हिस्ट्रियोनिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर क्या है, जानें इसके लक्षण?

By Medically reviewed by Dr. Pranali Patil

हिस्ट्रोनिक पर्सनेल्टी डिसऑर्डर असल में एक ऐसी मानसिक स्थिति है जहां किसी व्यक्ति को हमेशा सबका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करने की इच्छा रहती है। ऐसे तो यह इच्छा हम सभी के मन में होती है पर ये इच्छा हिस्ट्रोनिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर तब बन जाती है जब कोई अपनी ओर सबका ध्यान आकर्षित करने के लिए बहुत ही नाटकीय और अनुचित व्यवहार करने लगता है। इस समस्या की वजह से व्यक्ति के सोचने और कार्य करने के तरीके पर बहुत गंभीर असर पड़ सकता है। 

हिस्ट्रियोनिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर के क्या लक्षण हैं?

विशेषज्ञों द्वारा अब तक हिस्ट्रोनिक पर्सनेल्टी डिसऑर्डर के रोगियों में पाए गए मुख्य लक्षण हम आपको यहां बता रहे हैं। 

  • ज्यादा आकर्षक दिखने के लिए नाटकीय हो जाना 
  • किसी दूसरे की बातों से आसानी से प्रभावित होना
  • अपने रूप-रंग को लेकर हद से ज्यादा चिंतित रहना 
  • अत्यधिक नाटकीय और भावनात्मक होना
  • जल्दबाजी में निर्णय लेना 
  • सिर्फ अपने ही बारे में सोचना और दूसरों के लिए कभी चिंता ना दिखाना 
  • किसी दूसरे के अनुसार अपनी पसंद और नापसंद बदलना 
  • बहुत ही जल्दी फ्रस्ट्रेट होना और आसानी से अपनी दिनचर्या से ऊब जाना
  • अक्सर एक काम खत्म किए बिना ही दूसरा काम शुरू करना
  • अटेंशन पाने के लिए आत्महत्या करने की कोशिश करना

हिस्ट्रोनिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर के इनके अलावा भी कई लक्षण हो सकते हैं। अगर आपको इन लक्षणों के अलावा किसी और लक्षण का अनुभव होता है तो डॉक्टर से तुरंत परामर्श लें।

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क्यों होता है हिस्ट्रियोनिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर?

हिस्ट्रोनिक पर्सनेल्टी डिसऑर्डर होने का मुख्य कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। विशेषज्ञों की मानें तो यह समस्या जीन्स और बचपन में सीखे गए व्यवहार की वजह से भी हो सकती है। आकड़ों के अनुसार यह समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा पायी गयी है। पर कई विशेषज्ञ ऐसा भी मानते हैं कि अगर पुरुष इस डिसऑर्डर के बारे में खुल के बात करें तो महिलाओं की तुलना में यह समस्या उनमे ज्यादा मिलेगी। यह समस्या पुरुषों में इसीलिए कम पायी जाती है क्योंकि पुरुष इस पर बात ही नहीं करते और इसे नजरंदाज करते हैं। हिस्ट्रोनिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर आमतौर पर किशोरावस्था से लेकर 25 साल तक के लोगों में ज्यादा पाया जाता है।

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कैसे लड़ें हिस्ट्रियोनिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर?

हिस्ट्रोनिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर को मनोवैज्ञानिक आधार पर ही ठीक किया जा सकता है। इस समस्या को पूरी तरह से दूर करने में लगने वाला समय इस बात पर निर्भर करता है कि इस समस्या के लक्षण रोगी को कितने समय से हैं और कितने गंभीर हैं। मनोवैज्ञानिक मुख्य रूप से रोगी के व्यवहार, उसके रूप-रंग और उसके विचारों पर जांचते हैं। उसके बाद ही वो हिस्ट्रोनिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर के रोगियों को कोई उपचार या दवाई रेकमेंड करते हैं। टॉक थेरेपी इस समस्या के लिए सबसे बेहतर और असरदार इलाज है। इसके अलावा मेडिकेशन भी इस समस्या को कम करने में मदद करती है।

 सही समय पर किए गए उपायों से हिस्ट्रीओनिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर वाले कई रोगी अपनी सोशल और प्रोफेशनल लाइफ में अच्छा काम कर रहे हैं। हालांकि, कुछ लोग जो गंभीर रूप से इस बीमारी से ग्रस्त हैं उन्हें अपने दैनिक जीवन में संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में बगैर देर किए आप तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

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रिव्यू की तारीख जुलाई 11, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया जनवरी 23, 2020

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