आलू का पौधा सोलानेसी परिवार का सदस्य है। ये एक सदाबहार पौधा है। इसके जड़ का फ्लेशी हिस्सा (आलू) आमतौर पर सब्जी के रूप में खाया जाता है। ये विटामिन-सी (Vitamin-C), विटामिन-बी (Vitamin-B), आयरन (Iron), कैल्शियम (Calcium), मैंगनीज (Manganese) और फॉस्फोरस (Phosphorus) का स्त्रोत है। गुणों का भंडार होने के कारण इसका प्रयोगऔषधि बनाने के लिए भी किया जाता है।

आलू में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?
कैलोरी- 168 ग्राम
फैट- 0 ग्राम
प्रोटीन- 5 ग्राम
कार्ब्स- 37 ग्राम
फाइबर- 4 ग्राम
सोडियम- 24 मिलीग्राम
विटामिन-सी- 37 %
विटामिन-बी 6- 31%
पोटैशियम- 27 %
मैगनीज- 20 %
रक्तचाप (Blood Pressure):
इसमें पोटैशियम होता है, जो रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मददगार है। इसके साथ ही इसमें फाइबर (Fiber) होता है, जो रक्तचाप से पीड़ित लोगों में हाइपरटेंशन (Hypertension) के प्रभाव को कम करता है। इसलिए यह ब्लड प्रेशर के पेशेंट के लिया लाभकारी होता है।
हड्डियों को बनाए मजबूत (Strong bone):
आलू मैग्नीजियम का अच्छा स्त्रोत माना जाता है जो हड्डियों के सकारात्मक विकास में मदद करता है। इसमें कैल्शियम भी होता है, जो हड्डियों के विकास के लिए जरूरी होता है।
कैंसर (Cancer) से बचाव:
इसमें विटामिन-सी (Vitamin-C) पाया जाता है, जो एंटीऑक्सिडेंट की तरह काम करता है। इसके अलावा इसमें कई विटामिन, मिनिरल्स, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो कैंसर (Cancer) से लड़ने के लिए शरीर को पोषण प्रदान करते हैं।
पाचन तंत्र (Digestive system) को बनाए स्वस्थ:
फाइबर से समृद्ध आलू पेट संबंधित परेशानियों को दूर करने के लिए प्रभावी रूप से काम करते है। इसके सेवन से कब्ज (Constipation) से निजात पा सकते हैं।
मस्तिष्क (Brain) स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद:
इसमें अल्फा लिपोइक नामक एसिड होता है जो हमारे मस्तिष्क के विकास के लिए लाभदायक होता है। कई शोध के अनुसार, लिपोइक मरीज की याददाशत (Memory) को बढाने का काम करता है।
इन बीमारियों के लिए भी है मददगार:
ये विटामिन-सी (Vitamin-C), आयरन (Iron), राइबोफ्लेविन (Riboflavin) और कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) का एक सोर्स है। इसके छिलके में मौजूद एक रसायन बैक्टीरिया को कोशिकाओं से जुड़ने से भी रोकता है। ये भूख को कम कर सकता है जिसके कारण लोग अपना वजन कम कर सकते हैं। ये कैसे काम करता है, इस बारे में ज्यादा रिसर्च नहीं गए हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।
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आलू खाने के साथ-साथ दवा के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। अमूमन इसका इस्तेमाल सभी लोगों के लिए सुरक्षित होता है। सड़े आलू, हरे आलू और स्प्राउट्स में जहरीले रसायन होते हैं जिन्हें खाने से बचना चाहिए।
अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट या हर्बलिस्ट से सलाह लें, यदि:
दवाइयों की तुलना में हर्ब्स लेने के लिए नियम ज्यादा सख्त नहीं हैं। बहरहाल आलू कितना सुरक्षित है इस बात की जानकारी के लिए अभी और भी रिसर्च की जरूरत है। इस हर्ब को इस्तेमाल करने से पहले इसके रिस्क और फायदे को अच्छी तरह से समझ लें। हो सके तो अपने हर्बल स्पेशलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसे यूज करें।
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इसके अत्यधिक सेवन से निम्नलिखित शारीरिक परेशानी हो सकती है। जैसे-
यदि आप इसके साइड इफेक्ट को लेकर चिंता में हैं, तो कृपया अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से परामर्श करें।
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इस हर्बल की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लिमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।
खाने के साथ-साथ आलू को स्किन को जवां बनाये रखने में भी होता है मददगार। आलू का प्रयोग कैसे करें जिससे स्किन को लाभ मिल सके।
अगर आप आलू से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।