट्रेस की वजह से भी ऑक्सिटोसिन हॉर्मोन के रिलीज (Oxytocin) का उत्पादन कम हो सकता है। यही कारण भी हो सकता है कि महिलाओं को ऑर्गेज्म का अनुभव नहीं हाे पाता है।

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मेडिकेसन बन सकता है बाधा

यदि आपकी सेक्सुअल लाइफ खराब हो रही है, तो इसका एक कारण आपका चल रहा मेडिकेसन भी हाे सकता है। कई दवाओं के बहुत सारे साइडइफेक्ट्स देखने काे मिलते हैं, जो शरीर में प्रोलैक्टिन (Prolactin) नामक हाॅर्मोन के स्तर में बढ़ोतरी करते हैं। यह एक ऐसा हॉर्मोन है, जो आपके सेक्स ड्राइव (Sex drive) की कमी का कारण बन सकता है और ऑर्गेज्म तक पहुंचने से रोकता है। सेक्स ड्राइव को प्रभावित करने वाली अन्य दवाओं में शामिल है, ब्लड प्रेशर (Blood pressure) की दवाएं, गर्भ निरोधक गोलियां (Contraceptive pills) और एंटीडिप्रेसेंट (Antidepressant) आदि।

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मास्टरबेशन में होने वाली दिक्कत

सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म को चरम सीमा में प्राप्त करने के लिए स्वयं को हस्तमैथुन (Masterbetion) द्वारा कितनी बार संतुष्ट किया है, यह बात भी महत्वपूर्ण रखती है। यदि आपने बार-बार हस्तमैथुन द्वारा ऑर्गेज्म का आनंद लिया है, तो यह आपके साथी के साथ सेक्स (Sex) के अंत में ऑर्गेज्म मिलने की संभावना को सीधे प्रभावित करता है।

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जानिए फीमेल ऑर्गेजम से जुड़े सवाल और उनके जवाब

सेक्स और फीमेल ऑर्गेज्म से संबंधित बातों को लेकर अक्सर महिलाएं हिचकिचाती हैं। कई महिलाएं सेक्स के विषय में बात करने को शर्मनाक मानती हैं, तो कई हिचकिचाहट में खुलरकर बात नहीं कर पाती हैं। यदि आपके मन में कई सवाल हैं, तो उनके जवाब जवाब यहां पढ़ें:

मुझे ऑर्गेज्म के बारे में पता नहीं है, कैसे पता करूं?

सभी महिलाएं ऑर्गैज्म के अलग-अलग स्टेज में विभिन्न व्यवहार करती हैं। जब आपके पार्टनर ऑर्गैज्म के बाद खुद के फिजिकल रिएक्सन से जाहिर करेगी, तो उससे आपको आपको पता चल जाएगा। इसके अलावा आप उनसे डायरेक्टली पूछ सकते हैं। आप अपने पार्टनर से खुद से खुद भी इसके बारे में पूछ सकते हैं। जोकि बेहद जरूरी है। सेक्स के बारे में पार्टनर से खुलकर बात करना आपकी सेक्शुअल लाइफ के लिए अच्छा है

और पढ़ें: सेक्स थेरेपी और काउंसलिंग से दूर करें अपनी सेक्शुअल लाइफ की मुश्किलें!

ऑर्गेज्म और क्‍लाइमैक्‍स के लिए लूब्रिकेंट (Lubricant) क्या जरूरी है?

लूब्रिकेंट (Lubricant) को लेकर भी काफी कन्फ्यूजन रहता है। अक्‍सर यह माना जाता है कि महिलाओं का प्राइवेट पार्ट नैचरली लुब्रिकेटिड रहता है इसलिए उन्‍हें लूब्रिकेंट की जरूरत नहीं होती। ऐसा नहीं है, मार्केट में कई लूब्रिकेंट मौजूद हैं जो उत्तेजना को बढ़ाते भी हैं। इसे प्रयोग करके आप सेक्‍स ड्राइव को बेहतर कर सकती हैं।

और पढ़ें:कई लोगों के साथ ओरल सेक्स करने से काफी बढ़ जाता है सिर और गले के कैंसर का खतरा

कितनी बार मास्‍टरबेशन कर सकती हूं?

अक्‍सर मास्‍टरबेशन को लोग गलत मानते हैं। आपकी सेक्स लाइफ जितनी अच्छी होगी, इससे आपकी हेल्थ भी अच्छी होगी। सबसे बड़ी बात खुद से प्‍यार दिखाने में शर्म कैसी। मास्‍टरबेशन से आपको अपने शरीर के उन हिस्सों के बारे में भी जानने को मिलता है, जहां पार्टनर के स्पर्श से आपको अच्छा महसूस होगा। जो महिलाओं में ऑर्गेज्म बढ़ाने को मददगार है।

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क्या मैं अकेली हूं, जिसे ऑर्गेज्म से जुड़ी परेशानी हो रही है?

यह लोगों की गलत धारण है, यह समस्या बहुत सारी महिलाओं के साथ होती है, बस वो इसे बताती नहीं हैं। अधिक महिलाओं को फीमेल ऑर्गेज्म के बारे में बात करने में शर्मिदगी होती हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि ऐसा करना संकोच की बात है। इसलिए आपको इस बारे में शर्माना नहीं चाहिए। अगर आपके मन में फीमेल ऑर्गेज्म को लेकर कोई सवाल है या आपकी इसकी वजह से आपके सेक्सशुअल लाइफ में परेशानी आ रही है, तो ऐसे में हिचकिचाना नहीं चाहिए। इस बारें खुलकर बात करें।

और पढ़ें: फिंगर सेक्स(Finger sex): सेक्स के इस तरीके के बारे में जानकारी हैरान कर देगी आपको!

