सेक्स के बाद दर्द होना हर बार नहीं होता है नॉर्मल, जानिए इसकी वजह

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अगस्त 26, 2020 . 7 मिनट में पढ़ें
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क्या आपको भी सेक्स के बाद वजाइना में दर्द या पेट के निचले हिस्से में दर्द होता है? तो आप अकेली नहीं हैं एक अनुमान के हिसाब से यौन संबंध के बाद दुनिया की लगभग 60% महिलाएं हल्का या गंभीर सेक्स के बाद दर्द महसूस करती हैं। वैसे तो, यह ज्यादा चिंता की बात नहीं है। लेकिन, अगर संभोग के बाद दर्द आपकी सेक्स लाइफ पर असर डालने लगे तो इसे नजरअंदाज न करें। सेक्शुअल इंटरकोर्स या उसके बाद होने वाला दर्द किसी समस्या की वजह से भी हो सकता है। “हैलो स्वास्थ्य” के इस आर्टिकल में आज यही जानेंगे कि सेक्स के बाद दर्द किन कारणों से होता है।

समझें सेक्स के बाद होने वाले दर्द को

यदि आप सेक्स के बाद योनि क्षेत्र के आसपास दर्द का अनुभव कर रही हैं, तो पहले यह समझना जरूरी है कि दर्द कहां से आ रहा है ताकि आप उसका बेस्ट ट्रीटमेंट कर सकें। वजाइना एक लंबी मस्कुलर कैनाल है जो सर्विक्स तक जाती है। लेबिया (labia), क्लिटोरिस (clitoris), वजाइनल ओपनिंग और यूरेथ्रल ओपनिंग (urethral opening) वल्वा में ही शामिल हैं। अगर आप पेनेट्रेशन के बाद योनि में दर्द का अनुभव करती हैं, तो यह कई कारणों की वजह से हो सकता है।

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सेक्शुअल इंटरकोर्स के बाद वजाइना में दर्द के कारण क्या हैं?

सेक्शुअल पेनेट्रेशन के बाद वजाइना में दर्द के कई कारण हो सकते हैं। इन कारणों में शामिल हैं:

लुब्रिकेशन की कमी

जब महिला उत्तेजित होती हैं, तो वजाइना से प्राकृतिक रूप से लुब्रिकेशन होता है। लेकिन कभी-कभी, यह लुब्रिकेशन पर्याप्त नहीं होता है। यदि महिला की यौन उत्तेजना कम है तो सेक्शुअल इंटरकोर्स के दौरान फ्रिक्शन ज्यादा हो सकता है। इससे योनि के आस-पास के हिस्से में खरोंच आ सकती है जिससे दर्द और परेशानी हो सकती है। कुछ मामलों में, इससे वजाइनल इंफेक्शन (vaginal infection) भी हो सकता है। स्नेहक की समस्या से बचने के लिए आप सेक्स लुब्रिकेंट्स का इस्तेनाल भी कर सकते हैं।

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रफ सेक्स

यदि सेक्शुअल पेनेट्रेशन थोड़ा रफ हो जाए, तो आप योनि और वल्वा के आसपास कुछ दर्द या तकलीफ महसूस कर सकती हैं। फ्रिक्शन और एक्स्ट्रा प्रेशर सेंसिटिव टिश्यूज को परेशान कर सकता है। इसके साथ ही अगर यौन संबंध बनाने के दौरान सेक्स टॉयज (sex toys) या किसी अन्य चीज का इस्तेमाल किया गया है, तो आपको सेक्स के बाद दर्द का अनुभव हो सकता है।

सेक्स टॉय का उपयोग करते समय आपको टॉयज के फ्रिक्शन को कम करने के लिए अतिरिक्त सेक्स लुब्रिकेंट (sex lubricants) की आवश्यकता हो सकती है। इसके अलावा ठीक से सेक्स टॉय का इस्तेमाल न करने से भी यौन क्रिया के बाद दर्द हो सकता है।

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कॉन्डम, लुब्रिकेंट या अन्य उत्पादों से एलर्जी रिएक्शन

लेटेक्स कॉन्डम, लुब्रिकेंट या अन्य प्रोडक्ट्स जिनका इस्तेमाल आप शारीरिक संबंध स्थापित करने के दौरान करते हैं उनसे हुई एलर्जी वजाइना में दर्द का कारण बन सकती है। यह योनि में जलन का कारण भी बन सकती है।

यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई)

सेक्स के दौरान योनि में दर्द एसटीआई (sexually transmitted infection) जैसे- क्लैमाइडिया (chlamydia), गोनोरिया (gonorrhea) या जेनिटल वार्ट का पहला लक्षण हो सकता है। यदि टेस्ट नहीं हुआ है, तो इंफेक्शन को रोकने के लिए आप एसटीआई स्क्रीनिंग (STI screening) के बारे में डॉक्टर से सलाह ले सकती हैं।

यीस्ट इंफेक्शन (Yeast infection)

सेक्शुअल एक्टिविटी के बाद दर्द का एक कारण यीस्ट इंफेक्शन भी हो सकता है। यीस्ट इंफेक्शन के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • वजाइना में खुजली
  • सूजन
  • यूरिनेशन के दौरान दर्द आदि।

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यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI)

अगर आपको यूटीआई की समस्या है तो सेक्शुअल इंटरकोर्स के बाद वजाइना में दर्द का अनुभव हो सकता है। यह आपके वजाइनल और पेल्विक एरिया में भी दर्द पैदा कर सकता है। फिजिकल रिलेशन बनाते समय यदि यूटीआई है, तो इससे वजाइना में जलन और सूजन भी हो सकती है।

बार्थोलिन सिस्ट (Bartholin’s cyst)

दो बार्थोलिन ग्लैंड्स वजाइनल ओपनिंग के दोनों ओर होती हैं। ये ग्रंथियां योनि को नेचुरल लुब्रिकेशन देती हैं। कभी-कभी, ये ग्लैंड्स किसी कारण से अवरुद्ध हो सकती हैं जिससे फ्लूइड मूव नहीं हो पाता है। यह फ्लूइड थक्कों का कारण बनता है। इन्हें ही बार्थोलिन सिस्ट के नाम से जाना जाता है। नतीजन, ये सिस्ट यौन गतिविधि के दौरान वजाइना में दर्द का कारण बनते हैं।

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रजोनिवृत्ति (Menopause)

मेनोपॉज से पहले और उसके दौरान, शरीर में हार्मोन का स्तर काफी बदलता है। शरीर में कम एस्ट्रोजन की वजह से नेचुरल लुब्रिकेंट्स का कम उत्पादन होता है। साथ ही, वजाइना के टिशू भी सूखकर पतले हो जाते हैं। यह स्तिथि सेक्स को और अधिक असुविधाजनक बना सकती हैं, यहां तक ​​सेक्स के बाद दर्द का कारण भी बन सकती है।

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वजेनाटिस (Vaginitis)

योनि में मौजूद नेचुरल बैक्टीरिया के संतुलन में बदलाव से वजाइना में सूजन हो सकती है। वजेनाटिस नामक यह स्थिति, वजाइना में खुजली और डिस्चार्ज का कारण भी बन सकती है। इस तरह की स्थिति में बिना यौन संबंध बनाए ही लेबिया (labia) या योनि में दर्द हो सकता है। सेक्शुअल इंटरकोर्स इस दर्द को और बढ़ा सकता है।

एंडोमेट्रियोसिस (endometriosis)

एंडोमेट्रियोसिस तब होता है जब यूटेराइन लाइनिंग पेल्विक में कहीं और बढ़ने लगती है। यह अंडाशय या फैलोपियन ट्यूब तक बढ़ सकती है। यहां तक कि यह पेल्विक लाइनिंग के ऊपर भी विकसित हो सकती है। संभोग के दौरान या बाद दर्द एंडोमेट्रियोसिस का सामान्य लक्षण हैं।

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पेल्विक इंफ्लामेशन डिजीज (PID)

