त्वचा से लेकर बालों तक के लिए जानें नीम के फायदे

Medically reviewed by | By

Update Date जनवरी 20, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
Share now

आयुर्वेद की दुनिया में नीम काफी लोकप्रिय जड़ीबूटी है। नीम के औषधीय गुणों के कारण पिछले 5000 से ज्यादा सालों से इसका उपयोग उपचार में किया जा रहा है। नीम को संस्कृत में अरिष्टा कहा जाता है, जिसका अर्थ ही “बीमारी से राहत पाना” होता है। नीम के पेड़ का कोई भी हिस्सा अनुपयोगी नहीं है। इसके पत्ते, फल, जड़ और छाल हर किसी के अपने उपयोग हैं। आइए जानते हैं नीम के फायदे क्या हैं। 

यह भी पढ़ें : क्या आप एनीमिया के प्रकार के बारे में जानते हैं?

नीम के फायदे क्या हैं?

नीम का एंटी बैक्टीरियल गुण

नीम की पत्तियों का उपयोग फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन में किया जाता है। साथ ही पत्तियों का उपयोग मस्सों को ठीक करने के लिए और चिकन पॉक्स के इलाज में होता है। आप चाहें तो नीम की पत्ती का पेस्ट प्रभावित क्षेत्र पर लगा सकते हैं, या फिर नीम के पानी से नहाने से भी इसमें राहत मिलती है। तो इस तरह से ये नीम के फायदे में सबसे अव्वल है। 

यह भी पढ़ें : Neem: नीम क्या है?

कुदरती टूथब्रश

नीम के फायदे में एक फायदा उसका प्राकृतिक टूथब्रश होना भी है। दांतों और मसूड़ों की स्वच्छता और देखभाल के लिए नीम की टहनी चबाना एक पुरानी परंपरा है। आज के आधुनिक युग में भी भारतीय घरों में लोग नीम की टहनी का प्रयोग ब्रश की तरह करते हैं। आजकल नीम आधारित अनेक टूथपेस्ट बाजार में उपलब्ध हैं। एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल होने  के कारण यह सभी प्रकार की दांत की बीमारियों और इंफेक्शन को दूर रखता है। 

यह भी पढ़ें : त्वचा संबंधी परेशानियों के लिए उपयोगी है नीम तेल

बालों के लिए नीम का इस्तेमाल

नीम के फायदे के लिए उसकी पत्तियों के साथ-साथ उसके बीजों का भी इस्तेमाल किया जाता है। नीम के बीज का का इस्तेमाल तेल बनाने के लिए किया जाता है। इसके तेल और अर्क का उपयोग आजकल साबुन और तेल में किया जाता है। वहीं नीम के पेस्ट का उपयोग हेयर कंडीशनर के रूप में भी होता है। एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुणों के कारण यह बालों से रूसी को दूर रखता है, और बालों की जड़ों को पोषण और कंडीशनिंग प्रदान करता है। इस तरह नीम आपके बालों को स्वस्थ और मजबूत बनाता है। 

यह भी पढ़ें : Abscess : एब्सेस क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और उपाय

खूबसूरत त्वचा के लिए नीम के फायदे

त्वचा के लिए नीम के फायदे बहुत हैं। नीम के पत्ते एंटीबैक्टीरिया का खत्म कर आपकी त्वचा को इंफेक्शन से बचाते हैं। त्वचा संबंधी बीमारियों के लिए नीम सबसे उपयोगी है। नीम की पत्तियों के पेस्ट का इस्तेमाल त्वचा के कुछ छोटे-मोटे रोग (जैसे की एक्जिमा, रिंगवॉर्म्स ,खुजली इत्यादि) को दूर करने के लिए भी किया जाता है। नीम की पत्तियों का यह पेस्ट चेहरे की झुर्रियों और दाग धब्बों को दूर करने के लिए भी काफी उपयोगी साबित होता है।

कैंसर से बचाव

नीम में पाए जाने वाले कई तत्त्व कैंसर से बचाव करने में सक्षम हैं। कुछ अध्ययनों में पाया गया है की नीम की पत्तियों का अर्क कैंसरग्रस्त कोशिकाएं को खत्म  करता है और कैंसर से लड़ने में मदद कर सकता है। इस तरह से कैंसर में नीम के फायदे का नाम बहुत है।

यह भी पढ़ें : गर्दन की झुर्रियां करनी है कम? ट्राई करें ये तरीके

नीम तेल के भी हैं कई फायदे 

नीम के फायदे तो कई हैं, क्योंकि नीम के जड़ से लेकर उसके फूल व बीज तक सभी फायदेमंद हैं। नीम के फायदे में देखा जाए तो उसका तेल भी काफी फायदेमंद है।

झुर्रियों को कम करने में है नीम के फायदे

नीम में एंटीऑक्सिडेंट्स और इम्यून बढ़ाने के तत्व होते हैं जिसके कारण यह त्वचा निचली परत में मौजूद पैथोजन्स का मुकाबला करते हैं। इससे त्वचा मुएलायम रहती है और झुर्रियां नहीं पड़तीं। हफ्ते में दो बार, त्वचा पर नीम का तेल या नीम फेस पैक लगाने से बुढ़ापे के दिखाई देने वाले लक्षणों का असर कम किया जा सकता है और त्वचा में निखार और नयापन नजर आ सकता है। बुढ़ापे पर स्टॉप लगाने के लिए नीम के फायदे का जरूर फायदा उठाएं।

यह भी पढ़ें : ब्यूटी एक्सपर्ट का दिया हुआ ये मंत्रा अपना कर दें एजिंग को मात

त्वचा का लचीलापन रखता है बरकार

नीम के तेल में विटामिन ‘ई’ और फैटी एसिड्स का खजाना होता है जो त्वचा के लचीलेपन को बरकार रखने में मदद करते हैं। नहाने के बाद, नीम का तेल नारियल के तेल मिला कर शरीर पर लगाया जाए तो यह मॉइस्चराइजर का काम करेगा जिससे त्वचा नरम, मुलायम और हाइड्रेटेड रहेगी।

मुंहासे में हैं नीम के फायदे

नीम की एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक खूबियां मुंहासे कम करने में मदद करती हैं। नीम का एंटी-बैक्टीरियल गुण त्वचा पर मुँहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म कर देता है।नीम के तेल से मुंहासों के दाग-धब्बों और सूजन को कम करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें : Alprazolam : अल्प्राजोलम क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

पलकें और भौहों को नीम बनाए सेहतमंद

रिसर्च के अनुसार जो लोग अपने चेहरे पर नीम का तेल लगाते हैं, उनकी पलकें और भौहें साफ और सेहतमंद नजर आती हैं। नीम त्वचा को गहराई से साफ करती है जबकि नीम का तेल त्वचा की सफाई के साथ-साथ पलकों और भौओं की बढ़ोतरी में भी अहम किरदार निभाता है। 

त्वचा के फंगल इंफेक्शन से राहत

नीम के एंटी-फंगल गुण त्वचा के फंगल इंफेक्शन जैसे रिंगवॉर्म, एथलीट्स फुट और नाखून के फंगस को खत्म कर देते हैं। नीम के तेल में मौजूद 2 कंपाउंड्स जेडुनिन और निम्बीडॉल, फंगस को खत्म कर देते हैं, जिसके कारण त्वचा के इंफेक्शन से राहत मिल जाती है। यह रिसर्च द्वारा साबित हुआ है कि नीम का तेल फंगस के 14 प्रकार में फायदेमंद है।  

यह भी पढ़ें : पार्टी में मेकअप पसीने में न धुल जाए, करें वॉटरप्रूूफ मेकअप को ट्राय

खुजली से राहत दिलाए

त्वचा की खुजली ज्यादातर त्वचा में नमी की कमी के कारण होती है। नीम के तेल में फैटी एसिड्स और विटामिन ‘ई’ की अच्छी मात्रा होती है जिसके कारण यह आसानी से त्वचा की अंदरूनी सतह तक पहुंच जाता है और नमी पैदा करता है। खुजली वाली त्वचा पर नीम का तेल लगाया जाए तो खुजली से राहत मिलेगी। साथ ही, ड्राई और डैमेज हुयी त्वचा दोबारा ठीक करने में आसानी होगी।

नीम के फायदे से आप स्वस्थ रह सकते हैं, नीम सुरक्षित है लेकिन बेहद गुणकारी है। यह गजकर्ण जैसे त्वचा विकार वाले किसी व्यक्ति में प्रतिकूल प्रतिक्रिया का कारण बन सकता है। 

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से बात करें। 

नए संशोधन की डॉ. शरयु माकणीकर द्वारा समीक्षा

और पढ़ें:-

चमकदार त्वचा चाहते हैं तो जरूर करें ये योग

त्वचा के लिए जरूरी है स्क्रबिंग

शिशु की त्वचा से बालों को निकालना कितना सही, जानें क्या कहते हैं डॉक्टर?

त्वचा के इस गंभीर रोग से निपटने के लिए मिल गयी है वैक्सीन

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

    क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
    happy unhappy"

    शायद आपको यह भी अच्छा लगे

    Pompe Disease: जानें पोम्पे रोग क्या है?

    जानें पोम्पे रोग क्या हैं in hindi, पोम्पे रोग के लक्षण क्या हैं और किन कारणों से होता है, pompe-disease ke lakshno के दिखने पर क्या करें उपचार?

    Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
    Written by shalu
    हेल्थ कंडिशन्स, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z अप्रैल 9, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें

    अनाज में कीड़े की दवा पहुंचा सकती है कई नुकसान, इन नैचुरल तरीकों से दूर भगाएं कीड़े

    अनाज में कीड़े की दवा रखने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, अनाज में कीड़े की दवा कैसे रखें, कीड़े की दवा का सेहत पर क्या असर होता है, Pest control in stored grain in Hindi.

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Shayali Rekha
    हेल्थ टिप्स, स्वस्थ जीवन मार्च 25, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

    खटमल मारने की दवा घरेलू नुस्खे, इन्हें आज ही अपनाएं और देखें कमाल

    खटमल मारने की दवा घरेलू नुस्खे, खटमल के घरेलू नुस्खे, खटमल मारने का उपाय ऐसा करने से कुछ ही दिनों में घर से खटमल भाग जाएंगे।

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Bhawana Awasthi
    हेल्थ टिप्स, स्वस्थ जीवन फ़रवरी 11, 2020 . 7 मिनट में पढ़ें

    अप्लास्टिक एनीमिया क्या है और यह कितना खतरनाक होता है?

    जानिए अप्लास्टिक एनीमिया क्या है in hindi,अप्लास्टिक एनीमिया के कारण और लक्षण क्या है, Aplastic anemia का उपचार कैसे किया जाता है

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Kanchan Singh
    हेल्थ कंडिशन्स, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z फ़रवरी 8, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें

    Recommended for you

    बरगद -banyan tree

    बरगद के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Banyan Tree (Bargad ka Ped)

    Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
    Written by Ankita Mishra
    Published on जून 8, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें
    न्यूरोकाइंड एलसी

    Nurokind LC: न्यूरोकाइंड एलसी क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Satish Singh
    Published on जून 3, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें
    होंठों पर पिंपल्स का इलाज

    होंठों पर पिंपल्स का इलाज ढूंढ रहे हैं? तो ये आर्टिकल कर सकता है आपकी मदद

    Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
    Written by Smrit Singh
    Published on मई 7, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
    माथे की झुर्रियां

    माथे की झुर्रियां कैसे करें कम? जानिए इस आर्टिकल में

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Satish Singh
    Published on अप्रैल 20, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें