बच्चे के पालन-पोषण के दौरान पेरेंट्स करते हैं ये गलतियां

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट फ़रवरी 6, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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बच्चों की सही परवरिश करना मुश्किल काम है। वे तेजी से बढ़े होते हैं और नई–नई बातें सीख रहे होते हैं। उनके शरीर में शारीरिक और मानसिक बदलाव भी होते हैं। तब पेरेंट्स को भी इन बदलावों को समझने और उनके साथ ताल से ताल मिलाकर चलने की आवश्यकता होती है लेकिन कई बार ऐसा नहीं हो पाता है और अनजाने में पेरेंट्स बच्चे का पालन पोषण में कुछ ऐसी गलतियां कर जाते हैं जिसका विपरीत परिणाम उनके बच्चे के शारीरिक या मानसिक विकास पर हो सकता है। आइए जानते हैं उन गलतियों के बारें में। 

बच्चे का पालन पोषण कैसे करें?

बच्चे को समय न दे पाना

अक्सर बच्चों को माता-पिता के साथ अकेले समय बिताना काफी पसंद होता है। कई बार माता-पिता इस बात को समझ नहीं पाते और बच्चों को समय नहीं देते। तो अगर आप बच्चे का पालन पोषण के दौरान उनके साथ कुछ समय अकेले में व्यतीत करें। यह आपके रिश्ते को और मजबूत करेगा। अगर आपके दो बच्चे हैं तो आपको दोनों को बराबर टाइम देना चाहिए।  

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बच्चों की हद से ज्यादा मदद करना

बच्चे का पालन पोषण करने के दौरान बच्चे के साथ खेलना, पहेलियां सुलझाने में उसकी मदद करना यह काफी आनंददायक अनुभव हो सकता है लेकिन यह आपके बच्चे के हित में नहीं है। इससे आपका बच्चा आप पर निर्भर होता जाता है। यह वह समय होता है जब आपके बच्चे को आत्मनिर्भरता और निराशा से निपटने के तरीके खोजने की जरुरत होती है। इसलिए अपने बच्चे को कुछ करने या पाने के लिए संघर्ष करने दें, लेकिन उसे भरपूर प्रोत्साहित करते रहें।

बच्चों को गले न लगाना

वैज्ञानिकों ने गले लगाने के महत्त्व को सबित किया है। कहीं न कहीं गले लगना और लगाना आपके संबंधों को और मजबूत बनाता है लेकिन कई बार माता-पिता इसको अनदेखा करते हैं। कारण अलग-अलग हो सकते हैं। धीरे- धीरे जब बच्चे बढ़े होने लगते हैं, तब शायद आपके या उनके पास इतना वक्त न हो, इसलिए आज आप इन पलों को जी सकते हैं।

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अपने बच्चों के लिए दूसरों से सलाह लेना

ऐसे बहुत से लोग हैं, जो सलाह देना पसंद करते हैं। इसलिए आपको अपने बच्चों के लिए भी शिक्षा से लेकर खाने- पीने की चीजों तक के लिए ऐसी बहुत सी सलाह सुनने को मिलेगी लेकिन आप माता-पिता हैं और किसी और से बेहतर जानते हैं कि आपके बच्चे के लिए क्या अच्छा है और क्या नहीं। बेशक, आप उनकी सलाह को सुन सकते हैं, लेकिन करें वही जो आपको अपने बच्चों के लिए सही लगे।

बच्चों के लिए सही परवरिश बहुत मायने रखती है। अगर उनके पालन- पोषण के समय कुछ बेसिक चीजों का ध्यान रखा जाए तो उनके बिगड़ने के चांसेस कम हो सकते हैं। एक और बात जिसका पेरेंट्स को ध्यान रखना चाहिए उन्हें अपने बच्चे की तुलना कभी दूसरे बच्चों से नहीं करनी चाहिए। लगातार ऐसा करने से बच्चों के नंबर कम हो सकते हैं।

बच्चे की सराहना न करना है गलत

बच्चे का पालन पोषण करते समय अक्सर पेरेंट्स को यह लगता है कि बच्चों की मुंह पर तारीफ करना गलत है। इसके लिए वे बच्चे के मुंह पर तारीफ करने से बचते हैं। अभी भी ज्यादातर पेरेंट्स इसी पुराने तरीके को अपनाते हैं। पेरेंट्स को लगता है कि सराहना करने से बच्चा कहीं अधिक कॉन्फिडेंस में ना आ जाए। लेकिन, बच्चों की तारीफ करना जरूरी भी है। ऐसा इसलिए है कि आपका बच्चा हर दिन कुछ नया सीखता है। सराहना ना करने से बच्चे के आत्मविश्वास में कमी आती है। एक रिसर्च के मुताबिक बच्चे की तारीफ करने से उसे प्रेरणा मिलेगी और वह खुद को ज्यादा आत्मविश्वासी महसूस करेगा। बच्चे का पालन पोषण बेहतर तरीके से हो इसके लिए यह टिप्स पेरेंट्स जरूर फॉलो करें।

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हर जिद को पूरा न करें, बच्चे को प्यार दें

अक्सर पेरेंट्स बच्चे का पालन पोषण के दौरान समझते हैं कि अपने बच्चों को प्यार करने का मतलब है उनकी हर डिमांड को पूरा करना। जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। अगर आप अपने बच्चे से प्यार करते हैं तो उसे वह सब चीजें लाकर दें जो उसके लिए जरूरी है। बेवजह की मांगों को पूरा करने से बच्चा जिद्दी और डिमांडिंग हो सकता है। फिर आपको लगेगा कि बच्चे का पालन पोषण में आपने तो कमी नहीं छोड़ी।

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बच्चे को बड़ों का सम्मान करना सिखाएं

हर मां-बाप अपने  बच्चे का पालन पोषण में बच्चों को बड़ों की इज्जत और सम्मान करना सिखाते हैं। लेकिन, क्या कभी सोचा कि बच्चे को हम बड़ों की इज्जत करना सिखा दिए, पर क्या बड़ों ने बच्चे की इज्जत करनी सीखी? शायद नहीं। अक्सर हम भूल जाते हैं कि प्यार के बदले प्यार और इज्जत के बदले इज्जत मिलती है। इज्जत देना उम्र की नहीं बल्कि आपसी सामंज्य का मामला है। कभी-कभी बड़े बच्चे से दुर्व्यवहार करते हैं तो उनमें एक तरह की चिढ़ पैदा होती है। जिससे बच्चा नकारात्मक होता चला जाता है। फिर वह जब बड़ों की इज्जत करना छोड़ देता है तो हमें लगता है कि बच्चा बिगड़ रहा है, बच्चाें की परवरिश खराब है। जबकि उसकी वजह हम खुद होते हैं। पहले आप बच्चे का सम्मान करें फिर वह खुद ब खुद सम्मान करना सीख जाएगा।  बच्चे का पालन पोषण यह तरीका अभिभावकों को बदलने की जरुरत है।

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जीवन की सच्चाइयों को बच्चे से छुपाना गलत

अक्सर बच्चे का पालन पोषण के दौरान हम बच्चों से जीवन की कई सारी सच्चाई छुपाते हैं। जैसे किसी बीमारी के बारे में या किसी की मृत्यु के बारे में हम बच्चे से हमेशा झूठ बोलते हैं। 5 साल की उम्र तक बच्चे आपकी कहानी पर बच्चे यकीन कर लेते हैं लेकिन, उसके बाद वे समझने लगते हैं कि आप उनसे कुछ छुपा रहे है। बच्चों से जीवन के सभी उतार चढ़ाव के बारे में बात करें। अगर किसी को कोई गंभीर बीमारी है तो बच्चे को बताएं। किसी की मौत की सूचना भी बच्चे को दें। ये ना सोचे कि बच्चा इससे दुखी होगा। बल्कि बच्चे का पालन पोषण के दौरान उसे बताने के बाद जीवन-मरण के चक्र को भी समझाएं। इससे वह भावनात्मक रूप से मजबूत बनेगा। इससे बच्चों की परवरिश बेहतर तरीके से होगी।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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