नए पैरेंट्स की गलती नहीं होगी इन 5 टिप्स को आजमाकर

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अप्रैल 8, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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नए पेरेंट्स का गलती होना आम होता है। पेरेंटिंग कोई आसान काम नहीं होता है खासतौर से जब आप इसमें नए हों। अक्सर पहली बार माता-पिता बने लोगों को अपनी जिम्मेदारियों के बारे में ज्यादा पता नहीं होता है। समय के साथ ही वो अपनी जिम्मेदारियों को समझने लगते हैं। नए पेरेंट्स की गलती के कारण उनका पहला साल सबसे मुश्किल का होता है क्योंकि आप अपनी इस नयी भूमिका को निभाने के लिए दिन-रात कोशिशे कर रहे होते हैं। असल में अपने देखभाल करने के बारे में सही जानकारी न होने के कारण नए पेरेंट्स की गलती बच्चे के लिए परेशानी का सबब बन जाता है। 

हालांकि, परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि लगभग हर नए पेरेंट्स गलतियां करते हैं। पहली बार माता-पिता बनने के बाद धीरे-धीरे सब समझ में आने लगता है जिसकी मदद से आप स्वयं ही अपनी पेरेंटिंग गलतियों को सुधारने लगेंगे। 

हर पेरेंट में कोई न कोई कमी जरूर होती है। यकीन नहीं होता? तो अपने ही पेरेंट्स के बारे में जरा सोचें। आप खुद ही अपने माता-पिता की एक लंबी-चौड़ी पेरेंटिंग गलतियों की लिस्ट के साथ सामने आएंगे।

सच तो यह है कि कोई भी शुरुआत में परफेक्ट नहीं होता है खासतौर से नए पेरेंट्स जब वह बार बार गलतियां दोहराते रहते हैं। लेकिन यदि आपको नए पेरेंट्स की 5 सामान्य गलतियों के बारे में पता हो तो शायद आप उन्हें करने से बच सकते हैं। तो चलिए जानते हैं नए पेरेंट्स की गलती करने के लिस्ट में करते हैं  :

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नए पेरेंट्स की गलती नंबर 1 : हर चीज पर ओवररिएक्ट करना

नए पेरेंट्स सबसे बड़ी गलती करते हैं की वह शिशु की हर बात को लेकर बेहद ज्यादा सोचने लगते हैं फिर चाहे वह अत्यधिक लार आना हो, उल्टी हो या अन्य कोई भी चीज जो शिशु करता है। माता-पिता की इसी घबराहट को शिशु अपना लेता है।

विशेषज्ञों की मानें तो नए पेरेंट्स की गलती शुरुआत का एक साल शिशु की सामान्य हरकतों को लेकर चिंता करने में ही खराब हो जाता हैं। निम्न सामान्य चिंताजनक बातें जिन पर अक्सर नए पेरेंट्स ओवररिएक्ट करने लगते हैं :

  • क्या शिशु अधिक मल त्याग कर रहा है या बेहद कम?
  • क्या वह कुछ ज्यादा ही थूक या लार बहा रहा है? 
  • शिशु को पर्याप्त मात्रा में खाना मिल रहा है या नहीं?
  • मेरा बच्चा बेहद कम या बेहद अधिक मात्रा में खाना खा रहा है?
  • क्या बच्चा बहुत ज्यादा रो रहा है या बहुत कम?

यदि आप नए पेरेंट बन चुके हैं तो आप खुद को इन बातों से रीलेट कर पाएंगे।

यह चिंता और घबराहट शिशु के जीवन के पहले साल को सही ढंग से एंजॉय करने का मजा किरकिरा कर सकती हैं। शिशु हमारी सोच से ज्यादा समझदार और स्थिति को समझने वाले होते हैं।

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नए पेरेंट्स की गलती नंबर 2 : शिशु को रोने न देना

हम नए पेरेंट्स की तरह यह सोचते हैं कि शिशु को रोने न देना हमारी सबसे बड़ी ड्यूटी है। नए पेरेंट्स को लगता है कि शिशु का रोना उनकी किसी गलती का संकेत है और उन्हें वह ठीक करनी होगी। बच्चे रोने के लिए ही पैदा होते हैं। उनका पूरी तरह ध्यान रखने पर भी वह ऐसे रोएंगे जैसे उनको किसी ने मारा हो। लेकिन यह बच्चों के बात करने का तरीका होता है। इसका मतलब यह नहीं कि आपको उन्हें चुप करवाने या दुलार करने की जरूरत है।

