home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

रमजान के दौरान इन बातों का रखेंगे ख्याल तो नहीं पड़ेंगे बीमार

रमजान के दौरान इन बातों का रखेंगे ख्याल तो नहीं पड़ेंगे बीमार

लगभग सभी धर्मों ने किसी न किसी रूप में उपवास रखने की मान्यता है। हिन्दू धर्म के मानने वाले इसे व्रत या उपवास कहते हैं, तो मुस्लिम धर्म में इसे रोजा कहा जाता है। मुस्लिम धर्म के लोग रमजान का सालभर इंतजार करते हैं क्योंकि इसके बाद मीठी ईद आती है। जिसका एक अलग ही महत्व है। रोजे का अगर ढंग से पालन किया जाए, तो कई सारी बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है लेकिन, कुछ गलत तरीके से भोजन लेने से इसका उल्टा भी हो सकता है। ऐसे में रमजान के दौरान रखें जाने वाले रोजों में रोजदारों को कुछ टिप्स फॉलो करने चाहिए।

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और लेखक अबरार मुल्तानी कहते हैं कि, ”रमजान का महीना शुरू हो चुका है और गर्मियां भी। इसलिए इस समय खान-पान का ध्यान रखा जाना चाहिए नहीं तो बीमार पड़ने की आशंका बढ़ सकती है। अगर यहां बताए टिप्स को फॉलो किया जाए तो रमजान का महीना अच्छी तरह गुजर सकता है। ”

और पढ़ें : Carvedilol : कार्वेडिलॉल क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

रमजान के दौरान ऑयली खाना न खाएं

अत्यधिक तेल से बने पकवानों से दूर रहें। यह आपके कोलेस्ट्रॉल और वजन को बढ़ाएंगे। रिफाइंड तेल तो और भी ज्यादा घातक है इसलिए कम तेल और वह भी अनरिफाइंड तेल का यूज करें। भजिए, पापड़, नुक्ती, नमकीन से थोड़ा दूरी बनाकर रखें ।

मीठी चीजें भी रमजान के दौरान कम खाएं

मीठी चीजें हमेशा कम खाना चाहिए और आर्टिफिशियल और रिफाइंड तो बिल्कुल भी नहीं। सल्फर द्वारा रिफाइंड शुगर पचने पर पायरुविक एसिड का निर्माण करती है। जो आरबीसी की सतह को खराब करता है और साथ ही नसों में ब्लॉक उत्पन्न करता है।

यह हृदय और मस्तिष्क के लिए भी घातक है। इसलिए मीठी चीजों से दूरी बनाएं। कोल्ड ड्रिंक में शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है इसलिए इफ्तार में लेने से यह शुगर लेवल बढ़ा देगी। यह हड्डियों, जोड़ों, किडनी और लिवर के लिए भी बहुत नुकसानदायक है।

रमजान में अपनी डायट में खूब सारा लिक्विड शामिल करें

इफ्तार में ठंडे ड्रिंक्स या जूस न लें क्योंकि यह सर्दी, खांसी जुकाम और बुखार दे सकते हैं। जब आप दिन भर भूखे प्यासे रहते हैं तो पेट में पाचक रस और गैस्ट्रिक एसिड उफान पर होते हैं। वे चाहते हैं कि आप कुछ भोजन उन्हें दे ताकि वे उसे फटाफट पचा दें और आपके शरीर के लिए ऊर्जा की आपूर्ति करें। आप उस समय ठंडी चीजें खाते और उसका नतीजा होता सर्दी खांसी- जुकाम और बुखार।

और पढ़ें : Fibromyalgia :फाइब्रोमायल्जिया क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

इस तरह नहीं बढ़ेगा वजन

सेहरी में ज्यादा और इफ्तार में कम खाना खाएं। इससे आपका वजन नहीं बढ़ेगा और इसका उल्टा करने पर आप वजन बढ़ा लेंगे। दिनभर भूखे- प्यासे रहने के बाद भी। क्योंकि सुबह और दिन में हमारा मेटाबॉलिज्म तेज होता है इसलिए जो भी खाएंगे सब पच जाएगा एक्स्ट्रा फैट भी लेकिन, रात में इसका ठीक उलटा होगा और बची हुई एनर्जी फैट के रूप में संचित होती जाएगी।

सुबह नहीं खाने से आप कमजोर भी हो जाएंगे और आपका मस्तिष्क भी तनाव महसूस करेगा। नतीजा शाम को और अधिक भोजन और महीने के अंत में 4 से 5 किलो अतिरिक्त वजन।

सेहरी में अधिक पानी पिएं

सेहरी में पानी अधिक से अधिक पिएं, मीठी चीज, तली हुई और मसालेदार चीजों से बचें क्योंकि इससे आपको दिन में प्यास अधिक लगेगी। सेहरी खाते ही सोना नहीं चाहिए। हो सके तो आधा एक किलोमीटर की वॉक कर लेना चाहिए जिससे आपको बदहज़मी नहीं होगी।

खाली पेट कोई पेनकिलर न लें

इफ्तार के वक्त खाली पेट कोई पेनकिलर लेने से आपकी किडनी डैमेज हो सकती है। दिन भर से प्यासी किडनी को यदि आप इफ्तार में पेन किलर देंगे तो उसके नेफ्रॉन डैमेज हो सकते हैं और किडनी क्षतिग्रस्त हो सकती है।

इफ्तारी में नारियल पानी ( यह पानी और मिनरल्स का शानदार स्त्रोत है) जरूर पिएं। 4 से 5 खजूर खाएं ( यह तुरंत ऊर्जा प्रदान करेंगे ) ।

मुठ्ठी भर ड्राई फ्रूट्स ( यह प्रोटीन के शानदार स्त्रोत है जो मसल्स को शक्ति प्रदान करेंगे) मौसमी फल जैसे तरबूज, आम, केला, खरबूज आदि ( ये पानी की कमी को पूरा करेंगे और इनमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों से शरीर को पोषण मिलेगा) ।1 गिलास नार्मल पानी पिएं। इफ्तारी के एक घंटे के बाद आप सामान्य डिनर कर लें और रातभर जितना हो सके उतना पानी पीकर खुद को हाइड्रेट करते रहें।

रमजान में डायबिटीज से ग्रसित रखें खास ख्याल

रमजान में भोजन के बीच में 12 से 15 घंटे का अंतर होता है, जो मधुमेह के रोगियों के लिए एक समस्या बन सकता है। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से और समय पर भोजन करें। टाइप 1 मधुमेह वाले लोग पवित्र महीने के दौरान उपवास करते समय टाइप 2 वाले लोगों की तुलना में अधिक जोखिम में होते हैं।

इन टिप्स को फॉलो करके आप रोजे के दौरान भी हेल्दी रह सकते हैं। बस आपको यहां बताई गईं बातों का ध्यान रखना है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

6 Popular Ways to Do Intermittent Fasting – https://www.healthline.com/nutrition/6-ways-to-do-intermittent-fasting – accessed on 17/01/2020

7 Facts on Fasting – https://blogs.webmd.com/food-fitness/20100527/7-facts-on-fasting – accessed on 17/01/2020

Fasting: Health benefits and risks – https://www.medicalnewstoday.com/articles/295914.php#1 – accessed on 17/01/2020

Is Fasting Dangerous? – https://www.health.com/weight-loss/is-fasting-dangerous – accessed on 17/01/2020

लेखक की तस्वीर
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Manjari Khare द्वारा लिखित
अपडेटेड 28/08/2019
x