home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

मानसून में खाना कैसा होना चाहिए, किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?

मानसून में खाना कैसा होना चाहिए, किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?

बदलते मौसम के प्रभाव से बचने और स्वस्थ्य रहने के लिए जरूरी है कि हमारा खानपान उसी के हिसाब से हो, जैसे कि गर्मी में लाइट फूड और ठंड के मौसम में थोड़ा बहुत ऑयली और हैवी फूड खाया जा सकता है। इसी तरह मॉनसून के मौसम में भी खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए डॉक्टर्स भी हमेशा सलाह देते हैं कि खाना मौसम के हिसाब से ही खाना चाहिए। हमें खासतौर पर मानसून में अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि मानसून में हमारा पाचन तंत्र सबसे ज्यादा कमजोर होता है। डायट का ध्यान रखकर हम कई तरह की मौसमी बीमारियों से बच सकते हैं। फेमस बॉलिवुड न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने मानसून फूड्स और इसके फायदों को लोगों के साथ शेयर किया है।

और पढ़ें: बढ़ते बच्चों को दें पूरा पोषण, दलिया से बनी इन स्वादिष्ट रेसिपीज के साथ

मानसून में खाना है सब्जियां तो ध्यान रखें

मानसून के दौरान गीली मिट्टी में पत्तेदार सब्जियों की ग्रोथ ठीक ढंग से नहीं हो पाती है, इसलिए लौकी, कद्दू, करेला, गिल्की आदि को अपना दोस्त बना लें। कोशिश करें कि मानसून में पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, सोया-मेथी से थोड़ी दूरी बना लें। यदि आप स्टाइलिश हैं तो ब्रोकली, लेटस (सलाद की पत्तियां), गोभी आदि खाना पूरी तरह बंद कर सकते हैं। ये सभी सब्जियां मानसून के सीजन में नहीं उगती है या फिर फ्रेश नहीं मिलती हैं। कोल्ड स्टोरेज के कारण ये सब्जियां बाजार में उपलब्ध होती हैं।

अनाज

मानसून के लिए रागी (Nachni) बेस्ट ग्रेन है। आप इसे खिचड़ी, पापड़ या फिर भाखरी के रूप में ले सकते हैं। कोशिश करें कि मानसून के मौसम में मल्टीग्रेन ब्रेड न लें। साथ ही आटा बिस्किट, चावल आदि को इग्नोर करें। इस मौसम में भुट्टा (corn) सबका पसंदीदा होता है। कोशिश करें कि देशी भुट्टा ही खाएं। स्वीट कॉर्न या अमेरिकन कॉर्न नहीं लें।

और पढ़ें: कीटो डायट और इंटरमिटेंट फास्टिंग: दोनों है फायदेमंद, लेकिन वजन घटाने के लिए कौन है बेहतर?

मानसून में खाना: दाल

मूंग दाल-Moonga Daal Benefits
Moonga Daal Benefits

दाल हर सीजन में पसंदीदा आहार है। आमतौर पर लोग मानसून में फिश या मीट नहीं खाते हैं। ऐसे में दाल से पर्याप्त मात्रा में प्राेटीन लिया जा सकता है। दाल कई प्रकार की होंती हैं लेकिन मानसून में चने की दाल (Horsegram) और गोआ बीन्स (Goabeans) को खाने में शामिल करना आपके लिए अच्छा रहेगा। अच्छी स्किन और हेयर के लिए अपनी डायट लिस्ट में इन्हें जरूर शामिल करें।

स्पेशल आइटम्स

हर सीजन में कुछ न कुछ खास होता है। जैसे गर्मियों का राजा आम होता है वैसे ही मानसून पकौड़े के बिना अधूरा है। ग्राउंड नट, मस्टर्ड और कोकोनट ऑयल का यूज करके स्वादिष्ट पकौड़े बनाएं जा सकते हैं। पकौड़े से आपको जरूरी फैट मिल जाएगा और साथ ही मानसून के स्पेशल आइटम्स का भी आप पूरा मजा भी ले सकते हैं।

लहसुन

लहसुन में एंटीऑक्सिडेंट के गुण के साथ-साथ यह इम्यून सिस्टम को भी भी मजबूत बनाता है। इसके अलावा, यह आपके पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है, जिससे बदहजमी या पेट से संबंधित अन्य समस्याएं दूर रहती है। मानसून में खाना कोई भी खाएं, बस उस खाने में आप लहसुन का भी स्वाद लगा सकते हैं। इसके अलावा आप खाना खाने के थोड़े समय पहले लहसुन की एक कच्ची कली भी खा सकते हैं। इसके अलावा अगर गले में खराश या सर्दी-जुकाम के हल्के लक्षण है, तो लहसुन और काली मिर्च का काढ़ा पीना भी फायदेमंद होता है। लहसुन के सेवन के अपने कई और भी फायदे हैं।

और पढ़ेंः प्याज के समोसे से अंडे के हलवे तक, 4 आसान रमजान रेसिपीज

हल्दी

हल्दी प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने का सबसे कारगर तरीका होता है। हल्दी का इस्तेमाल मसाले के साथ-साथ औषधियों और ब्यूटी के लिए भा किया जााता है। हल्दी में “करक्यूमिन” नामक एक बहुत शक्तिशाली घटक होता है जो इसे एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट बनाता है। मानसून में खाना खाने के बाद आप खुद भी और बच्चे को भी हल्दी वाला दूध पीने के लिए दे सकते हैं। या आप चाहें तो, हल्दी वाला चाय भी सकते हैं। मानसून में खाना खाने के बाद हल्दी वाला दूध पीने के बाद अच्छी नींद आती है। साथ ही शरीर किसी भी संक्रमण के होने के जोखिम से भी लड़ सकने में मजबूत बनता है।

सात्विक भोजन का महत्तव जानने के लिए वीडियो देख ले एक्सपर्ट की राय

सावन में आहार: अदरक

मानसून में खाना कैसे भी हो, लेकिन चाय की अपनी एक जगह होती ही है। बस आपको अपनी चाय में अदरक मिलाना होगा। अदरक न सिर्फ चाय का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि चाय को हेल्दी भी बनाता है। अदरक मूड ठीक करने के साथ चयापचय शक्ति को भी बढ़ाती है। आप अगर चाय नहीं पीते हैं, तो थोड़ी मात्रा में अदरक लें, उसे एक गिलास गर्म पानी में ऊबाले और उसमें नींबू का रस मिलाएं। अब इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं। इस काढ़े को पीने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनेगा और मोसमी बीमारियों से भी शरीर का बचाव होगा।

और पढ़ेंः इम्यूनिटी बूस्टिंग ड्रिंक्स, जो फ्लू के साथ-साथ गर्मी से भी रखेंगी दूर

मानसून में खाना खाने से पहले इन बातों का भी रखें ध्यान

बाहर खाने से करें परहेज

जितना हो सके मानसून के मौसम में हमेशा घर का बना खाना ही खाएं। पानी पुरी, भेल पुरी, सैंडविच और पकोड़े जैसे स्ट्रीट फूड मानसून में खाना का एक अहम हिस्सा बन जाता है, जो लुभावने भी होते हैं। हालांकि, इनमें कई तरह के बैक्टीरिया हो सकते हैं जो अपच का कारण बन सकते हैं।

कच्चे या कटे हुए फल न खाएं

बारिश के दौरान किसी भी तरह के कच्चे खाद्य पदार्थों या कटे हुए फलों को भी खाने से बचना को खाने से बचें, क्योंकि उन पर कीटाणु जमा हो सकते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा भी बढ़ सकता है।

सावन में आहार टिप्स: घर से ही कैरी करें साफ पानी की बोतल

मानसून या सर्दियों के मौसम में प्यास कम लगती है, जिसके कारण शरीर में डिहाइड्रेशन की स्थिति होने लगती है। ऐसे में पानी की उचित मात्रा बनाए रहें। घर से बाहर निकलते समय अपने साथ साफ पानी की एक बोतल जरूर कैरी करें। बाहर खुला पानी पीने से बचें। अधिकांश जल जनित रोग जैसे पेचिश, हैजा आदि अशुद्ध पानी के कारण ही होते हैं।

और पढ़ें: Quiz: इम्यूनिटी बूस्टिंग के लिए क्या करना चाहिए क्या नहीं , जानने के लिए यह क्विज खेलें

घर को साफ और सूखा रखें

मानसून में खाना ही सबसे जरूरी नहीं होता है। इस दौरान आपकों अपना घर भी साफ-सुथरा रखना चाहिए। मानसून शुरू होने से पहले ही अपने घर में लीकेज या क्लॉगिंग की जांच करवा लें। जंग लगी या टूटी हुई नलों को बदल दें, क्योंकि वे कीटाणुओं और जीवाणुओं के लिए प्रजनन स्थल होते हैं। जो मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। साथ ही आपको अपने घर में और आसपास पानी जमा न हो, इसका भी ध्यान रखना चाहिए।

सावन में आहार से जुड़ी इन बातों का रखें ख्याल

खानपान में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को जरूर शामिल करना चाहिए। क्योंकि इन खाद्य पदार्थों का सेवन कर वजन को आसानी से कम कर सकते हैं, लोअर ब्लड शुगर लेवल के साथ कब्ज की समस्या से लड़ा जा सकता है। आम लोगों की बात करें तो महिलाओं को जहां 25 ग्राम फाइबर रोजाना व पुरुषों को करीब 38 ग्राम फाइबर का रोजाना सेवन करना चाहिए। मानसून में क्या खाएं और क्या नहीं इसको लेकर आप एक्सपर्ट की मदद भी ले सकते हैं। आप चाहें तो न्यूट्रिशनिस्ट के साथ डायटिशियन की सलाह ले सकते हैं। वहीं उसे लागू कर बीमारियों से बचाव के साथ स्वस्थ रह सकते हैं।

अन्य टिप्स

  • सबसे पहले तो बाहर के खाने से बचें।
  • ऑयली फूड भी बहुत ज्यादा न खाएं।
  • अपने खाने में फल, सलाद और जूस को शामिल करें।
  • पालक या कोई भी पत्तेदार सब्जी के सेवन से बचें।
  • अधिक समय से कटा हुआ फल खाने से बचें।
  • किसी भी रूप में बर्फ का सेवन न करें।
health-tool-icon

बीएमआर कैलक्युलेटर

अपनी ऊंचाई, वजन, आयु और गतिविधि स्तर के आधार पर अपनी दैनिक कैलोरी आवश्यकताओं को निर्धारित करने के लिए हमारे कैलोरी-सेवन कैलक्युलेटर का उपयोग करें।

पुरुष

महिला

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 12/03/2021 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
x