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लिली सिंह ने बताया अपना राज, जानिए क्यों लोग बन जाते हैं 'बाइसेक्शुअल'

लिली सिंह ने बताया अपना राज, जानिए क्यों लोग बन जाते हैं 'बाइसेक्शुअल'

खुल्लम-खुल्ला अपनी लैंगिकता के बारे में बात करने से हर कोई कतराता है। क्योंकि, यह मुद्दा न सिर्फ उनके जीवन का राज खोता है, बल्कि समाज में उन्हें शर्मिंदगी का पात्र भी बना सकता है। वहीं, जब ये मामला किसी चर्चित स्टार से जुड़ा हो, तो वह एक पल में ही अपना सब कुछ खो सकता है। फेमस यूट्यूबर लिली सिंह का नाम भी इसी लिस्ट में शामिल हैं।

लिली सिंह ने हाल ही में सोशल मीडिया के एक पोस्ट के जरिए कहा है कि वह बाइसेक्शुअल हैं, यानी निजी तौर पर उन्हें महिलाएं और पुरुष दोनों ही पसंद हैं। इसके उदाहरण आपको बॉलीवुड और हॉलीवुड में भी मिल सकते हैं। हालांकि, बहुत से चर्चित लोग इस बारे में अभी भी सरे आम कुछ बोलने से डरते हैं।

कौन हैं लिली सिंह ऊर्फ सुपरवुमन?

26 सितंबर, 1988 को जन्मीं भारतीय-कैनेडियन मूल की लिली सिंह एक फेमस यूट्यूबर, कॉमेडियन, इंफ्लूएंसर, सिंगर और एक्टर हैं। वो बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड में अपनी एक अच्छी पहचान बना चुकी हैं। साल 2010 में उन्होंने पहली बार यूट्यूब की दुनिया में कदम रखा और अब उनके फॉलोवर्स 150 लाख से भी ज्यादा हैं। लिली सिंह कई बार दुनिया की बेस्ट इंफ्लूएंसर का खिताब भी जीत चुकी हैं। यू ट्यूब पर Superwoman नाम से उनका यू ट्यूब चैनल है।

30 साल की लिली सिंह स्वाभाव से बोल्ड और बेबाक मानी जाती हैं। यही वजह भी है कि वो न सिर्फ लाखों युवाओं को प्रेरित करती हैं, बल्कि उनकी चहेती भी हैं। साथ ही, बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा उनकी बेस्ट फ्रेंड भी हैं।

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रह चुकी हैं डिप्रेशन का शिकार

लिली सिंह ने साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन की है। कॉलेज के फाइनल ईयर में जब उनके दादा का देहांत हुआ, तो वह डिप्रेशन में चली गईं, जिससे उबरने में उन्हें बहुत समय लगा। कॉलेज के बाद उन्हें क्या करना चाहिए, यह सवाल उन्हें बहुत परेशान करने लगा, जिसके बाद उन्होंने खुद को समझने के लिए समय दिया।

लिली सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया, “मैने कई अपने मास्टर्स की पढ़ाई करने के लिए एप्लिकेशन लिखा लेकिन, उसे कभी सब्मिट नहीं किया। एक बार पूरे परिवार के साथ मैं मैक्सिको गई थी, जहां लोग आस-पास घूम रहे थे। वहीं, मैं अकेले बैठे-बैठे सोच रही थी कि मैं क्या करना चाहती हूं? मुझे क्या खुश करता है? और मुझे इसका जवाब मिला कि लोगों को हंसाने में मुझे आनंद आता है और तभी से मेरे मन में यूट्यूब का ख्याल आया था।”

आज के समय में लिली सिंह न सिर्फ दूसरों को जी भर हंसाती हैं, बल्कि 2017 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली यूट्यूबर भी थीं।

लैंगिकता बताने से लगता था डर

अपने लैंगिकता के बारे में लिली सिंह ने एक वीडियो में कहा, “अपने लिंग, रंग और लैंगिकता की वजह से मुझे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। पहले मुझे अपने बाइसेक्शुअल होने से डर लगता था लेकिन, अब मुझे इसकी परवाह नहीं है। मेरी लैंगिकता के बारे में जानने के बाद मुझे मेरे फॉलोवर्स और फैंस का भरपूर साथ मिला। सबकी तरफ से मुझे सकारात्मकता ही मिली है और अब मैं बहुत खुश हूं, क्योंकि मैं अपने फैंस के साथ ईमानदार हूं।”

जानिए फैंस का जवाब

लिली की सच्चाई जानने के बाद एक यूजर ने उन्हें कमेंट करते हुए लिखा, “आप पर गर्व है। बहुत खुशी हुई कि आपने खुलकर यह बात स्वीकार की।” वहीं, एक अन्य यूजर ने कमेंट में लिखा है, “ओह माय गॉड…मैं यह जानती थी।”

पढ़िए लिली सिंह का पोस्ट

Throughout my life these have proven to be obstacles from time to time. But now I’m fully embracing them as my superpowers.

No matter how many “boxes” you check, I encourage you to do the same x

❤️🧡💛💚💙

— Lilly // #LateWithLilly (@Lilly) February 25, 2019

किस वजह से लिली युवाओं के लिए प्रभावशाली व्यक्ति हैं

बहुत कम लोग ऐसे होते हैं, जो अपनी सेक्शुअल लाइफ को खुलकर लोगों के सामने रखते हैं। जिस तरह लिली सिंह ने अपनी सेक्शुअल लाइफ को लोगों के सामने रखा है। वह किसी बड़े बदलाव से कम नहीं है, लिली सिंह के बारे में बताएं तो इनका रंग-रूप देखने में भारतीयों के जैसा है। इतना ही नहीं उन्हें यह एहसास बहुत ही गर्व भरा महसूस होता है, कि वो एक साधारण भारतीय जैसी दिखाई देती हैं। लिली असल जीवन में जैसी हैं, अपने फैंस के साथ वैसी ही रहना पसंद करती हैं। जैसे हो, वैसे ही रहो। इस शब्द के साथ जीने के कारण लिली सिंह ने कई लोगों का हौसला बढ़ाया है। इसके अलावा, लिली सिंह को लोग उनके काम के साथ-साथ उनके नैचुरल स्वभाव के लिए भी सराहना देते हैं।

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बाइसेक्शुअल क्या कोई बीमारी है?

नहीं, बाइसेक्शुअल कोई बीमारी नहीं है। बल्कि, बाइसेक्शुअल कोई तब होता है, जब वह मानसिक और शारीरिक रूप से महिला और पुरुष दोनों की तरफ आकर्षित होता है। बाइसेक्शुअल पूरी तरह से मन की इच्छा और अपनी पसंद पर निर्भर करता है। उन्हें महिला और पुरुष दोनों के साथ ही यौन संबंध बनाने में रुचि होती है। बहुत से लोगों को बाइसेक्शुअल और समलैंगिकता एक लगती है, लेकिन दोनों में कई अंतर होते हैं। समलैंगिकता में एक व्यक्ति केवल अपने लिंग की तरफ आकर्षित होता है। जबकि बाइसेक्सशुल में व्यक्ति दोनों लिंग की तरफ आकार्षित होता है। यह दोनों में सबसे बड़ा अंतर है। समलैंगिकता जन्म से होती है, जबकि बाइसेक्सशुल कई बार आपकी इच्छा पर निर्भर करता है।

बाइसेक्शुअल होने का कारण क्या हैं?

बाइसेक्शुअल होने के पीछे कारण क्या हो सकता है, इसके बारे में जानकारी ज्ञात नहीं है। लेकिन, कुछ रिसर्च में यह दावा किया गया है कि जन्म से पहले कुछ जैविक कारकों द्वारा सेक्शुअल ओरिएंटेशन की संभावना आंशिक रूप से निर्धारित हो जाती है। सेक्शुअल ओरिएंटेशन का काम किस लिंग की तरफ यौन संबंध बनाने का आकर्षण रहेगा, यह वह निर्धारित करने में मदद करता है। कई जगह पर इसके अलग-अलग कारण दिखते हैं, जिसका कोई वैज्ञानिक शोध नहीं है। लेकिन कई मामलों में ये हार्मोन में परिवर्तन और जन्म से पहले फीटस में बदलाव होने के कारण हो सकता है। कुछ लोगों में यह जन्म से और कुछ लोगों में समय के साथ धीरे-धीरे विकसित होता है।

इतना ही नहीं, इसे किसी भी उपचार या थेरेपी की मदद से बदला नहीं जा सकता है, न ही किसी को किसी थेरिपी की मदद से सेक्शुअल बनाया जा सकता है। कोई सेक्शुअल है या गे है या लेस्बियन है, इसकी जानकारी उसे उम्र के विकास के साथ-साथ पता लगने लगती है।

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बाइसेक्शुअल के बारे में एक्सपर्ट की राय

बाइसेक्शुअल क्या कोई बीमारी है या यह निजी पसंद हो सकती है? इस सवाल पर कंसल्टिंग होम्योपैथ और क्लिनिकल सेक्सोलॉजिस्ट एक्सपर्ट, डॉ. शाहबाज सायद M.D (Hom), PGDPC का कहना है “बाइसेक्शुअल व्यक्ति भी हमारी और आप ही की तरह सामान्य विचारों और सेहत वाले होते हैं। जैसी हमारी लाइफस्टाइल होती है, उनके जीने का भी तरीका ऐसा ही होता है। हालांकि, उनका निजी रुझान सेम सेक्स की तरफ है या ऑपोजिट सेक्स की तरफ, यह उन्हें खुद ही समय के साथ पता चलता है।”
“इसके अलावा बाइसेक्शुअल होने के पीछे कई कारण भी हो सकते हैं। जैसे-

  • बचपन में कोई बुरा अनुभव या चाइल्ड एब्यूज
  • प्यार में धोखा मिलना
  • ऑपोजिट सेक्स के पार्टनर के साथ रिलेशनशिप का खराब अनुभव
  • इसके अलावा, कुछ लोग बाइसेक्शुअल होना सिर्फ एक अनुभव के लिए भी पसंद कर सकते हैं।”

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बाइसेक्शुअल का पारिवारिक जीवन

भारतीय परंपरा और सामाजिक तौर पर अभी भी बाइसेक्शुअल होना स्वीकार नहीं किया गया है। इस लिहाज से उनका पारिवारिक जीवन काफी उतार-चढ़ाव भरा भी हो सकता है। जब तक उनका बच्चा यह समझने के लायक नहीं हो जाता है, तब तक बाइसेक्शुअल कपल को बच्चे के सवाल परेशान कर सकते हैं। आज भी समाज और परिवार को बाइसेक्शुअल जैसी चीजों को समझने और स्वीकार करने की आवश्यकता है। क्योंकि बाइसेक्शुअल लोगों के साथ किया गया अलग व्यवहार कई बार उनके मानसिक तनाव का कारण बन जाता है। बहुत से लोग समय के साथ इस तनाव से ऊभर जाते हैं, लेकिन कुछ लोग इससे बाहर नहीं निकल पाते हैं। जिससे उनके आगे का जीवन बहुत कठिनाईयों से भरा होता है।

नोट: हमारी आशा है कि इस जानकारी के बाद आप बहुत कॉन्फिडेंट महसूस कर रहे होंगे। अगर आप भी अपनी सेक्शुअलिटी को लेकर अलग तरह से महसूस करते हैं, तो लोगों की सुनने के बजाय एक्सपर्ट से सलाह लें और अपने मन की करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Can a person really be “bisexual”? Is bisexuality something that is taught, or it is something that is natural in a person’s genetics such as being gay or straight? https://genetics.thetech.org/ask-a-geneticist/bisexual  Accessed on 07-09-2020

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Ankita mishra द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 07/09/2020 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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