नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर क्या है? जानें इसका इस्तेमाल कैसे करते हैं

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Update Date मई 19, 2020
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पारे वाले थर्मामीटर से तो हर कोई वाकिफ होगा। इसके अलावा इलेक्ट्रानिक थर्मामीटर भी आपने डॉक्टर की क्लीनिक पर देखा ही होगा। लेकिन नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर या नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर आपने 2020 में ज्यादा प्रचलन में देखा होगा। कोरोना संकट काल में बिना संक्रमण फैलाए लोगों के शरीर का तापमान जानने में नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर ज्यादा उपयोगी साबित हुआ है। आप कही भी जाते होंगे तो पहले गन की तरह एक थर्मामीटर आपके माथे के ठीक सामने लगा कर आपके शरीर का तापमान जाना जाता होगा। इस नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर के बारे में आप इस आर्टिकल में जानेंगे कि ये थर्मामीटर काम कैसे करता है? इसके फायदे क्या हैं?

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नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर क्या है?

नॉन कांटेक्ट थर्मामीटर Non contact Thermometer

नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर को नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर भी कहा जाता है। ये एक ऐसा थर्मामीटर है, जिसमें बिना शरीर के किसी अंग को छुए या संपर्क में आए ही शरीर का तापमान जाना जा सकता है। इससे निकलने वाली इन्फ्रारेड किरणें शरीर के तापमान को एक डिजिटल स्क्रीन पर दिखा देती है कि व्यक्ति के शरीर का तापमान कितना है। नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर का इस्तेमाल इंसान के शरीर से 3 से 15 सेंटीमीटर दूर से किया जाता है।

नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर कितने प्रकार के होते हैं?

नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं :

टिम्पैनिक थर्मामीटर (Tympanic thermometers)

टिम्पैनिक थर्मामीटर एक नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर है। जिसका उपयोग टिम्पैनिक मेम्ब्रेन और कान के अंदर के लिए करते हैं। इससे स्क्रीन पर शरीर का तापमान लिख कर आ जाता है।

थर्मल स्कैनर (thermal scanners)

थर्मल स्कैनर हाथों से पकड़ कर गन की तरह दिखने वाला एक नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर है। ये थर्मामीटर मास स्क्रीनिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। जब कोई ऐसी स्वास्थ्य समस्या होती है, जिससे संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है तो एक बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग जरूरी हो जाती है। ऐसे में थर्मल स्कैनर एक अच्छा विकल्प माना जाता है। थर्मल स्कैनर से लोगों के शरीर का तापमान बिना शरीर के संपर्क में आए ही पता चल सकता है।

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नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर कैसे काम करता है?

नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर को इंसान के माथे पर प्वॉइंट किया जाता है। क्योंकि अगर किसी व्यक्ति को बुखार होता है तो सबसे पहले सिर गर्म होना शुरू होता है। ऐसे में नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर को सीधे व्यक्ति के माथे के सीध में लगभग 10 सेंटीमीटर की दूरी पर रखा जाता है। थर्मामीटर से निकलने वाला लेजर सीधे शरीर की सतह पर पड़ती है। इस थर्मल रेडिएशन के कारण शरीर का तापमान थर्मामीटर के डिजिटल स्क्रीन पर दिखाई देने लगता है। किसी भी बीमार व्यक्ति के शरीर का तापमान मापने के लिए नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर सही माना जाता है। 

नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर कितनी सही जानकारी देता है?

नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर के द्वारा दी गई जानकारी तभी सही होती है, जब इसका इस्तेमाल सही तरीके से किया गया हो। सभी तरह के मटेरियल थर्मल रेडिएशन के प्रति एक जैसे नहीं होते हैं। सभी सामग्री एक ही तरह से थर्मल रेडिएशन को नहीं छोड़ती हैं, किसी भी मटेरियल द्वारा इस प्रकार की ऊर्जा को छोड़ने की क्षमता को उत्सर्जन या इमिसिविटी (emissivity) के रूप में जाना जाता है। इमिसिविटी को 0.00-1.00 के स्केल पर मापा जाता है। 

जब किसी सतह से इमिसिविटी होती है तो आपको पता होना चाहिए कि आसपास की वस्तुएं आपकी टेम्प्रेचर रीडिंग में हस्तक्षेप ना करें। इससे आपकी टेम्प्रेचर रीडिंग सही  नहीं आती है। ऐसे में जब आप नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर का उपयोग कर रहे हैं तो आप उसे व्यक्ति के सीधे 15 सेंटीमीटर की दूरी पर रख कर मेजरमेंट करें। इससे आपकी रीडिंग बहुत सटीक आएगी। 

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नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर का इस्तेमाल कैसे किया जाता है?

नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर का इस्तेमाल करना बहुत आसान है। सिर्फ आपको इतना ध्यना रखना है कि जब आप टेम्प्रेचर काउंटिंग करते रहें तो किसी भी अन्य ऑब्जेक्ट को बीच में ना आने दें। नीचे बताए गए तरीकों को आप स्टेप बाइ स्टेप अपना कर नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर का इस्तेमाल कर सकते हैं :

  1. नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर गन को पहले हाथों से पकड़ें और उसका पॉवर ऑन करें।
  2. इसके बाद थर्मामीटर में लगे ट्रीगर को तब तक पकड़ कर रखें, जब तक उसमें से लेजर निकलता ना दिखाई दे। 
  3. जब लेजर निकलने लगे तो आप थर्मामीटर को सीधे व्यक्ति के माथे के बीचो बीच रखें। ध्यान रहे कि थर्मामीटर की दूरी व्यक्ति के शरीर से लगभग 10 से 15 सेमी पर हो। 
  4. लेजर को तब तक व्यक्ति के माथे पर पड़ने दें, जब कि एक स्टेबल रीडिंग थर्मामीटर के डिजिटल स्क्रिन पर ना आ जाए। 
  5. इसके बाद डिजिटल स्क्रीन पर आई हुई रिडिंग को नोट कर लें।
  6. फिर अगर आपको किसी अन्य व्यक्ति का टेम्प्रेचर नहीं चेक करना है तो थर्मामीटर का पॉवर बटन ऑफ कर दें। 

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नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर के फायदे क्या हैं?

नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर, कॉन्टेक्ट थर्मामीटर से कई मायनों में अलग है। हालांकि, कॉन्टेक्ट थर्मामीटर के अपने कई फायदे हैं, लेकिन नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर एडवांस टेक्नोलॉजी से बना हुआ होता है। नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर के फायदे निम्न हैं : 

  • नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर किसी भी व्यक्ति या वस्तु का तापमान दूर से मापने में सक्षम है। बिना किसी फिजिकल कॉन्टेक्ट के नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर सतह के तापमान को नाप सकता है।
  • नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर किसी भी गतिशील व्यक्ति या वस्तु का तापमान मापने में सक्षम है।
  • नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर के द्वारा कोई संक्रमण फैलने का रिस्क ना के बराबर होता है। साथ ही ये कॉन्टेक्ट थर्मामीटर की तरह दूषित भी नहीं होता है, क्योंकि कॉन्टेक्ट थर्मामीटर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के शरीर के कॉन्टेक्ट में आता है।
  • नॉन कॉन्टेक्ट  इन्फ्रारेड थर्मामीटर किसी भी ऑब्जेक्ट के बाहर से ही इस्तेमाल होता है।
  • नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर की रीडिंग सही और जल्दी मिल जाती है, इसके लिए किसी भी तरह का इंतजार नहीं करना होता है। 

नॉन कॉन्टेक्ट थर्मामीटर की कीमत क्या है?

नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर इन दिनों बहुत डिमांड में है। भारत में नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर की कीमत 4,000 रुपए से 8,000 रुपए के बीच है। आप चाहें तो ऑनलाइन भी नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर को ऑर्डर कर के घर पर मंगा सकते हैं।

इस तरह से नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। नॉन कॉन्टेक्ट इन्फ्रारेड थर्मामीटर पर आधारित ये गाइड आपके लिए बहुत मददगार साबित हो सकती है। इसलिए बिना किसी के संपर्क में आए आप अपना और अपने परिवार का ध्यान बखूबी रख सकते हैं। उम्मीद है कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई मेडिकल जानकारी नहीं दे रहा है। 

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