पीआईडी ​​एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है। यह संक्रमण गर्भाशय, फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय ग्रीवा और अंडाशय तक फैल सकता है। इससे पेल्विक पेन, दर्दनाक सेक्स, यूरिनेशन के दौरान दर्द और ब्लीडिंग की समस्या पैदा हो सकती है।

वुलवोडायनिया (Vulvodynia)

वल्वा में होने वाला दर्द है जो कम से कम 3 महीने तक बना रहता है। ऐसी स्थिति को वुलवोडायनिया कहते हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि इस स्थिति का क्या कारण है, लेकिन यह असामान्य नहीं है। सेक्शुअल एक्टिविटी के बाद यह दर्द और बदतर हो सकता है। इसके साथ ही वजाइना में भी जलन हो सकती है।

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वैजिनिस्मस (Vaginismus)

योनि का संकुचन एक ऐसी स्थिति है जिससे महिलाओं को सेक्स के दौरान बहुत दर्द होता है। इस सेक्शुअल प्रॉबल्म के चलते टैम्पोन को भी इन्सर्ट करने में परेशानी होती है।

गर्भाशय फाइब्रॉएड (Uterine fibroids)

गर्भाशय फाइब्रॉएड यूटेराइन के अंदर या ऊपर विकसित हो सकते हैं। ये फाइब्रॉएड जब बड़े हो जाते हैं, तो वे काफी दर्दनाक हो सकते हैं। यदि आपको यूटेराइन फाइब्रॉएड है, तो सेक्स के बाद पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द का अनुभव हो सकता है।

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वल्वर पेन (Vulvar pain)

सेक्शुअल इंटरकोर्स के दौरान योनि में दर्द हो सकता है। लेकिन, यदि सेक्स से पहले ही आपको दर्द हो रहा है, तो यह किसी हेल्थ कंडीशन का लक्षण हो सकता है, जैसे-वल्वर अल्सर (vulvar ulcer)। ऐसे में कुछ घंटों या दिनों तक वल्वर में जलन होती रहे, तो डॉक्टर से संपर्क करना ही बेहतर रहेगा।

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सेक्स के बाद दर्द के अन्य कारण

  • बर्थ कंट्रोल पिल्स, प्राकृतिक हार्मोन के स्तर को कम कर देती हैं। ये पिल्स वजाइना के टिश्यू को भी सूखा देती हैं। ऐसे में सेक्स के दौरान आप अगर फोरप्ले या सेक्स लुब्रिकेंट्स को एहमियत नहीं देते हैं तो सेक्शुअल पेनेट्रेशन के फौरन हुआ फ्रिक्शन सेक्स के बाद दर्द का कारण बनता है।
  • पेल्विक फ्लोर की मसल्स का टाइट होना भी पेनफुल सेक्स की वजह बनता है। ऐसा खराब पोस्चर, कुछ प्रकार की शारीरिक गतिविधि (जैसे साइकिल चलाना) आदि इसके कारण हो सकते हैं।
  • कभी-कभी गर्भावस्था के बाद भी सेक्स करने से दर्द हो सकता है।

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सेक्स के बाद दर्द : कैसे मिलेगी राहत?

नीचे कुछ उपाय बताएं जा रहे हैं जिनमें से कुछ को तो आप घर पर ही कर सकती हैं और कुछ के लिए आपको डॉक्टर की सलाह लेनी पड़ती है। ते कुछ उपाय इस प्रकार हैं-

आइस पैक (ice pack)

फ्रिक्शन या एक्स्ट्रा प्रेशर की वजह से होना वाला दर्द अपने आप ही कुछ ही घंटों में खत्म हो जाता है। इसके लिए आप आइस पैक का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। वल्वर में होने वाली असुविधा को कम करने के लिए 5 से 10 मिनट के लिए आइस पैक को वल्वा एरिया में रखें। ध्यान रहे आइस पैक को सीधे वल्वा पर न रखें। वॉशक्लॉथ में लपेटकर आइस पैक रखें। यदि आइस पैक का उपयोग करना असुविधाजनक या दर्दनाक है, तो इस्तेमाल तुरंत रोक दें और डॉक्टर से परामर्श करें। इसके साथ सेक्शुअल हाइजीन (sexual hygiene) का भी ख़ास ख्याल रखें कभी-कभी संक्रमण की एक वजह उचित स्वच्छता पर ध्यान न देना भी हो सकता है।

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हार्मोनल ट्रीटमेंट

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (hormonal replacement therapy) से कुछ लोगों को फायदा हो सकता है। यह शरीर को धीरे-धीरे रजोनिवृत्ति (menopause) के कारण होने वाले हार्मोन परिवर्तनों के लिए समायोजित करती है। इससे नेचुरल लुब्रिकेंट्स के उत्पादन में मदद मिलती है जिससे दर्दनाक यौन संबंध (physical relation) से राहत मिल सकती है।

सर्जरी

यदि आपको बार्थोलिन सिस्ट या गर्भाशय फाइब्रॉएड है, तो डॉक्टर इन्हें हटाने के लिए सर्जरी की सलाह दे सकता है।

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एंटीबायोटिक्स

डॉक्टर द्वारा प्रिस्क्रिप्शन पर लिखी गई कुछ एंटीबायोटिक्स यूटीआई, पीआईडी ​​और कुछ एसटीआई जैसे संक्रमण का इलाज कर सकते हैं। कुछ ओवर-द-काउंटर ट्रीटमेंट यीस्ट इंफेक्शन के इलाज के लिए भी उपलब्ध हैं। हालांकि, खुद से कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से निदान और अनुशंसित उपचार प्राप्त करना ही उचित है। यूटीआई को दूर करने के लिए आप क्रैनबेरी जूस (cranberry juice) का सेवन भी कर सकती हैं।

पेल्विक फ्लोर मसल एक्सरसाइज

रिवर्स केगल्स (reverse kegel) आपकी पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को आराम पहुंचाने में मददगार साबित हो सकती है। यह एक्सरसाइज न केवल सेक्स के बाद दर्द को कम कर सकती है, बल्कि पेनेट्रेशन को और भी अधिक मजेदार बना सकती है।

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एलर्जी से मुक्त उत्पाद का इस्तेमाल करें (allergy free products)

यदि आपको लगता है कि आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले कॉन्डम या सेक्स टॉय में मौजूद सामग्रियों से एलर्जी है, तो उनका इस्तेमाल करना तुंरत बंद कर दें। साथ ही अगर यदि लुब्रिकेंट आपके वल्वा को संवेदनशील बना देता है, तो उसका इस्तेमाल करना भी छोड़ दें।

सेक्स स्नेहक (sex lubricants)

यदि आप सेक्स के दौरान होने वाले फ्रिक्शन को कम करना चाहते हैं, तो आर्टिफीसियल लुब्रिकेंट्स (artificial sex lubricants) की मदद ली जा सकती है। वाटर बेस्ड सेक्स लुब्रिकेंट्स आपके लिए ठीक रहेंगे। इससे वजाइना में होने वाली जलन की संभावना कम होती है। ऑइल बेस्ड सेक्स स्नेहक से कॉन्डम की प्रभावशीलता कम हो सकती है।

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सेक्स थेरेपी (sex therapy)

दर्दनाक सेक्स के बाद कई महिलाएं एंग्जायटी का अनुभव कर सकती हैं। यह उन्हें सेक्शुअल प्लेजर से दूर रख सकता है। इस स्थिति में सेक्स थेरेपी उकारगर साबित हो सकती है। इसके लिए किसी अच्छे सेक्स थेरेपिस्ट से संपर्क करें।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

यदि दर्द एक या दो दिन से अधिक समय तक बना रहता है, या आप असामान्य ब्लीडिंग या वजाइनल डिस्चार्ज का अनुभव करती हैं, तो डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर निदान के बाद आपको सही उपचार प्रदान करने में मदद करेंगे हैं।

आमतौर पर सेक्स के दौरान या बाद में दर्द होना सामान्य है। लेकिन, सेक्शुअल एक्टिविटी के बाद लागातार दर्द की समस्या आ रही हो, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। ऊपर बताए गए उपचार केवल सलाह मात्र है बिना डॉक्टर की सलाह से इनका इस्तेमाल न करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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