वर्ल्ड टूरिज्म डे: कोविड-19 के बाद कितना बदल जाएगा यात्रा करना?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट सितम्बर 28, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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2020 की शुरुआत से ही कोविड-19 का कहर पूरी दुनिया में जारी है। भारत में प्रतिदिन इससे संक्रमितों के डरावने आंकड़े सामने आ रहे हैं। अब हर किसी की उम्मीद वैक्सीन पर टिकी है। उम्मीद की जा रही है कि साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत तक वैक्सीन आ जाने से इस महामारी पर काबू पाया जा सकेगा, लेकिन कोविड-19 की वैक्सीन आने के बाद भी क्या जीवन पहले जैसा सामान्य हो पाएगा? ये कहना अभी मुश्किल है। थोड़े दिन पहले ही वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने कहा था कि इस बीमारी का पूरी तरह अंत होने में 2 साल का समय लग सकता है।

वैसे तो कोरोना वायरस ने हर क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर टूरिज्म इंडस्ट्री पर हुआ है, क्योंकि जब इंसान अपने घर से बाहर नहीं निकल सकता तो टूर पर जाना तो असंभव ही है। यह असर इतना जल्दी खत्म भी नहीं होने वाला। कोविड-19 के बाद भी ट्रैवल करना पहले जैसा नहीं रह जाएगा, क्योंकि वैक्सीन जादू की तरह महामारी को तुरंत जड़ से खत्म नहीं कर पाएंगी, इसलिए सफर के दौरान खुद को सुरक्षित रखने के लिए हमें बहुत एहतियात बरतने होंगे।

कोविड-19 के बाद से यात्रियों के साथ ही रेलवे से लेकर एयरलाइन और होटल्स के नियम कायदे भी पूरी तरह बदल गए हैं और लगता है लंबे समय तक लोगों को इसे फॉलो करना होगा। वर्ल्ड टूरिज्म डे पर हम आपको बता रहे हैं कि कोविड-19 के बाद ट्रैवल करना कैसा होगा और इसमें क्या-क्या बदलाव आएंगे?

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कितना बदल जाएगा यात्रा का रूप

पहले सफर में लोगों को मजा आता था, लेकिन अब कोविड-19 के बाद ट्रैवल किसी टेंशन से कम नहीं होगा, क्योंकि हर जगह संक्रमण का डर लोगों के जहन में बना रहेगा। इस दौरान यात्रा के तौर-तरीकों में भी ये बदलाव आएंगे।

टचलेस ट्रैवल होगी प्राथमिकता

एयरपोर्ट पर उतरने से लेकर होटल पहुंचने तक यात्रियों को चेक-इन, डॉक्यूमेंट्स का आदान-प्रदान और कई सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ता है। जहां एयरपोर्ट या होटल के कर्मचारियों से उनका सामना होता है, लेकिन कोविड-19 के बाद हर ये सारी प्रक्रियाएं टचलेस हो सकती हैं। यानी किसी स्टाफ की बजाय तकनीक के सहारे चेक-इन से सिक्योरिटी चेक तक की सारी प्रक्रिया हो, जैसे- टचलेस डेटा एंट्री, गेस्चर कंट्रोल, फेस रिक्गनाइजेशन, टचलेस डॉक्यूमेंट स्क्रीनिंग आदि।

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डिजिटल हेल्थ पासपोर्ट

अब से यात्रियों की सेहत, हर तरह की यात्रा का अहम हिस्सा होगा और यात्रियों को सुरक्षित माहौल मुहैया कराने के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हर कोई मास्क लगाए, सैनिटाइजेशन की सुविधा हर जगह हो और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन भी हर जगह किया जाए। सुरक्षा के मद्देनजर अधिकांश एयरलाइन कंपनियां यात्रियों की पहले ही हेल्थ स्क्रीनिंग और कई तो ऑन साइट कोविड टेस्ट भी कर रही हैं। कुछ एयरलाइन कंपनियां यात्रियों की सेहत से जुड़ी जानकारी जुटाकर उनका एक हेल्थ कार्ड बनाती है, ताकि उनके जोखिम कारकों का पता लगाया जा सके और लगता है यह सिलसिला लंबे समय तक चलने वाला है। तो आपको भी अपनी सेहत से जुड़ी सारी जानकारी एयरलाइन कंपनियों को देने के लिए तैयार रहना होगा।

होटल और लॉज का भी बदलेगा नजारा

कोरोना की वजह से होटल इंडस्ट्री को भी बहुत नुकसान हुआ है। इस महामारी के बाद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सेफ स्टे का एहसास दिलाने के लिए जाहिर सी बात है होटल मालिक हाइजीन का बहुत अधिक ध्यान रखेंगे। यानी कोविड-19 के बाद ट्रैवल के दौरान आपको होटल के कमरे पहले के मुकाबले कहीं बेहतर स्थिति में मिलेंगे।

