आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

जानें पल्मोनरी हायजीन के बेनेफिट्स और इस दौरान किन बातों का रखें ध्यान

जानें पल्मोनरी हायजीन के बेनेफिट्स और इस दौरान किन बातों का रखें ध्यान

हमारे अच्छी हेल्थ में हायजीन की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हायजीन की बात करें, तो हायजीन को केवल घर की साफ-सफाई से ही नहीं देखा जा सकता है। बल्कि शरीर के अंदरूनी सफाई से भी है। यहां हम बात करेंगे पल्मोनरी हाईयजीन की, जो कि फेफड़ों की सफाई से संबंधित है। पल्मोनरी हायजीन में लंग में होने वाले कंजेशन और कफ क्लीनिंग की तरफ ध्यान दिया जाता है। इसमें लंग में होने वाले कफ को बाहर निकाल कर, उसे क्लीन किया जाता है। पल्मोनरी हाईयजीन की जरूरत इस समय ज्यादा पड़ती है, जिनमें शामिल हैं:

इन स्थितियों में पल्मोनरी हायजीन की विशेष जरूरत पड़ती है। कुछ स्थितियों में इसे घर पर भी आसानी से किया जा सकता है। यहां जानें कुछ पल्मोनरी हाईयजीन की विधि के बारे में, जिसे घर पर किया जा सकता है।

और पढ़ें: जानें प्रीमैच्योर बेबी को होने वाले लंग इंफेक्शन और इलाज के बारे में

ब्रीदिंग एक्सरसाइज (Breathing Exercise)

ब्रीदिंग एक्सरसाइज आपके लिए कई प्रकार से फायदेमंद है। इससे आपका फेफड़ा भी मजबूत होता है। इससे आपकी कफ की समस्या भी दूर होगी और लंग भी मजबूत होंगे। जानें की ब्रीदिंग एक्सरसाइज के कौन से फायदे हैं। जानें कौन सी दो एक्सरसाइज आपके हेल्दी लंग के लिए प्रभावकारी हैं। ब्रीदिंग एक्सराइज के लिए आप अलोम-विलोग यागासन भी कर सकते हैं। इसके लिए आप एक नाक से सांस लेते हुए दूसरे नाक से छोड़ें। ऐसा 5 से 7 मिनट के लगभग करें।

रिलैक्सेड ब्रीदिंग के फायदे

ब्रीद्रिंग से आपको काफी रिलैक्सड महसूस होगा, जानें इसे करने की विधि:

  • इसे करने के लिए सबसे पहले अपने गर्दन और शोल्डर को रिलैक्स करें।
  • अपना एक हाथ पेट पर रखें।
  • अब धीरे-धीरे गहरी सांस लें, ध्यान रखें कि आपका कंधा नीचे की तरफ रिलैक्सड हो।
  • इसके बाद सांस को बाहर की तरफ छोड़ें। ऐसा 5 बार करें।

और पढ़ें:क्या कोरोना होने के बाद आपके फेफड़ों की सेहत पहले जितनी बेहतर हो सकती है?

सक्शन (Suction)

सक्शन एक तकनीक है, जो आपके फेफड़ों से स्पष्ट बलगम और स्राव की मदद करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इसका उपयोग उन लोगों के लिए किया जा सकता है, जिन्हें क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), निमोनिया, सिस्टिक फाइब्रोसिस या ब्रोन्किइक्टेसिस है।

फुफ्फुसीय स्वच्छता या ब्रोन्कोपल्मोनरी स्वच्छता आमतौर पर भौतिक चिकित्सक या श्वसन चिकित्सक द्वारा किया जाता है और बलगम को तोड़ने और निकालने में मदद करने के लिए गहरी श्वास, फेफड़े के व्यायाम, विभिन्न पदों और कंपन के संयोजन का उपयोग करता है।

सक्शन भी फेफड़ों की सफाई के लिए फायदेमंद होता है। सक्शन के लिए एक पतली टयूब का इस्तेमाल किया जाता है। जिसे सक्शन कैथर कहा जाता है। इसे करने में 10 से 15 सेकेंड का समय लगता है। इसमें आपको एक से ज्यादा सैशन की जरूरत पड़ सकती है।

और पढ़ें : कैसे स्वस्थ भोजन की आदत कोरोना से लड़ने में मददगार हो सकती है? जानें एक्सपर्ट्स से

हफिंग (Huffing)

इस हफिंग एक्सरसाइज को करने के लिए आप जितनी ज्यादा गहरी सांस हो सकती है लें। इसे आप दो तरह से कर सकती हैं, जैसे कि

और पढ़ें : कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद ऐसे बढ़ाएं इम्यूनिटी, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताए कुछ आसान उपाय

