home

आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लम: डायबिटीज कैसे आंखों पर नेगेटिव प्रभाव डालता है?

डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लम: डायबिटीज कैसे आंखों पर नेगेटिव प्रभाव डालता है?

बॉडी में ब्लड शुगर लेवल इम्बैलेंस की समस्या होने पर एक नहीं, बल्कि कई अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Centers for Disease Control and Prevention) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लम (Diabetes and Night vision problems) के साथ-साथ ब्लाइंडनेस जैसी अन्य आंखों से जुड़ी समस्या शुरू हो सकती है। हालांकि इन सबके बीच अच्छी बात ये है कि ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस कर इन गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। इसलिए आज इस आर्टिकल में डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लम (Diabetes and Night vision problems) का सॉल्यूशन क्या है यह समझेंगे।

और पढ़ें : इन्सुलिन के 11 साइड इफेक्ट्स हैं सामान्य, लेकिन इग्नोर करने पर हो सकती है गंभीर!

  • डायबिटीज कैसे आंखों को नेगेटिव प्रभाव डालता है?
  • नाइट विजन प्रॉब्लम के लक्षण क्या है?
  • डायबिटीज के कारण नाइट विजन प्रॉब्लम होने पर इलाज कैसे किया जाता है?
  • ब्लड शुगर लेवल कैसे रखें कंट्रोल?

आर्टिकल की शुरुआत करेंगे और सबसे पहले डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लम (Diabetes and Night vision problems) दोनों को एक-एककर समझेंगे।

डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लम: डायबिटीज कैसे आंखों पर नेगेटिव प्रभाव डालता है?

डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लेम (Diabetes and Night vision problems)

डायबिटीज के कारण नाइट विजन प्रॉब्लम या आंखों से जुड़ी समस्या लॉन्ग टर्म या शार्ट टर्म दोनों हो सकती है। अगर इसे सामान्य शब्दों में समझें, तो डायबिटीज की समस्या पुरानी हो या इमबैलेंस ब्लड शुगर के कारण छोटे-छोटे ब्लड वेसेल्स डैमेज होने लगते हैं और इन्हीं ब्लड वेसेल्स के डैमेज होने की वजह से इसका प्रभाव आंखों की रेटिना पर पड़ता है। ऐसी ही स्थिति में विजन प्रॉब्लम (Vision problems) की समस्या शुरू हो जाती है। वहीं शॉर्ट टर्म विजन प्रॉब्लम की समस्या तब होती है जब ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए। ऐसी स्थिति में देखने की क्षमता में बदलाव आता है, जिसे लक्षणों के आधार पर समझा जा सकता है।

और पढ़ें: एसजीएलटी2 इनहिबिटर्स टाइप 2 डायबिटीज पेशेंट को दिलाते हैं इन परेशानियों से छुटाकारा!

डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लम: ऐसे में कैसे समझें लक्षण? (Symptoms of Night vision problem)

डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लम के लक्षण को आसानी से समझा जा सकता है। जैसे:

  • तैरती हुई धब्बेदार चीजें दिखाई देना (Floating in your vision)।
  • धुंधला दिखाई देना (Blurred vision)।
  • अस्थिर दृष्टि होना (Fluctuating vision)।
  • अंधेरा दिखाई देना (Dark vision)।
  • दिखाई ना देना (Vision loss)।

डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लम के लक्षण ऊपर बताये लक्षणों को इग्नोर ना करें।

और पढ़ें : डायबिटिक या नॉन डायबिटिक लोगों में भी हो सकती है लो या हाय शुगर की बीमारी!

डायबिटीज के कारण नाइट विजन प्रॉब्लम (Diabetes and Night vision problems) होने पर इलाज कैसे किया जाता है?

डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लेम (Diabetes and Night vision problems)

डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लम (Diabetes and Night vision problems) होने पर सबसे पहले डॉक्टर ब्लड शुगर लेवल बैलेंस में रखने की सलाह देते हैं। इसलिए डॉक्टर द्वारा डायबिटीज की प्रिस्क्रिब्ड ड्रग्स या इन्सुलिन समय-समय पर लें और इन दवाओं की डोज भी डॉक्टर के बताये अनुसार ही लें। ऐसा करने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होगा और आंखों से जुड़ी परेशानियां भी नहीं होंगी। अगर इन स्थितियों के बाद भी रेटिनोपैथी (Retinopathy [DR]) यानी आंखों में सूखापन, देखने में परेशानी महसूस होना या मोतियाबिंद (Cataract) जैसी तकलीफें शुरू होती हैं, तो डॉक्टर ब्लड शुगर लेवल को मॉनिटर करते हैं और डायबिटीज पेशेंट की हेल्थ कंडिशन (Health condition) को ध्यान में रखकर आई ट्रीटमेंट शुरू करते हैं।

नोट: रेटिनोपैथी (Retinopathy) या आंखों से जुड़ी समस्या होने पर डायबिटीज पेशेंट के ब्लड शुगर लेवल एवं ब्लड प्रेशर दोनों का ध्यान रखते हैं, क्योंकि इम्बैलेंस ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) एवं हाय ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) पेशेंट की तकलीफ ज्यादा बढ़ा सकते हैं।

और पढ़ें : Insulin R: जानिए डायबिटीज पेशेंट के लिए इन्सुलिन आर के फायदे और नुकसान

डायबिटीज के कारण नाइट विजन प्रॉब्लम का इलाज (Treatment for Night vision problem)

डायबिटीज के कारण नाइट विजन प्रॉब्लम का इलाज निम्नलिखित तरह से किया जा सकता है। जैसे:

  • स्टेरॉयड ट्रीटमेंट (Steroid treatment)- डॉक्टर स्टेरॉयड आई ड्रॉप (Eye drop) प्रिस्क्राइब कर सकते हैं।
  • आई इंजेक्शन (Injections)- आवश्यकता पड़ने पर एंटी-वीईजीएफ (anti-VEGF) इंजेक्शन की सहायता से आंखों में दे सकते हैं।
  • लेजर सर्जरी (Laser surgery)- आंख के पिछले हिस्से पर लेजर सर्जरी से रेटिना के सेंटर में आये सूजन कम किया जा सकता है। यह असामान्य रक्त वाहिका की वृद्धि को कम या रोक में सहायक हो सकते हैं और इससे ब्लीडिंग की समस्या भी दूर हो सकती है।
  • माइक्रोसर्जरी (Microsurgery)- माइक्रोसर्जरी सर्जन के दौरान आंख (Eye) में एक छोटा सा चीरा लगाएंगे, जिससे लेंस के पीछे जमी हुई जेली जैसे पदार्थ को हटाया जा सके।

डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लम (Diabetes and Night vision problems) के ट्रीटमेंट के लिए इन ऊपर बताये विक्लपों का आवश्यकता अनुसार मदद ली जा सकती है।

और पढ़ें : डायबिटिक नेफरोपैथी में एसीई इनहिबिटर्स ड्रग्स से जुड़ी जानकारी है यहां!

डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लम : ब्लड शुगर लेवल कैसे रखें कंट्रोल? (Tips to control blood sugar level)

नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार डायबिटीज के कारण आंखों से जुड़ी परेशानियों के साथ-साथ हार्ट डिजीज जैसी कई अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में डायबिटीज की समस्या होने पर ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) बैलेंस रखना बेहद जरूरी है। इसलिए डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लम (Diabetes and Night vision problems) की समस्या से बचने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे:

  • रोजाना टहलने (Walk), योग (Yoga) या फिर अपने शारीरिक क्षमता अनुसार एक्सरसाइज (Workout) करें।
  • खान-पान का ध्यान रखें और समय पर हेल्दी खाने की (Healthy diet) आदत डालें।
  • डायबिटीज की दवाओं (Diabetes medication) या इन्सुलिन (Insulin) का समय भी तय रखें।
  • स्मोकिंग (Smoking) और एल्कोहॉल (Alcohol) से दूर रहें।
  • समय पर सोने की आदत डालें और 7 से 9 घंटे की नींद (Sleep) लें।
  • तनाव (Tension) से बचें
  • शुगर लेवल समय-समय पर चेक (Diabetes check) करते रहें।

इन 7 बातों को ध्यान में रखकर ब्लड शुगर लेवल (Blood sugar level) को बैलेंस में रखना आसान हो सकता है और अन्य बीमारियों के खतरे को भी कम करने में मदद मिल सकती है।

नाइट विजन प्रॉब्लम (Night vision problems) या विजन प्रॉब्लम (Vision problems) डायबिटीज के कारण हो सकती है, लेकिन आंखों से जुड़ी इन बीमारियों का खतरा बढ़ती उम्र में भी देखी जा सकती है। वहीं आजकल बढ़ते स्क्रीन टाइम के कारण भी शारीरिक परेशानियों के साथ-साथ आंखों से जुड़ी समस्या हो सकती है। इसलिए आई प्रॉब्लम (Eye problem) होने पर इग्नोर ना करें और जल्द से जल्द आई एस्पेशियलिस्ट से कंसल्ट करें।

अगर आप डायबिटिक और नाइट विजन प्रॉब्लम (Diabetes and Night vision problems) की समस्या से पीड़ित हैं, तो डॉक्टर से कंसल्टेशन और उनके दिए गए सलाह का ठीक तरह से पालन करें। ऐसा करने से बीमारी को जल्द से जल्द कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। डायबिटीज और नाइट विजन प्रॉब्लम से जुड़े किसी तरह के सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो आप हमें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। हैलो स्वास्थ्य के हेल्थ एक्सपर्ट आपके सवालों का जवाब देने की जल्द से जल्द कोशिश करेंगे।

स्वस्थ्य रहने के लिए नियमित योग (Yoga) करें। योग आपके मन और तन दोनों को स्वस्थ रखने में सहायक है। योग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी और योग करने का सही तरीका जानिए नीचे दिए इस वीडियो लिंक में।

health-tool-icon

बीएमआई कैलक्युलेटर

अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें और पता करें कि क्या आपका वजन हेल्दी है। आप इस उपकरण का उपयोग अपने बच्चे के बीएमआई की जांच के लिए भी कर सकते हैं।

पुरुष

महिला

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कल को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड