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डायबिटीज में कार्बोहायड्रेट का कर रहे हैं सेवन, तो इन बातों से न रहें अंजान!

डायबिटीज में कार्बोहायड्रेट का कर रहे हैं सेवन, तो इन बातों से न रहें अंजान!

डायबिटीज की बीमारी होने पर ब्लड शुगर लेवल को चेक करना बहुत अहम होता है। अगर ब्लड में शुगर लेवल कम या फिर ज्यादा हो रहा है, तो ये परेशानी खड़ी कर सकता है। ब्लड में शुगर का लेवल आपके खानपान के अनुसार तय होता है। कुछ लोगों के ब्लड में शुगर लेवल अचानक से कम हो जाता है, तो कुछ लोगों में ये लेवल अचानक से ज्यादा हो जाता है। ऐसे में ये सावधानी रखने की जरूरत होती है कि खाने में हम जो ही खाएं, उसकी मात्रा के बारे में हमें जानकारी होनी चाहिए। खाने में कार्बोहायड्रेट का सेवन कितना करना या नहीं करना है, ये डायबिटिक पेशेंट को पता होना चाहिए। अगर आपको कार्बोहायड्रेट के बारे में जानकारी नहीं है या फिर आप कार्बोहायड्रेट वाले फूड्स के बारे में नहीं जानते हैं, तो आपके लिए ये आर्टिकल जानकारी से भरपूर हो सकता है। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको डायबिटीज में कार्बोहायड्रेट (Carbohydrates and Diabetes) से संबंधित अहम जानकारी देंगे। आइये पहले जानते हैं कि कार्बोहायड्रेट क्या होता है।

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज के लॉन्ग टर्म कॉम्प्लीकेशन में शामिल हो सकती हैं ये समस्याएं!

डायबिटीज में कार्बोहायड्रेट (Carbohydrates and Diabetes)

डायबिटीज में कार्बोहायड्रेट

हम जो खाना खाते हैं, उसमें न्यूट्रिएंट्स के तौर पर प्रोटीन, फैट और कार्बोहायड्रेट होता है। कार्बोहायड्रेट शुगर (फ्रक्टोज, ग्लूकोज और लैक्टोज)) और स्टार्च के रूप में पाया जाता है। कुछ स्टार्ची वेजीटेबल्स, ग्रेंस, राइस, ब्रेड,सीरियल्स आदि में कार्बोहायड्रेट की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। शरीर कार्बोहायड्रेट को ग्लूकोज के रूप में तोड़ता है, जो ब्लड द्वारा एब्जॉर्व कर ली जाती है। जैसे ही शरीर में ग्लूकोज का लेवल बढ़ जाता है, तो पैंक्रियाज से इंसुलिन हॉर्मोन रिलीज होता है। इंसुलिन का काम ब्लड में शुगर लेवल को कंट्रोल करना होता है। अगर पैंक्रियाज इंसुलिन की पर्याप्त मात्रा नहीं रिलीज कर पाता है, तो ऐसे में ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ता जाता है। ये डायबिटीज का कारण बनता है।

अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज की बीमारी है, तो उसे कार्बोहायड्रेट का सेवन करने के दौरान अधिक सावधानी की आवश्यकता होती है। टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 diabetes) वाले लोगों के लिए, अग्न्याशय इंसुलिन बनाने की क्षमता खो देता है। टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) वाले लोगों के लिए, शरीर सामान्य रूप से बनने वाले इंसुलिन के लिए रिस्पॉन्ड नहीं कर पाता है। यानी दोनों ही कंडीशन में ब्लड में शुगर का लेवल कंट्रोल नहीं रह पाता है। डायबिटिक पेशेंट के लिए कार्ब का सेवन या मधुमेह में कार्बोहायड्रेट का सेवन जरूरी होता है क्योंकि ये हेल्दी डायट का हिस्सा है। जानिए डायबिटीज में कार्बोहायड्रेट (Carbohydrates and Diabetes) को कैसे बैलेंस किया जा सकता है।

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज में न्यू ड्रग ट्रीटमेंट : जानिए क्या है ये खास ट्रीटमेंट?

डायबिटीज में कार्बोहायड्रेट (Carbohydrates and Diabetes) को कैसे करें बैलेंस?

ये सोच कर कि कार्बोहायड्रेट का सेवन करने से ब्लड में ग्लूकोज का लेवल बढ़ जाएगा, आप डायबिटीज में कार्बोहायड्रेट (Carbohydrates and Diabetes) का सेवन बंद नहीं कर सकते हैं। खाने में कार्ब को शामिल करना जरूरी होता है क्योंकि इसकी बिना हेल्दी डायट अधूरी मानी जाती है। न्यूट्रीशियस डायट का कार्बोहायड्रेट अहम हिस्सा होता है, इसलिए डायबिटिक पेशेंट (Diabetic patient) को इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। कुछ फूड्स में पाए जाने वाले कार्बोहायड्रेट अधिक हेल्दी होते हैं, जैसे कि व्होल ग्रेन, फ्रूट्स आदि। इनमें कार्ब के साथ ही फाइबर, विटामिन और अन्य न्यूट्रिएंट्स भी होते हैं। वहीं कैंडी, सोडा आदि में पाए जाने वाले कार्ब हेल्थ के लिए अच्छे नहीं होते हैं। अगर आप खाने में फाइबर युक्त फूड्स का अधिक सेवन करते हैं, तो खाने में शुगर कम एब्जॉर्व होता है।

फाइबर युक्त फूड्स का सेवन करने से न केवल डायजेस्टिव सिस्टम बेहतर रहता है बल्कि ब्लड में शुगर लेवल को भी कंट्रोल किया जा सकता है। शुगर, कैंडी आदि में न तो फाइबर होता है और नहीं अन्य न्यूट्रिएंट्स। खाने के बाद शुगर लेवल बढ़ जाता है। आपको खाने में हेल्दी कार्ब का सेवन करना चाहिए और साथ ही इंसुलिन को भी बैलेंस करना चाहिए। साथ ही रोजाना फिजिकल एक्टिविटी भी ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन करने में मदद कर सकती है। डॉक्टर आपको एज, साइज और वेट के अनुसार मील प्लान बताएंगे, आपको वहीं फॉलो करना चाहिए। आपको कुछ भी खाने से पहले लेबल को जरूर चेक करना चाहिए या फिर डॉक्टर से इस बारे में जानकारी लेनी चाहिए। ऐसा करके आप डायबिटीज में कार्बोहायड्रेट (Carbohydrates and Diabetes) का सेवन आसानी से कर सकते हैं। जानिए हेल्दी कार्बोहायड्रेट फूड्स में किसे शामिल किया जा सकता है।

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज और GI इशूज : क्या है दोनों के बीच में संबंध, जानिए

डायबिटीज की है समस्या, तो अपनाएं ये कार्बोहायड्रेट युक्त फूड्स

अगर आपको डायबिटीज की समस्या है, तो डॉक्टर से जानकारी लेने के बाद ही आपको अपमी डायट प्लान करनी चाहिए। डायबिटीज में कार्बोहायड्रेट (Carbohydrates and Diabetes) युक्त फूड्स को इग्नोर नहीं किया जा सकता है। यहां हम आपको कुछ ऐसे कार्बोहायड्रेट युक्त फूड्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं, तो आपके हेल्दी डायट के लिए बेहतर ऑप्शन साबित हो सकते हैं।

डायबिटीज में कार्बोहायड्रेट: डेयरी प्रोडक्ट हैं न्यूट्रिएंट्स से भरपूर!

आपके मन में अब सवाल होगा कि डेयरी प्रोडक्ट में तो लैक्टोज के रूप में शुगर होती है लेकिन आप इसे डायबिटीज डायट में शामिल कर सकते हैं। डेयरी प्रोडक्ट (Dairy products) में कैल्शियम के साथ ही प्रोटीन भी पाया जाता है। मसल्स और मैटाबॉलिक हेल्थ के लिए ये जरूरी होता है। आप लो फैट डेयरी प्रोडक्ट ( 1 या 2 परसेंट मिल्क फैट) का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप डॉक्टर से जानकारी लेने के बाद कुछ डेयरी प्रोडक्ट्स को डायट में शामिल कर सकते हैं।

डायबिटीज में कार्बोहायड्रेट: बींस, फ्रूट्स, बेरीज, वेजीटेबल्स को कहें ‘हां’!

बींस जैसे कि किडनी बींस और ब्लैक बींस में अधिक मात्रा में कार्बोहायड्रेट होता है लेकिन इनमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर भी पाया जाता है। ऐसे में इन्हें अपनी डायट में शामिल करना जरूरी हो जाता है। अमेरिकन जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन ( American Journal of Clinical Nutrition ) की मानें तो जो लोग अपनी डायट में बींस और दालें शामिल करते हैं, उनका वजन कम हो जाता है। ऐसे लोगों की तुलना उन लोगों से की गई थी, जिन लोगों ने खाने में बींस और दाल को कुछ समय के लिए हटा दिया था। आपको अपनी डायट में एक समय फ्रूट्स भी शामिल करना चाहिए क्योंकि इनमें कार्ब के साथ ही फाइबर और अन्य न्यूट्रिएंट्स होते हैं। अगर इन्हें सीमित मात्रा में खाया जाए, तो ये शरीर को फायदा पहुंचाने का काम करेंगे। आपको खाने में बेरीज और कुछ सब्जियां जैसे कि ब्रोकली (Broccoli), गोभी, केल आदि को शामिल करें। वहीं स्वीट पटैटो, स्वीट कॉर्न और मटर का सेवन कम करें।

और पढ़ें: क्या टाइप 2 डायबिटीज होता है जेनेटिक? जानना है जवाब तो पढ़ें यहां

इन फूड्स का सेवन करें लेकिन सावधानी से!

आपको खाने में हाय कार्ब फूड्स से बचना चाहिए या कम मात्रा में सेवन करना चाहिए। यहां हम आपको कुछ हाय कार्ब फूड्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं। आप डॉक्टर से जानकारी लेने के बाद इनकी सीमित मात्रा का सेवन कर सकते हैं।

  • ब्रेड, मफिन, रोल,
  • पास्ता, चावल (Rice), मक्का, और अन्य अनाज
  • आलू, शकरकंद
  • दूध और मीठा दही
  • ज्यादातर फ्रूट्स
  • केक, कुकीज, पाई, आइसक्रीम, और अन्य स्वीट्स
  • चिप्स, और पॉपकॉर्न आदि स्नैक्स
  • जूस, सोडा, मीठी आइस्ड टी, और अन्य चीनी-मीठे पेय
  • बियर (Beer)

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज में विटामिन डी सप्लिमेंट्स के उपयोग से बच सकते हैं इन तकलीफों से

हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार उपलब्ध नहीं कराता हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से आपको डायबिटीज में कार्बोहायड्रेट (Carbohydrates and Diabetes) के बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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