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कैंसर होने के बाद स्वस्थ जीवन जीने के लिए अपनाएं ये टिप्स

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar


Nidhi Sinha द्वारा लिखित · अपडेटेड 28/12/2021

कैंसर होने के बाद स्वस्थ जीवन जीने के लिए अपनाएं ये टिप्स

कैंसर एक ऐसी घातक बीमारी है, जिसका नाम सुनते ही रोएं काप जाते हैं। यह एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। इसके होने के कई कारण हो सकते हैं। कैंसर का पता यदि मरीज में समय रहते चल जाए, तो उनका इलाज संभव है। लेकिन कैंसर के मरीजों के लिए कैंसर होने के बाद (After cancer Treatment) खास ध्यान रखने और सावधानियों की जरूरत होती है। यदि कैंसर होने के बाद, मेडिकेशन के साथ रोगी के खानपान और लाइफस्टाइल पर ध्यान न दिया जाए, तो शरीर कमजोर हो जाता है। तो आइए जानते हैं कि कैंसर होने के बाद (क्नतपदह cancer Treatment) मरीजों को किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। इससे पहले यह जान लेते हैं कि कैंसर क्या है?

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कैंसर क्या है (what is cancer) ?

कैंसर शरीर की कोशिका या कोशिकाओं में असामान्य तरीके से बढ़ता है, जो गांठ अथवा ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। हालांकि, सभी गांठ या ट्यूमर कैंसर नहीं होते हैं। कैंसर की वजह से शरीर में बनने वाली गांठ को मेलिग्नेंट गांठ कहते हैं और जिन गांठों में कैंसर नहीं होता उसे बिनाइन गांठ कहते हैं।

कैंसर होने के बाद क्या करें (what to do after getting cancer)?

कैंसर से पीड़ित व्यक्ति का इलाज वक्त पर शुरू होने से और सही देखभाल होने से कैंसर पेशेंट ठीक हो सकते हैं। हालांकि, एक आम धारणा है कि लोग कैंसर को जीवन का अंत समझने लगते हैं, जैसा कि नहीं है। समय से शुरू किए गए इलाज के बाद व्यक्ति स्वस्थ भी हो जाता है। आज इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि कैंसर जैसे बीमारी को हरा देने के बाद भी आपको किन बातों का ख्याल रखना चाहिए ? और आपकी जीवनशैली कैसी हो और आपका आहार कैसा होना चाहिए?

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कैंसर होने के बाद स्मोकिंग (ध्रूमपान) न करें (Do not smoke after getting cancer)

आपने यह पहले सुना होगा। लेकिन, अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो सिर्फ कैंसर ही अन्य बीमारी जैसे हार्ट से जुड़ी बीमारी और स्ट्रोक का खतरा भी कम जाएगा। अगर आप कैंसर को पहले मात दे चुके हैं, तो फिर से कैंसर का खतरा शुरू हो सकता है।स्मोकिंग से 12 तरह के कैंसर हो सकते हैं। इसमें मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, लेरिंगक्स कैंसर, इसाफगस (भोजन नली का कैंसर), ग्रीवा का कैंसर, किडनी, लिवर, ब्लैडर, पेट, गुदाद्वार, ल्यूकेमिया भी शामिल हैं। अब आप स्मोकिंग से होने वाले खतरों का अंदाजा लगा सकते हैं। ऐसे में एक बार कैंसर से निजात पाने के बाद धूम्रपान से दूरी बनाना ही ठीक होगा। साथ ही स्मोकिंग से सबसे ज्यादा खतरा होता है लंग कैंसर का और यह इन सभी में से सबसे खतरनाक भी माना जाता है। दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों में सबसे ज्यादा मौतों का कारण लंग्स कैंसर ही होता है।

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कैंसर होने के बाद पैसिव स्मोकिंग से भी बचें (Avoid passive smoking after cancer)

कैंसर होने के बाद आपको खुद तो स्मोकिंग नहीं ही करनी चाहिए। इसके अलावा आपको पैसिव स्मोकिंग से भी बचने की जरूरत होती है। साथ ही अगर आप स्मोकिंग नहीं करते हैं लेकिन, किसी ध्रूमपान करते हुए व्यक्ति के सामने खड़े रहेंगे तो भी उसका उतना ही बुरा प्रभाव पड़ेगा जितना कि स्मोकिंग करने से पड़ता है। ऐसे में आप स्मोकिंग जोन में जानें से भी बचें।

कैंसर होने के बाद नियमित रूप से एक्सरसाइज करें (Exercise regularly after cancer)

इस दौड़ भाग की जिंदगी में एक्सरसाइज के लिए वक्त निकाल पाना मुश्किल है। लेकिन, रोजाना एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है। एक्सरसाइज करने से आप फिट रहेंगे और बीमारी आपसे कोसो दूर भागेगी। आप अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह ले सकते हैं की आपको कौन-कौन से एक्सरसाइज करने की जरूरत है।

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कैंसर होने के बाद वजन नियंत्रित रखें (Control weight after cancer)

कैंसर जैसे गंभीर रोग को मात देने के बाद अगर आपने अपना वेट (वजन) कंट्रोल कर लिया तो आपकी परेशानी कम हो सकती है।

पौष्टिक आहार का सेवन करें (Eat nutritious food)

  • आहार को पौष्टिक रखकर वजन भी संतुलित रहेगा और आपभी स्वस्थ रहेंगे।
  • फल और हरी सब्जियों को नियमित रूप से अपने आहार में शामिल करें।
  • अगर आप नॉन-वेजिटेरियन हैं, तो रेड मीट की बजाए चिकेन और फिश का सेवन करें।
  • ब्राउन राइस, रोटी (गेहूं का आटा) और अंकुरित अनाज रोजाना खाने की आदत डालें।
  • ऑलिव (olive) और कनोला (canola) ऑइल में बनी सब्जियों का सेवन करें।
  • फ्रोजेन खाद्य पदार्थ, पैक्ड जूस और फास्ट फूड के सेवन बंद कर दें।
  • फूड पॉइजनिंग से बचें।

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कैंसर होने के बाद एल्कोहॉल का सेवन न करें (Do not drink alcohol after getting cancer)

एल्कोहॉल के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

लोगों से मिलते रहें (Keep meeting people)

परिवार के सदस्य और दोस्तों से मिलते रहें। स्वस्थ रहने के लिए यह भी बहुत जरूरी है। इससे स्ट्रेस कम होगा और आप अच्छा महसूस करेंगे। ध्यान रखें नकारात्मक विचार रखने वाले व्यक्तियों से न मिलें।

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कैंसर होने के बाद काउंसलिंग भी है जरूरी (Counseling is also necessary after having cancer)

कैंसर होने के बाद जरूरी है कि आप कैंसर के मरीज के आस-पास सकारात्मक माहौल बनाएं। इसके अलावा कैंसर पीड़ितों को परिजनों और दोस्तों को कैंसर के बारे में जागरूकता होना भी जरूरी है। साथ ही ऐसे समय में अपने आस-पास मौजूद लोगों को इस बीमारी की जानकारी और किन तकनीकों का इस्तेमाल इस बीमारी में किया जाता है पता होने पर पीड़ित पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। साथ ही परिजन और दोस्त पीड़ित को ऐसे लोगों का उदाहरण भी दे सकते हैं, तो इस बीमारी से बाहर निकले हैं। दुनिया भर में ऐसे बहुत से सेलिब्रिटी हैं, जो कैंसर का शिकार हुए हैं और इसको मात भी दे चुके हैं, तो ऐसे में पीड़ित की रुचि के क्षेत्र के अनुसार आप उनको उदाहरण दे सकते हैं।

साथ ही कैंसर पीड़ित लोगों के सामने घर की अन्य दिक्कतों का जिक्र नहीं करना चाहिए। इसके अलावा परिजनों को लगे कि कैंसर के कारण पीड़ित को तनाव और बैचेनी होने लगी है, तो ऐसे में परिजनों को जरूरत होगी कि वे पीड़ित से इस बारे में बात करें और उन्हें इसके बारें में किसी भी गलत धारणा के बारे में अवगत कराएं। साथ ही अगर परिजनों को लगे कि पीड़ित इस बीमारी को लेकर जरूरत से ज्यादा तनाव ले रहा है, तो ऐसे में आप पीड़ित के लिए साइकोलॉजिस्ट की मदद ले सकते हैं। कई मामलों में देखा जा सकता है कि गंभीर बीमारियों का सामना करते समय पीड़ितों को साइकोलॉजिकल हेल्प से फायदा पहुंचता है। साइकोथेरेपी के दौरान एक्सपर्ट्स मरीज की चिंताओं को सुनते और उन्हें इनसे निपटने और दिमाग को शांत रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर पीड़ित नौकरी या बिजनेस करता है, तो उसे अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या को चालू रखना चाहिए।

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हेल्थ चेकअप करवाएं (Get health checkup)

डॉक्टर द्वारा बताए गए निर्देशों का पालन करें। समय-समय पर डॉक्टर से मिलें और जो जांच करवाने की सलाह दी गई हो उसे अवश्य करवाएं।

हम उम्मीद करते हैं कि इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। ऊपर बताए गए टिप्स को फॉलो करें, लेकिन इन सबके बावजूद अगर कोई परेशानी महसूस होती है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलें। इस गंभीर बीमारी के बारे में जितने जल्दी पता चल जाए उतना ही इलाज आसान होता है।

डिस्क्लेमर

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Nidhi Sinha द्वारा लिखित · अपडेटेड 28/12/2021

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