प्रेग्नेंसी में क्लस्टर सिरदर्द होना एक दुलर्भ स्थिति होती है। यह बेहद कम महिलाओं को प्रभावित करती है लेकिन जब कभी इसका अटैक होता है तो दर्द बेहद गंभीर और लंबे समय तक रहता है। प्रेग्नेंसी में क्लस्टर सिरदर्द आमतौर पर होने वाले माइग्रेन सिरदर्द के विपरीत होता है क्योंकि यह माइग्रेन की तरह सिर के एक ही हिस्से में नहीं होता है बल्कि कई छोटे-छोटे समूहों के रूप में होता है।
हार्मोनल बदलाव, पीरियड्स (मासिक धर्म), गर्भ निरोधक दवाओं का सेवन और कई गर्भावस्था से जुड़ी समस्याओं के कारण प्रेग्नेंसी में क्लस्टर सिरदर्द होता है। इसके अलावा यदि कोई महिला गर्भवती होने के बावजूद धूम्रपान और शराब का सेवन करती हैं उनमें इसका खतरा अधिक होता है।
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प्रेग्नेंसी में क्लस्टर सिरदर्द होना सामान्य है?
भारत सरकार द्वारा बताए गए आंकड़ों के मुताबिक गर्भधारण करने वाली उम्र की 1 लाख महिलाओं में क्लस्टर सिरदर्द होने की आशंका 7.5 की होती है। इसके साथ ही रिपोर्ट्स की माने तो प्रेग्नेंसी में क्लस्टर सिरदर्द एक दुर्लभ स्थिति है जिसके अटैक पड़ने पर स्थिति बेहद गंभीर और लंबे समय तक स्थिर रहने वाली होती है। इस बात की पुष्टि अब तक सामने आए कई मामलों द्वारा भी की जा चुकी है।
प्रेग्नेंसी एक ऐसा समय होता है जब महिलाएं कई प्रकार के हार्मोनल बदलावों से गुजरती हैं। इन सभी के लक्षण कई प्रकार के होते हैं जबकि कारण मुख्य रूप से गर्भावस्था होती है। वैसे तो प्रेग्नेंसी हर महिला के लिए सबसे अधिक खुशी का समय होता है। क्लस्टर सिरदर्द एक ऐसी स्थिति होती है जो इस सुखद समय को प्रभावित कर सकती है। यह स्थिति गर्भावस्था के दौरान किसी भी समय उत्पन्न हो सकती है। कई बार क्लस्टर सिरदर्द प्रेग्नेंसी में रोजाना होते हैं। ऐसे में इसका इलाज करना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। आज हम आपको इस लेख में बताएंगे कि प्रेग्नेंसी में क्लस्टर सिरदर्द क्या होता है और इससे बचने के क्या उपचार उपलब्ध हैं।
प्रेग्नेंसी में क्लस्टर सिरदर्द के लक्षण
प्रेग्नेंसी में क्लस्टर सिरदर्द अचानक होता है। इस स्थिति में आपको निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं :
- बेचैनी या हल्की जलन होना
- आंखों में सूजन या लालिमा
- आंख की पुतली (pupil) का छोटा होना
- आंख से पानी आना
- बहती या भरी हुई नाक
- चेहरा का लाल होना
- अत्यधिक पसीना आना
- लाइट व रौशनी से संवेदनशीलता
क्लस्टर सिरदर्द उन गर्भवती महिलाओं में अधिक सामान्य होता है जो धूम्रपान या अल्कोहल का सेवन करती हों। प्रेग्नेंसी के दौरान क्लस्टर सिरदर्द के अटैक आने पर शराब और धूम्रपान से संवेदनशीलता बढ़ जाती है। शराब की थोड़ी सी बूंद भी क्लस्टर हेडेक को ट्रिगर कर सकती है। हालांकि, सिरदर्द न होने पर शराब का सेवन इसकी आशंका को नहीं बढ़ाता है।
प्रेग्नेंसी में क्लस्टर सिरदर्द के कारण
प्रेग्नेंसी में क्लस्टर हेडेक मस्तिष्क और चेहरे की रक्त वाहिकाओं में फैलाव या चौड़े होने के कारण होता है। यह फैलाव ट्राईजेमिनल नर्व (त्रिपृष्ठी तंत्रिकाशूल) में दबाव के कारण होता है चेहरे से लेकर मस्तिष्क तक एक झनझनाहट संचारित करता है। अभी तक इस बात का पता नहीं चल पाया है की यह फैलाव क्यों होता है।
शोधकर्ताओं की मानें तो उनके अनुसार हाइपोथेलेमस में असामान्यताएं आने के कारण ऐसा होता है। हाइपोथेलेमस मस्तिष्क का वह भाग होता है जो शरीर के तापमान, रक्त प्रवाह, नींद और हार्मोन के उत्पाद को नियंत्रित करता है। क्लस्टर सिरदर्द का अन्य कारण अचानक से निकला हिस्टामिन रसायन भी हो सकता है जो गर्भावस्था के दौरान एलर्जेंस या सेरोटोनिन से लड़ने के लिए रिलीज होता है। इसी कारण मूड स्विंग (मनोदशा में बदलाव) जैसे लक्षण भी देखे जा सकते हैं।
