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खुश रहने का तरीका क्या है? जानिए खुशी और सेहत का संबंध

खुश रहने का तरीका क्या है? जानिए खुशी और सेहत का संबंध

यदि आपको जीवन में खुश रहने का तरीका पता चल जाए तो आपकी जिंदगी सफल हो सकती है। आज से दो हजार वर्ष पूर्व दार्शनिक अरस्तु ने कहा था कि खुशी जिंदगी का अर्थ और उद्देश्य है। मानव अस्तित्व का संपूर्ण उद्देश्य खुशी पर खत्म होता है। खुशी एक व्यापक शब्द है, जो सकारात्मक भावनाओं के अनुभव का उल्लेख करती है। इन भावनाओं में संतुष्टि, उल्लास को शामिल किया जाता है। शुरुआती अध्ययनों में पता चला है कि खुश रहने का मतलब सिर्फ बेहतर महसूस करना नहीं है, बल्कि सेहत के लिए इसके कई संभावित फायदे होते हैं। ऐसे में आपके लिए खुश रहने का तरीका जानना बेहद ही जरूरी है। आज हम आपको इस आर्टिकल में खुश रहने का तरीका बताने जा रहे हैं।

खुश रहने का तरीका जानने से पहले आपको खुशी क्या है? और यह कैसे पैदा होती है? इन सभी सवालों का जवाब जानना चाहिए।

खुशी क्या है?

खुशी को लेकर अभी भी जानकारों में आमराय नहीं है, लेकिन फिर भी खुशी एक ऐसी स्थिति है, जब आप दिल और दिमाग से संतुष्ट और उल्लासित होते हैं। किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के बाद होने वाला अनुभव भी एक खुशी होता है। आपका दिमाग जब प्रसन्न रहता है उस वक्त हमारी बॉडी में कई प्रकार के हार्मोन्स बनते हैं, जिनका खुश रहने से एक गहरा संबंध है। डोपामाइन और सेरोटोनिन हार्मोन के दिमाग में रिलीज होने से हमें खुशी का अहसास होता है।

डोपामाइन (Dopamine) क्या है?

डोपामाइन एक ऐसा हार्मोन है, जो आपके ध्यान केंद्रित करने, सूचनाओं को याद रखने की क्षमता और नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। किसी भी उद्देश्य को प्राप्त कर लेने के बाद अक्सर हमारी बॉडी डोपामाइन रिलीज करती है। कार्य को तेजी से और कुशलता पूर्वक करने में यह हार्मोन एक बड़ी भूमिका निभाता है।

आपकी बॉडी को पता होता है कि यदि आप उद्देश्य को पूरा कर लेते हैं तो आपके दिमाग में डोपामाइन हार्मोन रिलीज होता है, जिससे आपको संतोष और खुशी का अहसास होता है। यह सिर्फ बड़ी उपलब्धियों को हासिल करने की स्थितियों में नहीं होता है, बल्कि छोटे-छोटे कार्यों को पूरा करने के बाद दिमाग में डोपामाइन स्रावित होकर इसका स्तर बढ़ जाता है।

डोपामाइन में आपको खुशी और ऊर्जावान होने का अहसास होता है। जिन लोगों में डोपामाइन का स्तर कम होता है, उन्हें डिप्रेशन या मूड से जुड़ी हुई अन्य बीमारियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों को कार्य में ध्यान केंद्रित करने और उसे पूरा करने में परेशानियां आती हैं। बॉडी में डोपामाइन का लेवल बढ़ाना भी खुश रहने का तरीका है।

सेरोटोनिन (Serotonin) क्या है?

सेरोटोनिन एक हार्मोन है, जो दिमाग के साथ आंतों में भी बनता है। एक बार इसके पैदा होने पर न्यूरोट्रांसमीटर इसे खून और कंद्रीय तंत्रित तंत्र में प्रवाहित कर देते हैं। कुछ वैज्ञानिक सेरोटोनिन को खुशी के हार्मोन के नाम से बुलाते हैं, क्योंकि यह आपके मूड के स्तर से जुड़ा होता है। डिप्रेशन से पीढ़ित लोगों में सेरोटोनिन का स्तर कम पाया जाता है। वहीं, जिन लोगों की बॉडी में सेरोटोनिन का स्तर अधिक होता है वो खुश रहते हैं।

सेरोटोनिन और आत्मविश्वास का कनेक्शन

इसके अतिरिक्त, अधिक सेरोटोनिन वाले लोगों में गजब का आत्मविश्वास होता है। जब आप अपने आसपास के लोगों में अपने आपको महत्वपूर्ण महसूस करते हैं तब बॉडी में अधिक मुक्त रूप से सेरोटोनिन प्रवाहित होता है। इसका मतलब यह हुआ कि सोशल रहने वाले लोग ज्यादा खुश रहते हैं। जब आपको सेरोटोनिन की खुशी का अहसास हो रहा हो तो खुश रहने के लिए आपको प्रयत्न नहीं करना पड़ता है। ऐसा लगता है कि आप नैचुरल तरीके से खुश हैं। सेरोटोनिन का लेवल हाई रखना भी एक खुश रहने का तरीका है।

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खुश रहने का उपाय

हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं

खुश रहने के लिए आपके लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना बेहद ही जरूरी है। अच्छी आदतें आपकी संपूर्ण सेहत के लिए काफी महत्वपूर्ण होती हैं। खुश रहने वाले लोग स्वस्थ भोजन में फलों, सब्जियों और साबुत अनाज को उच्च मात्रा में लेते हैं।

इसको लेकर एक अध्ययन भी किया गया है। सात हजार वयस्कों पर हुए इस अध्ययन में पता चला कि खुश रहने वाले 47% वयस्क कम खुश रहने वाले वयस्कों के मुकाबले अधिक ताजा फल और सब्जियां खाते हैं। फलों और सब्जियों से भरपूर्ण खानपान सेहत के अनेकों फायदों से जुड़ा होता है। इससे डायबिटीज, स्ट्रोक और हार्ट की बीमारियों का खतरा कम होता है।

इस अध्ययन में पता चला कि खुश रहने वाले 33% वयस्क शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय रहते हैं। यह वयस्क एक हफ्ते में 10 घंटे से ज्यादा शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं। नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करने से हड्डियां मजबूत बनती हैं और ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। इसके अलावा, बॉडी में फैट और ब्लड प्रेशर का स्तर कम होता है। वहीं, कम खुश रहने वाले 700 वयस्कों पर एक अध्ययन किया गया। अध्ययन में पता चला कि इन वयस्कों को नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खुश रहने वाले वयस्कों के मुकाबले इसका आंकड़ा 47% ज्यादा था। खुश रहने का तरीका है कि आप एक हेल्दी लाइफस्टाइल का चुनाव करें, जो आपकी सेहत से लेकर आपके दिमाग को खुश रखेगा।

इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा एक्सरसाइज करने की कोशिश करें। एक्सरसाइज करने से एंडॉर्फिंस का स्तर बढ़ता है, जो अच्छा मूड रखने में मदद करते हैं। इसलिए आप मार्केट में घूमने या एक्सरसाइज करने पर खुश महसूस करते हैं।

दिन ढलने से पहले करें खुद को शांत

खुश रहने का तरीका कोई पहाड़ चढ़ने के बराबर नहीं है। खुश रहने का तरीका बेहद ही छोटी-छोटी आदतों से जुड़ा हुआ है। यदि आप दिनभर चिड़चिड़े रहते हैं या किसी कारण वश आपको गुस्सा आ जाता है तो इस गुस्से को अगले दिन तक न रहने दें। रात में बिस्तर पर जाने से पहले उन सभी नकारात्मक बातों को भुला दें, जिन्होंने आपके मूड को खराब किया हो। यदि आपको गुस्सा आता है तो उस गुस्से को अंदर न रखें, उसे निकाल दें। रात में बिस्तर पर जाने से पहले अपने आपको अच्छा महसूस कराएं।

एकदम से बड़े गोल्स न बनाएं

खुश रहने का तरीका कहता है कि आपको धीरे-धीरे उद्देश्यों की पूर्ति करनी है। आप रातोंरात किसी लंबी ध्यान मुद्रा में जाकर मेडिटेशन नहीं कर सकते। इनकी शुरुआत छोटे-छोटे गोल्स से करें। खुश रहने के तरीकों में इन छोटी-छोटी चीजों की गंभीरता को समझना बेहद ही जरूरी है। इसके लिए बेहतर होगा कि मूलभूत चीजों जैसे समय पर बिस्तर पर जाना और छोटे-छोटे कार्यों से बड़े कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। यह खुश रहने का तरीका आपको बड़े गोल्स तक लेकर जाएगा।

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सकारात्मक सोचें

आप खुश हैं या नहीं, यह आपकी मनोस्थित और विचारों पर निर्भर करता है। एक तरफ आपके हाथ में सफलता है और दूसरी तरफ आप उससे संतुष्ट नहीं हैं और आपके दिमाग में उससे और बेहतर हासिल करने की चाह है। इस स्थिति में आप सकारात्मक नहीं सोचते हैं। खुश रहने का तरीका हमेशा आपके दिमाग से जुड़ा होता है।

यदि आप सकारात्मक सोचते हैं तो बॉडी में ऊर्जा, कलात्मकता और उत्पादकता का स्तर 30% बढ़ जाता है। मौजूदा समय में आपके पास जो कुछ है, आपको उसी में ही अपने विचारों को सकारात्मक बनाए रखना है न कि भविष्य में अमीर होने पर आप खुश होंगे।

अकेले में खुश रहने का तरीका

यदि आप अकेले हैं तो ऐसा कार्य करें, जिसमें आपका मन पूरी तरह डूब जाता हो। इस स्थिति में आपके पास अन्य चीजों के बारे में सोचने का समय नहीं होगा। आप अपने पसंदीदा कार्य में तल्लीनता से मग्न होंगे। इन कार्यों में कोई भी काम आ सकता है। यदि आपको किसी फिल्म को देखकर या किसी खेल को खेलकर खुशी मिलती है तो आप वह जरूर करें।

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खुशी रखती है आपकी सेहत को हेल्दी

आपकी पूरी सेहत के लिए एक स्वस्थ प्रतिरक्षा तंत्र (इम्यून सिस्टम) को होना जरूरी है। अध्ययनों में पता चला है कि खुश रहने से आपका इम्यून सिस्टम मजूबत रहता है। इससे सर्दी और सीने के इंफेक्शन का खतरा भी कम होता है। इस संबंध में 300 से अधिक हेल्दी लोगों पर एक अध्ययन किया गया। इन लोगों को नाक के ड्रॉप के जरिए सर्दी का एक वायरस दिया गया, जिससे सर्दी होने के खतरे की जांच की गई। इस अध्ययन में खुश रहने वाले लोगों के मुकाबले कम खुश रहने वाले लोगों में सामान्य सर्दी जुकाम का खतरा तीन गुना ज्यादा पाया गया।

इसके अलावा, 81 विश्वविद्यालय के छात्रों को शोधकर्ताओं ने हेपेटाइटिस बी से लड़ने वाला एक वैक्सीन दिया। हेपेटाइटिस बी एक ऐसा वायरस है, जो लिवर पर हमला करता है। खुश रहने वाले लोगों में एंटीबॉडीज की प्रतिक्रिया दो गुनी पाई गई, जो एक मजबूत इम्यून सिस्टम का संकेत था।

अंत में हम यही कहेंगे कि खुश रहने का तरीका बेहद ही आसान है। उपरोक्त उपायों के अलावा भी खुश रहने के तरीके हो सकते हैं। आप खुश रहने के तरीकों को अपनाकर अपनी जिंदगी के लक्ष्य को पूरा कर सकते हैं।

हेलो हैल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार मुहैया नहीं कराता है।

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Sunil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 25/05/2020 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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