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जायफल का सेवन कर दूर रखें कई बीमारियां, जानिए इसके फायदे

जायफल का सेवन कर दूर रखें कई बीमारियां, जानिए इसके फायदे

जायफल (Jaiphal) को खाने में स्‍वाद बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है। लेकिन यह खाने में स्‍वाद बढ़ाने के साथ-साथ कई छोटी-मोटी समस्‍याओं से भी निजात दिलाता है। आयुर्वेद में जायफल को बहुत महत्‍व है। जायफल का सेवन आपकी पेट संबंधी और त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में भी मदद करता है। क्‍या आप जानते हैं कि जायफल (Jaiphal) आपकी सेहत के लिए कितना महत्वपूर्ण है। यह दिखने में जितना छोटा होता है उतने ही बड़े इसके गुण होते है। जायफल को नटमग के नाम से भी जानते हैं।

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एक्सपर्ट द्वारा जानें जायफल का सेवन करने के फायदे

इस बारे में लखनऊ किंग जॉर्ज हॉस्पिटल केजनरल मेडिसिन डॉक्टर शोमिल का कहना है कि कई बीमारियों में घरेलू नुस्खे काफी फायदेमंद होता है। जैसे कि जायफल का सेवन। इसमें ऐसे रसायन होते हैं, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। जायफल पर हाल ही में हुए शोध के मुताबिक, यह शरीर में पैदा होने वाले बैक्टीरिया और कवक को भी मार सकता है। इस हर्बल सप्लीमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। तो आइए जानते है जायफल के फायदे क्या है और वो कैसे आपकी स्वस्थ्य संबधित समस्याओं से बचाव के लिए कैसे उपयोगी है?

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है जायफल (Contains powerful antioxidants)

आकार में छोटा जायफल बहुत काम की चीज है। जायफल शरीर में जाने के बाद एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है। एंटीऑक्सीडेंट शरीर में जाकर उसे फ्री रेडिकल्स से बचाने का काम करते हैं। फ्री रेडिकल्स के कारण सेल्स के डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है। एंटीऑक्सीडेंट शरीर को बड़ी क्षति से बचाने का काम करते हैं। फ्री रेडिकल्स का लेवल जब शरीर में हाई हो जाता है तो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है। इस कारण से क्रोनिक कंडीशन के होने का खतरा बढ़ जाता है। कुछ कंडीशन जैसे कि कैंसर, हार्ट और न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग (neurodegenerative diseases) आदि।

नटमग या जायफल में पिगमेंट जैसे साइनाइडिन, एसेंशियल ऑयल जैसे कि फेनिलप्रोपानोइड्स ( phenylpropanoids) और टेरपेन (terpenes), और फेनोलिक यौगिक ( phenolic compounds) शामिल हैं, जिसमें प्रोटोकैटिक (protocatechuic), फेरुलिक(ferulic) और कैफीन एसिड ( caffeic acids) शामिल हैं।चूहों में की गई स्टडी में इस बात की पुष्टि हुई है कि नटमग या जायफल का सेवन करने से सेल्स डैमेज होने से बच जाती हैं। कुछ चूहों को आइसोप्रोटेनॉल के जायफल एक्सट्रैक्ट दिया गया वहीं कुछ चूहों को जायफल नहीं दिया गया। जिन चूहों को जायफल नहीं दिया गया था, उनकी सेल्स डैमेज पाई गई वहीं जिन चूहों को नटमग दिया गया था उनकी सेल्स ठीक थी।

झुर्रियों से निजात दिलाए जायफल का सेवन ( To get rid of wrinkles)

यदि आप चेहरे पर पड़ी झुर्रियों से परेशान है तो आपको जायफल (Jaiphal) का इस्‍तेमाल करना चाहिए। चेहरे की झुर्रियां मिटाने के लिए जायफल को पीसकर उसका लेप बनाकर झुर्रियों पर एक महीने तक लगाने से झुर्रियों से निजात पाई जा सकती है। इसके अलावा इसके इस्‍तेमाल से चेहरे पर मुहांसे और मुहांसों से होने वाले दाग भी साफ होते हैं।

जायफल का सेवन रक्त संचार बढ़ाए (Increase blood circulation)

जायफल (Jaiphal) से मालिश करने से रक्त संचार सही प्रकार से होता है। शरीर में रक्तसंचार ठीक प्रकार से होने से नींद अच्‍छी आती है और आप दिनभर चुस्‍ती-फुर्ती का अनुभव करते है। इसके अलावा नियमित रूप से रात को गरम दूध में जायफल का पाउडर डाल कर पीने से भी अच्‍छी नींद आती है।

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बच्‍चों के लिए लाभकारी है जायफल का सेवन (Beneficial for children)

कई बार छोटे बच्‍चों को दूध हजम नहीं होता है। ऐसे में बच्‍चों के दूध में आधा पानी और एक जायफल मिलाकर उबालकर और कुछ ठंडा होने पर पिलाने से बच्‍चों को दूध हजम होने लगता है।

अच्‍छी नींद के लिए करें जायफल का सेवन (Eat nutmeg for good sleep)

आपको बता दें की अगर आप दूध और जायफल का सेवन एक साथ करेगें तो आपको एक अच्छी नींद रात में मिलेगी। इसके लिए आपको हर रोज रात को गर्म दूध में जायफल पाउडर डाल कर पीना है। ऐसा करने से आपको अच्छी नींद आती है। अच्छी नींद के लिए बेहतर है कि आप शारीरिक व्यायाम और सही डायट जरूर लें। काम के लिए रात का समय न चुनें और प्लानिंग के अनुसार जल्दी सोने और जल्दी उठने की आदत डालें।

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जायफल का सेवन कर दूर भगाएं दर्द (Pain relief)

जायफल (Jaiphal) को एक प्रभावी दर्द निवारक भी कहा जाता है। इसका इस्तेमाल पेट दर्द के इलाज के लिए किया जाता है। अगर आप जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, घावों और अन्य बीमारियों से जूझ रहे हैं, तो जायफल का प्रयोग करें। दर्द से राहत पाने के लिए प्रभावित भाग पर जायफल का तेल लगाने से फायदा हो सकता है। अगर आपको जोड़ों या फिर शरीर के अन्य भाग में अधिक दर्द हो रहा है तो बेहतर होगा कि आप डॉक्टर से संपर्क करें।

पाचन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाए जायफल का सेवन (Consumption of nutmeg provides relief from digestive problems)

अगर आप पाचन संबंधी समस्याओं जैसे दस्त, कब्ज की समस्या, सूजन और पेट फूलना आदि से पीड़ित हैं, तो जायफल का सेवन प्रभावी रूप से आपको राहत प्रदान कर सकता है। जायफल (Jaiphal) का तेल आंतों से अधिक गैस निकाल कर पेट दर्द से राहत देता है। जायफल के सेवन से भूख न लगने की समस्‍या से भी निजात पाई जा सकती है। कब्ज की समस्या से अधिकतर लोग परेशान रहते हैं और फिर प्रकार के उपाय भी अपनाते हैं। कब्ज की समस्या में स्टूल दो से तीन दिनों तक पास नहीं होता है और साथ ही पेट में दर्द की समस्या भी रहती है। कब्ज की परेशानी का कारण डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी भी हो सकता है। वहीं फाइबर युक्त खाने का सेवन न करने से भी कब्ज की परेशानी हो सकती है। ऐसे में स्टूल करने में दिक्कत होती है।

अगर आप कॉन्स्टिपेशन से राहत चाहते हैं तो बेहतर होगा कि पानी का सही तरह से सेवन करें और साथ ही फाइबर युक्त खानपान के साथ ही अच्छी लाइफस्टाइल अपनाएं। आप अपने खाने के साथ ही कुछ मात्रा में जायफल का सेवन भी कर सकते हैं जो कब्ज की समस्या से राहत दिलाने में मदद करेगा। अगर कोई व्यक्ति कई दिनों से कब्ज की समस्या से परेशान है तो बेहतर होगा कि आप डॉक्टर से परामर्श करें और समस्या का निदान करें। डॉक्टर सही खानपान के साथ ही कुछ दवाओं का सेवन करने की सलाह भी दे सकता है। आप साथ ही कुछ एक्सरसाइज और आसन को भी अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करें। आप इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।

और पढ़ें : क्या आप जानते हैं क्रैब डायट के बारे में?

गठिया के लिए करें नटमग का सेवन

गठिया की समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है। गठिया होने के कई कारण भी होते हैं। गठिया होने पर प्रभावित जगह पर इसके तेल से मालिश करना चाहिए या जायफल का सेवन करना चाहिए। जायफल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो गठिया के दर्द और सूजन से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।

एंटी – इंफ्लामेट्री प्रॉपर्टी से भरपूर है जायफल

क्रोनिक इंफ्लामेशन किसी हेल्थ कंडीशन से जुड़ी हुई हो सकती हैं। कुछ क्रोनिक इंफ्लामेशन जैसे कि कि हृदय रोग, मधुमेह यानी डायबिटीज और गठिया ( arthritis) आदि। जायफल में एंटी-इंफ्लामेट्री कंपाउड पाया जाता है जिसे मोनोटेरेप्स कहा जाता है। जायफल में सेबीनीन ( sabinene), टेरपिनोल (terpineol) और पीनिन ( pinene) शामिल हैं। नटमग ऑयल का उपयोग शरीर में सूजन की समस्या को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आप इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह ले सकते हैं।

और पढ़ें : विटामिन-ई की कमी को न करें नजरअंदाज, डायट में शामिल करें ये चीजें

दांतों की सेहत के लिए करें नटमग का सेवन

दांतों में कैविटी की समस्या होने पर इससे उनका उपचार किया जा सकता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो मुंह के स्वास्थ्य और दांतों की सड़न की समस्या को दूर कर सकते हैं।

हार्ट संबंधि समस्याओं से राहत के लिए जायफल

नटमग का सेवन हार्ट संबंधि समस्याओं से भी राहत दिलाने का काम कर सकता है। एनिमल स्टडी में ये बात सामने आई है कि नटमग सप्लीमेंट लेने से हार्ट रिस्क फैक्टर जैसे कि हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ट्राईग्लीसराइड लेवल आदि का खतरा कम हो जाता है। वहीं कुछ स्टडी में ये बात भी सामने आई है कि नटमग मूड को बूस्ट करने का काम भी करता है। जिन लोगों के हाई ब्लड शुगर लेवल होता है, वो लोग भी जायफल का सेवन कर सकते हैं। जायफल का सेवन ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है। वहीं जायफल के सेवन से गैस की समस्या से भी राहत मिलती है।

कैंसर से बचाव के लिए करें जायफल का सेवन

कैंसर से घरेलू बचाव के तौर पर इसका सेवन किया जा सकता है। जायफल का एसेंशियल ऑयल एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है। जो कैंसर की रोकथाम के लिए मददगार हो सकता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटी-माइक्रोबियल पेट के कैंसर से भी बचाव करते हैं। इस तरह से जायफल का सेवन करने से कैंसर जैसी बीमारी को रोका जा सकता है।

  • पाचन विकारों का इलाज (दस्त, मतली, पेट में ऐंठन और दर्द, आंतों की गैस)
  • कैंसर का इलाज
  • गुर्दे की बीमारी का इलाज
  • नींद में परेशानी (अनिद्रा) का इलाज
  • मासिक धर्म का बढ़ना
  • जिससे गर्भपात हो गया
  • जोड़ों के दर्द (गठिया), मुंह के घावों और दांत दर्द में भी जायफल का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि इसके दर्द से राहत पाई जा सके।

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क्या नटमग का ज्यादा सेवन नुकसान पहुंचा सकता है?

  • 120 मिलीग्राम या उससे अधिक जायफल की खुराक रोजाना लंबे समय तक लेने से मतिभ्रम और अन्य मानसिक दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
  • जायफल पर हुए शोध में यह बात सामने आई है कि जो लोग ज्यादा मात्रा में जायफल का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें मतली, शुष्क मुंह, चक्कर आना, अनियमित धड़कन, दिमाग की क्षति और मृत्यु तक हो सकती है।
  • अगर आप जायफल का इस्तेमाल स्किन पर रहे हैं, तो एक बार डॉक्टर से सलाह लीजिए। शोध में जायफल त्वचा के इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है या नहीं इसकी पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाई है।
  • शोध में ये बात भी सामने आई है कि ज्यादा मात्रा में नटमग का इस्तेमाल करने से पहले एक्सपर्ट की जानकारी जरूर लें ताकि आपको किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। लिवर की दवाओं के साथ अगर नटमग का इस्तेमाल किया जाए तो ये मेडिसिन के असर को खत्म भी कर सकती है। नटमग के साथ अगर लिवर की मेडिसिन का सेवन किया जाए तो इसके शरीर में साइडइफेक्ट भी दिख सकते हैं। बेहतर होगा कि इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लीजिए।
  • अगर आप हर्बल दवाओं का सेवन नहीं करते हैं या फिर आपको किसी दवा या फिर फूड से एलर्जी है तो नटमग का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के न करें।

उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अगर आप जायफल या नटमग का उपयोग करना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि पहले इस बारे में एक्सपर्ट से जानकारी जरूर लें। किसी बीमारी या समस्या के लिए हर्बल के तौर पर किसी भी जड़ी बूटी का सेवन करना हानिकारक हो सकता है। बेहतर होगा कि आप डॉक्टर से भी इस बारे में जानकारी प्राप्त करें। अगर आप किसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं तो पहले इस बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं। आप स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं।

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सूत्र

Nutmeg https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5222521/ Accessed on 4 January, 2020.

Nutmeg. https://www.drugs.com/npp/nutmeg.html. Accessed on 4 January, 2020.

Nutmeg oil alleviates chronic inflammatory pain through inhibition of COX-2 expression and substance P release in vivo/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4848392/Accessed on 4 January, 2020.

Unintentional nutmeg autointoxication. njmonline.nl/getpdf.php?id=1536 Accessed on 4 January, 2020.

लेखक की तस्वीर
Sushmita Rajpurohit द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 11/05/2021 को
Dr. Pooja Bhardwaj के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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