चरम सुख के साथ ऑर्गेज्म के शारिरिक और मानसिक फायदे

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Update Date मई 25, 2020
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सेक्स की चरम सीमा पर पहुंचना न केवल आनंद का एहसास दिलाता है, बल्कि इसके कई हेल्थ बेनीफिट्स भी हैं। ऑर्गेज्म की ताकत ही ऐसी है कि इससे शारिरिक के साथ मानसिक फायदे होते हैं। समय समय पर सेक्स करने से शरीर में एंडोर्फिन्स (endorphins) का रिसाव होता है, इससे शारिरिक के साथ मानसिक स्वास्थ्य में विकास होता है। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने पार्टनर के साथ बांडिंग मजबूत रखिए और हेल्थ बेनीफिट्स का फायदा उठाते रहिए। आइए इस आर्टिकल में हम जानने की कोशिश करते हैं कि ऑर्गेज्म से हमें क्या-क्या फायदे होते हैं।

क्या होता है ऑर्गेज्म

सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म उस समय को कहा जाता है, जब हम चरम सुख या कामोत्तेजना को महसूस करते हैं।  यह हमें अच्छा महसूस कराते हैं। ऑर्गेज्म आने की घड़ी तक सेक्चुअल टेंशन बढ़ता जाता है, जबतक चरम सुख को नहीं पा लेते या फिर प्राइवेट पार्ट रिलीज नहीं कर देता।

सेक्स बेनीफिट्स पर एक नजर

– तुरंत व प्राकृतिक तरीके से दर्द में आराम
– अपने आप में अच्छा महसूस करना
– शरीर में लिबिडो का बढ़ना
– ब्लड प्रेशर का सामान्य बने रहना
– तनाव का कम होना और मानसिक व शारिरिक रूप से स्वस्थ्य रहना
– रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा
– दिल संबंधी बीमारी या हार्ट अटैक का खतरा कम होना
– अच्छी नींद मिलना
– अपने पार्टनर के और नजदीक आना
पुरुष हो या महिलाएं ऑर्गेज्म व सेक्स के कारण वो बेहतर महसूस कर सकते हैं साथ ही शारिरिक और  मानसिक रूप से भी हेल्दी फील कर सकते हैं। इसलिए जीवन में सेक्स बेहद ही जरूरी है।

सेक्स करने से हमारी स्किन में आता है निखार

आर्गेज्म या सेक्स की बड़ी खासियत यह भी है कि इससे हमारे स्किन में निखार आता है। लेकिन मास्टरबेटिंग से नहीं। आर्गेज्म और सेक्स के दौरान हमारा ब्लड फ्लो एकाएक बढ़ जाता है। इससे शरीर में ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन का प्रवाह होता है।
कई लोगों ने यह महसूस किया होगा कि ब्लड फ्लो बढ़ने से स्किन का वार्म अप हो जाता है। इसके साथ ही शरीर में ऑक्सीजन के बढ़ने से शरीर में कोलेजेन (collagen खास प्रकार का प्रोटीन) निकलता है, जो हमारे स्किन के लिए काफी लाभकारी होता है। ऐसे में ऑर्गेज्म न केवल हमें तनाव-चिंता से मुक्त रखने के साथ बेहतर नींद दिलाता है बल्कि यह हमारे स्ट्रेस लेवल को कम कर हमारे स्किन को निखारने का काम भी करता है।

दिल की ताकत में होता है इजाफा

ऑर्गेज्म (कामोत्तेजना) सिर्फ मौज मस्ती का ही जरिया नहीं है। बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी उतना ही लाभकारी है। खासतौर से वैसे लोगों के लिए जो नियमित सेक्स करते हैं। फार्मासिस्ट समीर पटेल बताते हैं कि जब आप सेक्स करते हैं तो उस दौरान हमारा हार्ट रेट सामान्य की तुलना में ऊपर उठता है। आर्गेज्म/सेक्स के दौरान प्रति मिनट जितना हमारा दिल धड़कता था, उससे कहीं अधिक धड़कने लगता है। हार्ट रेट का बढ़ना हमारे दिल के लिए काफी लाभकारी होता है, आर्गेज्म के दौरान सेक्स के साथ हम हल्की एक्सरसाइज कर लेते हैं।

सेक्स के बाद टेंशन फ्री हो जाता है इंसान

ऑर्गेज्म हमारे दिमाग को कई प्रकार से संतुष्टि दिला सकता है। सेक्स के दौरान ऑक्सीटॉसिन रिलीज होता है। जब यह केमिकल हमारे दिमाग के हायपोथैल्मस पार्ट में रिलीज होता है तो उस स्थिति में यह खास प्रकार के सिग्नल भेजता है, जिससे हम खुश महसूस करने के साथ गर्म और शांत महसूस करते हैं।
ऑक्सीटॉसिन वही हार्मोन है, जो शिशु व मां के बीच के संबंधों को बेहतर करता है। वहीं डोपामीन हार्मोन के रिलीज होने पर हम इमोशनल महसूस करने के साथ  आनंद महसूस करते हैं। तमाम हार्मोन के समावेश के कारण ही सेक्स करने वाला व्यक्ति आर्गेज्म के कारण ज्यादा रिलैक्स महसूस करने के साथ मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है।
यदि आप आर्गेज्म या कामोत्तेजना के चरम सुख तक नहीं पहुंच पा रहे हैं तो इसमें घबराने की कोई बात नहीं है। उचित यही होगा कि सोने से पहले आप सेक्स का आनंद लें। कई शोध से यह भी पता चला है कि आर्गेज्म के कारण तनाव और चिंता में कमी आती है और पहले की तुलना में व्यक्ति को अच्छी नींद आती है।

आती है अच्छी नींद

ऑर्जेज्म (कामोत्तेजना) या फिर सेक्स के बाद आपने महसूस किया है कि आपको अच्छी नींद आती है। खासतौर से तब जब आप सेक्स के बाद आत्मसंतुष्ट महसूस करते हैं। ऐसा इसलिए नहीं है कि सेक्स के दौरान आपके शरीर, हाथों का एक्सरसाइज हो जाता है। बल्कि मुख्य कारण यह है कि आपका आर्गेज्म कुछ खास प्रकार के कैमिकल्स का रिसाव करता है। जैसे ऑक्सीटॉसिन (oxytoxin) और सेरोटोनिन (serotonin)(हैप्पी हार्मोन) के साथ नोरएपिनेफ्रीन (norepinephrine), वेसोप्रेसीन और प्रोलैक्टीन (vasopressin and prolactin) कैमिक्लस का रिसाव होने के कारण हम अच्छा महसूस करते हैं।
यह तमाम कैमिकल्स हमें अच्छा महसूस कराने में हमारी मदद करते हैं। डॉ डियाना गाल बताती हैं कि सेक्स के दौरान जब हम चरम सुख पर पहुंचते हैं, जिसे क्लाइमेक्स कहा जाता है उस दौरान हमारा शरीर प्रोलेक्टीन नामक कैमिकल का रिसाव करता है। शोध में यह पता चला है कि प्रोलैक्टीन हमें रिलेक्स और सुस्त फील कराने में मदद करता है। ऐसे में हमें सेक्स के बाद आसानी से नींद आ जाती है। ऑर्गेज्म के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन का लेवल सामान्य की तुलना में बढ़ जाता है। इस कारण भी महिलाओं को गहरी नींद आती है।

 आर्गेज्म दर्द मिटाने में है कारगर

यूनिवर्सिटी ऑफ मूनस्टर इन जर्मनी की ओर से 2013 शोध किया गया, जिसमें यह पता करने की कोशिश की गई कि सेक्स के दौरान ऑर्गेज्म के कारण माइग्रेन, तनाव व सिरदर्द से राहत मिलती है या नहीं। शोध का हिस्सा बने करीब 60 फीसदी लोग जो माइग्रेन से ग्रसित थे, एक तिहाई लोग सिरदर्द से ग्रसित थे उन्होंने यह अनुभव किया कि सेक्स के कारण उनका दर्द कम हुआ, वहीं वो अच्छा महसूस करते हैं। इस स्टडी में मास्टरबेशन को कवर नहीं किया था। शोधकर्ता अनुमान लगाते हैं कि मास्टरबेशन करने से भी व्यक्ति को यही अनुभूति हो सकती है। इसके दूसरे पहलू को देखें तो माइग्रेन से ग्रसित 33 फीसदी लोगों ने कहा कि सेक्स व ऑर्गेज्म के कारण उनके लक्षण और बढ़ें, यह सभी के लिए अच्छा नहीं होता।

अच्छी सेक्स लाइफ को यह फैक्टर कर सकते हैं इफेक्ट, करें देखभाल

 यदि आप ऑर्गेज्म की सीमा तक नहीं पहुंच पा रहे हैं तो उसके कारण कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। जैसे :
– तनाव या मानसिक रूप से चिंता
– बढ़ती उम्र
– आत्मविश्वास की कमी
– वजायनल ड्रायनेस की वजह से
– संबंधों को लेकर चिंता
– शिशु के होने के बाद या पीरियड्स होने के बाद हार्मोन का बदलना
– गायनकोलॉजिकल परेशानियों जैसे दर्दभरा इंटरकोर्स
– पर्याप्त उत्तेजित न हो पाने के कारण
– एंटीडिप्रेसेंट्स जैसी दवा का सेवन करने के कारण
– सेक्स करने को लेकर डर या घबराहट

हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाएं

हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाकर ऑर्गेज्म हासिल किया जा सकता है। वहीं हेल्दी सेक्स लाइफ को पाया जा सकता है। यह पाने के लिए इन चीजों को आप अपना सकते हैं। जैसे
– सिगरेट पीते हैं तो उसे जितना जल्दी हो छोड़ दें
– नियमित तौर पर व्यायाम करें
– शराब का सेवन करते हैं ड्रिंक करना कम करें
– प्रतिबंधित ड्रग्स का सेवन न करें
– बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी प्रकार की दवा का सेवन न करें
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए डाक्टरी सलाह लें। हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।
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