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क्या आपको मालूम हैं हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान और फायदे?

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr. Pooja Bhardwaj


Ankita mishra द्वारा लिखित · अपडेटेड 03/05/2021

क्या आपको मालूम हैं हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान और फायदे?

बाल को प्रत्यारोपित कराने के लिए यूं तो कई तरीके मौजूद हैं। गंजेपन का इलाज कह लें या फिर कम बालों के लिए अक्सर लोग हेयर ट्रांसप्लांटेशन कराते हैं। यह एक सर्जिकल प्रोसेस है। इसमें लगभग दो से तीन सप्ताह के बाद बाल उगने लगते हैं। सात से आठ महीने बाद बालों की ग्रोथ पूरी तरह से हो जाती है। इससे गंजेपन वाले हिस्से को छुपाने में मदद मिलती है। लेकिन, क्या आपको पता है कि हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान भी हो सकते हैं। इस आर्टिकल में हम हेयर ट्रांसप्लांट क्या है? यह कैसे होता है? हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान आदि से जुड़ी जरूरी बातें जानेंगे।

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हेयर ट्रांसप्लांट क्या है?

हेयर ट्रांसप्लांट भी उसी तरह होता है जैसे शरीर के अंगों का ट्रांसप्लांट किया जाता है। हालांकि, इसकी प्रक्रिया काफी अलग होती है। हेयर ट्रांसप्लांट एक सर्जिकल प्रक्रिया है। इसमें सिर के गंजेपन वाले हिस्से में बालों को सर्जिकल ऑपरेशन (surgical operation) के द्वारा प्लांट किया जाता है। आमतौर पर हेयर ट्रांसप्लांट के लिए व्यक्ति के सिर के अन्य भागों से बालों को निकालकर उसके गंजेपन वाले हिस्से में प्लांट किया जाता है। हेयर ट्रांसप्लांट करने की दो प्रक्रिया है।

कैसे होता है हेयर ट्रांसप्लांट?

हेयर ट्रांसप्लांट का खर्च ज्यादा होने के साथ ही इसकी प्रक्रिया बहुत लंबी होती है। यह बहुत ही पीड़ादायक भी होती है। इसकी प्रक्रिया शुरू करने से पहले व्यक्ति को लोकल एनेस्थीसिया की मदद से उसके सिर के हिस्से को सुन्न किया जाता है। साथ ही प्रक्रिया पूरी होने के काफी लंबे समय बाद भी व्यक्ति को दर्द, सूजन और इंफेक्शन से बचाव करने के लिए दवाएं खाने की सलाह दी जाती है।

मौजूदा समय में दो तरीकों से बाल प्रत्यारोपण की प्रक्रिया की जाती है। जिसे फॉलिक्यूलर यूनिट स्ट्रिप सर्जरी और फॉलिक्यूलर यूनिट एक्सट्रैक्शन कहा जाता है। व्यक्ति को कौन-सी प्रक्रिया अपनानी चाहिए यह उसके गंजेपन पर निर्धारित की जाती है।

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क्या है फॉलिक्यूलर यूनिट स्ट्रिप सर्जरी?

इस प्रक्रिया में सर्जन सिर के पिछले हिस्से की त्वचा से  से छह से आठ इंच की पट्टी निकालता है। जिसे वह बाल उगाने वाली जगह पर लगाता है, जिसके ऊपर तुंरत वह बालों को लगा देता है। ट्रांसप्लांट किए गए बालों की संख्या व्यक्ति के बालों के प्रकार, क्वालिटी, रंग और उस क्षेत्र के आकार पर निर्भर करता है, जहां पर उसे बालों को ट्रांसप्लांट करवाना होता है।

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क्या है फॉलिक्यूलर यूनिट एक्सट्रैक्शन?

इस प्रक्रिया में सर्जन की टीम व्यक्ति के सिर के पिछले हिस्से को काटती है। फिर, डॉक्टर वहां से एक-एक करके बालों के रोम हटाते हैं। फिर जहां पर बाल प्रत्यारोपित करवाने हैं उस क्षेत्र को छोटे डॉट्स के साथ भर दिया जाता है।

भारत में हेयर ट्रांसप्लांट की कीमत कितनी है?

भारत में हेयर ट्रांसप्लांट की कीमत कई सारे फैक्ट्स पर निर्भर कर सकती है। इनमें इसकी लागत अलग-अलग शहरों और क्लीनिक और अस्पताल के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

मुख्य तौर पर हेयर ट्रांसप्लांट की कीमत निम्न कारकों पर निर्भर कर सकती है,जो इस प्रकार हैं-

  • इलाज का तरीका – हेयर ट्रांसप्लांट को दो तरीकों से किया जाता है। जिनमें दोनों ही तरीकों की प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है। और इसकी लागत भी उसी पर निर्भर कर सकती हैं।
  • सत्र – सत्र यानी चरण। आपके हेयर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया कितने चरणों में पूरी की जाएगी इसकी कीमत इस पर भी निर्भर कर सकती है। जिन लोगों के बाल ज्यादा डैमेज नहीं होते हैं, उनके हेयर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया एक ही चरण में भी पूरी हो सकती है। वहीं, कुछ लोगों के लिए यह प्रक्रिया तीन से पांच चरण में पूरी की जा सकती है।
  • सिर के कम बाल वाले हिस्से – अपके सिर में हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान नए बालों की कितनी मात्रा चाहिए यह भी हेयर ट्रांसप्लांट की कीमत को निर्धारित कर सकता है।  कीमत व्यक्ति के सिर के कम बाल वाले हिस्सा (Bald Part) पर भी निर्भर करता है।

इन सभी फैक्ट्स के साथ भारत में हेयर ट्रांसप्लांट की कुल कीमत या लागत 50 हजार रुपये से लेकर 1 लाख 20 हजार रुपये भी हो सकती है।

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हेयर ट्रांसप्लांट (hair transplant) किसे कराना चाहिए?

जिन लोगों के बाल झड़ गए हों या जिन्हें गंजेपन की शिकायत है, ऐसे लोग हेयर ट्रांसप्लांट करवा सकते हैं। इसके अलावा, जिन्हें बालों के बीच की दूरी बहुत ज्यादा है, वो भी हेयर ट्रांसप्लांट करवा सकते हैं।

हेयर ट्रांसप्लांट किसे नहीं करवाना चाहिए?

ऐसे व्यक्ति जिनके सिर में हेयर ट्रांसप्लांट करने के लिए जरूरी एक्सट्रा बाल नहीं है, वे अपने बाल ट्रांसप्लांट नहीं करवा सकते हैं। इससे अलावा, जिनके सिर में गहरी चोट लगी हो, उन्हें भी इस प्रक्रिया से दूर रहना चाहिए।

हेयर ट्रांसप्लांट के फायदे क्या हैं?

⦁ हेयर ट्रांसप्लांट अन्य सर्जरी के मुकाबले काफी सस्ता होता है।

⦁ जो लोग गंजेपन के कारण अपना आत्मविश्वास में कमी महसूस कर रहें हैं, उनके लिए हेयर ट्रांसप्लांट सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है।

⦁ हेयर ट्रांसप्लांट गंजेपन की समस्या से छुटकारा पाने का स्थायी समाधान है।

⦁ हेयर ट्रांसप्लांट के बाल नैचुरल नहीं होते हैं लेकिन, यह नैचुरल ही दिखाई देते हैं।

⦁ इस प्रक्रिया से हर कोई मनचाहा बाल पा सकते हैं।

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हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान

बालों के ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया भी एक तरह की कॉस्मेटिक प्रक्रिया ही है। इसके कई तरह के दुष्प्रभाव भी देखे गए हैं। हालांकि, हर व्यक्ति के मामले में इसके प्रभाव अलग-अलग हो सकते हैं। इसके कुछ नुकसान हो सकते हैं, जैसे :

हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान : खुजली की समस्या

हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान में एक यह है कि बाल प्रत्यारोपण के बाद सिर की त्वचा में खुजली होती है। हालांकि, यह कुछ दिनों में ठीक हो जाती है। लेकिन,अगर समय रहते इस बात पर ध्यान न दिया जाए तो खुजलाहट भयंकर भी हो सकती है। ऐसा मुख्य रूप से सिर की स्किन से पपड़ी निकलने की वजह से होता है। नियमित रूप से शैंपू करके इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। लेकिन, समस्या अगर लगातार बनी हुई है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान : संक्रमण का खतरा

बाल प्रत्यारोपित कराने के बाद हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान के रूप में यह देखने को मिलता है कि संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, हेयर ट्रांसप्लांट के कई मामलों में से एक व्यक्ति में ऐसा देखने को मिलता है।

हेयर ट्रांसप्लांट के बाद ब्लीडिंग होना

ज्यादातर मामलों में हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान नहीं दिखते हैं। लेकिन, हेयर ट्रांसप्लांट के बाद आपको ब्लीडिंग होने की संभावना बनी रहती है। बाल प्रत्यारोपण के बाद थोड़ा खून निकलना तो नॉर्मल है जिसे एक सामान्य प्रेशर देकर रोका जाता है। लेकिन, अगर रक्तस्त्राव ज्यादा होने लगे तो डॉक्टर से परामर्श करें।

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हो सकती है सूजन

इसके अलावा हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान के रूप में आपको सर्जिकल साइटों के आसपास सूजन, पपड़ी या मवाद बहना आदि लक्षण भी दिख सकते हैं।

हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान ये भी

ट्रांसप्लांट किए गए बाल प्राकृतिक बालों से थोड़ा अलग दिखाई देते हैं। जैसे बहुत ज्यादा पतला होना या रंग में बदलाव होना। हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान में यह बड़ा कष्टदायक है। बाल प्रत्यारोपण के बाद भी हेयर फॉल की समस्या रहती है।

बालों के ट्रांसप्लांट की पूरी प्रक्रिया का असर शुरू होने में कम से कम छह माह का समय लग सकता है। बाल प्रत्यारोपण होने के शुरुआती माहीनों में बालों का झड़ना आम होता है, जो समय बीतने के साथ अपने-आप ही रुक जाते हैं। लेकिन, फिर भी हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान के रूप में कोई भी लक्षण दिखें तो बिना देर किए हेयर ट्रांसप्लांट करने वाले अपने डॉक्टर को इसकी सूचना देनी चाहिए। ऊपर बताए गए हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान जानने के बाद ही एक्सपर्ट से बाल प्रत्यारोपण कराएं।

डिस्क्लेमर

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