लॉकडाउन में लोगों ने स्टॉक कर ली सिगरेट और तंबाकू, हो सकते हैं दुष्परिणाम

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जून 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

कोरोना वायरस को लेकर एहतियात के तौर पर देशभर को लाॅकडाउन कर दिया गया है। ऐसे में राशन, मेडिकल और सब्जी जैसे जरूरी सामान न मिलने के डर के चलते लोगों ने इन चीजों को स्टोर कर लिया है। यहां तक तो ठीक है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने पान, गुटका, खैनी, तंबाकू और सिगरेट तक को स्टॉक कर लिया है। जिसके चलते वे नॉर्मल दिनों की तुलना में इन नशीली चीजों का सेवन ज्यादा कर रहे हैं। जिससे उनके स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है।

एक्सपर्ट बताते हैं कि कोरोना के इस दौर में अत्यधिक स्मोकिंग लंग्स को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। ऐसे में जो पहले से स्मोकिंग करते थे, यदि वे वायरस की चपेट में आते हैं तो उनके बचने की संभावना कम हो जाती है। लाॅकडाउन, कोरोना वायरस के बचाव के बीच एक्सपर्ट के हवाले से कोरोना के दौरान स्मोकिंग कितनी घातक है जानते हैं।

यह भी पढ़ें : सच या झूठः क्या आपको भी मिला है कोरोना लॉकडाउन फेज का ये मैसेज?

कैसे बढ़ रहा खतरा?

ब्रह्मानंद हृद्यालय नारायणा मल्टी स्पेश्यलिटी हास्पिटल जमशेदपुर के कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ आशीष बताते हैं कि, ‘यदि सामान्य दिनों में कोई व्यक्ति एक से दो सिगरेट प्रतिदिन पीता था तो वहीं इस लाॅकडाउन के बीच उसने घर में ही सिगरेट को स्टोर कर लिया है तो वह औसतन 8-10 सिगरेट पी लेगा। यह उसके शरीर के लिए घातक साबित होगा। सामान्य लोगों की तुलना में उसे कोरोना वायरस के संक्रमण का तो खतरा है ही साथ ही उसमें एंग्जायटी, गुस्सा, डिप्रेशन (तनाव) और हाइपरटटेंशन की समस्या हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि लाॅकडाउन के दौरान स्मोकिंग कम करें।

यह भी पढ़ें: कोरोना के मिथ और फैक्ट : क्या विटामिन-सी बचाएगा कोरोना से?

जो लोग स्टॉक नहीं कर पाए उनके लिए भी खतरा

देशभर में पीएम मोदी ने अचानक लाॅकडाउन कर दिया था है। कई लोग ऐसे भी हैं जो सिगरेट, पान, गुटका, तंबाकू, खैनी आदि का सेवन तो करते हैं, लेकिन वे इसका स्टॉक नहीं कर पाए। अब ऐसे लोग इन चीजों की तलब से परेशान हैं। कैंसर स्पेशलिस्ट डाॅ आशीष बताते हैं कि, कोरोना के दौरान स्मोकिंग हर मायने में गलत है। ऐसे लोग जिन्होंने नशीले पदार्थों को स्टाॅक नहीं किया है और वे घर से बाहर भी नहीं निकल रहे हैं तो ऐसे लोगों के लिए यह एक मौका है। यदि दो से तीन दिनों से किसी स्मोकर ने स्मोकिंग नहीं की या कम की है तो वह अपनी इच्छाशक्ति को बढ़ाकर इसे कम से और कम कर सकता है। ऐसे लोगों को कोशिश करनी चाहिए कि वे ज्यादा से ज्यादा दिनों तक स्मोकिंग न करें।

यह भी पढ़ें : कोरोना के मिथ और फैक्ट : क्या विटामिन-सी बचाएगा कोरोना से?

कोरोना में स्मोकिंग से इन बीमारियों का खतरा

कैंसर स्पेशलिस्ट डाॅ आशीष बताते हैं कि कोरोना के दौरान स्मोकिंग से कई प्रकार की बीमारी हो सकती है, जिनमें सबसे ज्यादा खतरा लंग कैंसर, ओरल कैंसर और किडनी के कैंसर का है। वहीं कोरोना के दौरान स्मोकिंग से पेशाब की थैली का भी कैंसर हो सकता है। इसके अलावा हार्ट अटैक की भी संभावनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में जरूरी है कि कोरोना के दौरान स्मोकिंग न की जाए।

यह भी पढ़ें : चाइना की ऑर्गेनाइजेशन ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए भारत को दिए प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट

तनाव के दौरान तंबाकू का बढ़ता है सेवन

जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम सदर अस्पताल जमशेदपुर के साइकेट्रिस्ट डॉ दीपक कुमार गिरि बताते हैं कि कोरोना के दौरान स्मोकिंग काफी खतरनाक है। जिन लोगों ने पहले से ही घरों में तंबाकू के पदार्थ का स्टाक कर लिया था। उन्होंने अपने लिए मुश्किलें खड़ी कर ली हैं। लाॅकडाउन में सभी लोग कोरोना वायरस के चलते तनाव में जी रहे हैं। सोशल मीडिया और न्यूज के माध्यम से मिलने वाली खबरों के कारण लोगों में तनाव बढ़ा है ऐसे में जिन लोगों ने घर में ही तंबाकू के पदार्थ या शराब रखी है वे इसका यूज ज्यादा कर सकते हैं। मरीज जिनको पहले से डायबिटीज, हाइपरटेंशन है या वे किसी तनाव से जूझ रहे हैं तो उन लोगों के लिए सिगरेट और तंबाकू का सेवन करना काफी खतरनाक हो सकता है। वहीं यदि कोई पहले से ही किसी दवा का सेवन कर रहा है तो इस स्थिति में यानि कोरोना के दौरान स्मोकिंग करने से दवा का असर भी कम होगा।

यह भी पढ़ें: भारत में कोविड-19 मरीजों की संख्या दूसरे देशों से कम क्यों है?

कोरोना के दौरान स्मोकिंग न कर पाने से घबराहट

साइकेट्रिस्ट डा दीपक बताते हैं कि ऐसे लोग जो रेगुलर स्मोकर तो हैं, लेकिन किसी कारणवश उन्होंने सिगरेट आदि का स्टाॅक नहीं करके रखा है तो वे घबराहट महसूस कर रहे होंगे। जरूरी है कि ऐसे लोग इस बैचेनी पर काबू पाएं। यदि ये लोग इस समय को बिना सिगरेट के गुजार देते हैं तो आने वाले समय में भी वो अपने मन पर काबू पा सकते हैं।

यह भी पढ़ें: डब्ल्यूएचओ ने कोविड-19 के दौरान आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जारी किए ये दिशानिर्देश

इंफेक्शन का कारण बनती है स्मोकिंग

स्मोकिंग करने वालों व शराब का सेवन करने वालों पर एक शोध किया गया जिसमें यह देखा गया है कि इसका सेवन करने से वायरस इंफेक्शन होता है। 391 लोगों पर किए गए इस शोध से पता चला कि पांच में से एक व्यक्ति सांस संबंधी वायरस से ग्रसित था वहीं 26 लोगों को सलाइन तक चढ़ानी पड़ी थी। इससे यह पता चला कि यदि ऐसे लोगों को आइसोलेट न किया गया तो यह दूसरों को भी वायरस फैलाएंगे।

शोध से यह पता चला कि स्मोकर्स में संक्रमण के फैलने का खतरा सामान्य की तुलना में ज्यादा था। वहीं हाल ही में किए गए शोध से यह भी पता चला है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में कोरोना वायरस के केस ज्यादा हैं। वुहान में ही कोरोना से हुई मौतों से पता चला कि वहां महिलाओं की तुलना में पुरुषों की अधिक मौतें हुई। वहीं 140 कोरोना वायरस मरीजों पर किए शोध से पता चला है कि वायरस से सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों को है जो किसी बीमारी से जूझ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि कोरोना के दौरान स्मोकिंग न की जाए।

कोरोना के दौरान स्मोकिंग को रोकने के लिए जापान में बैन

डाॅ आशीष कुमार बताते हैं कि कोरोना वायरस और ज्यादा सिगरेट पीने से लंग्स पर असर पड़ता है। वहीं जो लोग अत्यधिक सिगरेट पीते हैं उनको कोरोना वायरस का संक्रमण होने की संभावना ज्यादा है। क्योंकि सामान्य व्यक्ति की तुलना में उनका लंग कमजोर होता है। यही वजह भी है कि जापान में लोग सिगरेट ना पिएं इसलिए स्मोकिंग पर बैन लगा दिया है। ऐसा कोरोना वायरस से बचाव को लिए किया है। भारतीय सरकार को भी दूसरे देशों को देखते हुए देश में तंबाकू व इसके पदार्थों पर बैन लगाना चाहिए।

इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए डाक्टरी सलाह लें। ।

और पढ़ें :

कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी कोविड-19 के एक्सपर्ट ने खोले राज

कोविड-19 है जानलेवा बीमारी लेकिन मरीज के रहते हैं बचने के चांसेज, जानें इस क्विज में

कोविड-19 से प्रोटक्शन के लिए इन बातों का रखना चाहिए ध्यान, अगर है जानकारी तो खेलें क्विज

कोरोना वायरस (कोविड-19) के बारे में क्या ये सबकुछ जानते हैं आप ? खेलें क्विज

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

गृह मंत्री अमित शाह भी आए कोरोना की चपेट में, देश में नहीं थम रही कोरोना की रफ्तार

देश में कोरोना की रफ्तार बढ़ती ही जा रही है, कई राजनेताओं को अपनी चपेट में ले चुका कोरोना गृह मंत्रालय तक पहुंच गया है, अमित शाह कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

के द्वारा लिखा गया Kanchan Singh

कोरोना वायरस कम्युनिटी स्प्रेड : आईएमए ने बताया भारत में कोरोना का सामुदायिक संक्रमण है भयावह

कोरोना वायरस कम्युनिटी स्प्रेड, कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन, कोरोना वायरस कम्युनिटी ट्रांसमिशन, कोरोना का सामुदायिक संक्रमण, कोरोना संक्रमण की स्टेजेस, coronavirus community spread.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
कोरोना वायरस, कोविड 19 और शासन खबरें जुलाई 20, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

रूस ने कोरोनावायरस वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल किया पूरा, भारत में कोरोना की दवा लॉन्च करने की तैयारी

कोरोनावायरस वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल, इटोलिजुमाब, कोरोनावायरस की दवा, इंजेक्शन, कोरोना का इलाज, Itolizumab, Coronavirus vaccine human trail.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
कोरोना वायरस, कोविड 19 व्यवस्थापन जुलाई 14, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

अमिताभ बच्चन ने कोरोना से जीती जंग, बेटे अभिषेक ने ट्वीट करके दी जानकारी

अमिताभ बच्चन कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। अमिताभ बच्चन के साथ उनके बेटे अभिषेक बच्चन भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। ट्वीट करके दोनों बॉलीवुड एक्टर्स ने लोगों से अपील की है कि उनके आसपास के लोग भी कोरोना टेस्ट कराएं। Amitabh and Abhishek Bacchan tested corona positive in hindi

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
कोरोना वायरस, कोविड-19 जुलाई 12, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

कोरोना वायरस का टीका - covid 19 vaccine

कोरोना वायरस (कोविड 19) का टीका: क्या वैक्सीन के साइड इफेक्ट की होगी चिंता? 

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Toshini Rathod
प्रकाशित हुआ अगस्त 11, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
ई-बुक्स के फायदे और नुकसान

क्या ई-बुक्स सेहत के लिए फायदेमंद है, जानें इससे होने वाले फायदे और नुकसान

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Arvind Kumar
प्रकाशित हुआ अगस्त 9, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
कोरोना की वैक्सीन

COVID-19 वैक्सीन : क्या सच में रूस ने कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन बना ली है?

के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
प्रकाशित हुआ अगस्त 7, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
जिम और योगा सेंटर के लिए गाइडलाइन

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए जिम और योगा सेंटर के लिए गाइडलाइन

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
प्रकाशित हुआ अगस्त 4, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें