ध्यान मेडिटेशन किस तरह मेंटल स्ट्रेंथ के लिए फायदेमंद है?

    ध्यान मेडिटेशन किस तरह मेंटल स्ट्रेंथ के लिए फायदेमंद है?

    आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ख्याल रखने का समय भी लोगों के पास नहीं है। ऐसे में थोड़ी देर ध्यान मेडिटशन लगाना आपको कुछ राहत दे सकता है। वैज्ञानिक शोधों (रिसर्च) से भी पता चलता है कि प्रतिदिन ध्यान लगाने वाले लोगों की मेंटल हेल्थ सही रहती है। ध्यान हमारी रोजमर्रा की जिंदगी के लिए काफी जरूरी होता है। ध्यान मेडिटेशन शरीर और मन दोनों को क्रियाशील बनाता है। आइए जानते हैं “हैलो स्वास्थ्य” के इस आर्टिकल में ध्यान मेडिटेशन क्या है, इसके लाभ क्या हैं? आदि।

    ध्यान मेडिटेशन (meditation) क्या है?

    मेडिटेशन, मस्तिष्क की तरंगों के स्वरुप को अल्फा स्तर पर ले जाता है। मस्तिष्क पहले से अधिक सुन्दर, नया और कोमल हो जाता है। मेडिटेशन विश्राम की अवस्था है। यह विचारों का केन्द्रीकरण या एकाग्रता नहीं है । यह अपने आप में विश्राम पाने की प्रक्रिया है। मेडिटेशन करने से हम अपने किसी भी काम को पुरे फोकस के साथ कर सकते हैं। मेडिटेशन के कारण शरीर की अंदर ठोस और सार्थक बदलाव होते हैं। शरीर की प्रत्येक सेल्स उर्जा से लैश हो जाती है। उर्जा बढ़ने से प्रसन्नता, शांति और उत्साह का संचार भी बढ़ जाता है।

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    ध्यान मेडिटेशन (meditation) के प्रकार

    ध्यान करने का वैसे तो कोई सही या गलत तरीका नहीं है। आपको सिर्फ फोकस होकर अभ्यास करना है जो आपके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हो। विपश्यना मेडिटेशन (Vipassana meditation), आध्यात्मिक ध्यान (Spiritual meditation), केंद्रित ध्यान (Focused meditation), गूढ चिंतन (Transcendental meditation), मंत्र ध्यान (Mantra meditation) और गतिमान मेडिटेशन (Movement meditation) में से आप कोई भी एक आप अपनी सहूलियत के हिसाब से चुन सकते हैं।

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    ध्यान मेडिटेशन करने का सही तरीका क्या है?

    • सबसे पहले आपको बैठने की प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी होनी चाहिए। मेडिटेशन में यह अहम भूमिका निभाती है। मेडिटेशन करने के लिए आप वज्रासन, पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं। इस दौरान आपको एक बात का खास ख्याल रखना है वो यह कि बैठते समय आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए। इससे आप अच्छे से सांस ले पाएंगे। यदि आप किसी कारणवश इनमें से किसी आसन में नहीं बैठ पा रहे हैं तो आप बैठने के लिए किसी चेयर (chair) का इस्तेमाल कर सकते हैं।
    • इसके बाद अपने पूरे शरीर को फ्री छोड़ दें। इससे आपकी मांसपेशियों को आराम मिलेगा। इसके बाद सांस लेने की प्रक्रिया को शुरू करें। शरीर को नैचुरल तरीके से सांस लेने के लिए प्रेरित करें। सांस को धीरे-धीरे अंदर लें और उसी तरीके से बाहर निकालें। यदि आप ध्यान मेडिटेशन का फायदा लेना चाहते हैं तो आपको इसके तरीके को पूरे मन से करना होगा।

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    • जो लोग पहली बार मेडिटेशन कर रहे हैं या कुछ समय से ही उन्होंने मेडिटेशन करना शुरू किया है तो उनका मन बार-बार दूसरी जगह भटक सकता है, लेकिन आप दोबारा ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करें। मन में संतुलन बनाने के लिए अपनी कोशिश जारी रखें। एक समय आएगा जब आपका मन कहीं नहीं भटकेगा।
    • शुरुआत में कुछ लोगों को भ्रम हो सकता है। उन्हें नींद या सप्ने आना या खुजली हो सकती है। इन सबसे आपका ध्यान भटकेगा। ये सिर्फ भ्रम जाल है, जो मेडिटेशन में ध्यान लगाने से रोकते हैं। ऐसे में आपको अपने मन को समझाना होगा कि ये सिर्फ ध्यान को भटकाने वाले कारक हैं। इनके खिलाफ अपने मन को एकाग्र करें और लगातार इनसे बचने का प्रयास करते रहें। इन सारी परेशानियों के बाद आप ध्यान लगाने की प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। एक बात का ख्याल रखें, इसके लिए आपको नियमित प्रयास करना होगा।
    • मेडिटेशन की प्रक्रिया जब पूरी हो जाए तो अपनी हथेलियों को रगडें और उन्हें आंखों पर लगाएं। अब धीरे-धीरे अपनी आंखों को खोलें और अपनी हथेलियों को देखें।

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    ध्यान के नियम

    ध्यान मेडिटेशन के नियमों का पालन करना जरूरी होता है इसके लिए नीचे बताए गए ये टिप्स फॉलो करें-

    • ध्यान करने के लिए सही समय चुनें। सुबह 4 बजे से शाम 4 बजे तक का समय सबसे उत्तम होता है।
    • शांत जगह पर अभ्यास करें जहां आपको ध्यान से भटकाने वाला कोई न हो।
    • कोशिश करें कि ध्यान लगाते समय पेट खाली हो।
    • घर पर या ऑफिस में ध्यान मेडिटेशन करने का सबसे उचित समय खाना खाने के पहले का ही होता है।
    • आरामदायक कपड़े पहनें।
    • गहरी सांस लें और आराम से सांस बाहर की ओर छोड़े।
    • कम्फर्टेबल स्थिति में बैठें। जिसमें आप खुद शांत, आराम और स्थिर होने का अनुभव करते हों।
    • अपनी रीढ़ की हड्डी को बिलकुल सीधी रखते हुए बैठें।
    • अपने कंधों और गर्दन को भी सहज अवस्था में ही रखें।

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    ध्यान मेडिटेशन के लाभ

    मेडिटेशन के स्वास्थ्य लाभ निम्न प्रकार हैं, जिन्हें वैज्ञानिक अध्ययनों द्वारा प्रमाणित किया गया है –

    • इससे मन शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है।
    • डिप्रेशन के लक्षण को कम करता है
    • डायबिटीज(diabetes) और उच्च रक्तचाप (high blood pressure) जैसी बीमरियों से लड़ने में मदद मिलती है।
    • धूम्रपान (smoking) और नशा करने की आदत से छुटकारा मिल सकता है।
    • नकरात्मक विचारो (negative thoughts) से छुटकारा मिलता है।
    • ध्यान मेडिटेशन से हमारे शरीर से कोर्टिकल नामक हार्मोंन का स्राव सही मात्रा में होता है, जिससे हमारा दिमाग शांत रहता है और स्ट्रेस (stress) और टेंशन (tension) दूर होती है।
    • मनोवैज्ञानिक बीमारियो जैसे डिमेंशिया, अवसाद, ओसीडी (OCD) और सिजोफ्रेनिया होने की संभावना कम होती है।
    • सिरदर्द (headache) से छुटकारा मिलता है।
    • मेमोरी तेज होती है
    • मेडिटेशन आपको जागृत करता है कि आपकी आतंरिक मनोवृत्ति ही प्रसन्नता का निर्धारण करती है।

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    मेडिटेशन के दूसरे मानसिक लाभ

    मेडिटेशन मस्तिष्क के आतंरिक रूप को स्वच्छ व पोषण प्रदान करता है। जब भी आप चिंतित, अस्थिर और भावनात्मक रूप से परेशान होते हैं तब मेडिटेशन आपको शांत और सकारात्मक रखता है। मेडिटेशन के लगातार अभ्यास से होने वाले लाभ निम्नलिखित हैं:

    • व्यग्रता का कम होना
    • आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है
    • दृष्टिकोण सकारात्मक (positive) होगा
    • भावनात्मक स्थिरता में सुधार
    • रचनात्मकता में वृद्धि
    • प्रसन्नता में संवृद्धि
    • सहज बोध का विकसित होना
    • मानसिक शांति (mental peace) एवं स्पष्टता
    • परेशानियों का कम होना

    मेडिटेशन मस्तिष्क को केन्द्रित करते हुए शार्प बनाता है और रिलेक्स कर उसे विस्तारित करता है। बिना विस्तारित हुए एक कुशाग्र बुद्धि क्रोध, तनाव व निराशा का कारण बनती है।एक विस्तारित चेतना बिना कुशाग्रता के अकर्मण्य/ अविकसित अवस्था की ओर बढ़ती है।

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    ध्यान मेडिटेशन के आध्यात्मिक लाभ

    • मेडिटेशन का कोई धर्म नहीं है और किसी भी विचारधारा को मानने वाले इसका अभ्यास कर सकते हैं।
    • मैं कुछ हूँ इस भाव को अनंत में प्रयास रहित तरीके से समाहित कर देना और स्वयं को अनंत ब्रह्मांड का अविभाज्य पात्र समझना।
    • मेडिटेशन की अवस्था में आप प्रसन्नता, शांति और अनंत के विस्तार में होते हैं और यही गुण पर्यावरण को प्रदान करते हैं, इस प्रकार आप सृष्टी से सामंजस्य में स्थापित हो जाते हैं।
    • ध्यान मेडिटेशन आप में निश्चित रूप से बदलाव ला सकता है। क्रमशः आप अपने बारे में जितना ज्यादा जानते जायेंगे, प्राकृतिक रूप से आप स्वयं को ज्यादा खोज पाएंगे।

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    ध्यान मेडिटेशन के लाभ कैसे प्राप्त करें

    मेडिटेशन के लाभों को महसूस करने के लिए नियमित अभ्यास आवश्यक है। प्रतिदिन यह कुछ ही समय लेता है। प्रतिदिन की दिनचर्या में एक बार आत्मसात कर लेने पर मेडिटेशन दिन का सर्वश्रेष्ठ अंश बन जाता है। ध्यान मेडिटेशन एक बीज की तरह है। जब आप बीज को प्यार से विकसित करते हैं तो वह उतना ही खिलता जाता है । प्रतिदिन, सभी क्षेत्रों के व्यस्त व्यक्ति आभार पूर्वक अपने कार्यों को रोकते हैं और मेडिटेशन के ताज़गी भरे क्षणों का आनंद लेते हैं। अपनी अनंत गहराइयों में जाएँ और जीवन को सुंदर बनाएं।

    ध्यान मेडिटेशन हमारे तन मन के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। इसे रोजाना 10 से 15 अवश्य करें। उम्मीद है यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। अगर आपका कोई सवाल है तो आप हमसे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

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    के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

    डॉ. हेमाक्षी जत्तानी

    डेंटिस्ट्री · Consultant Orthodontist


    Smrit Singh द्वारा लिखित · अपडेटेड 28/09/2020

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