Thrush : छाले क्या हैं?

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अपडेट डेट जून 4, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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परिचय

छाले क्या हैं?

छाले या थ्रश एक तरह का यीस्ट इन्फेक्शन है जिसे मौखिक कैंडिडिआसिस या ऑरोफरीन्जियल कैंडिडिआसिस आदि कई नामों से भी जाना जाता है। यह समस्या शिशुओं और छोटे बच्चों में अधिक होती है। यह छाले सफ़ेद और पीले रंग के होते हैं जो जीभ या अंदर के गालों पर हो सकते हैं। हालांकि, यह छाले उपचार के बाद पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। ऐसा जरूरी नहीं कि यह केवल मुंह में हों, यह शरीर के अन्य भागों में भी हो सकते हैं। यह बच्चों में डायपर रैश और महिलाओं में वजायनल यीस्ट इन्फेक्शन का कारण बन सकते है। यह इंफेक्शन आमतौर पर हल्का होता है और इनसे बहुत कम गंभीर समस्याए होती हैं। लेकिन, वो लोग जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है, उनमें यह समस्या होना बहुत सामान्य है। थ्रश शरीर के अन्य भागों में भी हो सकते हैं और अधिक जटिलताओं का कारण बन सकते हैं।

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लक्षण

बच्चों और वयस्कों में लक्षण इसके लक्षण?

हो सकता है कि शुरुआत में आपको मुंह में इन छालों के कोई लक्षण नजर न आएं। लेकिन, छाले के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:

  • मुंह के अंदर के गालों, मुंह के अंदर ऊपर की तरफ, मसूड़ों और टॉन्सिल्स में सफेद रंग के घाव होना। यह घाव आपको पनीर की तरह नजर आ सकते हैं।
  • मुंह का लाल होना, उसमे जलन होना या सूज जाना, जिससे कुछ भी खाने या निगलने में समस्या हो सकती है।
  • अगर इन घावों को थोड़ी सी भी रगड़ लगती है तो उससे खून निकलना शुरू हो सकता है।
  • मुंह के कोनों में दरारे पड़ना या लाल होना।
  • खाने का स्वाद महसूस न होना।
  • दांतों के नीचे लालिमा, जलन और दर्द होना।
  • गंभीर मामलों में, जैसे अगर किसी को कैंसर हो या किसी का HIV/AIDS के कारण किसी की इम्युनिटी कमजोर हो गयी हो, तो यह घाव घेघा में नीचे की तरफ फैल सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो कुछ भी निगलने में मुश्किल होती है। इसके साथ ही दर्द भी होती है और ऐसा महसूस होता है जैसे खाना गले में अटक गया हो।

नवजात शिशुओं और दूध पिलाने वाली माताओं में थ्रश के लक्षण

मुंह में सफेद रंग के घाव होने के कारण छोटे बच्चे स्तनपान करने में मुश्किल महसूस करते हैं। अगर माँ को यह समस्या है तो दूध के माध्यम से शिशु तक यह इंफेक्शन आसानी से पहुंच सकता है। अगर माँ की छाती कैंडीडा से संक्रमित है उन्हें यह लक्षण महसूस हो सकते हैं:

  • लाल, संवेदनशील, क्रैकड और निप्पल में खुजली
  • निप्पल के चारों तरफ के गहरे, गोलाकार क्षेत्र पर चमकदार या परतदार त्वचा
  • बच्चे के दूध पिलाते हुए दर्द होना

यदि संक्रमण घेघा से आगे फैलता है तो बुखार भी हो सकता है। फंगस जिनसे यह छाले होते हैं वो शरीर के अन्य हिस्सों में भी फ़ैल सकते हैं जैसे फेफड़े, लिवर और त्वचा। यह उन लोगों में अधिकतर देखने को मिलता है जिन्हे कैंसर, HIV , या जिनकी इम्युनिटी कमजोर हो।

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कारण

1) आमतौर पर कुछ रोगाणु हमारे शरीर में रहते हैं। जिनमें बैक्टीरिया और फुंगी भी शामिल हैं। हालांकि, अधिकतर रोगाणु नुकसानदायक नहीं होते हैं, लेकिन कुछ निश्चित परिस्थितियों में संक्रमण और छाले का कारण बन सकते हैं।
2)छाले बच्चों और वयस्कों में तब भी हो सकते हैं जब किन्ही परिस्थितियों में मुंह में फंगस का अधिक विकास होता है। इस फंगस की थोड़ी मात्रा सामान्य रूप से आपके मुंह में रहती है।

3)जब किसी की इम्युनिटी कमजोर होती है या जब सामान्य बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं, तो बहुत अधिक फंगस विकसित हो सकते हैं, जो छाले का कारण बनती हैं।

4)अगर आपको निम्नलिखित परेशानियां हैं तो आपको छाले होने की संभावना हो सकती है, जैसे अगर :

  • आपकी सेहत ठीक नहीं है
  • आपकी उम्र बहुत अधिक है। हालांकि, छोटे बच्चों को भी यह समस्या हो सकती है।
  • आपको HIV या एड्स है।
  • आप कीमोथेरेपी या ऐसी कोई दवाई ले रहे हैं, जिनसे आपकी इम्युनिटी कमजोर हो रही हो।
  • आप स्टेरॉयड दवाईयां ले रहे हों।
  • आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं, जिनमे अस्थमा या क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) आदि

शामिल हैं।

  • आप डायबिटिक हैं और आपकी ब्लड शुगर बहुत अधिक है। अगर आपकी ब्लड शुगर अधिक है तो आपकी लार में कुछ अतिरिक्त शुगर होती है, जो कैंडिडा के लिए भोजन का काम करती है।
  • आप एंटीबायोटिक ले रहे हों, एंटीबायोटिक स्वस्थ बैक्टीरिया को नष्ट कर सकते हैं।
  • आपके डेन्चर अच्छी तरह से फिट नहीं होते हैं।
  • कैंडिडा योनि में इन्फेक्शन का कारण भी बन सकते हैं।
  • यह परेशानी नवजात शिशुओं में होना बहुत ही सामान्य है और इसका इलाज भी आसानी से हो जाता है।

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जोखिम

छालों के खतरे क्या हैं?

निम्नलिखित स्थितियों में आपको यह जोखिम होने की संभावना बढ़ जाती है:

  • कमजोर इम्युनिटी : कमजोर इम्युनिटी के कारण नवजात शिशुओं और बूढ़ों में इस समस्या का जोखिम बढ़ जाता है। कुछ रोग या उपचार की स्थिति में इम्युनिटी कमजोर हो जाती है जैसे HIV/AIDS, कैंसर आदि।
  • डायबिटीज: अगर आपको मधुमेह की समस्या है और आपका ब्लड शुगर नियंत्रित नहीं होती तो इस स्थिति में भी यह समस्या का जोखिम बढ़ जाता है।
  • दवाईयां : दवाईयां जैसे प्रेडनिसोन, इनहेल्ड कॉर्टिकोस्टेरॉइड या एंटीबायोटिक्स शरीर में छालों के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
  • अन्य ओरल स्थितियां :डेन्चर पहनना, खासतौर पर ऊपर डेन्चर या ऐसी स्थितियों का होना जिससे मुंह सूखता हो, वह भी ओरल थ्रश की समस्या को बढ़ा सकती हैं।
  • अगर कोई कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी ले रहा हो तो उससे भी इस समस्या की संभावना बढ़ जाती है।
  • धूम्रपान करने से भी इस समस्या का जोखिम बढ़ता है।

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उपचार

छालों का उपचार क्या है?

छालों की समस्या के निदान के लिए सबसे पहले डॉक्टर आपके मुंह की जांच करेंगे। आपके डॉक्टर प्रभावित जगह का थोड़ा सा हिस्सा लैब में टेस्ट के लिए भी भेज सकते हैं।

यदि फंगस जो आपके घेघा में फैलने का कारण बनता है, तो आपके अन्य टेस्ट कराये जा सकते हैं, जैसे:

  • थ्रोट कल्चर
  • रोगी के आपके घेघा, पेट और छोटी आंत की एंडोस्कोपी
  • घेघा का एक्स-रे

स्वस्थ बच्चों या वयस्कों में छालों का उपचार करना बहुत आसान है। लेकिन, जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है, उनमे गंभीर लक्षण देखे जा सकते हैं और ऐसे लोगों का उपचार भी मुश्किल हो सकता है। इसके उपचार के लिए आपको एंटीफंगल दवाईयों की सलाह दे सकते हैं, जो आपको 10 से 14 दिनों लेनी पड़ सकती हैं। यह टेबलेट, लिक्विड्स आदि कई रूपों में आती हैं और इन्हे लेना बेहद आसान हैं। हालांकि, इस समस्या के लक्षण किन्ही अन्य रोगों के भी हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर आपके अन्य टेस्ट भी करा सकते हैं।

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घरेलू उपाय

छालों के घरेलू उपाय‌?

हालांकि इस बारे में अभी रिसर्च करने की आवश्यकता है कि सही डाइट का छालों पर क्या प्रभाव पड़ता है। लेकिन, कुछ विश्वसनीय स्त्रोतों के मुताबिक प्रोबायोटिक आहार या सप्लीमेंट लेने से इनके विकास पर असर पड़ सकता है। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि इस स्थिति में कुछ खास चीज़ों का सेवन नहीं करना चाहिए। कुछ आसान घरेलू उपायों से आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं जैसे :

  • पौष्टिक आहार और स्वस्थ लाइफस्टाइल से इम्युनिटी बढ़ती है, जिससे इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
  • अपने मुंह की साफ़-सफाई का खास ध्यान रखें जैसे दिन में दो बार ब्रश करें, हर रोज फ्लॉस करें और नियमित रूप से डेंटिस्ट के पास जाएं।
  • यदि आपका मुंह लंबे समय तक सूखा रहता है, तो अपने डॉक्टर से बात करें और उनकी सलाह का पालन करें।
  • अगर आपके डेन्चर्स लगे हैं तो सोने से पहले उस निकाल दें, रोजाना उसे साफ़ करें और इस बात का ध्यान रखें कि यह अच्छे से आपको फिट होता हो।
  • यदि आपके पास कॉर्टिकोस्टेरॉइड इन्हेलर है, तो इसका प्रयोग करने से पहले कुल्ला करें या इसका उपयोग करने के बाद अपने दांतों को ब्रश करें।
  • अगर आपको डायबिटीज है तो अपने शरीर की ब्लड शुगर के लेवल को संतुलित रखने के लिए सही कदम उठायें
  • अगर आपको मुंह के अलावा किसी अन्य जगह पर यीस्ट इन्फेक्शन हुआ हो तो उसका उपचार कराएं
    कई मामलों में इन्फेक्शन शरीर के एक हिस्से से दूसरे में फैलता है।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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