सरोगेसी की कीमत क्या है?

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अपडेट डेट October 5, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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 सरोगेसी (Surrogacy) शब्द तो हम सुन चुके हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सरोगेसी क्या है? सरोगेसी निःसंतान दंपति के लिए एक चिकित्सीय विकल्प है जिसके जरिए संतान की खुशी हासिल की जा सकती है। सरोगेसी की जरूरत तब पड़ती हैं जब कोई महिला गर्भधारण नहीं कर पाती। तब किसी अन्य महिला की मदद से बच्चे को दुनिया में लाया जाता हैं। सरोगेसी करने से पहले सरोगेसी की कीमत जानना जरूरी है। आखिर कोई महिला किस कीमत पर सरोगेसी के लिए तैयार होती है। वैसे तो संतान का कोई मोल नहीं होता और इसकी कीमत नहीं लगाई जा सकती है, लेकिन फिर भी एक सरोगेट मदर को क्या कीमत देनी चाहिए ये जानना जरूरी है। आगे जानते हैं सरोगेसी  की कीमत और क्या कहता है कानून।

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सरोगेसी पर क्या कहता है भारतीय कानून 

हमारे देश में ऐसे लगभग 3000 क्लिनिक हैं जो सरोगेसी के जरिए संतान उत्पन्न करने का काम करते हैं। भारत जैसे देश में तेजी से बढ़ रहे इस कारोबार को देखते हुए लोकसभा में सरोगेसी (नियामक) बिल 2016 भी पारित किया गया है। इस बिल के अनुसार सरोगेसी का गलत इस्तेमाल करके पैसों के लालच में गरीब महिलाओं को सरोगेसी के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। कानून के अनुसार एक महिला एक ही बार सरोगेट मदर बन सकती है। इसके अलावा उस महिला का शादी-शुदा और पहले से किसी स्वस्थ बच्चे की मां होना जरूरी है। वहीं उस महिला की उम्र 23 से 50 वर्ष के बीच होना चाहिए, लेकिन क्लिनिक की जरूरत के हिसाब से यह अलग भी हो सकती है। सरोगेट मदर बनने वाली महिला अपनी शादी के पांच साल बाद ही ये काम कर सकती है।

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सरोगेसी की कीमत क्या है – Cost of Surrogacy

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सरोगेसी की कीमत को लेकर कई लोगों के मन में भ्रम है, खासतौर पर भारतीयों में। कानूनन सरोगेट करने वाली मां का बच्चे पर कोई अधिकार नहीं होता है। हां, कह सकते हैं कि सरोगेट मदर का बच्चे से भावनात्मक जुड़ाव हो, लेकिन बच्चा जेनेटिक रूप से सरोगेट मदर का नहीं होता। भारतीय यह भी सोचते हैं कि सरोगेसी करवाना बहुत महंगा होता है, इसमें करोड़ों रुपए लगते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। सरोगेसी इतनी भी महंगी नहीं है। सरोगेसी के समय एग्रीमेंट साइन होता है, जिससे दोनों पक्ष पीछे नहीं हट सकते। कमर्शियल रूप से की जाने वाली सरोगेसी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। नए कानून के अनुसार अब करीबी रिश्तेदार ही सरोगेट मदर बन सकती है। हालांकि कानून में रिश्ते को परिभाषित नहीं किया गया है वहीं इसमें पैसा भी शामिल नहीं किया गया है। सरोगेसी की कीमत भारत में सारी प्रक्रियाओं के बाद लगभग 15 से 20 लाख होती है। वहीं विदेशों में इसकी कीमत 50 से 60 लाख रूपए तक होती है। यानी भारत में सरोगेसी सस्ती है। सरोगेसी की कीमत को लेकर होने वाला कंफ्यूजन अब दूर हाे गया होगा।

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बेशक, सरोगेसी के जरिए कोई भी नि:संतान दंपति संतान का सुख प्राप्त कर सकता है। सरोगेसी की कीमत भारत में सारी प्रक्रियाओं के बाद लगभग 15 से 20 लाख होती है।

सरोगेट मदर का चुनाव: निःसंतान दंपति सरोगेसी के माध्यम से बच्चे का सुख प्राप्त कर सकते है। सरोगेसी दो तरह की होती है, ट्रेडिशनल सरोगेसी और जेस्टेशनल सरोगेसी। दोनों सरोगेसी में सरोगेट करने वाली मदर की जरूरत पड़ती है। सरोगेट मदर के लिए निः संतान दंपति का कानूनी एग्रीमेंट साइन होता है। जिससे दोनों पक्ष पीछे नहीं हट सकते। सरोगेट मदर प्रेग्नेंसी कंसीव करने के बाद उसे खत्म नहीं कर सकती, ना ही बच्चे के विकलांग या कोई गंभीर बीमारी होने पर दम्पति उसे त्याग सकते हैं। निःसंतान दंपति को सरोगेट मदर का चुनाव (Selection of Surrogate Mother) करने के लिए कई चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। सरोगेसी की कीमत जानने के बाद आप कौन सी सरोगेसी करवाना चाहते हैं ये भी निश्चित करना होगा।

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ट्रेडिशनल सरोगेसी या जेस्टेशनल सरोगेसी – Traditional surrogacy or Gestational surrogacy

सरोगेट मदर का चुनाव करने से पहले आपको ये तय करना होगा या डॉक्टर से सलाह लेनी होगी कि आपको ट्रेडिशनल सरोगेसी का इस्तेमाल करना है या जेस्टेशनल सरोगेसी का। ट्रेडिशनल सरोगेसी में जेनेटिक संबंध सिर्फ निःसंतान पिता से होता है, जबकि जेस्टेशनल सरोगेसी में माता-पिता के एग-स्पर्म का मेल करवा कर भ्रूण को सरोगेट मदर के गर्भाशय में प्रत्यारोपित (Transplant) कर दिया जाता है। इसमें सरोगेट मदर का जेनेटिक रूप से बच्चे से कोई संबंध नहीं होता है।

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कैसे करें सरोगेट मदर का चुनाव – How to Select Surrogate Mother

  • यदि आपने सरोगेट मदर के लिए किसी को चुन रखा है, जैसे कोई दोस्त या परिवार का सदस्य, तब आप किसी एजेंसी या फर्टिलिटी क्लिनिक से संपर्क कर सकते है। सरोगेट मदर चुनने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार जरूर करना चाहिए।
  •  सरोगेट मदर का चुनाव करने से पहले सरोगेट मदर का चिकित्सीय इतिहास (Medical History) जानना जरूरी है, जिसमें ब्लड टेस्ट, पूर्व डिलिवरी से जुड़ी जानकारी शामिल होना चाहिए। यदि आप ट्रेडिशनल सरोगेसी करवा रहे हैं तो सरोगेट मदर की जेनेटिक प्रोफाइल भी जानना जरूरी है। सरोगेसी की कीमत के बारे में भी सोच-विचार कर लें। पार्टनर से भी इस बारे में डिस्कस कर लें।
  • सरोगेट मदर का शराब और मादक पदार्थों के सेवन संबंधी इतिहास और जीवनशैली जानना जरूरी है।
  • सरोगेसी प्रक्रिया की लागत क्या होगी, इसमें सरोगेसी का मुआवजा, हेल्थ और लाइफ बीमा, कानूनी शुल्क, एजेंसी शुल्क, मनोवैज्ञानिक स्क्रीनिंग, ​​यात्रा लागत, चिकित्सा व्यय और दूसरे खर्च शामिल हैं।
  • देशों के अनुसार सरोगेसी के कानून अलग-अलग हैं। भारतीय कानून के अनुसार, सरोगेट मदर का बच्चे पर कानूनी हक नहीं बनता। सरोगेट मदर की उम्र 21 साल से कम 35 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
  • सरोगेट मदर पहले से ही विवाहित हो।
  • सरोगेट मदर पहले से ही कम से कम एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे चुकी हो और वह प्रेग्नेंसी और डिलिवरी के चिकित्सकीय जोखिमों को समझती हो।
  • सरोगेट मदर सिर्फ एक बार सरोगेसी से निःसंतान दंपति की मदद कर सकती है।

सरोगेसी एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए निःसंतान दंपति संतान का सुख प्राप्त कर सकते हैं। सरोगेसी का लाभ उठाने से पहले और सरोगेट मदर का चुनाव करने से पहले कई तरह की सावधानियां रखना जरूरी है। इसके साथ ही सरोगेसी की कीमत भी जान लें ताकि आपको ये पता चल सके कि पूरी प्रक्रिया आपके बजट में या नहीं। सरोगेसी की कीमत में कुछ क्लीनिकल कंडीशन के कारण अंतर भी आ सकता है। इसलिए सरोगेसी की कीमत की सही जानकारी लेने के लिए आसपास के मेडिकल सेंटर से संपर्क करें। 

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