  • कमरे की बार-बार सफाई के साथ ही पब्लिक एरिया जैसे लिफ्ट, गेस्ट रूम, किचन, कपड़े धोने वाली जगह को बार-बार सैनिटाइज किया जाएगा।
  • रिसेप्शन से लेकर हर जगह सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन होगा।
  • स्टाफ के साथ ही आने वाले गेस्ट के लिए भी मास्क, सैनिटाइजर की व्यवस्था होगी।
  • होटल्स अपने कर्मचारियों को हाथ धोने, सफाई, डिसइंफेक्टेड प्रोडक्ट के सही इस्तेमाल और पर्सनल प्रोटेक्टिव मशीनरी के इस्तेमाल के लिए ट्रेनिंग देंगे, ताकि गेस्ट की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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कोविड-19 के बाद ट्रेन से ट्रैवल करने पर मिलेंगे ये बदलाव

ट्रेन से सफर का अंदाज कोरोना ने पूरी तरह बदल दिया है। अब अगर आप महीनों बाद रेलवे से सफर करेंगे, तो आपको लगेगा कि कितना कुछ बदल चुका है।

  •  रेलवे कोच पहले से अधिक होंगे।
  • एसी ट्रेन में सफर करने की तैयारी कर रहे हैं तो भी आपको अपना कंबल घर से ही लाना होगा, क्योंकि संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए रेलवे ने एसी कोच में भी बिस्तर देना बंद कर दिया है।
  • हो सकता है आने वाले कुछ महीनों तक सिर्फ कंफर्म टिकट पर यात्रा की अनुमति मिले।
  • सफर से पहले आपको थर्मल स्क्रीनिंग की प्रकिया से गुजरना होगा इसके लिए समय से करीब  2 घंटे पहले स्टेशन पहुंचना होगा।
  • आपके पास आरोग्‍य सेतु ऐप होना जरूरी है
  • अपनी सीट को सैनिटाइज करके बैठे और ट्रेन की बाकी चीजों जैसे हैंडल आदि को न छुए। यदि छूते हैं तो हाथों को सैनिटाइज करें।
  • ट्रेन में चढ़ते समय भी सोशल डिस्‍टेंसिंग के नियमों का पालन करना जरूरी है।
  • मास्क और ग्लव्स लगाकर ही सफर पर निकलें।
  • सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए दो सीटों के बीच लेबल चिपकाया जाता है यानी उस सीट पर कोई नहीं बैठेगा।

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कोविड-19 के बाद फ्लाइट से ट्रैवल करने पर दिखेंगे ये बदलाव

हो सकता है कि कोविड-19 के बाद लोग फ्लाइट से सफर को ज्यादा तवज्जो देंगे, क्योंकि इसमें आप कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच जाते हैं। जिससे संक्रमण का खतरा भी कम हो जाता है, लेकिन सफर के दौरान आपको बहुत एहतियात रखनी होगी।

  • अब आप डिस्काउंट पाने के लिए महीनों पहले फ्लाइट की टिकट बुक नहीं करा पाएंगे।
  • अब यात्रियों को एक कैबिन लगेज और एक चेक इन बॉक्स ले जाने की इजाजत है, इसलिए बैक पैक करते समय सिर्फ बहुत जरूरी चीजें ही रखें।
  • फ्लाइट में अब आपको स्नैक्स नहीं मिलेगा, इसलिए घर से पानी और स्नैक्स ले जाएं। वैसे जहां तक संभव हो फ्लाइट में कुछ भी खाने से बचें, क्योंकि खाने के लिए आपको मास्क हटाना पड़ेगा।
  • एयरपोर्ट पर अब आपको एयरलाइन कंपनियों की ओर से आए मैसेज के हिसाब से थोड़ा और जल्दी आना पड़ सकता है, क्योंकि कोरोना के बाद से थर्मल स्क्रीनिंग हवाई यात्रा का जरूरी हिस्सा बन चुकी है।
  • खुद को किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचाने के लिए आप यात्रा के दौरान पूरे समय मास्क और फेस शील्ड पहने रहना होगा।

ट्रेन से लेकर फ्लाइट और होटल तक अपने हिसाब से आपकी सुरक्षा के इंतजाम करेंगे, लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी है हमारा सतर्क रहना। इसलिए मास्क और सैनिटाइजर का एक एक्स्ट्रा पैकेट हमेशा अपने साथ रखें और अपने गंतव्य पर पहुंचने के बाद बाहर से आए सारे कपड़े बदलने के बाद उन्हें धो लें और सारे सामान को डिसइंफेक्ट करना बहुत जरूरी है। अब बेफिक्र होकर नहीं, हमेशा सावधान रहकर सफर करना होगा।

देश में भले ही अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और लोग धीरे-धीरे अपनी जिंदगी को कोरोना काल के न्यू नॉर्मल के हिसाब से ढालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन महामारी का खतरा कम होने की बजाय बढ़ रहा है। ऐसे में खासतौर पर सफर के दौरान संक्रमण की संभावना पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ऐसे में अब सरकार या एक्सपर्ट्स आकर हमसे बार-बार नहीं कहेंगे कि आप घर पर ही रहिए या एहतियात बरतिए। अब हमें खुद अपनी सुरक्षा का जिम्मा उठाना होगा और बाहर निकलने पर या सफर के दौरान पूरी एहतियात बरतनी होगी। अब सफर करना आपके लिए पहले जैसा आनंदायक अनुभव नहीं होगा, क्योंकि इस दौरान आपको बहुत सारे नियम-कायदों से खुद को बांधे रखना होगा। ताकि संक्रमण आपको छू न पाए।

उम्मीद करते हैं कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और कोविड-19 के बाद ट्रैवल से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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