Congo Virus (कोंगो वायरस) : राजस्थान और गुजरात में बढ़ा मौत का आंकड़ा

By Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar

बारिश की वजह से पहले ही मलेरिया और डेंगू जैसे बीमारियां देश में पैर पसारे हुई हैं वहीं अब एक नई बीमारी ने देश के दो राज्यों में कोहराम मचा दिया है। गुजरात और राजस्थान में कोंगो वायरस (Congo Virus) के फैलने की पुष्टि हुई है। इसकी वजह से अबतक तीन जानें जा चुकी हैं। कोंगो वायरस एक तरह का खतरनाक बुखार है, जो संक्रमित जूं के काटने या संक्रमित जानवर के खून के संपर्क में आने से फैलता है।

सरकार भी हुई गंभीर

कोंगो वायरस जिस तेजी से राज्य में फैल रहा है उसे लेकर राज्य मानवाधिकार आयोग भी गंभीर हो गया है। आयोग ने गुरुवार को एम्स, जोधपुर और एसएन मेडिकल कॉलेज, जोधपुर से क्रीमिया कोंगो हैमरेजिक फीवर (CCHF) से जुड़ी रिपोर्ट मांगी है, जिसके लिए आयोग ने उन्हें 23 सिंतबर का समय दिया है। रिपोर्ट में कॉलेज के अधिकारियों को राज्य में हुई मौतों की सारी जानकारी देनी होगी।

राज्य के किन-किन जिलों में अब तक इस वायरस के लक्षण देखे जा चुके हैं, इसके बारे में भी राज्य के मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश टाटिया ने रिपोर्ट मांगी है। साथ ही, उनके इलाज के लिए सरकार की तरफ से क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी भी जानकारी उन्होंने मांगी है।

जानें क्या है कोंगो वायरस?

डबल्यूएचओ (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक कोंगों वायरस जूं और जानवरों से मनुष्य को और फिर मनुष्य से मनुष्य में फैलता है। इसी की वजह से कोंगो (CCHF) बुखार फैलता है। इस बुखार से मौत होने की संभावना 10 से 40 प्रतिशत के बीच रहती है।

गुजरात और राजस्थान में क्या हुआ?

गुजरात और राजस्थान में कई लोगों के इस वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। गंभीर स्थिति को देखते हुए गुजरात सरकार ने 20 अगस्त को ही खून के 58 सैम्पल्स NIV में भेजे थे जिनमें से आठ सैम्पल्स में कोंगो वायरस पाया गया था। इनमें से कुछ की मौत हो चुकी है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलोजी (National Institute of Virology) ने इस बात की पुष्टि की है। वही जोधपुर से भी इस वायरस के फैलने की खबरें सामने आईं।

माता-पिता से बच्चों को फैल सकती है ये बीमारी?

रिपोर्ट्स से पता चला है कि ये बीमारी माता-पिता से बच्चों में भी फैल सकती है। इसके साथ ही छोटे जानवरों और जूं की वजह से यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है।

राजस्थान में एक पिता में कोंगो वायरस होने की वजह से बच्चों में भी संक्रमण फैल गया। संक्रमण का पता चलते ही बच्चों को अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनमें तेज बुखार और सिर दर्द के लक्षण पाए गए। हालांकि, डॉक्टर्स की सूझबूझ की वजह से बच्चों की हालत में सुधार आ गया है और अब स्थिति ठीक है। जोधपुर में एक्सपर्ट्स की टीम ने तुरंत आसपास के क्षेत्र की जांच शुरू कर दी है। ताकि इस बीमारी को और अधिक फैलने से रोका जा सके। ये एक कॉन्टेजियस बीमारी है इसलिए इसकी सभी जगहों पर जांच करना जरूरी है वरना इससे बहुत सारी जानें जा सकती हैं।

क्या है इसका इलाज ?

डॉक्टर्स बताते हैं कि अबतक इसका कोई सटीक इलाज सामने नहीं आया है। हालांकि, स्थिति नियंत्रित रखने के लिए कई मरीजों में रिबैवरिन (ribavirin) वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है।

क्या हैं बचाव के तरीके ?

  • शरीर को ढ़कने वाले कपड़े पहनें।
  • संक्रमण से प्रभावित जगह पर होने पर हलके रंग के कपड़े पहनें जिससे टिक्स को आसानी पहचाना।
  • त्वचा पर रेपेलेंट इस्तमाल करें।
  • अपने कपड़ों पर टिक्स न होने दें।
  • घर पर नॉनवेज खाना खाते समय या पकाते समय खास ख्याल रखें।
  • संक्रमित मरीज के पास होने पर ग्लव्स जरूर पहनें।
  • संक्रमित जगह पर होने पर या फिर ऐसे किसी मरीज के पास होने पर दस्ताने जरूर पहनें।

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रिव्यू की तारीख सितम्बर 6, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया नवम्बर 29, 2019