रोना शिशु के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण और सामान्य प्रक्रिया होती है। लेकिन यदि आपका शिशु किसी असुविधा के कारण रो रहा है तो आपको तुरंत इसे पहचानना चाहिए। यदि आपके चुप करवाने के एक घंटे बाद तक शिशु लगातार रोता रहता है तो यह बुखार, रैश, उल्टी, पेट में सूजन या किसी अन्य समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। आपके शिशु को आप से बेहतर और कोई नहीं जानता। कुछ भी गलत लगने में डॉक्टर से सलाह लें।

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तीसरी सामान्य गलती : बेबी प्रोडक्ट्स

नए पेरेंट्स को बच्चे के जन्म की खुशी में लोग कई प्रकार के तोहफे देते हैं। इनमें मुख्य रूप से लोशन, बेबी पाउडर और बच्चों का साबुन शामिल होता है। यह सभी बेहद सुंदरऔर खुशबूदार बॉक्स में आते हैं जिसके कारण नए पेरेंट्स अपने शिशु के लिए इनका इस्तेमाल बेहद उत्साह के साथ करते हैं। हालांकि, यह जानना बेहद आवश्यक होता है कि क्या वह प्रोडक्ट एफडीए द्वारा प्रमाणित बातों का ध्यान रख कर बनाया गया है या नहीं। हानिकारक बेबी प्रोडक्ट्स में कई प्रकार के विषाक्त पदार्थ मौजूद होते हैं जो आसानी से शिशु की त्वचा के ऊतकों के जरिए शरीर में जा सकते हैं।

नए पेरेंट्स की गलती यह होती है की वह इस बात का बेहद कम ध्यान रखते हैं कि उनके शिशु को बेबी प्रोडक्ट्स जैसे शैम्पू, फेस वॉश, साबुन और लोशन से नुकसान पहुंच सकता है। हम सलाह देंगे कि केवल ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें जो प्राकृतिक तत्वों से बने हों या जिनमें किसी भी प्रकार के हानिकारक टोक्सिन मौजूद न हों। इस बात का ध्यान रखें कि यदि कोई प्रोडक्ट महंगा है या उस पर लिखा है कि वह प्राकृतिक है तो जरुरी नहीं कि वह आपके शिशु के लिए अच्छा है।

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नए पेरेंट्स की चौथी गलतियां : नींद

आपने अक्सर सुना होगा कि शुरुआत के दो हफ्तों में शिशु को रातभर सोने की आदत डालनी होती है लेकिन ये बात भी समझें कि जब तक शिशु का पर्याप्त वजन नहीं बढ़ जाता है तब तक ऐसा हो पाना असम्भव है। आपको शिशु को खाने के लिए रात में हर तीन घंटे के बाद उठाना चाहिए। आपको ऐसा तब तक करना है जब तक डॉक्टर आपको उसे लंबे समय तक बिना खाए सुलाने की सलाह नहीं दे देते हैं।

इसके साथ ही कई नए पेरेंट्स की गलती होती है की उनको लगता है कि यदि वह अपने शिशु को दिन में नहीं सोने देंगे तो वह रात में थक कर अपने आप ही सो जाएगा। हालांकि, ऐसा बिलकुल नहीं है क्योंकि जब बच्चे लंबे समय तक नहीं सोते हैं और थक जाते हैं तो रात के समय उनका सोना और मुश्किल हो जाता है। जब तक शिशु एक वर्ष का नहीं हो जाता है तब तक जितना समय वह दिन में सो पाएगा उतना ही वह रात में सोएगा। इसके लिए आप चाहें तो अपने शिशु को हर 1½ घंटे बाद ½ घंटे के लिए आराम करने के लिए सुलाएं।

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माता-पिता की पांचवी सामान्य गलती : मुंह की सफाई

अधिकतर नए पेरेंट्स की गलती के कारण शिशु की ओरल हाइजीन (मुंह की सफाई) के बारे में कोई जानकारी नहीं होती है। शिशु के नए दांत आने पर उसे बिस्तर में दूध का सेवन नहीं करवाना चाहिए। इसके साथ ही उसके मुंह को रेशम के कपड़े से साफ करें। शिशु को ओरल हेल्थ संबंधी कोई भी समस्या होने पर तुरंत डेंटिस्ट से संपर्क करना चाहिए।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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