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Heartbeat Vector: तेज दिल की धड़कन? कहीं 'हार्ट बीट वेक्टर' की राह में तो नहीं आप!

Heartbeat Vector: तेज दिल की धड़कन? कहीं 'हार्ट बीट वेक्टर' की राह में तो नहीं आप!

हार्ट बीट वेक्टर …अगर आप हार्ट के विशेष मेडिकल टर्म हार्ट बीट वेक्टर से कन्फ्यूज हो रहें हैं, तो सबसे पहले इसे क्लियर कर देते हैं। हार्ट बीट वेक्टर (Heartbeat Vector) दरअसल हार्ट पल्पिटेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। अगर हार्ट पल्पिटेशन (Heart palpitation) या हार्ट बीट वेक्टर को सामान्य शब्दों में समझें, तो इसका अर्थ है दिल की धड़कन (Heartbeat) का असामान्‍य होना। ऐसी स्थिति को अगर इग्नोर किया जाए, तो शारीरिक परेशानी (Physical problem) की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए आज के इस आर्टिकल में हार्ट बीट वेक्टर (Heartbeat Vector) और हार्ट बीट वेक्टर के कारण (Cause of Heartbeat Vector) और इससे जुड़ी कई अन्य आवश्यक बातों को समझेंगे।

और पढ़ें : एरिथमिया और डिसरिथमिया जानिए दिल से जुड़ी इस बीमारी को

हार्ट बीट वेक्टर (Heartbeat Vector) क्या है?

हार्ट बीट वेक्टर (Heartbeat Vector)

दिल का सामान्य से ज्यादा तेज धड़कना, जिसे सिर्फ कुछ मिनटों या सेकेंड्स के लिए महसूस किया जा सकता है, जिसे मेडिकल टर्म में हार्ट बीट वेक्टर (Heartbeat Vector) कहा जाता है। दिल की गति तेज होने पर इसका एहसास आसानी से कर सकते हैं। ऐसा खासकर दौड़ने, तेजी से चलने या किसी अन्य कारण से महसूस हो सकता है। हालांकि, अगर हार्ट बीट वेक्टर यानी दिल की धड़कन अगर सामान्य से ज्यादा तेज चलने लगे, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि दिल की धड़कन का अनियमित होना किसी हार्ट डिजीज की दस्तक भी हो सकती है। आर्टिकल में आगे हार्ट बीट वेक्टर के लक्षणों को समझेंगे।

और पढ़ें : एब्नॉर्मल हार्ट रिदम: किन कारणों से दिल की धड़कन अपने धड़कने के स्टाइल में ला सकती है बदलाव?

हार्ट बीट वेक्टर के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Heartbeat Vector)

हार्ट बीट वेक्टर की समस्या से पीड़ित व्यक्ति निम्नलिखित लक्षणों को महसूस कर सकते हैं। जैसे:

  • दिल का तेजी से धड़कना (Fast heartbeat)।
  • घबराहट (Discomfort) या बेचैनी महसूस होना।
  • सांस लेने में कठिनाई (Breathing problem) होना।
  • चेस्ट पेन (Chest pain) होना।
  • चक्कर (Dizziness) आना।
  • बेहोश (Fainting) होना।

इन लक्षणों के अलावा हार्ट बीट वेक्टर के लक्षण (Symptoms of Heartbeat Vector) और भी हो सकते हैं। इसलिए अगर आप ऐसा महसूस कर रहें हैं, तो इसे मामूली परेशानी ना समझें, क्योंकि ऐसी स्थिति आपके दिल को बीमार बना सकती है।

और पढ़ें : नवजात में होने वाली रेयर हार्ट डिजीज ‘ट्रंकस आर्टेरियोसस’ का इलाज है संभव!

हार्ट बीट वेक्टर के कारण क्या हैं? (Cause of Heartbeat Vector)

हार्ट बीट वेक्टर या हार्ट पल्पिटेशन के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं। जैसे:

  • दिल से जुड़ी बीमारी (Heart disease) होना।
  • हार्ट वॉल्व एब्नॉर्मल (Abnormal) होना।
  • एंग्जायटी (Anxiety) होना।
  • स्ट्रेस (Stress) में रहना।
  • पैनिक (Panic) होना।
  • डिप्रेशन (Depression) में रहना।
  • नींद (Insomnia) ना आने की समस्या होना।
  • एंटीबायोटिक (Antibiotics) एवं एंटीडेप्रिसेंट (Antidepressants) या किसी अन्य दवाओं का सेवन करना।
  • एनीमिया (Anemia) की समस्या होना।
  • ब्लड शुगर लेवल कम (Low blood sugar) होना।
  • डिहाइड्रेशन (Dehydration) की समस्या होना।
  • बार-बार बुखार आना।
  • ब्लड में ऑक्सिजन लेवल कम (Low oxygen levels) होना।

महिलाओं में हार्ट बीट वेक्टर के कारण (Cause of Heartbeat Vector)

नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार इन कारणों के अलावा हार्ट बीट वेक्टर (Heartbeat Vector) ​के अन्य कारण भी हो सकते हैं।

इन कारणों से हार्ट बीट वेक्टर (Heartbeat Vector) की समस्या हो सकती है। अगर आप इन ऊपर बताई गई शारीरिक परेशानी (Physical problem) या मानसिक परेशानियों (Mental problem) का इलाज जल्द से जल्द शुरू करें।

और पढ़ें : Acute Decompensated Heart Failure: जानिए एक्यूट डीकंपनसेटेड हार्ट फेलियर के लक्षण, कारण और इलाज!

हार्ट बीट वेक्टर का निदान कैसे किया जाता है? (Diagnosis of Heartbeat Vector)

पेशेंट की हेल्थ कंडिशन एवं मेडिकल हिस्ट्री समझने के बाद अनियमित दिल की धड़कन की जानकारी के लिए डॉक्टर निम्नलिखित टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं। जैसे:

  • हार्ट, चेस्ट एवं लंग्स के एक्स-रे (X-Ray)।
  • स्ट्रेस टेस्ट (Stress test)।
  • इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी टेस्ट (Electrophysiology test)।

इन टेस्ट के अलावा अगर आवश्यकता पड़ी तो सीटी स्‍कैन (CT Scan) एवं मायोकार्डियल बायोप्सी (Myocardial Biopsy) करवाने की सलाह दे सकते हैं। अगर पेशेंट किसी अन्य हेल्थ कंडिशन (Health condition) की समस्या के शिकार हैं, तो ऐसी स्थिति में और भी बॉडी चेकअप (Body checkup) किये जा सकते हैं।

और पढ़ें : हाय कोलेस्ट्रॉल के लिए लाइफ स्टाइल में बदलाव लाना चाहते हैं, तो इन 8 बातों का रखें विशेष ध्यान!

दिल से जुड़ी इस समस्या का इलाज कैसे किया जाता है? (Treatment for Heartbeat Vector)

हार्ट बीट वेक्टर का इलाज पेशेंट की हेल्थ कंडिशन (Health condition) एवं बीमारी की गंभीरता को ध्यान में रखकर किया जाता है। इस दौरान निम्नलिखित तरह से इलाज किया जा सकता है। जैसे:

  • मेडिकेशन (Medication)- हार्ट रिदम को सामान्य बनाने के लिए दवाएं प्रिस्क्राइब की जाती हैं।
  • पेसमेकर (Pacemaker)- हार्ट रिदम को मेंटेन करने के लिए इलेट्रॉनिक डिवाइस पेसमेकर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर डिफिब्रिलेटर (Implantable Cardioverter Defibrillator)- हार्ट बीट को मॉनिटर एवं बैलेंस करने के लिए इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर डिफिब्रिलेटर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • डिफिब्रिलेशन (Defibrillation)- हार्ट रिदम (Heart rhythm) को रिलैक्स करने के लिए डिफिब्रिलेशन का इस्तेमाल किया जा सकता है। डिफिब्रिलेशन की सहायता से पेशेंट को माइल्ड इलेक्ट्रिकल शॉक दिया जाता है।

इन ऊपर बताये ट्रीटमेंट विकल्पों के साथ-साथ अन्य विकल्प या सर्जरी (Surgery) का भी विकल्प अपनाया जा सकता है।

और पढ़ें : एब्नॉर्मल हार्ट रिदम: किन कारणों से दिल की धड़कन अपने धड़कने के स्टाइल में ला सकती है बदलाव?

दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाव के लिए क्या हैं? (Tips to prevent heart disease)

अगर आप हार्ट बीट वेक्टर (Heartbeat Vector) या किसी अन्य हार्ट डिजीज के शिकार हैं, तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें। जैसे:

  1. स्मोकिंग (Smoking) ना करें
  2. एल्कोहॉल (Alcohol) का सेवन ना करें।
  3. अन‍िद्रा (Sleeplessness) से बचें।
  4. तनाव (Tension) या स्ट्रेस (Stress) से दूर रहें।
  5. अनहेल्दी खान-पान (Unhealthy food) से दूर रहें।

इन ऊपर बताये 5 बातों का ध्यान अवश्य रखें, क्योंकि इससे हार्ट को हेल्दी रखने में मदद मिलेगी।

नोट: सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Centers for Disease Control and Prevention) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार अगर आप डायबिटीज (Diabetes) या हाय ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) के पेशेंट हैं, तो डॉक्टर से कंसल्ट में रहें। डायबिटीज या हाय ब्लड की वजह से दिल की बीमारियों की संभावना बढ़ सकती है।

दिल का रखना चाहते हैं ख्याल तो (Tips for Healthy Heart)-

  • नियमित योग (Yoga), एक्सरसाइज (Workout) या टहलें (Walk)।
  • पौष्टिक आहार (Healthy diet) का सेवन करें।
  • डॉक्टर से कंसल्टेशन को टालें नहीं।

और पढ़ें : हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन सकता है हाय ब्लड प्रेशर!

स्वस्थ्य रहने के लिए अपने दिनचर्या में नियमित योगासन शामिल करें। योग की शुरुआत करने से पहले नीचे दिए इस वीडियो लिंक पर क्लिक करें और योग के फायदे (Benefits of yoga) और योग करने के लिए क्या है सही तरीका इसे समझें। ध्यान रखें गलत तरीके से योग करने से शारीरिक परेशानी बढ़ सकती है।

अगर आप हार्ट बीट वेक्टर (Heartbeat Vector) से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो आप हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर पूछ सकते हैं। हमारे हेल्थ एक्सपर्ट आपके सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे। हालांकि अगर आप हार्ट बीट वेक्टर (Heartbeat Vector) की समस्या से पीड़ित हैं, तो डॉक्टर से कंसल्टेशन करें, क्योंकि ऐसी स्थिति में डॉक्टर आपके हेल्थ कंडिशन (Health condition) को ध्यान में रखकर हार्ट बीट वेक्टर का इलाज (Treatment for Heartbeat Vector) शुरू करेंगे।

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सूत्र

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Arrhythmic Heartbeat Classification Using Ensemble of Random Forest and Support Vector Machine Algorithm/https://www.computer.org/csdl/journal/ai/5555/01/09440796/1tTpj0KOml2/Accessed on 12/08/2021

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लेखक की तस्वीर badge
Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 12/08/2021 को
और Admin Writer द्वारा फैक्ट चेक्ड
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