स्पाइरोमीटर

हेल्दी लंग के लिए स्पाइरोमीटर प्रॉसेस भी फायदेमंद है। इसके लिए एक टयूब का साहयता ली जाती है। यानि कि एक सिलैंडर और टयूब की माध्यम से स्पाइरोमीटर प्रॉसेस किया जाता है। इसमें टयूब के माध्य से सास लेना और छोड़ना होता है। इसमें जब आप सांस छोड़ते हैं, तो सिलैंडर पर लगी एक छोटी से गेंद ऊपर से नीचे की और जाता है। सर्जरी के बाद कई मरीजों को स्पाइरोमेट्री की सलाह दी जाती है।

इसे करने की विधि इस प्रकार है, जैसे कि:

  • अपने हाथों से स्पाइरोमीटर को पकड़ें पाइप को मुंह में डालकर रखें और अपने हाथों से टाइट पकड़ कर रखें, चारों और से।
  • धीरे-धीरे गहराई से सांस लें। इसके बाद जितना ज्यादा हो सके, उतनी गहरी सांस लें।
  • अब अपनी सांस धीरे-धीरे खींचते हुए छोड़ें।

ऐसा आपको 10 बार करने की सलाह दी जातीहै। इसके बाद कुछ देर के लिए आराम करें।

और पढ़ें : कोरोना से होने वाली फेफड़ों की समस्या डॉक्टर्स के लिए बन रही है पहेली

पोस्टयूरल ड्रेनेज (Postural drainage)

पोस्टयूरल ड्रेनेज में इस्तेमाल किए जाने वाला ऑक्सिजन मास्क की सहायता से लंग में मौजूद कंजेशन को साफ किया जाता है। इसे आप घर आसानी से कर सकते हैं। इसमें आपको किसी के साहयता की जरूरत होगी।

[mc4wp_form id=”183492″]

वायब्रेशन (Vibration)

वायब्रेशन भी कुछ-कुछ पर्क्यूशन की तरह है। हालांकि, इसमें हाथों के बजाय, हथेलियां का अधिक इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एक हाथ सीधा रहता है और हथेली आपके चेस्ट और पीठ पर। दूसरे हाथ को अपने शीर्ष पर रख देंगे। इस प्रॉसेस से फेफड़ों में स्राव को ढीला करने में मदद मिलती है।

और पढ़ें : फेफड़ों की बीमारी के बारे में वाे सारी बातें जो आपको जानना बेहद जरूरी है

पर्क्यूशन (Percussion)

आपके लंग के ऑक्सिजन मास्क को साफ करने में मदद करने के लिए गुरुत्वाकर्षण पर निर्भर करता है। ऐसे कई स्थान हैं, जिनका उपयोग आप पोस्टुरल ड्रेनेज करने के लिए कर सकते हैं, यह उस क्षेत्र पर निर्भर करता है जो समाशोधन की आवश्यकता है। पर इसके लिए आपको किसी हेल्थ केयर स्पेशलिस्ट से पहले समझना होगा कि कैसे आपको क्या करना है।

आमतौर पर, पर्क्यूशन छाती या पीठ पर मैनुअली किया जाता है। यदि आपको पहले से किसी प्रकार की दिल से संबंधित समस्याएं हैं, तो आपके इसके हल्के बहुत साइड इफेक्ट हो सकते हैं। इसलिए यह इस तरह के मरीजों के लिए सुरक्षित नहीं है।

और पढ़ें: वर्ल्ड लंग्स डे: इस तरह कर सकते हैं फेफड़ों की सफाई, बेहद आसान हैं तरीके

पोस्टुरल ड्रेनेज (Postural drainage)

पोस्टुरल ड्रेनेज आपके वायुमार्ग को साफ करने में मदद करने के लिए गुरुत्वाकर्षण पर निर्भर करता है। रातों-रात बनने वाले स्राव को साफ करने के लिए यह सुबह में विशेष रूप से उपयोगी है। पोस्टुरल ड्रेनेज के लिए कोई ऐसे स्थान का चुनाव कर सकते हैं, जिनका उपयोग आप पोस्टुरल ड्रेनेज करने के लिए कर सकते हैं।

पल्मोनरी हायजीन की विधि अपनाने के बाद आपको कछ समय के लिए असहम महसूस हो सकता है। यदि आप इसे घर पर खुद करने वाले हैं, तो अच्छा रहेगा कि आप पहले आप किसी हेल्थ केयर स्पेशलिस्ट की सलाह लें। इस बात को भी सुनिशिचत कर लें कि जो विधि आप अपना रहे हैं, वो सुरक्षित हो। संभव हो सके तो आप किसी नजदीकी दोस्त या घर वालों की मदद भी ले सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 12/03/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड