ये 6 सुपर फूड्स निकाल सकते हैं डिप्रेशन से बाहर

By Medically reviewed by Dr. Hemakshi J

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 5.6 करोड़ लोग डिप्रेशन और 3.8 करोड़ लोग एंग्जाइटी डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं। डिप्रेशन या अवसाद एक ऐसा मानसिक विकार है, जिसका अगर समय रहते पता न चले तो यह स्थिति बहुत गंभीर हो सकती है। डिप्रेशन के इलाज के लिए थेरिपी (साइकोथेरिपी, लाइटथेरिपी आदि) और मेडिकल ट्रीटमेंट का सहारा लिया जाता है। लेकिन, जीवनशैली में बदलाव (जैसे-डिप्रेशन डायट) अवसाद के लक्षणों को जल्दी ठीक करने में मदद कर सकते हैं।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर आशुतोष श्रीवास्तव (सूर्या हॉस्पिटल, लखनऊ) ने “हैलो स्वास्थ्य” से बातचीत के दौरान बताया कि “यदि आप तनाव के कारण परेशान हैं तो ध्यान रखें कि स्ट्रेस से दिमाग ऑक्सीडेटिव डैमेज के प्रति संवेदनशील हो जाता है। यानी कोशिकाओं को मिलने वाली ऑक्सिजन की मात्रा प्रभावित होने लगती है। इसका प्रभाव मस्तिष्क के कार्यों पर पड़ता है। ऐसे में एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर खान-पान अपनाने से न सिर्फ दिमाग बल्कि किडनी, लिवर और दिल को भी सेहतमंद बनाए रखा जा सकता है।” जानते हैं ऐसे ही 6 खाद्य पदार्थ जिनको डायट में शामिल करने से डिप्रेशन के लक्षणों को दूर करने में मदद मिल सकती है-

हरी पत्‍तेदार सब्‍जियां (Green Leafy Vegetables)

मार्च 2015 में एक अध्ययन के अनुसार, क्रोनिक डिप्रेशन का एक कारण मस्तिष्क में आई सूजन है। ऐसे में डिप्रेशन डायट में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने की सलाह दी जाती है। पालक, केल, पत्ता गोभी जैसी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन सी, बीटा-कैरोटीन और फोलेट प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। कई लोगों का मानना है कि दैनिक रूप से पर्याप्त फोलेट का उपयोग अवसाद के जोखिम को कम करता है। दिमाग की अच्छी सेहत के लिए रोजाना पत्तेदार सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है।

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अखरोट (Walnuts)

अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है और कई रिसर्च से पता चला है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड ब्रेन फंक्शन को सही करता है। साथ ही अवसाद के लक्षणों को कम करता है। एक रिसर्च जिसमें 26,000 से भी अधिक वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया गया। उसमें पाया कि जो लोग नियमित रूप से अखरोट खाते हैं, उनमें अवसाद का जोखिम कम होता है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि अवसाद ग्रसित लोगों ने जिन्होंने रोजाना एक औंस (यानी 28 ग्राम) अखरोट खाया उनका डिप्रेशन स्कोर 26% कम था। यह मूड बूस्टिंग फूड है। साथ ही यह डिप्रेशन के लक्षणों को भी कम करता है। इसलिए, डिप्रेशन डायट में नियमित रूप से नट्स का सेवन करें।

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बीन्स (Beans)

बीन्स प्रोटीन और फाइबर का एक बड़ा स्रोत हैं। दोनों ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित बनाए रखने में मदद करते हैं। बीन्स में फोलेट भी पाया जाता है। फोलेट शरीर को विटामिन बी 12 और अमीनो एसिड के उपयोग में मदद करता है, जो शरीर को डिटॉक्स करने और नई कोशिकाओं को बनाने में मददगार होता है। इसके साथ ही यह तंत्रिका तंत्र की रक्षा और संतुलन बनाए रखने में भी सहायता करता है। यह अवसाद जैसे मूड डिसऑर्डर के जोखिम और लक्षणों को कम करने में सहायक होता है।

बीज (Seeds)

यदि आप अवसाद से जूझ रहे हैं तो अलसी और चिया बीज डिप्रेशन डायट में शामिल करें। इनमें ओमेगा-3 फैट्स की मात्रा अधिक होती है। एक चम्मच फ्लैक्स सीड्स (flax seeds) प्रतिदिन आवश्यक ओमेगा-3 का लगभग 61 प्रतिशत शरीर को प्रदान करता है। यदि आप अपने आहार के साथ-साथ मनोदशा को सुधारने के लिए सोच रहे हैं, तो सीड्स को डिप्रेशन डायट में शामिल करें।

टमाटर (Tomatoes)

टमाटर में प्रचुर मात्रा में फोलिक एसिड और अल्फा-लिपोइक एसिड (Alpha-Lipoic Acid) मौजूद होता है, जो अवसाद से लड़ने के लिए अच्छा माना जाता है। जर्नल ऑफ साइक्रेट्री एंड न्यूरोसाइंस में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, कई अध्ययनों में पाया गया है कि डिप्रेशन के रोगियों में फोलेट की कमी देखी गई है। इस प्रकार डिप्रेशन डायट में फोलिक एसिड को शामिल करना अवसाद के इलाज में सहायक हो सकता है। 

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प्‍याज (Onion)

प्याज में मौजूद फोलेट अवसाद को कम करने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही यह कैंसर की रोकथाम में और आपका मूड अच्छा बनाए रखने में अहम रोल निभाता है। होमोसिस्टीन (Homocysteine) ब्लड और अन्य पोषक तत्वों को मस्तिष्क तक पहुंचने से रोकता है और फोलेट इस केमिकल को बनने से रोकता है। साथ ही होमोसिस्टीन फील-गुड हार्मोन सेरोटोनिन, डोपामाइन और नॉरपेनेफ्रिन के उत्पादन में भी हस्तक्षेप करता है, जो न केवल मूड को नियंत्रित करता है, बल्कि नींद और भूख को भी नियंत्रित करता है।

वैसे तो डिप्रेशन डायट जैसा कुछ होता नहीं है लेकिन, अवसाद में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए? यह मायने रखता है। इससे डिप्रेशन के उपचार पर असर पड़ सकता है। ऊपर बताए गए फूड्स के साथ ही डिप्रेशन डायट में मछली, प्रोबायोटिक्स, सेलेनियम युक्त खाद्य पदार्थ, विटामिन डी आदि भी शामिल करें। डिप्रेशन के लक्षण जल्द से जल्द ठीक हो सके, इसके लिए नियमित रूप से व्यायाम, योग, मेडिटेशन आदि पर भी ध्यान दें।

बैरीज (Berries)

ब्लूबैरी, स्ट्रॉबैरी, ब्लैकबैरी में सबसे ज्यादा मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं। एक रिसर्च में बताया गया कि डिप्रेशन से ग्रस्त जिन मरीजों को दो सालों तक ब्लूबैरी, स्ट्रॉबैरी, ब्लैकबैरी जैसी चीजें खानें को दी गईं, उनमें डिप्रेशन काफी हद तक घट गया। माना जाता है कि एंटीऑक्सिडेंट्स एक तरह से हमारे डीएनए की मरम्मत करते हैं और हमें कई तरह की गंभीर बीमारियों से भी बचाते हैं।

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रिव्यू की तारीख नवम्बर 7, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया नवम्बर 7, 2019

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