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तनाव से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान, जानिए एक्सपर्ट की राय

    तनाव से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान, जानिए एक्सपर्ट की राय

    मेंटल हेल्थ हमारे जीवन में बहुत अहमियत रखता है, फिर भी ज्यादातर लोग इसकी अनदेखा करते हैं। मेंटल स्ट्रेस, डिप्रेशन, एंजायटी से लेकर हिस्टिरिया, डिमेंशिया, फोबिया जैसी कई मानसिक बीमारियां हैं, जो पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रही हैं। कोरोना के इस दौर में तो सोशल डिस्टेंसिंग, आइसोलेशन के कारण ये समस्याएं और भी बढ़ गई हैं। इसलिए समय रहते तनाव से बचाव (Stress relief) बहुत जरूरी है। आइए जानतें है कि तनाव के लक्षण क्या हैं और तनाव से बचाव (Stress relief) के लिए किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है।

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    तनाव क्या है (Stress)?

    तनाव एक दिमागी उलझन है। जब तनाव किसी में लगातार और लंबे समय तक बना रहता है, तो वह उनके लिए घातक हो सकता है। जोकि कई शारीरिक बीमारियों और कमजोर मानसिक स्वास्थ्य की ओर ले जाता है। इसे समझने के सबसे आसान तरीकों में से एक यह है जब तनाव हमें सकारात्मक रूप से चुनौती देती है, जैसे कि एक नई नौकरी की चाह, कुछ नया सिखने के लिए कुछ करना या ऑफिस के काम को लेकर टेशन आदि। तनाव के सबमें अलग-अलग कारण हो सकते हैं।

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    तनाव के लक्षण (Stress Symptoms)

    जब किसी व्यक्ति में तनाव और स्ट्रेस अधिक होने लगता है, ताे उसमें इस तरह के लक्षण नजर आने लगते हैं, जिसे समय रहते रोकना बहुत जरूरी है। इन लक्षणों को ध्यान देने पर आप तनाव से अटैक और स्ट्रोक के खतरे से बच सकते हैं।

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    बॉडी स्ट्रेस में स्ट्रेस का प्रभाव (Effects of stress on body stress)

    जब हम तनाव लेते हैं, तो इसका प्रभाव सबसे पहले शरीर व अन्य हिस्सों पर भी पड़ता है। इस वजह से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, खासतौर पर हाय ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, डायबिटीज या हार्ट प्रॉब्लम आदि का। आइए यहां जानते हैं कुछ ऐसे फैक्टर्स के बारे में, जिसके कारण तनाव से अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है, जिनमें शामिल हैं:

    • तंत्रिका तंत्र – अधिक एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल का निमार्ण होता है, जो रक्तचाप को बढ़ाता है और डायबिटीज के रिस्क को भी बढ़ाता है।
    • मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम – लंबे समय तक मांसपेशियों का संकुचन सिरदर्द का कारण बनता है, जैसे कि माइग्रेन, और शरीर में दर्द ।
    • श्वसन प्रणाली – सांस लेने की दर में वृद्धि के कारण हायपरवेंटिलेशन और पैनिक अटैक होता है।
    • कार्डियोवास्कुलर सिस्टम – कोरोनरी धमनियों में सूजन और हृदय गति में वृद्धि के कारण दिल का दौरा पड़ने का अधिक खतरा होता है।
    • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम – भोजन, शराब, तंबाकू की खपत में वृद्धि जिसके कारण एसिड, मतली, उल्टी, कब्ज, दस्त, और कई समस्याएं हो सकती हैं।

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    तनाव से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान (Keep these things in mind to avoid stress)

    मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा बनाए रखने का सबसे अच्छा उपाय जीवनशैली में बदलाव करना है। आज के जमाने में अपने आप में उलझे रहना और समाजिक जीवन से दूर रहना चिंता और तनाव का कारण बनते जा रहे हैं। जो आगे जाकर यही डिप्रेशन, मानसिक बीमारियों की वजह बनता है। दुनिया में बहुत से लोग सोशल स्टिग्मा, डिमेंशिया, एंजायटी, आत्महीनता जैसी कई समस्याओं और बीमारियों से जूझ रहे हैं।

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    अपने प्रियजनों के संपर्क में रहें (keep in touch with your loved ones)

    तनाव का कारण यदि गंभीर नहीं है, तो तनाव का सबसे अच्छा उपाय परिवार और दोस्तों का साथ है। ऐसे स्थिति में अपने प्रियजनों, परिवार और दोस्तों के साथ जुड़े रहें और उनके साथ समय बिताने की कोशिश करें। अगर आप अकेले रहते हैं, तो अपने दोस्त को कॉल करें, वीडियो कॉल करें या अपने परिवार से मिलें । इससे आपको यह महसूस करने में मदद मिलती है कि आप किसी भी स्थिति में बिल्कुल अकेले नहीं हैं।

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    भावनाओं को व्यक्त करें (Express feelings)

    तनाव से बचाव के लिए यह महत्वपूर्ण है कि आप अपनी भावनाओं को किसी ऐसे व्यक्ति के साथ व्यक्त करें, जिस पर आप भरोसा करते हैं। इससे आपको आपका दिल हल्का महसूस होगा। आप अपनी दबी हुई भावनाओं को दूर करने के लिए एक डायरी भी लिख सकते हैं या रचनात्मक कलाओं का उपयोग कर सकते हैं।

    दिन-प्रतिदिन की दिनचर्या निर्धारित करें (set day-to-day routine)

    जब हमारे आस-पास सब कुछ अनिश्चित लगता है, तो ऐसे में एक संरचना और दिनचर्या होने से हम तनाव में नियंत्रण महसूस कर सकते हैं। आपको अपने समय की पहले से योजना बनाने और यह जानने में मदद मिल सकती है कि आप प्रत्येक दिन क्या कर रहे हैं, इसलिए आपके पास आगे देखने के लिए कुछ है।

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    फोस्टर वेलनेस (Foster wellness)

    नियमित रूप से खाएं, सोएं और व्यायाम करें। अत्यधिक कैफीन, शराब या अवैध पदार्थों से बचें। नए या पुराने शौक विकसित करें। कम से कम कुछ ‘मी टाइम’ बिताएं, भले ही वह दिन में 10 मिनट के लिए कुछ ऐसा कर रहा हो जो आपको पसंद हो। तनाव के स्तर को कम करने के लिए योग, ध्यान या माइंडफुलनेस का अभ्यास करें।

    डॉक्टर से बात करें

    यदि तनाव कम ही नहीं हो रहा है और यह आपमें गंभीर होते जा रहा है या परिवार में किसी को तनाव के गंभीर लक्षण नजर आ रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से बात करना आवश्यक है। डॉक्टर तनाव से बचाव के लिए सबसे पहले तनाव के कारणों को जानने की कोशिश करेंगे। फिर उन कारणों को सुलझाने की कोशिश करेंगे और आपको उससे बाहर निकलने का सुझाव बताएंगे।

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    इसके अलावा तनाव से बचने के लिए और भी कई बातों पर ध्यान दें, जैसे कि आपका, अपनी नींद और व्यायाम के स्तर के बारे में जागरूक होना। यदि आप उनमें कोई बदलाव देखते हैं, जिसमें वृद्धि, कमी या गड़बड़ी शामिल है। तो मानसिक स्वास्थ्य में गिरावट का एक संकेत है। इससे बचाव के लिए आप अच्छी नींद लें, नियमित अंतराल पर स्वस्थ भोजन खाएं और नियमित व्यायाम करें। किसी व्यक्ति पर भरोसा करने या विश्वास करने के लिए अक्सर बोझ हल्का होता है और भावनात्मक आराम भी देता है। आप अपने मन का बोझ किसी अपने और भरोसेमंद से बाटें। इससे आप तनाव में हल्का महसूस करेंगे। तनाव से बचाव की अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से बात करें।

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    Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 29/06/2022 को
    डॉ. स्वप्निल शर्मा के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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