केलैन्डयुला का फूल है जो गेंदे की प्रजाति का होता है। इसका वानस्पातिक नाम Calendula officinalis है और यह डेजी परिवार से ताल्लुक रखता है। एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर इस फूल को कई दवा बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें एंटीफंगल, एंटी-इन्फलामेटरी और एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं जो जख्मों को भरने और एक्जिमा से राहत पाने में मदद करता है। इसमें एंटीसेप्टिक प्रॉपर्टीज भी होती हैं जिस वजह से इसका इस्तेमाल जख्मों को साफ करने के लिए भी किया जाता है।
इसमें एंटीवायरल, एंटीऑक्सीडेंट, एनालजेसिक, एंटीप्लेक और एस्ट्रिंजेंट प्रॉपर्टीज भी होती है जो स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद होती है। ये हमारी सेहत के साथ-साथ सौंदर्य के लिए भी लाभकारी है। इसके फूलों को इंफ्यूज करके करियर ऑयल तैयार किया जाता है। इस तेल का प्रयोग कई ओइंटमेंट और क्रीम में किया जाता है।
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जख्म को भरने में मददगार:
इसमें अरोमा ऑयल ऑर्गेनिक एसिड और स्टेरोल्स होते हैं, जो घावों को जल्दी भरने में मद्दगार हैं। चर्म रोगों के लिए भी इसका इस्तेमाल उपयोगी माना जाता है।
नई कोशिकाओं को बनाता है:
इसमे एंटी-एजिंग गुण होते हैं जो कोशिकाओं के पुननिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सूजन को दूर करता है:
केलैन्डयुला में टैनिन, ट्रिटरपेनॉयड्स और सैपोनिन्स होते हैं जो स्किन को साफ करते हैं। ये स्किन से एक्ने और डर्मटाइटिस को हील करने में भी मददगार है। रेडिएशन से हुई स्किन डैमेज को रिपेयर करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एस्ट्रिंजेंट प्रॉपर्टीज होती हैं जो फ्री रेडिकल्स के लेवल को कम करती हैं।
पीरियड्स में होने वाली परेशानी से राहत दिलाता है:
इसके फूलों का इस्तेमाल पीरियड्स में होने वाले दर्द और अनियमतता से निजात पाने के लिए किया जाता है। इसका तेल यूट्रस और ब्रेन के बीच के नर्व सिग्नल्स के ट्रांसमिशन को रोकता है। केलैन्डयुला लोशन हैवी ब्लीडिंग को कंट्रोल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
डेंटल हेल्थ को मेंटेन रखता है:
केलैन्डयुला में एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इन्फलामेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं जो डेंटल परेशानियों से निजात दिलाता है। गिंग्विटिज, डेंटल प्लैक और दूसरी सूजन और दर्द वाली परेशानियों के लिए वरदान समान है।
स्किन के लिए वरदान समान है कैलैन्डयुला:
कैलैन्डयुला ऑयल कई सारी स्किन संबंधित परेशानियों को दूर करने और त्वचा की रंगत को सुधारने के लिए उपयोगी माना जाता है।
पाचन संबंधित परेशानियों में फायदेमंद:
केलैन्डयुला हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया को तेज करता है।
इन परेशानियों में भी मददगार:
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यह हर्बल सप्लिमेंट हमारे शरीर में कैसे काम करता है, इस बारे में ज्यादा स्टडीज उपलब्ध है। पर ऐसा माना जाता है कि ये गले और मुंह के घावों को जल्दी भरती है क्योंकि कि ये नए टिशू की उत्पत्ति करता है।अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें। हालांकि, यह माना जाता है कि केलैन्डयुला में मौजूद केमिकल्स नए टिश्यूज को बनाने और मुंह और गले में सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
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अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट या हर्बलिस्ट से सलाह लें, यदि:
दवाइयों की तुलना में हर्ब्स लेने के लिए नियम ज्यादा सख्त नहीं हैं। बहरहाल केलैन्डयुला कितना सुरक्षित है इस बात की जानकारी के लिए अभी और भी रिसर्च की जरूरत है। इस हर्ब को इस्तेमाल करने से पहले इसके रिस्क और फायदे को अच्छी तरह से समझ लें। हो सके तो अपने हर्बल स्पेशलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका इस्तेमाल करें।
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इस बात का रखें खास ख्याल:
केलैन्डयुला का इस्तेमाल करने से पहले स्किन पैच टेस्ट जरूर करें। इसके लिए प्रोडक्ट को थोड़ा सा लें और अपनी कोहनी पर लगाएं। 24 से 48 घंटे तक देखें कि जिस जगह पर आपने इसे लगाया वहां किसी तरह की कोई इरिटेशन तो नहीं है। यदि आपको इससे किसी तरह की एलर्जी नहीं है तो आप इसका आगे इस्तेमाल कर सकते हैं।
आमतौर पर केलैन्डयुला का इस्तेमाल ज्यादातर सभी के लिए सुरक्षित है। यदि आपको ऐस्टरेसिए परिवार के किसी पौधे से एलर्जी है तो केलैन्डयुला का इस्तेमाल करने से परहेज करें। यदि आप प्रेग्नेंट हैं या ब्रेस्टफीडिंग कराती हैं तो इसका उपयोग न करें। यह मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य पर बुरा असर कर सकता है। यदि आपकी कोई सर्जरी होने वाली है तो दो हफ्ते पहले इसका इस्तेमाल बंद कर दें। इससे आपको सुस्ती हो सकती है।
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इस हर्बल सप्लिमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई दूसरे स्थितियों पर भी निर्भर करती है। हर्बल सप्लिमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। कृपया अपने उचित खुराक के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।
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केलैन्डयुला निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है:
हैलो हेल्थ ग्रुप डॉक्टरी सलाह, डायग्नोसिस या इलाज नहीं देता है।
हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में इस हर्बल से जुड़ी ज्यादातर जानकारियां देने की कोशिश की है, जो आपके काफी काम आ सकती हैं। अगर आपको ऊपर बताई गई कोई सी भी शारीरिक समस्या है तो इस हर्ब का इस्तेमाल आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। बस इस बात का ध्यान रखें कि हर हर्ब सुरक्षित नहीं होती। इसका इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से कंसल्ट करें तभी इसका इस्तेमाल करें। केलैन्डयुला से जुड़ी यदि आप अन्य जानकारी चाहते हैं तो आप हमसे कमेंट कर पूछ सकते हैं।
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डिस्क्लेमर
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Current Version
27/05/2020
Mona narang द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr. Shruthi Shridhar
Updated by: Shikha Patel
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr. Shruthi Shridhar