अगर ऑर्गैज्म न हो तो क्या मैं असामान्य हूं?

कुछ महिलाओं को हो सकता है कि उन्हें ऑर्गैज्म तक पहुंचने में काफी समय लग सकता है। ऐसे में वह खुद की सेक्स लाइफ खराब मानने लगती हैं। कई बार इसकी वजह आपके साथी का रिएक्शन भी हो सकता है। हो सकता है कि आपका पार्टनर आपको सही तरीके से उत्तेजित नही कर पा रहा हो। अगर आप इस तरह की परेशानी का समाना कर रही हैं, तो इसमें ओरल सेक्स आपकी मदद कर सकता है।

और पढ़ें:पुरुषों में ही नहीं महिलाओं में भी होती है हाई सेक्स ड्राइव, जानें क्या होती हैं उनकी चुनौतियां

क्या एक्सरसाइज (Exercise) करने से ऑर्गैज्म बढ़ता है?

एक्सरसाइज सेहत के लिए हर तरह से अच्‍छी होती है। इसके कई हेल्थ बेनेफिट्स (Health Benefits) के साथ यह आपकी सेक्स ड्राइव के लिए भी अच्छा है। स्ट्रेंथ पॉवर को बढ़ाने के साथ, ऑर्गैज्म तक को बढ़ाने के लिए एक्सरसाइज मददगार है। इससे प्राइवेट पार्ट के मसल्‍स मजबूत होते हैं, तो सेक्‍स में आप ऑर्गैज्म को आसानी से हासिल कर लेती हैं।

क्‍या क्लिटरिस (Clitoris) में खराबी हो सकती है?

छोटी सी दिखने वाली क्लिटरिस अंदर से काफी गहरी और मजबूत होती है। मास्‍टरबेशन के दौरान (During masterbation) इसको टच करते रहने से क्‍या इसे नुकसान हो सकता है? इसका जवाब है नहीं। महिलाओं का यह अंग ही उन्‍हें उत्तेजना प्रदान करता है, ऐसे में नुकसान कैसा।

और पढ़ें:Quiz: क्या आप सेक्स करने के लिए दिमागी रूप से हैं तैयार?

बेहतर ऑर्गैज्म क्‍या है?

कई महिलाएं ऐसी हैं जो सेक्‍स के वक्‍त बेहतर ऑर्गैज्म हासिल कर पाती हैं। इसके लिए आप वजाइनल सेक्‍स के साथ-साथ सेक्‍स टॉय का भी प्रयोग कर सकती हैं।

क्या क्लिटोरल ऑर्गेज्म और जी-स्पॉट ऑर्गेज्म में कोई अंतर है?

कई महिलाओं को लगता है कि योनि ओर्गास्म क्लिटोरल ओर्गास्म की तुलना में किसी तरह “बेहतर” है, या यहां तक ​​​​कि जैसे कि क्लिटोरल ऑर्गेज्म वास्तव में “काउंट” नहीं करता है। दोनों में वास्तविक भेद नहीं है; जो भी आपके लिए अधिक स्वाभाविक और सुखद लगता है, वह सब मायने रखता है।

वास्तव में, यह बताना मुश्किल है कि क्या वास्तव में दो प्रकार के ओर्गास्म में अंतर है। ओ’रेली बताते हैं, “कामुकता किसी विशेष तकनीक या शरीर के अंग के आधार पर श्रेणियों में अच्छी तरह फिट नहीं होती है।” “क्लिटोरल कॉम्प्लेक्स न केवल योनि नहर के करीब स्थित है, बल्कि इसके कुछ हिस्से वास्तव में योनि को घेरते हैं, जिससे आनंद और संभोग के सटीक स्रोत को अलग करना मुश्किल हो जाता है।”

यदि आप प्रवेश के माध्यम से कामोन्माद करते हैं, तो वे ओर्गास्म क्लिटोरल वाले से अलग महसूस कर भी सकते हैं और नहीं भी। ओ’रेली कहते हैं, यह संभव है कि वे करेंगे क्योंकि विभिन्न तंत्रिकाओं को उत्तेजित किया जा रहा है। लेकिन अगर आप केवल भगशेफ के माध्यम से संभोग करते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप किसी ऐसे व्यक्ति की तुलना में कम आनंद का अनुभव कर रहे हैं जो प्रवेश के माध्यम से संभोग करता है।

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क्या होगा अगर मुझे कामोन्माद में बहुत समय लगता है?

बहुत सी महिलाएं अपने यौन सुख के लिए समय या ध्यान के अयोग्य महसूस करने के साथ संघर्ष करती हैं। लेकिन कभी-कभी ऑर्गेज्म समय लेता है, खासकर जब आप पहली बार संभोग कर रहे हों या किसी साथी के साथ अपना पहला संभोग सुख प्राप्त कर रहे हों। आपके संभोग के लिए कोई समय सीमा नहीं है। जैसे-3ैसे आपकी सेक्शुअल लाइफ अच्छी होती जाएगी, उतना ही ऑर्गेज्म आपके लिए आसान हो जाएगा और आप उतना ही ऑर्गेज्म का चरम सुख प्राप्त कर पाएंगी।

और पढ़ें: सेक्स के दौरान पुरुषों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियां

फीमेल ऑर्गेजम से जुड़े सवाल और उनके कुछ जवाबों के बारे में आपने जाना यहां। ऑर्गेज्म के बारे में लोगों को बात करने से शर्माना नहीं चाहिए, खासकर महिलाओं को भी। इससे आपकी सेक्सुअल लाइफ भी अच्छी हो जाएगी। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए डाॅक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 03/08/2021 को
और Admin Writer द्वारा फैक्ट चेक्ड
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