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प्रेग्नेंसी में क्लस्टर सिरदर्द का इलाज
प्रेग्नेंसी में क्लस्टर सिरदर्द के इलाज में इसके लक्षणों को दवा की मदद से कम करने व रोकने की प्रक्रिया शामिल होती है। दुर्लभ मामलों में जब दर्द-निवारक इलाज कार्य नहीं कर पाते हैं तो आपको डॉक्टर से सर्जरी के लिए परामर्श करना पड़ सकता है।
क्लस्टर सिरदर्द के शुरू होते ही उससे आराम पाने के लिए दर्द निवारक दवाओं के सेवन की सलाह दी जाती है। इस इलाज निम्न शामिल हैं :
- प्रेग्नेंसी में क्लस्टर सिरदर्द के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत 100 प्रतिशत शुद्ध हवा में सांस लेने से आराम पाया जा सकता है।
- ट्रिपटैन दवा रक्त वाहिकाओं के संकुचन में मदद करती है और दर्द से छुटकारा दिलाती हैं। ट्रिपटैन एक नेसल (नाक की) स्प्रे होती है जिसे सुमाट्रिप्टान भी कहा जाता है।
- डी-हाइड्रो-एर्गोटेमाइन (dihydroergotamine) नामक इंजेक्शन की मदद से कई बार क्लस्टर सिरदर्द से राहत पाई जा सकती है। यह टीकाकरण सिरदर्द को 5 मिनट में ठीक कर सकता है। ध्यान रहे कि गर्भावस्था में किसी भी दवा का दुष्प्रभाव आप पर और आपके शिशु पर पड़ सकता है इसलिए इनका इस्तेमाल बिना डॉक्टरी सलाह के न करें।
- कैप्साइसिन एक ऐसा क्रीम है जिसे प्रभावित हिस्से पर लगाकर कुछ ही देर में आराम पाया जा सकता है।
इस सभी दवाओं का सेवन बिना किसी डॉक्टरी सलाह के नहीं करना चाहिए। दर्दनिवारक दवाओं के लिए सबसे डॉक्टर से संपर्क करें।
प्रेग्नेंसी में क्लस्टर सिरदर्द के घरेलू उपचार
गर्भावस्था में किसी भी प्रकार के इलाज या दवा के इस्तेमाल से बेहतर होता है घरेलू उपायों की मदद से स्थिति को नियंत्रित करना। यदि आपके सिरदर्द की तीव्रता अधिक नहीं है तो निम्न घरेलू उपायों की मदद से इसे ठीक करने की कोशिश करें :
- पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।
- प्रभावित हिस्से पर ठंडी सिकाई का घरेलू उपाय अपनाएं। ध्यान रहे की त्वचा पर बर्फ को सीधा लगाने से वह क्षतिग्रस्त हो सकती है इसलिए किसी तौलिये या कपड़े का इस्तेमाल करें।
- ठंडी सिकाई से आराम न मिलने के कुछ घंटों बाद गर्म सिकाई का उपचार अपनाएं। इससे रक्त वाहिकाओं के रक्तचाप को संतुलित करने में मदद मिलती है।
- अदरक का सेवन करें। एक कप गर्म पानी में अदरक के पुदीने के पत्ते मिलाएं और गुनगुना होने पर पी जाएं।
यदि आपको गर्भावस्था में क्लस्टर सिरदर्द के लक्षण दिखाई देने लगें हैं तो तुरंत इसके इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। इसके साथ ही डॉक्टर यह निर्धारित कर सकेंगे कि आपको गर्भावस्था में क्लस्टर सिरदर्द है या कोई अन्य विकार।
निम्न स्थितियों में डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें :
- अचानक सिरदर्द होना
- सिरदर्द के साथ बुखार, मतली या उल्टी आना
- पहली बार बेहद तीव्र सिरदर्द महसूस करना
- समय के साथ सिरदर्द का बदतर होना
स्थिति के अधिक बिगड़ने का इंतजार न करें और तुरंत पहली बार में ही लक्षण की पहचान होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। यदि प्रेग्नेंसी में क्लस्टर सिरदर्द का परीक्षण शुरुआती चरणों में कर लिया जाए तो इसके इलाज में मदद मिलती है। अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।