home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

ब्रेस्ट कैंसर से डरे नहीं, आसानी से इससे बचा जा सकता है

ब्रेस्ट कैंसर से डरे नहीं, आसानी से इससे बचा जा सकता है

ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) क्या है ?

लखनऊ से मुंबई ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के लिए आईं 46 वर्षीय कविता चतुर्वेदी कहती को पता चला कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर है तो वे काफी घबरा गई थीं। उन्हें लगा कि वो अब ज्यादा दिन जीवित नहीं रह पाएंगी। लेकिन, समय पर डॉक्टरी सलाह और इलाज मिलने के बाद वे कैंसर के खतरे से बाहर आ चुकी हैं और बेहद खुश हैं। भारत में हर साल 1 लाख में 30 महिलाओं को स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं की एक लाख की संख्या में 30 महिला ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित बताई जाती हैं। यह एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनते ही कैंसर होता है। लेकिन यह मान लेना बिल्कुल गलत है कि ब्रेस्ट कैंसर हो जाए तो मौत निश्चित है। ब्रेस्ट कैंसर का इलाज समय पर कराया जाए तो इससे छुटकारा पाया जा सकता है।

और पढ़ें: Breast Cancer Genetic Testing : ब्रेस्ट कैंसर जेनेटिक टेस्टिंग क्या है?

जल्द उपचार दूर भगाता है कैंसर को

अगर कोई महिला स्तन कैंसर से पीड़ित हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। स्तन कैंसर क्या है और इसे समझना बेहद जरूरी है। स्तन कैंसर को समझना आसान है, स्त्रियों को समय-समय पर अपने स्तन की जांच खुद करना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो ज्यादातर महिला ब्रेस्ट से जुड़ी परेशानी को किसी से साझा नहीं करती हैं। इसलिए समस्या और बढ़ जाती है। शरीर से जुड़ी किसी भी परेशानी से शर्माएं नहीं बल्कि खुलकर बात करें। ब्रेस्ट कैंसर का इलाज समय पर कराने से इस बीमारी से बचना आसान हो सकता है।

ब्रेस्ट कैंसर का इलाज जानने से पहले जानते हैं स्तन कैंसर के लक्ष्ण क्या हैं ?

निम्नलिखत लक्षण स्तन कैंसर की ओर इशारा करते हैं, लेकिन ब्रेस्ट कैंसर से डरे नहीं बल्कि इसका इलाज जल्दी शुरू करें।

  • स्तन में गांठ होना।
  • स्तन के स्किन में बदलाव होना।
  • निप्पल के आकार में बदलाव होना।
  • स्तन का सख्त होना।
  • स्तन के आस-पास (अंडर आर्म्स) भी गांठ होना।
  • निप्पल से रक्त या तरल पदार्थ का आना।
  • स्तन में दर्द महसूस होना।

स्तन में गांठ की समस्या से भी महिलाएं परेशान रहती हैं और तनाव में आ जाती हैं। लेकिन, स्तन में होने वाले गांठ हमेशा कैंसर ही नहीं होता है। स्तन कैंसर के कारण क्या हैं ?

और पढ़ें: रेड मीट बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर का कारण, इन बातों का रखें ख्याल

निम्नलिखित कारणों से स्तन कैंसर हो सकता है। जैसे:

ब्रेस्ट कैंसर का इलाज: स्तन कैंसर से जुड़े जांच-

स्तन कैंसर का इलाज कैसे किया जाता है ?

और पढ़ें: ट्रिपल-नेगिटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) क्या है ?

कैंसर पीड़ित या सामान्य लोगों को भी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे:

ब्रेस्ट कैंसर का इलाज: कैंसर पीड़ित व्यक्तियों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • शराब,ध्रूमपान और तम्बाकू का सेवन न करें।
  • मोटापे से दूर रहें।
  • डॉक्टरों के संपर्क में रहें।
  • ध्रूमपान कर रहें व्यक्ति के पास खड़े न रहें।

ब्रेस्ट कैंसर का इलाज: सामान्य लोगों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल के सेवन से बचें।
  • एल्कोहॉल, सिगरेट और तंबाकूगुटखा का सेवन न करें।
  • जंक फूड को अपने आहार में शामिल न करें।
  • पौष्टिक आहार और पानी का सेवन करें।
  • महिलाओं को 40 साल की उम्र के बाद मैमोग्राफी करवाना चाहिए

और पढ़ें: अगर आपके परिवार में है किसी को ब्रेस्ट कैंसर है, तो आपको है इस हद तक खतरा

ब्रेस्ट कैंसर का इलाज: शुरुआती स्टेज में इलाज होता है आसान

कैंसर एक्सपर्ट के अनुसार स्तन कैंसर के 5 स्टेज होते हैं । अगर स्तन कैंसर पहले स्टेज में है, तो 70-80 प्रतिशत तक पेशेंट के ठीक होने की संभावना होती है। दूसरे स्टेज में होने पर 60-70 प्रतिशत तक महिलाएं ठीक हो सकती हैं। वहीं कैंसर एक्सपर्ट मानते हैं की तीसरे या चौथे स्टेज में स्तन कैंसर का इलाज थोड़ा कठिन हो जाता है। इसीलिए स्तन में बदलाव या दर्द महसूस होने पर जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।

ब्रेस्ट कैंसर से डरे नहीं बल्कि इसके साइड इफेक्ट भी जान लें

ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के लिए डॉक्टर सर्जरी, रेडिएशन थेरिपी और कीमोथेरेपी से करते हैं। माना जाता है कि इन थेरेपी के साइडइफेक्ट भी होते हैं, जैसे बालों का झड़ना लेकिन, 6 महीनों में फिर से बाल आ जाते हैं। पेशेंट को पौष्टिक आहार लेना चाहिए फल और हरी सब्जी जरूर खानी चाहिए और साफ-सफाई का ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। स्तन कैंसर की अगर शुरुआत है तो स्तन सर्जरी कर हटाने की जरूरत भी नहीं पड़ती है। रेडिएशन और कीमोथेरिपी स्तन कैंसर के सर्जरी के बाद अनिवार्य है। इसलिए ध्यान रखें इस बीमारी से छुटकारा पाना आसान है लेकिन, समय रहते इलाज शुरु हो जाए तो।

दिल्ली की रहने वाली 26 साल की पिंकी मौर्या से जब हमने इस बारे में बात की तो उनका कहना है कि ‘उनकी मम्मी ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थीं हालांकि अब वो इस दुनिया में नहीं रहीं लेकिन, थोड़ी सी हुई लापरवाही की वजह से उनकी मौत हो गई। पिंकी कहती हैं उनकी मम्मी को ब्रेस्ट में दर्द और गांठ की समस्या रहती थी लेकिन, उन्होंने इस बारे में किसी से बात करना सही नहीं समझा। हमने भी इस बारे में नहीं सोचा क्योंकि मेरी उम्र भी कम थी। परेशानी जब ज्यादा बढ़ने लगी तो उन्होंने डॉक्टर से संपर्क किया। टेस्ट के बाद पता चला की उन्हें ब्रेस्ट कैंसर है लेकिन, अपनी परेशानी को छुपाते हुए उन्होंने खुद से घरेलू उपाय शुरू कर दिया। वक्त पर सही इलाज शुरू नहीं होने की वजह से उनकी बीमारी बढ़ती चली गई और जब उनका इलाज शरू हुआ तब तक कैंसर अपने चौथे स्टेज के भी अंत में पहुंच चूका था। जिस वजह से दवाओं का असर भी नहीं हुआ और उनकी मौत हो गई।’

और पढ़ें: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की तकनीक से ब्रेस्ट कैंसर की जांच

यह हमेशा ध्यान रखें की किसी भी बीमारी या शारीरिक परेशानी होने पर इसे टाले नहीं बल्कि जल्द से डॉक्टर से मिलें। पिंकी की मां की मौत जानकारी के कमी होने के कारण हुई। क्योंकि पिंकी की मां का यह मानना था की उनके बाल झड़ जाएंगे और सर्जरी के दौरान स्तन भी काटना पड़ सकता है। जबकि इलाज के कुछ दिनों बाद झड़े हुए बाल वापस आ जाते हैं और स्तन भी रेयर किस में सर्जरी कर शरीर से अलग कर दी जाती है।

अगर आप ब्रेस्ट कैंसर के पेशेंट हैं तो ब्रेस्ट कैंसर से डरे नहीं बल्कि इसका जल्द से जल्द शुरू करें। कैंसर से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हमें उम्मीद है आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र
लेखक की तस्वीर
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Nidhi Sinha द्वारा लिखित
अपडेटेड 14/09/2019
x