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Precum: प्रीकम क्या है? इंटरकोर्स के दौरान क्या इससे गर्भ ठहर सकता है?

Precum: प्रीकम क्या है? इंटरकोर्स के दौरान क्या इससे गर्भ ठहर सकता है?

प्रीकम (Precum) क्या है?

इंटरकोर्स के दौरान पीनस से इजैकुलेशन होता है। इजैकुलेशन के पहले (प्री-इजैकुलेशन) एक तरह का तरल पदार्थ निकलता है जिसे प्रीकम (Precum) कहते हैं। प्रीकम क्या है? इस बारे में नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) की रिसर्च में बताया गया है कि इजैकुलेशन से पहले निकलने वाले फ्लूइड में कई तरह एंजाइम और म्यूकस होते हैं, लेकिन इनमें स्पर्म नहीं होता है। प्रीकम एक तरह का प्राकृतिक लुब्रिकेंट होता है। अब ऐसे में ये जानना जरूरी है की प्रीकम और सीमेन में अंतर क्या है?

प्रीकम क्या है, ये समझने के बाद जानते हैं सीमेन (semen) क्या है?

पुरुषों के गोनाड से इंटरकोर्स के दौरान निकलने वाला तरह पदार्थ प्रीकम होता। प्रीकम सबसे पहले निकलता है जिसे प्री-इजैकुलेशन कहते हैं वहीं इसके बाद निकलने वाला लिक्विड सीमेन होता है। सीमेन में स्पर्म या स्पेर्टमेटोजोआ और फ्रुक्टोस होने के साथ ही इसमें अन्य तरह के एंजाइम होते हैं। जिसकी सहायता से फर्टिलाइजेशन होता है।

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क्या प्रीकम या प्री-इजैक्युलेशन फ्लूइड के कारण गर्भ ठहर सकता है?

क्या प्री-इजैकुलेशन के कारण गर्भवती होना संभव है? प्रीकम एक तरह का लुब्रिकेंट होता है, लेकिन यह सीमेन और स्पर्म को पीनिस से वजायना तक पहुंचाने में असमर्थ होता है। हालांकि नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) के एक रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि स्वस्थ पुरुष के प्री-इजैकुलेशन में भी स्पर्म की उपस्थिति देखी गई। इसलिए प्रीकम से गर्भ ठहरने की संभावना कम होती है, लेकिन कभी-कभी गर्भ ठहर भी सकता है। प्रीकम से गर्भ ठहरने की संभावना को कम करने के लिए पुल आउट मेथड का सहारा लिया जाता है।

प्री-इजैक्युलेशन फ्लूइड से गर्भ ठहरने से बचने के लिए पुल आउट मेथड क्या है?

पुल आउट मेथड जिसे सामान्य भाषा में बाहर खींचने की प्रॉसेस कहते हैं। इंटरकोर्स के दौरान पुल आउट मेथड की मदद से गर्भवती होने से बचा जा सकता है। इसे अगर आसान भाषा में समझा जाए तो इंटरकोर्स के दौरान पीनिस से होने वाले प्री-इजैकुलेशन या इजैकुलेशन को वजायना के अंदर नहीं करना चाहिए। हालांकि इस दौरान यह जरूर ध्यान रखें कि स्पर्म की एक बूंद से भी गर्भ ठहरने की संभावना हो सकती है। आपको किस समय प्रेग्नेंट होना है, ये आपका अपना फैसला है। प्रेग्नेंसी रोकने की सेक्स पुजिशन को लेकर आप अपने डॉक्टर से भी परामर्श कर सकते हैं। डॉक्टर आपको उचित सलाह से सकते हैं। बिना प्रोटेक्शन के सेक्स करना किसी भी लिहाज से सही नहीं है।

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पुल आउट मेथड के साथ-साथ गर्भवती होने से कैसे बचा जा सकता है?

किसी भी कपल को प्रेग्नेंसी प्लानिंग करनी है या नहीं ये उनका निजी फैसला है। इसलिए अगर आप बेबी प्लानिंग नहीं करना चाहते हैं या नहीं चाहती हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखें।

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पुरुषों के लिए टिप्स

पुल आउट मेथड

पुल आउट मेथड को आउटरकोर्स भी कह सकते हैं। इंटरकोर्स के दौरान इजैकुलेशन वजायना के अंदर न कर बाहर करें। एक काफी सेफ माना जाता है लेकिन, इस दौरान सतर्कता बरतनी चाहिए। स्पर्म के एक बूंद से भी गर्भ ठहर सकता है। इस मेथड को अपनाकर प्रीकम या स्पर्म को वजायना के अंदर जाने से बचा सकते हैं।

बाहरी कंडोम

यह लेटेक्स या पॉलीयूरिथेन से बना हुआ पुरुष गर्भनिरोधक है। बर्थ कंट्रोल के साथ-साथ कंडोम यौन संचारित रोगों (जैसे एचआईवी/एड्स) से भी हमें सुरक्षित रखता है। यह भारत में सरकार द्वारा भी निरोध के नाम से उपलब्ध करवाया जाता है। इससे प्रीक्रम और स्पर्म दोनों से होने वाली प्रेग्नेंसी से बच सकते हैं।

इन दोनों विकल्पों के अलावा पुरुष नसबंदी भी करवा सकते हैं। अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने के लिए यह सबसे सही तरीका माना जाता है।

महिलाओं के लिए अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने के लिए टिप्स

पुरुषों की तुलना में महिलाओं के लिए ज्यादा विकल्प मौजूद हैं। इनमें शामिल हैं।

गर्भनिरोधक दवा

गर्भनिरोधक दवा दो तरह की होती हैं। पहली होती है संयुक्त गोली। इसमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टोजेन हॉर्मोन होते हैं। इसका सेवन दिन में एक बार किया जाता है। वहीं दूसरी दवा होती हैं जिसमें केवल प्रोजेस्टोजेन हॉर्मोन होता है और इसका सेवन भी दिन में एक बार किया जाता है। गर्भनिरोधक गोलियां काफी प्रभावशील होती हैं और यह पीरियड्स (मासिक धर्म) के वक्त होने वाले दर्द, मुंहासे या एक्ने और एनीमिया की परिस्थितियों में भी सुधार लाती हैं। इससे प्रीकम या स्पर्म से होने वाली प्रेग्नेंसी का खतरा नहीं रहता।

गर्भनिरोधक इंजेक्शन

यह इंजेक्शन सिर्फ प्रोजेस्टोजेन या फिर एस्ट्रोजन हॉर्मोन के साथ लगाया जाता है। इसे एक महीने में या फिर तीन महीने में एक बार डॉक्टर लेने की सलाह देते हैं। यह गर्भनिरोधक दवाइयों की तरह ही काम करता है। इसका असर 8 से 13 सप्ताह तक बना रह सकता है। गर्भनिरोधक इंजेक्शन भी तीन प्रकार के होते हैं, जिसपर आप अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह ले सकते हैं। ये भी प्रीकम या स्पर्म से होने वाली प्रेग्नेंसी से बचा सकते हैं।

डायाफ्राम

अगर आपको लगता है कि कंडोम का उपयोग करना रिस्की है और प्रीकम या स्पर्म से आप गर्भवती हो सकती हैं तो डायफ्राम का उपयोग कर सकती हैं। डायाफ्राम लेटेक्स या सिलिकॉन से बना हुआ एक लचीली रिम वाला कप होता है जो अलग-अलग आकारों में आता है। इसे चिकित्सकों की सलाह लेकर योनि के अंदर फिट किया जाता है ताकि अंडे फर्टिलाइज न हो सके। डायाफ्राम के साथ स्पर्मिसाइड (शंक्राणु नाषक) जेल का उपयोग किया जाता है जिसे कप के अंदर भरा जाता है। सेक्स के बाद डायाफ्राम को कम से कम 6 घंटों तक योनि के भीतर ही रखा जाना चाहिए।

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गर्भनिरोधक पैच

गर्भनिरोधक पैच महिलाएं अपने पेट, पीठ, हाथ और कूल्हे पर लगवा सकती हैं। इसमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोजेन हॉर्मोन होते हैं जो अंडों को अंडाशय से बाहर नहीं निकलने देते। तीन सप्ताह के लिए हर हफ्ते एक नया पैच लगाना होता है। यह तरीका काफी प्रभावशाली माना जाता है। इससे आपको प्रीकम से होने वाली प्रेग्नेंसी का डर चला जाएगा।

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इंट्रायूटरिन डिवाइस (आई यू डी)

आई यू डी ‘T’ के आकार का प्लास्टिक से निर्मित अंतरगर्भशायी उपकरण होता है जिसे गर्भ में डाला जाता है। यह 5 से 10 साल तक चलने वाला गर्भनिरोध है। आई यू डी को आसानी से हटाया जा सकता है क्योंकि यह स्थाई गर्भनिरोधक नहीं है। यह कॉपर और हार्मोनल दोनों प्रकार के होते हैं और तीन साल से बारह साल तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं। पर ध्यान दें कि आई यू डी यौन संक्रामक रोगों से सुरक्षा प्रदान नहीं करते लेकिन प्रीकम से होने वाली प्रेग्नेंसी से बचा सकते हैं।

फीमेल कंडोम

महिलाओं के इस्तेमाल के लिए आने वाले कंडोम पॉलीयूरीथेन (Polyurethane) या लेटेक्स (latex) से बना एक पाउच की तरह होता है। जो सेक्स के दौरान यौन-संक्रमण और अनचाही गर्भावस्था के लिए एक अवरोधक के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसके दो छोर होते हैं, दोनों ही लचीले होते हैं। एक छोर पर रिंग होता है, जिसे योनि के बाहर फिट करना होता है। इससे भी महिलाएं प्रीकम या स्पर्म से होने वाली प्रेग्नेंसी से बच सकती हैं।

उपरोक्त दी गई जानकारी से आपको ये तो पता चल ही गया होगा कि बिना प्रोटक्शन के सेक्स आपको अनचाही प्रेग्नेंसी के साथ ही अन्य समस्याएं भी पैदा कर सकता है। अगर आपको इन समस्याओं से बचना हो तो डॉक्टर से प्रोटेक्शन को लेकर बात करें। डॉक्टर आपको आपकी सुविधा के अनुसार विकल्प के बारे में जानकारी देगा। उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। आपको इस बारे में डॉक्टर से भी जानकारी जरूर लेनी चाहिए। इन ऊपर दी गई टिप्स की मदद से महिलाएं अनचाही प्रेग्नेंसी से बच सकती हैं लेकिन, प्रीकम क्या है या इससे जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

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सूत्र

Can You Get Pregnant With Precum?/https://americanpregnancy.org/Accessed on 06/12/2019

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Puberty – things that change for boys. https://healthywa.wa.gov.au/Articles/N_R/Puberty-things-that-change-for-boys. Accessed On 17 October, 2020.

लेखक की तस्वीर
Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 19/11/2020 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड