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प्रीडायबिटीज के लिए डायट में क्या करना चाहिए शामिल और किनसे बनानी चाहिए दूरी?

प्रीडायबिटीज के लिए डायट में क्या करना चाहिए शामिल और किनसे बनानी चाहिए दूरी?

प्रीडायबिटीज एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें शरीर का ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल से अधिक हो जाता है। अगर किसी व्यक्ति को प्रीडायबिटीज डायग्नोज हुआ है, तो भविष्य में इस उसे टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। अगर प्रीडायबिटीज डायग्नोज होने के बाद व्यक्ति अपने खानपान में बदलाव के साथ ही लाइफस्टाइल में सुधार करता है, तो डायबिटीज की बीमारी को रोका जा सकता है या फिर डायबिटीज के खतरे को बहुत हद तक कंट्रोल भी किया जा सकता है। अगर समय पर व्यक्ति को ट्रीटमेंट नहीं मिलता है, तो प्रीडायबिटीज के कारण टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है। प्रीडायबिटीज को कंट्रोल में करने के लिए प्रीडायबिटीज के लिए डायट (Diet for prediabetes) का अहम रोल होता है। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको प्रीडायबिटीज के लिए डायट (Diet for prediabetes) के बारे में अहम जानकारी देंगे। जानिए ऐसे में कौन से फूड्स को शामिल करना चाहिए और किन फूड्स से दूरी बनाना चाहिए।

और पढ़ें: क्या टाइप 2 डायबिटीज होता है जेनेटिक? जानना है जवाब तो पढ़ें यहां

प्रीडायबिटीज के लिए डायट (Diet for prediabetes) में बदलाव कैसे दिखाता है असर?

प्रीडायबिटीज के लिए डायट

ऐसे कई फैक्टर होते हैं, जो प्रीडायबिटीज के रिस्क को इंक्रीज करने का काम करते हैं। अनुवांशिकी भी प्रीडायबिटीज के लिए जिम्मेदार हो सकती है। अगर किसी व्यक्ति का वजन बढ़ रहा है या फिर वो फिजिकली एक्टिव नहीं है, तो ऐसे में भी प्रीडायबिटीज का रिस्क बढ़ जाता है। प्रीडायबिटीज की समस्या में ब्लड में शुगर का लेवल (Blood sugar level) हाय हो जाता है। ऐसा इंसुलिन से सही से काम न कर पाने या फिर इंसुलिन की सही मात्रा में उत्पादन न हो पाने के कारण होता है। ऐसा नहीं है कि प्रीडायबिटीज की संभावना होने पर कार्बोहायड्रेट को पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। प्रोसेस्ड कार्बोहायड्रेट के कारण ब्लड में अचानक से शुगर लेवल हाय हो जाता है। अगर प्रीडायबिटीज के लिए डायट (Diet for prediabetes) प्लान की जाए, तो आप डायबिटीज की बीमारी (Diabetic disease) से बच सकते हैं या फिर काफी हद तक उसे कंट्रोल कर सकते हैं। जानिए प्रीडायबिटीज के लिए डायट (Diet for prediabetes) में क्या शामिल किया जाए।

और पढ़ें: डायबिटीज में वेट लिफ्टिंग एक्सरसाइज, साथ में इन बातों का रखें ध्यान!

ग्लाइसेमिक इंडेक्स के अनुसार करें कार्ब का सेवन

ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycemic index) एक प्रकार का टूल होता है, जिससे किसी फूड के बारे में जानकारी मिल जाती है कि वो ब्लड शुगर लेवल को कितना प्रभावित कर सकता है। जिन फूड्स का जीआई अधिक होता है, उन फूड्स का सेवन करने से ब्लड में शुगर लेवल हाय हो सकता है। वहीं लो जीआई वाले फूड्स खाने से ब्लड में शुगर लेवल कंट्रोल रहता है। कुछ फूड्स जो प्रोसेस्ड होते हैं या फिर रिफाइंड होते हैं, उनका सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि उनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycemic index) अधिक होता है। कुछ फूड्स का जीआई मीडियम होता है, जिनका सेवन करना सुरक्षित होता है। खाने में ऐसे फूड्स को शामिल किया जा सकता है। खाने में होल वीट ब्रेड (Whole-wheat bread) के साथ ही ब्राउन राइस (Brown rice) का सेवन करना आपके लिए लाभदायक हो सकता है। आपको खाने में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड्स जैसे कि बींस, होल वीट ब्रेड, स्वीट पटैटो, कॉर्न, होल वीट पास्ता, नॉनस्टार्ची वेजीटेबल्स शामिल कर सकते हैं।

और पढ़ें: डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन, ध्यान रखें इन बातों का….

फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ (Fiber-rich foods)

फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से लंबे समय तक भूख का एहसास नहीं होता है और साथ ही बाउल मूवमेंट भी बेहतर होता है। अगर आप खाने में फाइबर युक्त फूड्स शामिल करेंगे, तो आपको तुरंत एनर्जी मिलने के साथ ही हाय शुगर फूड्स से भी आप बच सकते हैं।

ड्रिंक्स से शुगर को कहें ‘ना’

आपको पेय पदार्थों का सेवन भी करना चाहिए। पेय पदार्थों में सोडा के साथ ही शुगर वाले ड्रिंक्स को अवॉयड करें। आपको कोल्ड ड्रिंक की जगह पानी को स्थान देना चाहिए और रोजाना आठ से नौ ग्लास पानी का सेवन करना चाहिए। आप चाहे तो ग्रीन टी के साथ ही वेजीटेबल या फ्रूट्स स्मूथी को भी शामिल कर सकते हैं। प्रीडायबिटीज के लिए डायट (Diet for prediabetes) में शुगर से मुक्त ड्रिंक का सेवन करें।

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज के लॉन्ग टर्म कॉम्प्लीकेशन में शामिल हो सकती हैं ये समस्याएं!

एल्कोहॉल का सेवन है सेहत के लिए बुरा

एल्कोहॉल का सेवन (Alcohol consumption) सेहत के लिए बुरा होता है, ये बात सबको पता है लेकिन फिर भी लोग एल्कोहॉल का सेवन करते हैं। ज्यादातर एल्कोहलिक बेवरेज डिहायड्रेटिंग होते हैं। कुछ कॉकटेल में अधिक मात्रा में शुगर होता है। आपको ऐसे बेवरेज से दूरी बनानी चाहिए। ऐसा करने से आप रक्त में शुगर की अधिक मात्रा बढ़ने से रोक सकते हैं। आप चाहे तो इस बारे में डॉक्टर से भी जानकारी ले सकते हैं।

प्रोटीन के लिए आप चुन सकते हैं ये फूड्स

प्रोटीन के लिए आप ऐसे फूड्स का चुनाव करें, जिसमें अधिक मात्रा में फैट न हो। आपको खाने में प्रोटीन की मात्रा प्राप्त करने के लिए अधिक फैटी मीट नहीं खाना चाहिए वरना शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ जाएगा और आपकी सेहत पर बुरा असर भी पड़ेगा। आप प्रोटीन के लिए खाने में बिना स्किन का चिकन, एग वाइट, सोयाबीन प्रोडक्ट, योगर्ट (Yogurt), लो फैट डेयरी प्रोडक्ट आदि का चुनाव कर सकते हैं। अगर आपको किसी फूड से एलर्जी है, तो बेहतर होगा कि उसे शामिल न करें।

जरूरत के हिसाब से लें कैलोरी

आप जो भी खा रहे हैं, उसमें कितनी कैलोरी है या फिर किस तरह से ये आपकी न्यूट्रीशनल वैल्यू को इफेक्ट कर रहा है, इस बारे में आपको जानकारी होना बहुत जरूरी है। आपको खाने में कितनी कैलोरी की आवश्यकता है, ये बात आपकी फिजिकल एक्टिविटी (Physical activity) पर अधिक निर्भर करता है। अगर आप फिजिकल एक्टिविटी कम करते हैं और कैलोरी अधिक मात्रा में लेते हैं, तो आपका वजन धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा। आपको तभी खाना चाहिए, जब आपको भूख लगे। जैसे ही खाने की इच्छा न हो, खाना बंद कर दें। साथ ही में आपको धीमे और खाने को अच्छे से चबा कर खाना चाहिए। आप खाने को पोर्शन को लेकर डॉक्टर से भी परार्श कर सकते हैं।

और पढ़ें: डायबिटिक अटैक और इमरजेंसी : इसके लक्षणों को न करें अनदेखा…..

प्रीडायबिटिज चेन को तोड़ने के लिए आपको अपने खानपान में बदलाव के साथ ही लाइफस्टाइल में भी बदलाव करने की जरूरत है। आपको खाने में ऐसे किसी भी फूड्स का सेवन नहीं करना चाहिए, जो आपको पोषण देने की बजाय फैट की मात्रा को बढ़ाएं। अगर आपको फिर भी प्रीडायबिटिज डायट को लेकर मन में सवाल हैं, तो डॉक्टर से जरूर पूछें।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको प्रीडायबिटीज के लिए डायट (Diet for prediabetes) से संबंधित ये आर्टिकल पसंद आया होगा। आप स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं और अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 2 weeks ago को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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