पाइल्स में डायट पर ध्यान देना होता है जरूरी, इन फूड्स का करें सेवन

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट October 21, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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बवासीर को पाइल्स व हेमोरॉयड्स भी कहा जाता है। इस शारीरिक समस्या के अंदर मलाशय व गुदा की नसों में सूजन की दिक्कत आ जाती है। यह सूजन काफी समस्या का कारण बनती है और यह गुदा के आसपास या मलाशय के अंदर होती है। यह दो प्रकार की होती है, अंदरूनी पाइल्स व बाहरी पाइल्स। इस समस्या में मल के साथ दर्द, जलन व खून भी आने लगता है। जो कि काफी परेशानी व कष्ट का कारण बनता है। सबसे बड़ी बात इस बीमारी और आपके आहार का संबंध होता है, क्योंकि अगर आपका पेट आसानी से आहार नहीं पचा पा रहा है, तो इससे आपको मल त्यागने में काफी दिक्कत होगी। लेकिन, हम आपको पाइल्स में डायट पर जानकारी देंगे, जिसमें आपको उन फूड्स के बारे में बताएंगे, जो न सिर्फ बवासीर में आसानी से खाए जा सकते हैं, बल्कि वह इस समस्या को ठीक करने में भी मदद करेंगे।

पाइल्स में डायट – बवासीर में क्या खाएं?

आप बवासीर में निम्नलिखित फूड्स का बिना किसी समस्या के सेवन कर सकते हैं और यह आपके पाइल्स के लक्षणों को काफी हद तक कम करने में मदद भी करेंगे। आइए, जानते हैं कि पाइल्स में डायट कैसी हो।

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पाइल्स में डायट: शिमला मिर्च

शिमला मिर्च बवासीर रोग में काफी लाभदायक है, यह इस समस्या को कम करने में काफी मदद करती है। 92 ग्राम शिमला मिर्च में 2 ग्राम के आसपास फाइबर होता है, लेकिन इसकी खासियत फाइबर की मात्रा की वजह से नहीं, बल्कि इसमें मौजूद 93 प्रतिशत वॉटर कंटेंट की वजह से है। फाइबर और वॉटर कंटेंट आपके शरीर से स्टूल पास (मल त्यागने) होने की प्रक्रिया को आसान बनाता है।

पाइल्स में डायट: खीरा

शिमला मिर्च की तरह ही खीरे में भी फाइबर और पानी की मात्रा होती है, जो कि इसे आपके पाचन तंत्र के लिए काफी लाभदायक बनाता है। लेकिन, खीरा खाते समय एक बात याद रखें कि, इसका छिलका न उतारें। क्योंकि, ऐसा करने से इससे मिलने वाली फाइबर की मात्रा कम हो जाती है।

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पाइल्स में डायट: सेब

पाइल्स में डायट में फलों को भी शामिल करना फायदेमंद रहता है। फलों में सेब बवासीर के दौरान फायदेमंद साबित हो सकता है। क्योंकि, एक मध्यम आकार के सेब में करीब 5 ग्राम फाइबर होता है, जो कि आपके शरीर की फाइबर की दैनिक जरूरत का करीब 20 प्रतिशत होता है। सबसे खास बात सेब से मिलने वाले फाइबर में पेक्टिन की मात्रा भी होती है, जो कि आपके पाचन तंत्र के अंदर एक जेल जैसी कंसिसटेंसी बनाता है और यह आपके मल को नर्म रखने में मदद करते हैं, जिससे मल त्यागने के दौरान आपको दर्द न हो।

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पाइल्स में डायट: नाशपाती और केला

सेब की तरह नाशपाती और केला भी बवासीर में काफी फायदा पहुंचाते हैं। क्योंकि, नाशपाती में करीब 6 ग्राम फाइबर होता है। इससे फाइबर की पर्याप्त मात्रा शरीर को मिल पाती है। अगर आप रोजाना नाशपाती खाते तो रोजाना जरूरत का करीब 22 प्रतिशत फाइबर नाशपाती खाने में मिल जाता है। अगर आप नाशपाती यानी पियर का छिलके सहित सेवन करते हैं तो फाइबर अधिक मात्रा में मिलता है। आप पियर को सलाद के रूप में भी शामिल कर सकते हैं। वहीं खाने में रास्पबेरी भी शामिल कर सकते हैं। बेरीज को फाइबर का पावरहाउस भी कहा जाता है। एक कप कच्ची रास्पबेरी का सेवन करने से करीब सात से आठ ग्राम फाइबर मिलता है वहीं करीब 85% पानी प्राप्त होता है।

इसके अलावा, केले में पेक्टिन और रेजिस्टेंट स्टार्च होता है, जो बवासीर के लक्षणों को कम करने में काफी मदद करते हैं। एक मध्यम आकार के केले में करीब 3 ग्राम फाइबर होता है।

पाइल्स में डायट: रूट वेजिटेबल

पाइल्स में डायट के लिए आप शकरगंद, शलजम, चुकंदर, गाजर और आलू जैसी रूट वेजिटेबल को शामिल कर सकते हैं। इन सब्जियों में फाइबर होता है, जो आपकी गट हेल्थ के लिए काफी लाभदायक होता है। आपको बता दें कि, पके हुए आलू में रेजिस्टेंट स्टार्च नामक कार्बोहाइड्रेट होता है, जो आपके पाचन तंत्र से बिना पचे ही निकलते हैं, जिससे वह गट के अच्छे बैक्टीरिया के स्तर के लिए सही होते हैं। इसके अलावा, यह कब्ज की समस्या से भी राहत दिलाने में मदद करते हैं।

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पाइल्स में डायट: दालें

बवासीर में फाइबर काफी जरूरी है, इसलिए आपको अपने डायट में पर्याप्त फाइबर की मात्रा शामिल करनी चाहिए। दालों में काफी मात्रा होती हैं, इसके साथ ही बीन्स, मटर, सोयाबीन, मूंगफली, छोले आदि भी इसी श्रेणी में आते हैं। 198 ग्राम दालों में करीब 16 ग्राम फाइबर होता है, जो कि आपके शरीर की दैनिक जरूरत का आधा होता है। इससे आपके स्टूल को इकट्ठा होने में मदद मिलती है और आप बिना किसी परेशानी के मल त्याग पाते हैं।

योगर्ट का करें सेवन

इंटेस्टाइनल हेल्थ को अच्छा रखने के लिए आपको खाने में योगर्ट को जरूर शामिल करना चाहिए। योगर्ट का सेवन करने से कब्ज की समस्या से राहत मिलती है और साथ ही पेट में भारीपन का एहसास भी कम हो जाता है। दही या योगर्ट में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो पाचन में अहम भूमिका निभाते हैं। बवासीर में डायट लेने के दौरान आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ऐसे फूड का सेवन करें जो पाचन को आसान बनाएं। आप खाने में ड्राई फिग यानी अंजीर भी शामिल कर सकते हैं। अंजीर इंटेस्टाइनल मसल्स मोटिलिटी को इंप्रूव करता है और साथ ही स्टूल को आसानी से पास कराने में भी मदद करता है।

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पाइल्स में डायट: किन चीजों का न करें सेवन

पाइल्स में डायट का खास ख्याल रखना होता है। बवासीर के दौरान आपको कुछ चीजों के सेवन से बचना चाहिए। इसमें निम्नलिखित खाद्य पदार्थ शामिल हैं।

  1. दूध, मक्खन आदि डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन नहीं करना चाहिए।
  2. सफेद आटे में फाइबर की मात्रा नहीं होती है, जिससे यह बवासीर के दौरान मल त्यागने में परेशानी का कारण बन सकता है।
  3. आपको रेड मीट का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह पचने में काफी समय लेता है और इससे कब्ज की समस्या भी बढ़ सकती है।
  4. ज्यादा नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे आपका पेट फूल सकता है और बवासीर और संवेदनशील बन सकती है।
  5. मसालेदार खाने का सेवन करने से दर्द और असहजता बढ़ सकती है।
  6. इसी तरह फ्राइड फूड्स भी आपके पाचन तंत्र और बवासीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
  7. आपको एल्कोहॉल का सेवन करने से भी बचना चाहिए। क्योंकि इससे आपका मल सख्त हो सकता है और आपकी पाइल्स की समस्या बढ़ सकती है।
  8. अगर आप एक दिन में बहुत कॉफी का या फिर चाय का सेवन करते हैं तो ऐसा करना बंद कर देना चाहिए।
  9. खाने में सफेद ब्रेड को शामिल न करें। अधिक मात्रा में वाइट ब्रेड कब्ज का कारण भी बन सकता है।
  10. जिन लोगों को बवासीर है उन्हें खाने में चॉकलेट नहीं लेनी चाहिए। बावासीर में डायट लेने के दौरान आपको इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि कौन-सी डायट कब्ज की समस्या बढ़ा सकती है। ऐसी डायट को पूरी तरह से इग्नोर करें जो कॉन्टिपेशन की समस्या को बढ़ा सकती है।
  11. जिन लोगों को खाने में चीज डालना पसंद है, उन्हें पाइल्स की समस्या होने पर इसे पूरी तरह से इग्नोर कर देना चाहिए। चीज का सेवन कब्ज की समस्या को बढ़ाता है। ऐसे में पाइल्स के मरीज को अधिक समस्या हो सकती है।

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घर में ही बवासीर का इलाज

आप घर में ही बवासीर का इलाज करने और उससे राहत पाने के लिए इन तरीकों को अपना सकते हैं। जैसे-

  • पाइल्स में डायट के साथ आप ठंडी सिकाई भी कर सकते हैं, जो कि इस रोग से राहत देने में मदद करेगा। बर्फ की सिकाई करने से सूजन से राहत मिलती है और दर्द भी कम होगा। इसके लिए एक कपड़े के अंदर बर्फ लपेटें और इसे बवासीर पर हल्के हाथ से लगाएं।
  • आप बवासीर की जगह पर नारियल का तेल भी लगा सकते हैं। यह मॉश्चराइजर का काम करता है और दर्द व सूजन से राहत दिलाता है।
  • टी ट्री ऑइल से बवासीर में राहत मिलती है, ऐसा कई शोध में सामने आया है। टी ट्री ऑइल का इस्तेमाल करने से सूजन और खुजली की समस्या दूर होती है।
  • आप जितना हो सके, उतना फ्लूड का सेवन करें। इससे आपका पाचन तंत्र सही रहता है और मल त्यागने के दौरान परेशानी नहीं होती।

इस लेख में आपको समझ आ गया होगा कि पाइल्स में डायट का ख्याल रखना कितना जरूरी है। यदि आपको या आपके किसी करीबी को यह समस्या है तो आप इन बातों का खास ख्याल रखें। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से कंसल्ट करें। बवासीर में खानपान को लेकर लापरवाही बरतने से समस्या बढ़ सकती है। अगर आप सही लाइफस्टाइल अपनाएंगे तो समस्या पर काबू पाया जा सकता है।आप स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं।

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