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लीकी हार्ट वॉल्व : कितनी गंभीर हो सकती है हार्ट वॉल्वस से जुड़ी यह परेशानी?

लीकी हार्ट वॉल्व : कितनी गंभीर हो सकती है हार्ट वॉल्वस से जुड़ी यह परेशानी?

लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) की समस्या को अक्सर नोटिस नहीं किया जाता है। लेकिन, यह माइनर या गंभीर किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम का कारण बन सकती है। लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) की बीमारी कितनी गंभीर है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसकी वजह से हार्ट में सामान्य ब्लड फ्लो पर कितना असर हो रहा है? इस समस्या के उपचार में मेडिसिन, सर्जरीकल रिपेयर या सर्जिकल रिप्लेसमेंट आदि शामिल है। इस बीमारी का यह अर्थ भी नहीं है कि इसकी वजह से ब्लड फ्लो पूरी तरह से बंद हो जाता है। कुछ मामलों में यह समस्या बेहद माइल्ड होती है। लेकिन, कुछ मामलों में यह हार्ट फेलियर या कार्डिएक अरेस्ट का कारण बन सकती है। जानिए लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) के बारे में विस्तार से।

लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) क्या है?

हमारे हार्ट में चार वॉल्व होते हैं, जिसमें माइट्रल वॉल्व (Mitral valve), ट्राइकसपिड वॉल्व (Tricuspid valve), पल्मोनरी वॉल्व (Pulmonary Valve) और एओर्टिक वॉल्व (Aortic Valve) शामिल हैं। इन वॉल्वस में फ्लैप्स होते हैं, जो खुलते हैं ताकि खून एक ही डायरेक्शन में फ्लो करें। क्योंकि, यह हार्ट के चैम्बर से होकर गुजरता है। फिर वॉल्व बंद हो जाते हैं ताकि ब्लड को पीछे की ओर उस चैम्बर में बहने से रोका जा सके, जिससे वो निकला था। माइट्रल वॉल्व में दो और अन्य सभी वॉल्व में तीन फ्लैप्स होते हैं। इन चारों वॉल्वस में से कोई भी वॉल्व लीकी हो सकता है। इसका अर्थ है कि हार्ट के सिकुड़ने और आगे ब्लड पंप करने के बाद कुछ ब्लड वॉल्व पीछे की तरफ लीक कर जाता है।

वॉल्व के माध्यम से रिसाव को वॉल्व रिगर्जेटेशन (Valve regurgitation) भी कहा जाता है। संक्षेप में कहा जाए तो जब वॉल्व ठीक तरह से क्लोज नहीं होता है और ब्लड को वापस अंदर जाने देता है, तो उसे लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) या हार्ट वॉल्व रिगर्जेटेशन (Heart valve regurgitation) कहा जाता है। लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) या हार्ट वॉल्व रिगर्जेटेशन (Heart valve regurgitation) के कारण हार्ट को काम करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। यह स्थिति हार्ट फेलियर (Heart Failure), अचानक कार्डिएक अरेस्ट (Sudden cardiac arrest) या मृत्यु तक का कारण भी बन सकती है। अब जानते हैं लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) के प्रकारों के बारे में।

और पढ़ें: अओर्टिक वॉल्व इंसफिशिएंसी (Aortic valve insufficiency) : जानिए इस कंडिशन के बारे में सबकुछ

लीकी हार्ट वॉल्व के प्रकार (Types of Leaky Heart Valve)

जैसा की आप जानते हैं कि हमारे हार्ट में चार वॉल्व होते हैं और यह समस्या इन वॉल्वस में से किसी भी एक वॉल्व में हो सकती है। यहां लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) के चार प्रकार हैं, जो इस तरह से हैं:

  1. एओर्टिक वॉल्व (Aortic Valve): एओर्टिक वॉल्व लेफ्ट वेंट्रिकल और एओर्टा (Aorta) के बीच में होता है। एओर्टा (Aorta) हमारे शरीर की मुख्य आर्टरी है।
  2. माइट्रल वॉल्व (Mitral valve): माइट्रल वॉल्व लेफ्ट एट्रियम और लेफ्ट वेंट्रिकल के बीच में होता है।
  3. पल्मोनरी वॉल्व (Pulmonary Valve): पल्मोनरी वॉल्व राइट वेंट्रिकल और पल्मोनरी आर्टरी के बीच में होता है।
  4. ट्राइकसपिड वॉल्व (Tricuspid valve): राइट एट्रियम और राइट वेंट्रिकल के बीच के वॉल्व को ट्राइकसपिड वॉल्व कहा जाता है।

यह तो समझ ही गए होंगे आप कि लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) की स्थिति में खून जिस चैम्बर से आया होता है उसी में वापस चला जाता है। ऐसा इन चारों वॉल्वस में से किसी के भी साथ हो सकता है। अब जानिए कि यह समस्या कितनी सामान्य है?

और पढ़ें: ट्रायकसपिड वॉल्व एंडोकार्डाइटिस : इस तरह से पहचानें दिल के इस इंफेक्शन के संकेतों को!

यह समस्या कितनी सामान्य है?

लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) बेहद सामान्य है। इस समस्या के कई मामलों में रोगी को कोई भी लक्षण नजर नहीं आते हैं या कोई भी समस्या नहीं होती है। यही नहीं, लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) की समस्या का अधिकतर निदान भी रूटीन फिजिकल जांच के दौरान ही होता है। हालांकि, गंभीर लीकेज के लक्षण कंजेस्टिव हार्ट फेलियर (Congestive heart failure) के जैसे होते हैं। इसके लक्षणों में सांस लेने से समस्या शामिल है। यह समस्या तब भी हो सकती है जब आप कुछ काम कर रहे हों या सीधा लेटे हों। आइए जानते हैं इसके अन्य लक्षणों के बारे में।

और पढ़ें: Heart Valve Stenosis: हार्ट वॉल्व स्टेनोसिस के कारण किन समस्याओं का करना पड़ता है सामना?

लीकी हार्ट वॉल्व के लक्षण क्या हैं (Symptoms of Leaky Heart Valve)

जैसा कि पहले भी बताया गया है कि लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) की समस्या के अधिकतर मामलों में कोई भी लक्षण नजर नहीं आता है। समय के साथ लीकी वॉल्व कुछ ऐसे लक्षणों का कारण बन सकता है जो बदतर हों। अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण नजर आएं तो तुरंत मेडिकल हेल्प लेना जरूरी है।

इसके अलावा भी कुछ अन्य लक्षण हो सकते हैं जो रोगी को अनुभव हो सकते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। अब जानिए लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) या हार्ट वॉल्व रिगर्जेटेशन (Heart valve regurgitation) के कारणों के बारे में।

और पढ़ें: लीकी ब्लैडर क्या है? प्रेग्नेंसी के बाद ऐसा होने पर क्या करें?

लीकी हार्ट वॉल्व के कारण (Causes of Leaky Heart Valve)

हार्ट के चारों वॉल्वस में से किसी भी भी यह समस्या हो सकती है। इन वॉल्वस में तीन फ्लैप्स होते हैं । लेकिन, कुछ लोग केवल दो फ्लैप्स के साथ भी जन्म लेते हैं। यह भी लीकिंग वॉल्व (Leaking valve) का कारण बन सकता है। ट्रॉमा (Trauma) भी हार्ट वॉल्व के लीक करने का कारण हो सकता है। हाय ब्लड प्रेशर (High blood pressure), पल्मोनरी हायपरटेंशन (Pulmonary hypertension), और एंलार्जड हार्ट (Enlarged Heart) भी इस समस्या की वजह हो सकते हैं। यही नहीं, कुछ हार्ट सर्जरीज को भी बच्चों में हार्ट डिफेक्ट्स के साथ जोड़ा कर देखा जा सकता है, जो उनके जीवन में बाद में लीकिंग वॉल्व (Leaking valve) का कारण बनते हैं।

रिस्क फैक्टर्स (Risk factors of Leaky Heart Valve)

लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) के सामान्य रिस्क फैक्टर्स में अधिक उम्र, फैमिली हिस्ट्री, हार्ट इंफेक्शन की हिस्ट्री होना, हाय कोलेस्ट्रॉल, हाय ब्लड प्रेशर, मोटापा, डायबिटीज, स्मोकिंग और फिजिकल एक्सरसाइज ना करना आदि शामिल हैं। इसके साथ ही कुछ दवाईयां भी इस समस्या का कारण बन सकती हैं। आनुवंशिक या उम्र से संबंधित रिस्क फैक्टर्स को बदला नहीं जा सकता है। लेकिन, जितना संभव हो सके कंट्रोलेबल रिस्क फैक्टर्स को प्रबंधित या कम करने से लीकी रिस्क फैक्टर्स को कम किया जा सकता है। जैसे स्मोकिंग न करें, हेल्दी वेट बनाए रखें, रोजाना व्यायाम करें आदि। लेकिन, अगर आपको कोई बीमारी या समस्या है तो कोई भी एक्सरसाइज प्रोग्राम या डायट में बदलाव से पहले डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें। जानिए कैसे हो सकता है इस रोग का निदान?

और पढ़ें: एट्रियल फिब्रिलेशन का प्रभाव : सिर्फ हार्ट पर ही नहीं होता, शरीर के ये अंग भी होते हैं प्रभावित

लीकी हार्ट वॉल्व का निदान (Diagnosis of Leaky Heart Valve)

लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) या हार्ट वॉल्व रिगर्जेटेशन (Heart valve regurgitation) के निदान के लिए आपके डॉक्टर कई तरीके अपना सकते हैं। सबसे पहले लक्षणों के बारे में जाना जाता है। इसके बाद शारीरिक जांच की जाती है। इसमें डॉक्टर स्टेथोस्कोप की मदद से रोगी के हार्ट और लंग्स को सुनते हैं। रोगी के वजन और ब्लड प्रेशर को भी जांचा जाता है। रोगी को अन्य टेस्ट्स कराने के लिए भी कहा जा सकता है। यह टेस्ट इस प्रकार हैं:

  • चेस्ट एक्स-रे (Chest X-ray)
  • कार्डिएक सीटी स्कैन (Cardiac CT scan)
  • कार्डिएक कैथेटेराइजेशन (Cardiac Catheterization)
  • इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram)
  • एक्सरसाइज स्ट्रेस टेस्ट (Exercise Stress Test)

इन टेस्ट्स के अलावा भी डॉक्टर कुछ अन्य टेस्ट्स करा सकते हैं। इन टेस्ट्स से इस रोग का निदान हो सकता है। उसके बाद डॉक्टर रोगी के उपचार के तरीकों को निर्धारित करते हैं। लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) के उपचार के बारे में भी जानें।

लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve)

और पढ़ें: पल्मोनरी वॉल्व स्टेनोसिस : पल्मोनरी वॉल्व के सही से काम न करने के कारण हो सकती है यह समस्या!

लीकी हार्ट वॉल्व का उपचार (Treatment of Leaky Heart Valve)

लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) के कुछ मामलों में उपचार में उपचार की जरूरत नहीं होती है। लेकिन इन स्थितियों में सही उपचार आवश्यक है, जैसे:

  • अगर यह समस्या आपके प्रोडक्टिव लाइफ को प्रभावित कर रही हो
  • इसके कारण होने लक्षणों से आपको समस्या हो रही हो
  • आपके हार्ट पर स्ट्रेन पड़ रहा हो
  • आपकी उम्र के कम होने का खतरा बढ़ रहा हो

लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) को रिपेयर और रिप्लेस करने के लिए कई तरह की हार्ट वॉल्व सर्जरी के विकल्प अपनाए जा सकते हैं। आपके डॉक्टर आपकी स्थिति और अन्य फैक्टर्स के अनुसार निर्धारित करते हैं कि कौन सा तरीका आपके लिए उपयुक्त रहेगा। इन प्रोसीजर्स के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं:

  • वॉल्व रिपेयर (Valve repair): वॉल्व रिपेयर में एन्युलोप्लास्टी (Annuloplasty) शामिल है, जो एक रिंग होता है। जिसका प्रयोग लीकी वॉल्व को टाइट या मजबूत करने के लिए किया जाता है।
  • लीकी वॉल्व को एक डिवाइस के साथ रिप्लेस करने के लिए सर्जरी करना जो कार्बन और मेटल का बना होता है।
  • मृत व्यक्ति या जानवर द्वारा डोनेट किये वॉल्व के साथ लीकी वॉल्व को रिप्लेस करने के लिए सर्जरी।

इसके अलावा रोगी की स्थिति और समस्या के अनुसार अन्य उपचार के तरीकों की सलाह भी दी जा सकती है। अब जानते हैं इस रोग के रिस्क को कम करने के तरीकों के बारे में।

और पढ़ें: Mitral Valve Regurgitation: हार्ट वॉल्व की इस परेशानी के कारण हार्ट में वापस पहुंच जाता है ब्लड!

लीकी हार्ट वॉल्व के जोखिम को कैसे कम किया जा सकता है?

लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) या हार्ट वॉल्व रिगर्जेटेशन (Heart valve regurgitation) के अधिकतर मामलों में बचाव संभव नहीं है। लेकिन आप अपना ख्याल रख कर सभी हार्ट कंडिशंस से छुटकारा पा सकते हैं। यह तरीके इस प्रकार हैं:

  • संतुलित और न्यूट्रिशन डायट का सेवन करना
  • नियमित रूप से व्यायाम करना
  • पर्याप्त आराम करना
  • अनहेल्दी चीजों को सीमित करना या उनसे बचना जैसे एल्कोहॉल, स्मोकिंग, अधिक नमक और चीनी युक्त आहार
  • हेल्दी वेट बनाए रखना
  • तनाव से बचना

इस रोग से बचाव के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें। ताकि, आपकी हेल्थ कंडिशन के अनुसार वो आपका सही मार्गदर्शन कर सकें। अब जानिए कि अगर किसी को यह समस्या हो तो वो अपना ख्याल कैसे रखे?

और पढ़ें: हार्ट इंफेक्शन और माइट्रल वॉल्व इंफेक्शन: बैक्टीरिया बन सकते हैं इस संक्रमण की वजह

लीकी हार्ट वॉल्व की स्थिति में क्या करना चाहिए?

लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) हार्ट फेलियर और कार्डिएक अरेस्ट का कारण बन सकता है। इसलिए, आपको अपना और अपनी संपूर्ण सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए जरूरी है अपनी जीवनशैली में बदलाव करना। ताकि आप लक्षणों को कम कर सकें और गंभीर हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart Problems) से बचा जा सके। यह तरीके इस प्रकार हैं:

  • एल्कोहॉल, स्मोकिंग और अन्य इल्लीगल ड्रग्स जैसे हीरोइन (Heroine) आदि को नजरअंदाज करें।
  • संतुलित, न्यूट्रिशन डायट लें, बहुत अधिक नमक और फैट युक्त आहार को लेने से बचें।
  • व्यायाम करें। रोजाना कुछ समय निकाल कर शारीरिक एक्टिविटीज करना न भूलें।
  • अपने वजन को सही बनाए रखें।
  • तनाव से बचें और पर्याप्त आराम करें।

इनके साथ ही ट्रीटमेंट प्लान का सही से पालन करना बेहद जरूरी है ।जिसमें डॉक्टर द्वारा बताएं सभी टेस्ट्स को कराना और दवाईयां लेना आदि शामिल है।

यह तो थी लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) के बारे में पूरी जानकारी। जब हमारा दिल धड़कता है तो लीकी हार्ट वॉल्व सही से बंद नहीं हो पाता है। इस समस्या के कारण हार्ट पर अतिरिक्त स्ट्रेन पड़ता है और यह हार्ट फेलियर का कारण बन सकता है। अगर लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) माइनर हो तो कई सालों तक इसे नोटिस नहीं किया जा सकता है। समय के साथ यह गंभीर हो सकता है और कई जटिलताओं का कारण बन सकता है। इसलिए, अगर आपको इस समस्या का कोई भी लक्षण नजर आता है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। इस समस्या के उपचार में वॉल्व की रिपेयर, रिप्लेसमेंट और जीवनशैली में बदलाव आदि शामिल है।

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उम्मीद करते हैं कि आपको लीकी हार्ट वॉल्व (Leaky Heart Valve) से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 13/08/2021 को
और Admin Writer द्वारा फैक्ट चेक्ड
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